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झूमरी तिलैया नगर परिषद के वार्ड संख्या-22 में गुमो माइका नेट स्थित मजहर मोहल्ला में GPL सीजन-04 क्रिकेट टूर्नामेंट का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और सभी टीमों को खेल भावना, अनुशासन, आपसी भाईचारे तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं। आयोजन समिति ने रविवार को शाम 7 बजे बताया कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में राजेन्द्र जायसवाल, वार्ड-22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेय, अरशद खान, मो. इजरायल और मो. रफाकत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
झारखंड news
झूमरी तिलैया नगर परिषद के वार्ड संख्या-22 में गुमो माइका नेट स्थित मजहर मोहल्ला में GPL सीजन-04 क्रिकेट टूर्नामेंट का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और सभी टीमों को खेल भावना, अनुशासन, आपसी भाईचारे तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं। आयोजन समिति ने रविवार को शाम 7 बजे बताया कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में राजेन्द्र जायसवाल, वार्ड-22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेय, अरशद खान, मो. इजरायल और मो. रफाकत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
More news from बिहार and nearby areas
- पंचायत विकास दिवस के कार्यक्रम के दौरान गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने अपना संबोधन दिया।1
- नवादा जिले के रजौली प्रखंड में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की लगभग 90 राशन दुकानों पर जुलाई महीने के लिए आवंटित अनाज (चावल) का उठाव अभी तक नहीं हो पाया है। 28 जून की समयसीमा बीत जाने के बावजूद रजौली के एसएफसी गोदाम से अनाज की निकासी पूरी तरह ठप पड़ी हुई है, जिससे डीलरों में भारी असंतोष है। यह देरी डोर स्टेप डिलीवरी एजेंसी का ठेका बदलने और नई एजेंसी का सेटअप पूरा न होने के कारण हुई है। कई पंचायत के डीलरों ने बताया कि एसएफसी गोदाम भी कई दिनों से बंद पड़ा है, जिससे उनमें आक्रोश और बढ़ गया है। डीलरों का कहना है कि जहां जिले के कई अन्य प्रखंडों में जुलाई माह की डोर स्टेप डिलीवरी हो चुकी है और कुछ जगहों पर उठाव जारी है, वहीं रजौली प्रखंड में अभी तक (28 जून) केवल एक डीलर को ही अनाज मिल पाया है। डीलरों के अनुसार, आमतौर पर हर महीने की 25 तारीख तक अनाज का उठाव हो जाता था। इस देरी से जुलाई महीने में लाभुकों को अनाज वितरण में काफी विलंब होने की आशंका है, जिससे प्रखंड क्षेत्र के कई पिछड़े पंचायतों में असंतोष पैदा हो सकता है। डीलरों ने जुलाई माह का खाद्यान्न जल्द से जल्द भिजवाने की मांग की है। डीलरों को डर है कि डोर स्टेप डिलीवरी और गोदाम मैनेजर का मौजूदा रवैया देखते हुए जुलाई का अनाज अगस्त तक न पहुंच जाए। इस संबंध में सहायक गोदाम मैनेजर रासबिहारी ने बताया कि ठेका बदलने और नई एजेंसी का सेटअप पूरा न होने के कारण यह दिक्कत आई है, और सोमवार से सभी डीलरों को अनाज भेजना शुरू कर दिया जाएगा। अब यह देखना होगा कि जुलाई महीने का खाद्यान्न डीलरों को कब तक मिलता है।2
- आगरा के भीमनगर में विकास के नाम पर वोट बटोरने वाली भाजपा सरकार से जनता की सुनवाई न होने पर एक अनोखा और खौफनाक विरोध प्रदर्शन सामने आया है। भीमनगर की जनता, विकास कार्यों की कमी से तंग आकर, शहर के मेयर से लेकर स्थानीय भाजपा पार्षद तक के 'लापता' होने के पोस्टर लगाए हैं। यह घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की अनदेखी के चलते उपजे आक्रोश को दर्शाती है।1
- पारसनाथ पर्वत पर हुई घटना को लेकर एक सवाल सामने आया है, जिसमें यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि आखिर वहां क्या घटित हुआ था।1
- यह वीडियो दर्शकों को अपने गाँव के दृश्यों को देखने का अवसर प्रदान करता है। वीडियो के माध्यम से गाँव के नज़ारों का अनुभव किया जा सकता है।1
- कुछ छात्र अनशन पर बैठे हैं। इस संदर्भ में यह प्रश्न उठ रहा है कि उन्होंने अपनी बात में क्या कहा है।1
- नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र स्थित तुंगी बाजार में मंगलवार को प्रशासन ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए सड़क किनारे किए गए वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया। यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों की लगातार शिकायतों और उच्चाधिकारियों को भेजे गए आवेदनों के बाद की गई थी। जानकारी के अनुसार, एनएच-82 से अवन-हिसुआ जाने वाली सड़क पर कथित अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि सड़क की भूमि पर लगभग 30 वर्षों से सतीश सिंह का अवैध कब्जा था, जिससे सड़क संकरी हो गई थी। इस कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस गंभीर मामले को लेकर एक स्थानीय निवासी ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव बिहार सरकार और जिला समाहर्ता नवादा को आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए, मंगलवार को हिसुआ के अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और पथ निर्माण विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे और स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान, प्रशासन ने अतिक्रमण को चिन्हित किया और अधिकारियों की देखरेख में उसे हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके बाद सड़क की भूमि को पूरी तरह कब्जामुक्त करा लिया गया। प्रशासन की इस पहल से क्षेत्र के लोगों में भारी संतोष देखा गया, क्योंकि वे लंबे समय से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे थे। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ने और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए सार्वजनिक भूमि और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने की निरंतर मांग की है। अधिकारियों ने भी स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- सामाजिक कार्यकर्ता अमर आजाद पासवान ने दलित नेताओं के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दलित नेताओं को 'सोचना चाहिए था'।1
- बुलंदशहर जिले के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के मिलक करीरा गांव में स्थित एक पानी का पोखर ग्रामीणों के लिए लगातार गंभीर खतरे का कारण बना हुआ है। 'आज की सच्ची खबर' में संजय वर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप है कि इस दलदली पोखर में आए दिन जान-माल के नुकसान की घटनाएं होती रहती हैं। उनकी शिकायत है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो पोखर के चारों ओर सुरक्षा के लिए बाउंड्री बनाई गई है और न ही इसके आसपास पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि क्षेत्र के सांसद डॉ. भोला सिंह, शिकारपुर के विधायक अनिल शर्मा और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस दिशा में कोई अपेक्षित पहल नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र सरकार भले ही गांवों के विकास और सुरक्षित बुनियादी सुविधाओं की बात करती हो, लेकिन उनके गांव की यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है। अब उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही अंतिम उम्मीद है, जिनसे वे इस जानलेवा समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली के स्वतंत्र विचारक एवं समाजसेवी विजय प्रधान भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। विजय प्रधान ने कहा है कि जब तक इस पोखर की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वे ग्रामीणों के समर्थन में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। इस अभियान में गांव के समाजसेवी मनोज त्यागी भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली से मानव जन शिकायत समिति के अध्यक्ष श्री रमा शंकर साह के नेतृत्व में समिति की पूरी टीम भी ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत बताई जा रही है। अब यह देखना बाकी है कि वर्षों से चली आ रही इस गंभीर जनसमस्या पर शासन और प्रशासन कब संज्ञान लेते हैं, और मिलक करीरा गांव के लोगों को इस जानलेवा पोखर से स्थायी राहत कब मिल पाती है।1