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sanjay Kumar

6 days ago
user_Sanjay Kumar
Sanjay Kumar
कार निकोबार, निकोबार द्वीप समूह, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह•
6 days ago
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sanjay Kumar

More news from अंडमान और निकोबार द्वीप समूह and nearby areas
  • Post by Khetesh Khetesh jangid
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    Post by Khetesh Khetesh jangid
    user_Khetesh Khetesh jangid
    Khetesh Khetesh jangid
    फेरारगंज, दक्षिण अंडमान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह•
    2 hrs ago
  • 🚧 कटेकल्याण से मोखपाल सड़क की समस्या 🚧 नमस्कार दोस्तों, आज मैं हमारे क्षेत्र की एक बहुत ही महत्वपूर्ण समस्या के बारे में बात करना चाहता हूँ। कटेकल्याण से मोखपाल जाने वाली सड़क, जिसके बीच में तेलम और टेटम जैसे गाँव पड़ते हैं, उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी है। इस सड़क पर रोज़ गाँव के लोग, स्कूल के बच्चे, मरीज और ज़रूरी काम से आने-जाने वाले लोग निर्भर रहते हैं। लेकिन सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूट-फूट और बरसात में पानी भर जाने की वजह से सफर करना बहुत मुश्किल हो गया है। कई बार तो दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्थिति में होती है — जब किसी मरीज को अस्पताल ले जाना होता है या किसी ज़रूरी काम से जल्दी पहुँचना होता है। अच्छी सड़क सिर्फ सुविधा नहीं होती, बल्कि हमारे गाँव के विकास की पहचान होती है। हम संबंधित अधिकारियों से निवेदन करते हैं कि कटेकल्याण-मोखपाल सड़क, खासकर तेलम और टेटम के बीच वाले हिस्से की मरम्मत जल्द से जल्द करवाई जाए, ताकि गाँव के लोगों को राहत मिल सके। आइए मिलकर आवाज़ उठाएँ, ताकि हमारे गाँव की सड़क सुरक्षित और बेहतर बन सके। धन्यवाद please support me 🙏🥺
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    🚧 कटेकल्याण से मोखपाल सड़क की समस्या 🚧
नमस्कार दोस्तों,
आज मैं हमारे क्षेत्र की एक बहुत ही महत्वपूर्ण समस्या के बारे में बात करना चाहता हूँ। कटेकल्याण से मोखपाल जाने वाली सड़क, जिसके बीच में तेलम और टेटम जैसे गाँव पड़ते हैं, उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी है।
इस सड़क पर रोज़ गाँव के लोग, स्कूल के बच्चे, मरीज और ज़रूरी काम से आने-जाने वाले लोग निर्भर रहते हैं। लेकिन सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूट-फूट और बरसात में पानी भर जाने की वजह से सफर करना बहुत मुश्किल हो गया है। कई बार तो दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्थिति में होती है — जब किसी मरीज को अस्पताल ले जाना होता है या किसी ज़रूरी काम से जल्दी पहुँचना होता है। अच्छी सड़क सिर्फ सुविधा नहीं होती, बल्कि हमारे गाँव के विकास की पहचान होती है।
हम संबंधित अधिकारियों से निवेदन करते हैं कि कटेकल्याण-मोखपाल सड़क, खासकर तेलम और टेटम के बीच वाले हिस्से की मरम्मत जल्द से जल्द करवाई जाए, ताकि गाँव के लोगों को राहत मिल सके।
आइए मिलकर आवाज़ उठाएँ, ताकि हमारे गाँव की सड़क सुरक्षित और बेहतर बन सके।
धन्यवाद please support me 🙏🥺
    user_Bstar official
    Bstar official
    कटेकलयान, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • Post by News_official_
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    Post by News_official_
    user_News_official_
    News_official_
    Grain Shop जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • MGM Jamshedpur को लेकर बड़ी खबर ।
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    MGM Jamshedpur को लेकर बड़ी खबर ।
    user_Nitin Kumar Gorai
    Nitin Kumar Gorai
    Court reporter घाटशिला, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    17 hrs ago
  • हक और हुकूक की लड़ाई: मानकी-मुंडा व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने का संकल्प, कोल्हान रक्षा संघ ने फूंका आंदोलन का शंखनाद। जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के कोल्हान क्षेत्र की ऐतिहासिक स्वायत्तता और पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को बचाने की मांग अब तेज़ हो गई है। जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत कोल्हान रक्षा संघ के बैनर तले आयोजित एक विशाल रैली ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों और आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और विल्किंसन रूल (1837) को पूर्णतः लागू करने की मांग को लेकर बुलंद आवाज़ उठाई। ऐतिहासिक पहचान पर आर-पार की जंग हाथों में बैनर और जुबां पर 'कोल्हान एकता जिंदाबाद' के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे अपनी पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 1833 में थॉमस विल्किंसन द्वारा बनाए गए 31 नियम आज भी कोल्हान की विशेष पहचान का आधार हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रमुख मांगें और चिंताएं: मानकी-मुंडा की शक्ति: ग्रामीणों ने मांग की कि वंशानुगत मानकी-मुंडा शासन प्रणाली को और अधिक संवैधानिक मजबूती दी जाए ताकि वे न्यायिक और प्रशासनिक निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें। सरकारी हस्तक्षेप का विरोध: आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय शासन में बाहरी हस्तक्षेप उनकी सदियों पुरानी व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। अस्तित्व की रक्षा: वक्ताओं ने कहा कि यह केवल नियमों की लड़ाई नहीं, बल्कि कोल्हान के अस्तित्व और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का महासंग्राम है। प्रशासन की बढ़ी धड़कनें क्षेत्र में बढ़ती हलचल को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जानकारों का कहना है कि यदि जगन्नाथपुर और आसपास के क्षेत्रों में उठी इस मांग का समय रहते संवाद के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो कोल्हान में एक बड़ा जनांदोलन खड़ा होना तय है। बड़ी बात: "कोल्हान की धरती पर अब अपनी परंपराओं को बचाने की जिद ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।"
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    हक और हुकूक की लड़ाई: मानकी-मुंडा व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने का संकल्प, कोल्हान रक्षा संघ ने फूंका आंदोलन का शंखनाद।
जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम):
झारखंड के कोल्हान क्षेत्र की ऐतिहासिक स्वायत्तता और पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को बचाने की मांग अब तेज़ हो गई है। जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत कोल्हान रक्षा संघ के बैनर तले आयोजित एक विशाल रैली ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों और आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और विल्किंसन रूल (1837) को पूर्णतः लागू करने की मांग को लेकर बुलंद आवाज़ उठाई।
ऐतिहासिक पहचान पर आर-पार की जंग
हाथों में बैनर और जुबां पर 'कोल्हान एकता जिंदाबाद' के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे अपनी पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 1833 में थॉमस विल्किंसन द्वारा बनाए गए 31 नियम आज भी कोल्हान की विशेष पहचान का आधार हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रमुख मांगें और चिंताएं:
मानकी-मुंडा की शक्ति: ग्रामीणों ने मांग की कि वंशानुगत मानकी-मुंडा शासन प्रणाली को और अधिक संवैधानिक मजबूती दी जाए ताकि वे न्यायिक और प्रशासनिक निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें।
सरकारी हस्तक्षेप का विरोध: आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय शासन में बाहरी हस्तक्षेप उनकी सदियों पुरानी व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।
अस्तित्व की रक्षा: वक्ताओं ने कहा कि यह केवल नियमों की लड़ाई नहीं, बल्कि कोल्हान के अस्तित्व और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का महासंग्राम है।
प्रशासन की बढ़ी धड़कनें
क्षेत्र में बढ़ती हलचल को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जानकारों का कहना है कि यदि जगन्नाथपुर और आसपास के क्षेत्रों में उठी इस मांग का समय रहते संवाद के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो कोल्हान में एक बड़ा जनांदोलन खड़ा होना तय है।
बड़ी बात: "कोल्हान की धरती पर अब अपनी परंपराओं को बचाने की जिद ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।"
    user_Khandait G
    Khandait G
    Reporter झिंकपानी, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    1 hr ago
  • Post by Gudiya Kumari
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    Post by Gudiya Kumari
    user_Gudiya Kumari
    Gudiya Kumari
    Painter Namda Basti, Jamshedpur•
    6 hrs ago
  • Post by NUNU RAM MAHATO
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    Post by NUNU RAM MAHATO
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter Gobindpur(Rajnagar), Saraikela Kharsawan•
    9 hrs ago
  • आदित्यपुर नगर निगम चुनाव को लेकर निकिता स्वर्णकार को मिला जन समर्थन वार्ड नंबर 3 निकिता स्वर्णकार ने बताया कि इस बार विकास की गंगा भागी
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    आदित्यपुर नगर निगम चुनाव को लेकर निकिता स्वर्णकार को मिला जन समर्थन वार्ड नंबर 3 निकिता स्वर्णकार ने बताया कि इस बार विकास की गंगा भागी
    user_कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    Reporter आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    5 hrs ago
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