Shuru
Apke Nagar Ki App…
अंबाला शहर के जगाधरी गेट इलाके में हुई हल्की बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी है। बारिश के कारण घंटाघर के सामने सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मामूली बारिश के बाद ही सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं, जिससे आए दिन आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने नगर निगम की लचर ड्रेनेज व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए हैं और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
Gyanendu
अंबाला शहर के जगाधरी गेट इलाके में हुई हल्की बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी है। बारिश के कारण घंटाघर के सामने सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मामूली बारिश के बाद ही सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं, जिससे आए दिन आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने नगर निगम की लचर ड्रेनेज व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए हैं और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
More news from हरियाणा and nearby areas
- यमुनानगर के साढ़ौरा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए विवाद के चलते पिछले कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार सैनी ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा दोनों मामलों में मुकदमे दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन रोकने का निर्णय लिया है। बीते शनिवार को अतिक्रमण हटाते समय हुई घटनाओं से नाराज होकर सफाई कर्मचारियों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की थी। थाना प्रभारी लखविंदर सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी। इसके बाद सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए कर्मचारियों ने काम पर लौटने की सहमति जताई है। हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही, तो वे दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।1
- यमुनानगर और जगाधरी में बरसात के कारण हो रहे जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए मेयर सुमन बहमनी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मेयर ने जलभराव की समस्या को लेकर गंभीरता दिखाई और अधिकारियों को नालों में किसी भी प्रकार की रुकावट या ब्लॉकेज को तुरंत दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी बाधाओं को तत्काल हटाने के आदेश दिए गए हैं।1
- इंद्री में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जिससे सड़कें, गलियाँ और बाजार पानी में डूब गए हैं और आवागमन बाधित हो गया है। इस स्थिति ने नगर प्रशासन द्वारा मानसून से पहले नालियों और नालों की सफाई के दावों की पोल खोल दी है, क्योंकि पहली ही बारिश में व्यवस्था की वास्तविकता सामने आ गई है। स्थानीय लोग अब इस बात को लेकर आशंकित हैं कि यदि शुरुआत में ही हालात इतने खराब हैं, तो भारी बारिश के दौरान स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। इधर, इंद्री हल्के के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। खेतों में पानी भर जाने के कारण हाल ही में रोपी गई धान की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसानों को डर है कि यदि खेतों में पानी का जमाव लंबे समय तक बना रहा, तो फसल खराब हो जाएगी। पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के अभाव में किसान बेहद चिंतित हैं और आने वाले दिनों में और अधिक बारिश होने पर भारी नुकसान की आशंका जता रहे हैं। अब क्षेत्रवासियों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव वाले इलाकों से जल्द पानी निकाला जाए और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि जनजीवन सामान्य हो सके और फसलों को बचाया जा सके।1
- हरियाणा के यमुनानगर में बाढ़ की समस्या को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर आधिकारिक प्रतिक्रिया जानने के लिए वीडियो देखा जा सकता है। वहीं, सहारनपुर में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। बेहट के जैतपुर में सहंश्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।1
- कर्नाल में मानसून की बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है। इस बर्बादी के चलते क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर चिंता साफ देखी जा सकती है। खराब हुई फसल ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे वे गहरे संकट और परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं।1
- पहाड़ों में हुई अत्यधिक बरसात के कारण सढोरा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे यमुनानगर की शिव कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदी का पानी अनियंत्रित होकर आवासीय इलाकों में फैल गया, जिसके चलते स्थानीय लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक पानी घुस गया है। इस संकट से जूझ रहे निवासियों का कहना है कि हर वर्ष उन्हें इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ता है। लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है, क्योंकि बार-बार हो रही इस समस्या के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा है।1
- करनाल में संदिग्ध परिस्थितियों के चलते एक व्यक्ति की जान चली गई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे गहरे सदमे में हैं।1
- सहारनपुर के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 साल पुराने आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सतनाम पुत्र कश्मीरा सिंह, जो कि ग्राम माजरा सुन्हैटी खरखड़ी का निवासी है, लंबे समय से न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के बावजूद फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2005 में आबकारी अधिनियम की धारा 60/62 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था। पुलिस को मिली मुखबिर की सूचना पर बुधवार को टीम ने गांव में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। गागलहेड़ी थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। यह गिरफ्तारी जिले में फरार और वारंटी आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से पुराने लंबित मामलों के निस्तारण को गति दी जा रही है।1
- सहारनपुर जिले के गंगोह स्थित सिनेमा मार्ग पर कब्रिस्तान के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ ट्रांसफार्मर के निकट करंट की चपेट में आने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। यह भैंस मोहल्ला मोहम्मद गौरी के निवासी नीरज की थी। पशुपालक को इस घटना के कारण करीब डेढ़ लाख रुपये का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित पशुपालक को इस नुकसान के लिए उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।1