खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल के राज काज में दलित छात्रों पर अध्यापक द्वारा निर्ममता से पिटाई, चीखता चिल्लाता रहा मासूम छात्र खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल के राज काज में दलित छात्रों पर अध्यापक द्वारा निर्ममता से पिटाई, चीखता चिल्लाता रहा मासूम छात्र दलित छात्र की कथित पिटाई से बवाल: शिक्षक पर डंडे से मारने का आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर की घटना से क्षेत्र में नाराजगी, परिजनों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उठाई मांग चकिया/चन्दौली। चकिया विकासखंड क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में कक्षा चार के एक दलित छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। घटना 28 जुलाई की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय के एक शिक्षक ने छात्र की डंडे से पिटाई की, जिससे उसे चोटें आईं। हालांकि, मामले में अब तक अंतिम जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। परिजनों का आरोप: शिक्षक ने डंडे से की पिटाई परिजनों के अनुसार, छात्र जब विद्यालय से घर पहुंचा तो उसने बताया कि शिक्षक संजीव तिवारी ने उसकी डंडे से पिटाई की। परिवार का कहना है कि बच्चे के शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए, जिसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी ग्रामीणों और संबंधित अधिकारियों को दी। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों के साथ अनुशासन के नाम पर कठोर व्यवहार किया जाता है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों में आक्रोश, दोषी पर कार्रवाई की मांग घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकत्र होकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान है। यदि वहां बच्चों के साथ दुर्व्यवहार होता है तो इससे अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था से विश्वास कमजोर होता है। विद्यालय की व्यवस्था पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें की जाती रही हैं। उनका कहना है कि कुछ शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंचते और शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे विद्यालय की कार्यप्रणाली की भी जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। बीईओ ने नोटिस जारी होने की पुष्टि की खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी शिक्षक द्वारा बच्चों के साथ इस प्रकार का अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही होगी जिम्मेदारी तय शिक्षा विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में छात्र, अभिभावकों, विद्यालय के शिक्षकों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो, इसके लिए तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप—हर बार जांच, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी विद्यालयों से जुड़े कई मामलों में जांच की बात कही गई, लेकिन अंतिम कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उनका आरोप है कि गंभीर मामलों में भी अक्सर जांच की प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है और समय बीतने के साथ मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों और परिजनों ने कहा है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए इस मामले का शीघ्र निस्तारण किया जाए। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां बच्चे बिना भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें। यदि किसी प्रकार की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि सत्य सामने आए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई हो सके। प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। अब अभिभावकों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जबकि आरोप सिद्ध न होने की स्थिति में जांच रिपोर्ट के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल के राज काज में दलित छात्रों पर अध्यापक द्वारा निर्ममता से पिटाई, चीखता चिल्लाता रहा मासूम छात्र खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल के राज काज में दलित छात्रों पर अध्यापक द्वारा निर्ममता से पिटाई, चीखता चिल्लाता रहा मासूम छात्र दलित छात्र की कथित पिटाई से बवाल: शिक्षक पर डंडे से मारने का आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर की घटना से क्षेत्र में नाराजगी, परिजनों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उठाई मांग चकिया/चन्दौली। चकिया विकासखंड क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में कक्षा चार के एक दलित छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। घटना 28 जुलाई की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय के एक शिक्षक ने छात्र की डंडे से पिटाई की, जिससे उसे चोटें आईं। हालांकि, मामले में अब तक अंतिम जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। परिजनों का आरोप: शिक्षक ने डंडे से की पिटाई परिजनों के अनुसार, छात्र जब विद्यालय से घर पहुंचा तो उसने बताया कि शिक्षक संजीव तिवारी ने उसकी डंडे से पिटाई की। परिवार का कहना है कि बच्चे
के शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए, जिसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी ग्रामीणों और संबंधित अधिकारियों को दी। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों के साथ अनुशासन के नाम पर कठोर व्यवहार किया जाता है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों में आक्रोश, दोषी पर कार्रवाई की मांग घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकत्र होकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान है। यदि वहां बच्चों के साथ दुर्व्यवहार होता है तो इससे अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था से विश्वास कमजोर होता है। विद्यालय की व्यवस्था पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें की जाती रही हैं। उनका कहना है कि कुछ शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंचते और शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे विद्यालय की कार्यप्रणाली की भी जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। बीईओ ने नोटिस जारी होने
की पुष्टि की खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी शिक्षक द्वारा बच्चों के साथ इस प्रकार का अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही होगी जिम्मेदारी तय शिक्षा विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में छात्र, अभिभावकों, विद्यालय के शिक्षकों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो, इसके लिए तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप—हर बार जांच, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी विद्यालयों से जुड़े कई मामलों में जांच की बात कही गई, लेकिन अंतिम कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उनका आरोप है कि गंभीर मामलों में भी अक्सर जांच की प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है और समय बीतने के साथ
मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों और परिजनों ने कहा है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए इस मामले का शीघ्र निस्तारण किया जाए। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां बच्चे बिना भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें। यदि किसी प्रकार की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि सत्य सामने आए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई हो सके। प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। अब अभिभावकों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जबकि आरोप सिद्ध न होने की स्थिति में जांच रिपोर्ट के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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- आज जहानाबाद के 40वें जिला स्थापना दिवस की जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई। जहानाबाद की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों एवं विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत–समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करते हुए जहानाबाद को विकास, सुशासन, पर्यटन और जनसेवा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। सभी जहानाबादवासियों को 40वें जिला स्थापना दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएँ। जय हिंद! जय बिहार! जय जहानाबाद! Janata Dal (United)1
- दहेज के लिए बेटी को ससुराल वालो ने गायब कर दिया या हत्या कर दिया पता नहीं लेकिन पिता ने लगाया आरोप हत्या का1
- जिला कैमुर गांव चांद से हिला देने वाली खबर सामने आई है विडियो वाइरल हो गया है पिता का नाम भोला पांडेय माता का नाम सिमा पांडेय लड़की का नाम संजना पांडेय शादी कर के दहेज प्रथा में फसाकर पैसा ले कर भाग जाने वाली खबर सामने आई और लुटेरी दुल्हन का विडियो वाइरल हो गया है शादी मठना गांव में हुआ था और ससुर का नाम मुन्ना पाठक पुत्र अंकित पाठक है आयोदिन लड़की घर में लड़ाई करति रहती थी और सोना चांदी लेकर भाग जाति थी सावधान सतर्क रहे हैं लुटेरी दुल्हन लुटेरी मां लुटेरा जिजा शुभम तिवारी उर्फ पिता का नाम अशोक तिवारी गांव सभा कुशहा धंधा चल रहा धंधा चल रहा शादी कर के लोग सोना चांदी पैसा लुट कर भाग जाने का कारोबार चल रहा था4
- खजरा गाँव मेँ विधायक निधि से बनी सड़क 16 वर्ष में हुई जर्जर धीना। बरहनी विकासखंड के खजरा गांव में लगभग 16 वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक शारदा प्रसाद की विधायक निधि से निर्मित 700 मीटर लंबी सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण गौरीशंकर गुप्ता और दिनेश मिश्रा ने बताया कि इसी सड़क से होकर जल निगम की पानी की टंकी, कंपोजिट विद्यालय तथा राजकीय हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण बच्चों को विद्यालय आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण हुए लगभग 16 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन समय पर मरम्मत न होने के कारण इसकी हालत बेहद खराब हो गई है। पिछले करीब तीन वर्षों से सड़क पूरी तरह गड्ढायुक्त बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो संबंधित विभाग और न ही जनप्रतिनिधियों द्वारा इसकी मरम्मत कराई गई।2
- मिड-डे मील की थाली में मिला कीड़ा, बीएसए ने बैठाई जांच; दोषी पाए जाने पर होगी तत्काल कार्रवाई चंदौली: मिड-डे मील की थाली में मिला कीड़ा, बीएसए ने बैठाई जांच; दोषी पाए जाने पर होगी तत्काल कार्रवाई चंदौली। जनपद के पीडीडीयू नगर क्षेत्र स्थित एक सरकारी विद्यालय में शुक्रवार (31 जुलाई) को बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में कीड़ा पाया गया। मामला संज्ञान में आते ही शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है और त्वरित जांच के आदेश दे दिए है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 जुलाई को एनजीओ 'महिला एवं विकास संस्थान, मोदीनगर (गाजियाबाद)' द्वारा रोजाना की भांति क्षेत्र के कुल 13 विद्यालयों में मिड-डे मील (एमडीएम) का वितरण किया गया था। इसी दौरान कंपोजिट विद्यालय पूर्वी बाजार, पीडीडीयू नगर में भोजन वितरण के समय एक बच्चे की थाली में एक कीड़ा निकला। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। बीएसए सचिन कुमार ने स्पष्ट किया कि घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जांच में जो भी पक्ष या संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।1