बिलसंडा में आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन बिलसंडा में आरक्षण के खिलाफ सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, गूंजे ‘आरक्षण हटाओ-देश बचाओ’ के नारे विशाल रैली के बाद तिकुनिया कमल पार्क में धरना, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन आर्थिक आधार पर आरक्षण, यूजीसी के नए नियम वापस लेने समेत कई मांगें उठाईं पीलीभीत/बिलसंडा। बिलसंडा नगर में बुधवार को आरक्षण व्यवस्था और यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। एसएसडी पैलेस के निकट मंडी स्थल घनश्यामपुर से शुरू हुई विशाल रैली मेन मार्केट होते हुए तिकुनिया कमल पार्क पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की आवाज बुलंद की। रैली के दौरान ‘आरक्षण हटाओ-देश बचाओ’, ‘सवर्ण एकता जिंदाबाद’ और ‘हम एक हैं’ जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही अपनी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखना है। जाति नहीं, आर्थिक आधार पर हो आरक्षण धरने के दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि समाज के प्रत्येक वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं, इसलिए गरीब सवर्णों समेत सभी वर्गों के जरूरतमंद लोगों को समान अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यूजीसी के नए नियम वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने और इसकी समीक्षा करने, आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति करने तथा सभी वर्गों को शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर देने की मांग उठाई। इसके साथ ही सवर्ण समाज आयोग के गठन की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। करीब 45 मिनट बाधित रहा यातायात रैली के तिकुनिया कमल पार्क पहुंचने के बाद धरना प्रदर्शन के चलते बिलसंडा-बीसलपुर मार्ग करीब 45 मिनट तक प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। बाद में कार्यक्रम समाप्त होने पर यातायात सामान्य हो सका। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने अपनी मांगों से संबंधित राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बीसलपुर नागेंद्र पांडे को सौंपा। इस दौरान सुमित कुमार शंखधार ने कहा कि समाज की मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर ज्ञापन को गंभीरता से संज्ञान में लेकर मांगों पर विचार किया जाएगा। बिलसंडा में हुए इस प्रदर्शन ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर स्थानीय स्तर पर बहस को तेज कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होता, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
बिलसंडा में आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन बिलसंडा में आरक्षण के खिलाफ सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, गूंजे ‘आरक्षण हटाओ-देश बचाओ’ के नारे विशाल रैली के बाद तिकुनिया कमल पार्क में धरना, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन आर्थिक आधार पर आरक्षण, यूजीसी के नए नियम वापस लेने समेत कई मांगें उठाईं पीलीभीत/बिलसंडा। बिलसंडा नगर में बुधवार को आरक्षण व्यवस्था और यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। एसएसडी पैलेस के निकट मंडी स्थल घनश्यामपुर से शुरू हुई विशाल रैली मेन मार्केट होते हुए तिकुनिया कमल पार्क पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की आवाज बुलंद की। रैली के दौरान ‘आरक्षण हटाओ-देश बचाओ’, ‘सवर्ण एकता जिंदाबाद’ और ‘हम एक हैं’ जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही अपनी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखना है। जाति नहीं, आर्थिक आधार पर हो आरक्षण धरने के दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि समाज के प्रत्येक वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं, इसलिए गरीब सवर्णों समेत सभी वर्गों के जरूरतमंद लोगों को समान अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यूजीसी के नए नियम वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने और इसकी समीक्षा करने, आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति करने तथा सभी वर्गों को शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर देने की मांग उठाई। इसके साथ ही सवर्ण समाज आयोग के गठन की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। करीब 45 मिनट बाधित रहा यातायात रैली के तिकुनिया कमल पार्क पहुंचने के बाद धरना प्रदर्शन के चलते बिलसंडा-बीसलपुर मार्ग करीब 45 मिनट तक प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। बाद में कार्यक्रम समाप्त होने पर यातायात सामान्य हो सका। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने अपनी मांगों से संबंधित राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बीसलपुर नागेंद्र पांडे को सौंपा। इस दौरान सुमित कुमार शंखधार ने कहा कि समाज की मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर ज्ञापन को गंभीरता से संज्ञान में लेकर मांगों पर विचार किया जाएगा। बिलसंडा में हुए इस प्रदर्शन ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर स्थानीय स्तर पर बहस को तेज कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होता, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
- वारंटियों पर भुता पुलिस का शिकंजा, NBW अभियान में वीरपाल गिरफ्तार भुता पुलिस ने गुरुवार को एक वारंटी आरोपी वीरपाल को गिरफ्तार किया है। वीरपाल पुत्र श्याम बिहारी बरेली के भुता थाना क्षेत्र के करैना गांव का रहने वाला है। पुलिस उसे कोर्ट से जारी वारंटों के तहत चलाए जा रहे अभियान में पकड़ा है। बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के कहने पर वारंटियों की गिरफ्तारी और अपराधियों को पकड़ने का अभियान चल रहा है। इसी अभियान के तहत ग्रामीण दक्षिणी पुलिस अधीक्षक और फरीदपुर के क्षेत्राधिकारी के कहने पर भुता पुलिस ने 10 सितंबर 2026 को वीरपाल को पकड़ा। पुलिस ने बताया कि वीरपाल वाद संख्या 3172/19, धारा 325/323/504 भारतीय दंड विधान से जुड़े एक मामले में वारंटी था। यह मामला बरेली के ACJM-4 कोर्ट से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वीरपाल को पकड़ने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सतीश कुमार, उपनिरीक्षक देवेंद्र सारस्वत, कांस्टेबल रोहित कश्यप, सचिन कुमार और रिक्रूट कांस्टेबल तुषार व नितीश कुमार शामिल थे। भुता थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि कोर्ट से जारी वारंटों पर वारंटी आरोपियों को पकड़ने का काम लगातार चल रहा है। इसी के तहत वीरपाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष एफ एच चौधरी जी अपने पदाधिकारी लोगों के साथ में मीटिंग करते हुए1
- Bareilly Ke Thana kela Ka mamla/ maja taskar hue girftar/ vahan ke Adhikari dwara bataya Gaya kis tarah ka pura mamla Hai/ Bareilly Mein maut Ka Saman/ Patang Baji ke naam per khooni khel khatm/ Thana kela police ne thar daboche Chinese maje Ke Saudagar/ Bareilly Ke Thana kela Ka mamla/ maja taskar hue girftar/ vahan ke Adhikari dwara bataya Gaya kis tarah ka pura mamla Hai/ Bareilly Mein maut Ka Saman/ Patang Baji ke naam per khooni khel khatm/ Thana kela police ne thar daboche Chinese maje Ke Saudagar/1
- शेखपुर हाईवे पर आवारा पशुओं का जमावड़ा। बीसलपुर-बरेली हाईवे पर ग्रामीणों और वाहन चालकों को खतरा, रात में बढ़ती है समस्या। फरीदपुर के शेखापुर गांव में बीसलपुर-बरेली हाईवे पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। इससे ग्रामीणों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। सड़क पर पशुओं के बैठे रहने और अचानक सामने आ जाने से हादसे का डर बना रहता है। रात के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। अंधेरे में पशुओं को देख पाना मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। ग्रामीण, अनुज तिवारी, अमर सिंह, मुस्कान और रामसनेही ने प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईवे से आवारा पशुओं को जल्द से जल्द हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- सिटी हार्ट कॉलोनी में 90 प्रतिशत घर जलमग्न, स्थायी समाधान की मांग सिटी हार्ट कॉलोनी में 90 प्रतिशत घर जलमग्न, स्थायी समाधान की मांग बरेली। स्टेडियम रोड स्थित सिटी हार्ट कॉलोनी में भारी बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। कॉलोनीवासियों के अनुसार 7 सितंबर 2026 को हुई भारी वर्षा के दौरान करीब 90 प्रतिशत घरों में 2 से 4 फुट तक पानी भर गया। बाहर से पानी नदी की तरह कॉलोनी के अंदर पहुंचने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कॉलोनीवासियों का कहना है कि घरों में पानी भरने से घरेलू सामान खराब हुआ और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। गंदा पानी घरों में भरने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। कॉलोनी में करीब 150 मकान हैं और निवासी नियमित रूप से हाउस टैक्स, वाटर टैक्स व सीवर टैक्स जमा करते आ रहे हैं। जगदीश अरोड़ा ने बताया कि पिछले करीब 15 वर्षों से प्रत्येक बरसात में कॉलोनी 10 से 15 दिनों तक जलभराव की समस्या से जूझती है। ऐसे में बरेली को स्मार्ट सिटी बनाने के प्रयासों के बीच सिटी हार्ट कॉलोनी का जलभराव गंभीर सवाल खड़ा करता है। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए सुझाव दिया है कि वर्तमान में विधायक निधि से चल रहे सड़क निर्माण कार्य के साथ ही ड्रेनेज पाइपलाइन और पिट का निर्माण कराया जाए। साथ ही सर्किंग पंप की सहायता से कॉलोनी के दोनों गेटों की ओर से पानी को मुख्य नाले तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या से राहत मिल सके। कॉलोनीवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की है, जिससे हर साल बारिश के दौरान लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिल सके।1
- *थाना किला #bareillypolice द्वारा अधोमानक/प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तारी *थाना किला #bareillypolice द्वारा अधोमानक/प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तारी एवं बरामदगी के संबंध में श्री नितिन कुमार #COcity 02 बरेली की बाइट।*1
- सबको देखा बार बार रामपाल नदबशी जी को देखो एक बार आस्था बरेली न्यूज लाईव1
- ₹4 हजार मानदेय में परिवार चलाना 20हजार मानदेय बढ़ाने की मांग ₹4 हजार मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल, बैंक सखियों ने डीएम से की मानदेय बढ़ाने की मांग बरेली। खंड बहेड़ी क्षेत्र की बैंक सखियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी बरेली को प्रार्थना पत्र सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की है। बैंक सखियों का कहना है कि वे पिछले 4-5 वर्षों से लगातार विभिन्न बैंक शाखाओं में सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उन्हें मात्र ₹4,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो रहा है। बैंक सखियों के अनुसार वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बैंक संबंधी कार्य करती हैं। इसके अलावा शुक्रवार और शनिवार को क्षेत्र भ्रमण कर ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक करने तथा ग्राम समूहों से जुड़े कार्य भी करती हैं। इसके बावजूद उन्हें उनके काम के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है। कई-कई महीने तक मानदेय के लिए लगाना पड़ता है चक्कर बैंक सखियों ने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक वर्ष से मानदेय का भुगतान भी समय से नहीं हो रहा है। कई-कई महीनों तक भुगतान नहीं होने पर उन्हें सीएलएफ अध्यक्ष और सचिव के पास रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कराने के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बाद रिपोर्ट ब्लॉक स्तर पर जमा होती है और वहां से बीएमएम के माध्यम से जिला स्तर पर भेजी जाती है। मानदेय पहले सीएलएफ के खाते में पहुंचता है और उसके बाद बैंक सखियों के खातों में आता है। बैंक सखियों ने मांग की है कि मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि अनावश्यक देरी और परेशानी से बचा जा सके। ₹20 हजार मानदेय करने की मांग बैंक सखियों ने वर्तमान ₹4,000 के मानदेय को बढ़ाकर ₹20,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि उनसे बैंक, फील्ड और स्वयं सहायता समूहों से संबंधित विभिन्न कार्य लिए जाते हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला मानदेय बेहद कम है। इसके साथ ही बैंक सखियों ने अपने कार्य को स्थायी पद किए जाने की भी मांग उठाई है। नए बैंक खातों पर इंसेंटिव नहीं मिलने की शिकायत बैंक सखियों ने यह भी शिकायत की कि सरकार की ओर से प्रत्येक नए बैंक खाते पर मिलने वाला निर्धारित इंसेंटिव भी उन्हें कई मामलों में नहीं मिल रहा है। बैंक में शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा इंसेंटिव नहीं आने की बात कहकर उन्हें टाल दिया जाता है। बैंक सखियों का कहना है कि इस संबंध में जिला स्तर से भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। बैंक सखियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी समस्याओं की जांच कर समय से मानदेय भुगतान, सीधे खातों में भुगतान, इंसेंटिव दिलाने, मानदेय बढ़ाने और सेवा को स्थायी किए जाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। खंड बहेड़ी, जिला बरेली की समस्त बैंक सखियों ने जिलाधिकारी से अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की गुहार लगाई है।1
- *थाना किला #bareillypolice द्वारा अधोमानक/प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तारी *थाना किला #bareillypolice द्वारा अधोमानक/प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तारी एवं बरामदगी के संबंध में श्री नितिन कुमार #COcity 02 बरेली की सिंगल फ्रेम में बाइट।*1