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- कौशाम्बी-पत्रकार इस्तियाक पर FIR दर्ज होने से पत्रकार संगठन नाराज। घटना के वक्त पत्रकार इस्तियाक एक शादी समारोह में था। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब और प्रेस क्लब डायट मैदान मे धरने पर बैठा। बिना जांच पड़ताल के गिरफ्तारी पर पत्रकारों में गहरा रोष। DM अमित पाल शर्मा धरनास्थल पर पहुंचे। पत्रकारों को न्याय का दिया भरोसा। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS1
- *कौशांबी पत्रकार पर एफआईआर दर्ज, संगठनों में रोष* *संदीपन घाट प्रकरण को लेकर डायट मैदान में धरना, निष्पक्ष जांच की उठी मांग* *कौशाम्बी संदेश* कौशांबी। जनपद में एक पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। संदीपन घाट क्षेत्र में हुए कथित हमले के मामले में एक स्थानीय पत्रकार को नामजद किए जाने के विरोध में प्रेस क्लब और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। पत्रकार संगठनों का आरोप है कि बिना निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के ही पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मामले में पत्रकार का नाम सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जल्दबाजी में दर्ज की गई एफआईआर से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने डायट मैदान में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है और उसे दबाने या डराने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। धरना स्थल पर आयोजित सभा में कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। इसके बाद पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर की समीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक पत्रकार के खिलाफ कठोर कार्रवाई न की जाए। इस पूरे प्रकरण ने जिले में मीडिया और प्रशासन के संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच की दिशा क्या रहती है।2
- देख लो सवर्णों तुम्हारे मोदी ने तुम्हारा क्या हाल कर दिया।कुछ भी बहम पाल लेना लेकिन ये बहम मत पालना कि भाजपा तुम्हारी सगी है। #सवर्णों_भाजपा_छोड़ो1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- ट्रैक्टर चोरी का खुलासा — गिरवां पुलिस की बड़ी कार्रवाई यूपी जनपद बांदा में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गिरवां पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ट्रैक्टर चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने 2 सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है। पीड़ित शिवदत्त द्विवेदी निवासी ग्राम खुरहण्ड ने 7 फरवरी की रात घर के सामने से महिन्द्रा ट्रैक्टर चोरी होने की सूचना दी थी। मामला दर्ज कर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। 12 फरवरी को गश्त व चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर महुआ रोड के पास घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने मौसी के लड़के के साथ मिलकर चोरी करना कबूला। मौके से चोरी का ट्रैक्टर बरामद कर लिया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।1
- ‼️स्कूल गेम एथेलेटिक्स प्रतियोगिता ‼️ 4/100 मीटर रिले रेस छेत्री प्रतियोगिता खागा फतेहपुर 🏃🏻🏃🏻1
- कौशांबी....…पत्रकार इस्तियाक पर FIR दर्ज होने से पत्रकार संगठन नाराज घटना के वक्त पत्रकार इस्तियाक एक शादी समारोह में था इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब और प्रेस क्लब ने एसपी को घेरा पत्रकार की गिरफ्तारी पर कड़ी नाराजगी जाहिर की बिना जांच पड़ताल के गिरफ्तारी पर पत्रकारों में गहरा रोष पत्रकार को जल्द से जल्द नही रिहा करने पर आंदोलन की चेतावनी संदीपन घाट थाना क्षेत्र के कसिया पूर्व का मामला ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS1
- *झूठे मुकदमे में पत्रकार को फँसाने की साजिश के विरोध में पत्रकार एकजुट* *कौशांबी संदेश* कौशाम्बी। जनपद में एक पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फँसाने की साजिश के विरोध में पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न मीडिया संगठनों से जुड़े पत्रकारों ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी भी पत्रकार को व्यक्तिगत रंजिश या दबाव के तहत फर्जी मुकदमे में फँसाने का प्रयास किया जाता है, तो यह न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना के भी खिलाफ है।मामले को लेकर पत्रकारों ने उच्चाधिकारियों से पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाए।पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होंगे। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर जिले में चर्चा का माहौल है।2
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1