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दौसा के विधायक डी डी बैरवा ने सवर्ण समुदाय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि वह सवर्णों के ताजिंदगी आभारी रहेंगे और उनके कर्जदार बने रहेंगे।
Ganesh Yogi
दौसा के विधायक डी डी बैरवा ने सवर्ण समुदाय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि वह सवर्णों के ताजिंदगी आभारी रहेंगे और उनके कर्जदार बने रहेंगे।
- Khemraj Joshiराहुवास, दौसा, राजस्थानभाई यह झूठ बोल रहा है यह भगवान में विश्वास नहीं लगता इसका एक वीडियो जग जाहिर हुआ था जिसमें के रहता है कि हम अंबेडकरवादी हैं भगवान में हमारे विश्वास नहीं वह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है अब बताओ यह भगवान की दुहाई देता है23 hrs ago
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- दौसा स्थित पिलू वाले बालाजी मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान युवाओं ने कई स्थानों पर छबिलें लगाईं, जहाँ श्रद्धालुओं और राहगीरों को केसरिया ठंडाई, शरबत और शीतल आम रस पिलाया गया। मंदिर में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं ने भी भगवान को मीठे पानी से भरे मिट्टी के कलश, हवा पंखी और आम अर्पित किए। इस धार्मिक आयोजन में बालाजी के दर्शन करने आए भक्तों ने भगवान के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।3
- राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र के जैतपुर ब्राह्मण गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसका वीडियो सीसीटीवी में कैद होकर वायरल हो गया है। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि सात पुरुष लाठियों से लैस होकर महिलाओं पर हमला कर रहे थे, लेकिन तीन महिलाओं ने असाधारण साहस दिखाते हुए उनका मुकाबला किया और हमलावरों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। सूचना मिलने पर प्रतापगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी राजकुमार ने तत्परता से स्थिति को नियंत्रित किया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल कराई। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- दौसा जिले के कुंडल क्षेत्र में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्याम भक्तों द्वारा सेवाभाव के साथ राहगीरों को ठंडा शर्बत पिलाया गया। मुख्यालय क्षेत्र के कुंडल, खड़का, सिंडोली, बडोली, खानभांकरी, कालोंता और काली पहाड़ी में यह सेवा कार्य किया गया, जिसका उद्देश्य भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत पहुँचाना था। अनिल सैनी खड़का ने बताया कि इस पहल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने शर्बत ग्रहण कर राहत महसूस की। भक्तों ने यह सेवा निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए की, क्योंकि इस दिन जल सेवा, शर्बत वितरण और दान-पुण्य को अत्यंत विशेष माना जाता है और इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। इस कार्यक्रम में अनिल कुमार सैनी, महेश सैनी, विष्णु सैनी, रेवड़ बैरवा (भेडोली), नंद किशोर सैनी, ओम प्रकाश सैनी, रामफूल सैनी, जगदीश सैनी और विश्राम सैनी सहित कई श्याम भक्तों ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया। सेवा कार्य के दौरान भक्तों ने भगवान श्री श्याम के जयकारे लगाए और समाज में सेवा, सद्भावना एवं धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने श्याम भक्तों की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की।2
- गंगापुर से खाटू धाम के लिए एक यात्रा रवाना हुई है। गंगापुर निवासी जितेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री श्याम सेवा समिति गंगापुर के सभी सदस्य हर महीने बस द्वारा बाबा के दरबार में खाटू धाम जाते हैं। इसी मासिक यात्रा के तहत, आज निर्जला एकादशी के अवसर पर श्री श्याम मित्र मंडल गंगापुर वालों की तरफ से सभी श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शरबत, शिकंजी आदि की विशेष व्यवस्था की गई है।1
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर लालसोट में श्याम भक्तों द्वारा जगह-जगह शरबत और ठंडाई वितरण का आयोजन किया गया। यह सेवा शिविर श्रद्धा, सेवा और परोपकार की भावना के साथ भीषण गर्मी के बीच आयोजित किया गया, जहाँ राहगीरों, श्रद्धालुओं और आमजन को शीतल पेय वितरित कर गर्मी से राहत पहुँचाई गई। सेवा शिविरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं और राहगीरों का आना-जाना बना रहा। श्याम भक्तों ने पूरे उत्साह और समर्पण भाव से लोगों को शरबत और ठंडाई पिलाकर मानव सेवा का संदेश दिया। आयोजन स्थलों पर भक्तिमय वातावरण के बीच लगातार "जय श्री श्याम" के जयघोष गूँजते रहे। इस दौरान श्री श्याम सेवक परिवार लालसोट ने ज्योतिबा फूले सर्किल पर लोगों को शीतल पेय पिलाकर निःस्वार्थ भाव से सेवा की। वहीं, गंगापुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर पर श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा भी शरबत पिलाकर सेवा कार्य किया गया, जिसमें महिला मित्र मंडल का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि निर्जला एकादशी का पर्व दान, पुण्य और सेवा का संदेश देता है, और इसी उद्देश्य से ऐसे सेवा कार्य प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाते हैं, ताकि समाज में सहयोग और सद्भावना की भावना को बढ़ावा मिले। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्याम भक्त और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। लोगों ने श्याम भक्तों की इस सेवा भावना की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल और पुनीत कार्य बताया।3
- दौसा जिले के लालसोट के तालेड़ा जमात स्थित श्री महंत जी महाराज की बगीची में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का श्रद्धापूर्वक समापन हो गया है। इस धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर विशाल भंडारे और प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और धर्म लाभ प्राप्त किया।2
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर लालसोट शहर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा शीतल पेय भंडारों का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठंडे पेय पदार्थ वितरित कर सेवा कार्य किया गया, जिससे लोगों की प्यास बुझाकर पुण्य कमाया गया। शहर में दो दर्जन से अधिक शीतल पेय भंडारे प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए। ज्योतिबा फुले सर्किल स्थित अमित छोटू जोशी कार्यालय के पास दूध से निर्मित मिल्क रोज का भंडारा लगाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, खाटू श्याम सेवा समिति ने श्रद्धालुओं को ठंडाई वितरित की। इन भंडारों में ठंडाई, शरबत, मिल्क रोज, शीतल जल और अन्य पेय पदार्थों का वितरण किया गया, जिसका दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने लाभ उठाया।2
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर ग्रामीण के बस्सी स्थित धारविका हॉस्पिटल ने पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया। हॉस्पिटल परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान आमजन को 500 से अधिक पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पौधे ग्रहण किए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अभियान में सोनी अस्पताल के एचओडी डॉ. सीएच चतुर्वेदी, धारविका हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एस.पी. सेवल और डॉ. रिंकी भारती ने लोगों को पौधे वितरित किए। इस अवसर पर अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि वृक्ष न केवल पर्यावरण की रक्षा करते हैं, बल्कि वे मानव जीवन के लिए एक अमूल्य धरोहर भी हैं। उन्होंने जनता से भावुक अपील की कि वे पौधों को अपने परिवार के सदस्य की तरह अपनाएं और उनकी नियमित रूप से देखभाल करें। धारविका हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एस.पी. सेवल ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के मौजूदा दौर में पौधारोपण ही सबसे प्रभावी समाधान है। उन्होंने इस हरित अभियान के पीछे का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और क्षेत्र में अधिक से अधिक हरियाली विकसित करना बताया। यह पहल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक संदेश दे रही है।2