जहानाबाद की बेटी गायत्री कुमारी, जिसने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, वह सपना 11 जनवरी 2026 को हमेशा के लिए बुझ गया। पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही गायत्री को 6 जनवरी को कमरे में बेहोश पाया गया था, जिसकी पाँच दिन बाद मौत हो गई। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे आत्महत्या बताकर मामले को बंद करने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद परिवार ने दुष्कर्म के बाद हत्या और मामले को दबाने का आरोप लगाया। इस मामले में पहले SIT का गठन हुआ, जिसने जहानाबाद के दस दौरे किए, पर कोई नतीजा नहीं निकला, जिससे परिवार असंतुष्ट रहा। इसके बाद जाँच CBI को सौंपी गई। CBI की 20 सदस्यीय टीम पाँच गाड़ियों से गायत्री के गाँव पहुँची, जहाँ तीन घंटे तक पूछताछ की गई, भाई का मोबाइल जब्त किया गया और माँ तथा नानी से सवाल पूछे गए। हालांकि, परिवार ने बाद में CBI पर भी भरोसा खो दिया और उन्होंने जाँच टीम के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए, जिसके बाद CBI को बैरंग लौटना पड़ा। गायत्री के पिता ने साफ कहा है कि उन्हें अब SIT, CBI या सरकार किसी पर भरोसा नहीं, उनका भरोसा सिर्फ न्यायालय पर है। इस दौरान, ऐसी घटनाओं पर नेताओं और उनके समर्थकों की ओर से घड़ियाली आँसू बहाने और राजनीतिक लाभ लेने की प्रवृत्ति भी देखने को मिली। जुलूस निकाले गए, मोमबत्तियाँ जलाई गईं, भाषण हुए और कैमरों के सामने आँसू बहाए गए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन भी हुआ और NHRC में याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भी लिखे गए, लेकिन मीडिया की सुर्खियाँ खत्म होते ही यह सब सन्नाटे में बदल गया। परिवार को धमकी भरा पर्चा भी मिला, जिस पर 'बेटी गई, बेटा भी मारा जाएगा' लिखा था, लेकिन व्यवस्था ने उन्हें 24 घंटे सुरक्षा देने के बजाय सिर्फ आश्वासन दिए। अब जहानाबाद की जनता, पत्रकार, वकील, समाजसेवी और जागरूक नागरिकों से एकजुट होकर माँग करने की अपील की जा रही है कि गायत्री के मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में हो। इसके साथ ही, दोषियों को सख्त सजा मिले और इस परिवार को सिर्फ झूठे आश्वासनों के बजाय वास्तविक न्याय मिले। इस घटना ने एक सवाल बनकर व्यवस्था से पूछा है कि एक माँ आज भी न्याय के इंतजार में है, क्या कोई सुन रहा है?
जहानाबाद की बेटी गायत्री कुमारी, जिसने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, वह सपना 11 जनवरी 2026 को हमेशा के लिए बुझ गया। पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही गायत्री को 6 जनवरी को कमरे में बेहोश पाया गया था, जिसकी पाँच दिन बाद मौत हो गई। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे आत्महत्या बताकर मामले को बंद करने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद परिवार ने दुष्कर्म के बाद हत्या और मामले को दबाने का आरोप लगाया। इस मामले में पहले SIT का गठन हुआ, जिसने जहानाबाद के दस दौरे किए, पर कोई नतीजा नहीं निकला, जिससे परिवार असंतुष्ट रहा। इसके बाद जाँच CBI को सौंपी गई। CBI की 20 सदस्यीय टीम पाँच गाड़ियों से गायत्री के गाँव पहुँची, जहाँ तीन घंटे तक पूछताछ की गई, भाई का मोबाइल जब्त किया गया और माँ तथा नानी से सवाल पूछे गए। हालांकि, परिवार ने बाद में CBI पर भी भरोसा खो दिया और उन्होंने जाँच टीम के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए, जिसके बाद CBI को बैरंग लौटना पड़ा। गायत्री के पिता ने साफ कहा है कि उन्हें अब SIT, CBI या सरकार किसी पर भरोसा नहीं, उनका भरोसा सिर्फ न्यायालय पर है। इस दौरान, ऐसी घटनाओं पर नेताओं और उनके समर्थकों की ओर से घड़ियाली आँसू बहाने और राजनीतिक लाभ लेने की प्रवृत्ति भी देखने को मिली। जुलूस निकाले गए, मोमबत्तियाँ जलाई गईं, भाषण हुए और कैमरों के सामने आँसू बहाए गए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन भी हुआ और NHRC में याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भी लिखे गए, लेकिन मीडिया की सुर्खियाँ खत्म होते ही यह सब सन्नाटे में बदल गया। परिवार को धमकी भरा पर्चा भी मिला, जिस पर 'बेटी गई, बेटा भी मारा जाएगा' लिखा था, लेकिन व्यवस्था ने उन्हें 24 घंटे सुरक्षा देने के बजाय सिर्फ आश्वासन दिए। अब जहानाबाद की जनता, पत्रकार, वकील, समाजसेवी और जागरूक नागरिकों से एकजुट होकर माँग करने की अपील की जा रही है कि गायत्री के मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में हो। इसके साथ ही, दोषियों को सख्त सजा मिले और इस परिवार को सिर्फ झूठे आश्वासनों के बजाय वास्तविक न्याय मिले। इस घटना ने एक सवाल बनकर व्यवस्था से पूछा है कि एक माँ आज भी न्याय के इंतजार में है, क्या कोई सुन रहा है?
- जहानाबाद जिले के काको थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। महमदपुर गांव के पास हुई इस घटना में एक तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने पैदल जा रहे युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान काको थाना क्षेत्र के पराधी गांव निवासी प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, प्रिंस कुमार अपने घर से दवा लेने के लिए पैदल निकला था। इसी दौरान जहानाबाद की ओर से आ रही तेज रफ्तार हाइवा ने उसे पीछे से टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रिंस सड़क किनारे स्थित नहर में जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद, आसपास मौजूद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल युवक को नहर से बाहर निकालकर इलाज के लिए सदर अस्पताल, जहानाबाद पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के चाचा अवधेश कुमार ने भी बताया कि प्रिंस कुमार दवा लेने जा रहा था, तभी तेज रफ्तार हाइवा ने उसे पीछे से टक्कर मार दी, जिससे वह नहर में गिर गया और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही है और हाइवा चालक की पहचान कर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- नीमचक बथानी प्रखंड के ग्राम बंडी कल्याणपुर निवासी 45 वर्षीय कमिद्रर प्रसाद का बिजली के करंट से असामयिक निधन हो गया, जिससे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मोहम्मद औरंगज़ेब ने तत्काल शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। इस कठिन घड़ी में, दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई है।2
- पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के तुलसीचक गांव में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जून की रात करीब 9 बजे हुई, जब पीड़िता अपने घर से पश्चिम दिशा में शौच के लिए जा रही थी। रास्ते में पहले से मौजूद दो युवकों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने युवती के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह बंद कर उसे सुनसान स्थान पर ले गए। पीड़िता के लिखित आवेदन के मुताबिक, आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर मारपीट भी की। घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी, यदि उसने किसी को जानकारी दी। आरोपी फरार होने के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मसौढ़ी थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के आवेदन के आधार पर मसौढ़ी थाना कांड संख्या-519/26 दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। कांड दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज मांझी (पिता- लालचंद मांझी) और मिथलेश मांझी उर्फ भीम (पिता- स्वर्गीय सागर मांझी) के रूप में हुई है, जो दोनों तुलसीचक मुसहरी, थाना मसौढ़ी, जिला पटना के निवासी हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं और साक्ष्यों की जांच जारी है। इस घटना के सामने आने के बाद गांव में लोगों में आक्रोश व्याप्त है और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की जा रही है और पीड़िता को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।1
- ग्राम पंचायत माली के समस्त युवा साथियों, नौजवान भाइयों, माताओं-बहनों, चाचा-चाची और सम्मानित बुद्धिजीवी वर्ग से एक विनम्र निवेदन किया गया है।1
- इस पोस्ट में 'यमदूत मूवी' का जिक्र किया गया है।1
- बिहार शरीफ शहर इस समय भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह टोटो वाहनों की बेहिसाब संख्या को बताया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, इतनी भारी भीड़ में सड़कों पर निकलना अत्यंत मुश्किल हो गया है, और यह स्थिति बिहार शरीफ की एक पहचान बन चुकी है। इस गंभीर समस्या पर नागरिकों से उनकी राय मांगी गई है।1
- जहानाबाद के नवपदस्थापित जिलाधिकारी ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस प्रेसवार्ता के दौरान, जिलाधिकारी ने जिले के विकास से संबंधित अपनी रूपरेखा प्रस्तुत की।1
- जहानाबाद जिले के रघुनाथपुर गांव के पास दो बाइकों के बीच हुई टक्कर में एक व्यक्ति की जान चली गई। इस सड़क हादसे में एक अन्य व्यक्ति घायल भी हुआ है।1