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प्रयागराज में रितेश श्रीवास्तव द्वारा चलाया जा रहा धरना अब समाप्त हो गया है। इस धरने को लेकर शुरुआत से ही इसके उद्देश्य पर सवाल उठाए जा रहे थे। कई लोगों का मानना था कि यह आंदोलन केवल अव्यवस्था फैलाने और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक प्रयास मात्र था। इस संबंध में पहले भी कई खबरों में ऐसी बातें कही गई थीं। अब लोगों को यह बात भी स्पष्ट रूप से समझ में आ रही है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सक्रिय संज्ञान क्यों नहीं लिया। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि वे इस धरने के पीछे की पूरी रणनीति से भली-भांति परिचित थे।
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प्रयागराज में रितेश श्रीवास्तव द्वारा चलाया जा रहा धरना अब समाप्त हो गया है। इस धरने को लेकर शुरुआत से ही इसके उद्देश्य पर सवाल उठाए जा रहे थे। कई लोगों का मानना था कि यह आंदोलन केवल अव्यवस्था फैलाने और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक प्रयास मात्र था। इस संबंध में पहले भी कई खबरों में ऐसी बातें कही गई थीं। अब लोगों को यह बात भी स्पष्ट रूप से समझ में आ रही है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सक्रिय संज्ञान क्यों नहीं लिया। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि वे इस धरने के पीछे की पूरी रणनीति से भली-भांति परिचित थे।
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- प्रयागराज के कोतवाली क्षेत्र स्थित मानसरोवर चौराहे पर दो युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस घटना के दौरान सड़कों पर गोलियां चलने से भगदड़ मच गई, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए शैखु और राजन नामक दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश तेजी से की जा रही है।1
- प्रयागराज के करछना में मत्स्य विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला फील्ड डेवलपमेंट ऑफिसर (एफडीओ) ने अपने उच्चाधिकारी पर अभद्रता करने और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। एफडीओ रुमा बानो ने बताया कि यह घटना 30 मई, 2026 को हुई थी। इस मामले में उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने मतस्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मिली धमकी का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है।1
- प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क में 31 मई, रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली सिविल डिफेन्स के वार्डन और स्वयंसेवक अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई थी। सिविल डिफेन्स के उपनियंत्रक नीरज मिश्रा के नेतृत्व में लोगों को तंबाकू के प्रति जागरूक किया गया।1
- 31 मई, रविवार को प्रयागराज स्थित चंद्रशेखर आजाद पार्क में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का आयोजन सिविल डिफेंस के वार्डन और स्वयंसेवक पदाधिकारियों द्वारा किया गया था। सिविल डिफेंस के उपनियंत्रक नीरज मिश्रा के नेतृत्व में लोगों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।2
- बैलेट पेपर के माध्यम से हुए चुनावों में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 1156 सीटों पर अपनी जमानत गंवानी पड़ी है।1
- प्रयागराज के करछना में एक मंत्री के कार्यक्रम के दौरान एफडीओ रुमा बानो ने डीडीओ विजय पाल पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। यह मामला घटना से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद अब चर्चा का विषय बन गया है।1
- राहुल गांधी ने एक ऐसा ज़बरदस्त 'बवाल भाषण' दिया है, जिसने पूरे अमेरिका को हिलाकर रख दिया है। यह संबोधन इतना ज़बरदस्त और असाधारण है कि सुनने वालों ने पहले कभी ऐसा प्रभावशाली भाषण नहीं सुना होगा।1
- बुलंदशहर कचहरी परिसर में बीते शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंदर ने बैनामा के लिए लाए गए दो लाख रुपये से भरा एक बैग छीन लिया। बंदर तुरंत एक नीम के पेड़ पर चढ़ गया, जहाँ उसने बैग फाड़ दिया और खाने की तलाश में 500-500 रुपये के नोट नीचे फेंकने लगा। पेड़ से नोटों की बारिश होते देख लोग हैरान रह गए और उन्हें बटोरने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से 1 लाख 98 हजार रुपये बरामद किए। यह रकम संबंधित व्यक्ति को सौंप दी गई। इस घटना का वीडियो और पूरा किस्सा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसोल से एक चिंताजनक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ युवक बीच बाजार में कथित तौर पर पिस्तौल लहराते और लोगों को डराते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कसोल, जो देश-विदेश के पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन केंद्र है, ऐसे में इस सार्वजनिक स्थान पर हथियार के प्रदर्शन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान और घटना की परिस्थितियों के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1