रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत तमनार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम बेलजोर में दबिश देकर अवैध महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3,000 बताई गई है। थाना प्रभारी तमनार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बेलजोर निवासी अनंतराम भुईहर अपने मकान के बाड़ी में अवैध रूप से महुआ शराब बनाकर बेचने के लिए रखे हुए है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर वहाँ शराब पी रहे कुछ लोग भाग निकले। मौके पर मौजूद अनंतराम भुईहर (पिता स्व. लक्ष्मण भुईहर, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम बेलजोर, थाना तमनार) ने पूछताछ में अवैध महुआ शराब रखने और बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना तमनार में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की। इस पूरी कार्रवाई में प्रधान आरक्षक बनारसीलाल सिदार और आरक्षक रंजीत भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत तमनार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम बेलजोर में दबिश देकर अवैध महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3,000 बताई गई है। थाना प्रभारी तमनार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बेलजोर निवासी अनंतराम भुईहर अपने मकान के बाड़ी में अवैध रूप से महुआ शराब बनाकर बेचने के लिए रखे हुए है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर वहाँ शराब पी रहे कुछ लोग भाग निकले। मौके पर मौजूद अनंतराम भुईहर (पिता स्व. लक्ष्मण भुईहर, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम बेलजोर, थाना तमनार) ने पूछताछ में अवैध महुआ शराब रखने और बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना तमनार में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की। इस पूरी कार्रवाई में प्रधान आरक्षक बनारसीलाल सिदार और आरक्षक रंजीत भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया के गृहग्राम छर्रा टांगर में शनिवार तड़के हाथियों का एक छोटा दल घुस गया, जिसमें दो शावक भी शामिल थे। हाथियों के गांव में प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने हाथियों को खदेड़ने के लिए पटाखे फोड़े और पत्थरबाजी की, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। बताया गया कि ग्रामीणों के इस व्यवहार के कारण दो शावक रास्ता भटक गए और हंगामा, पटाखे तथा पत्थरबाजी के चलते गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। वन विभाग के अनुसार, चार से पांच हाथियों का दल गांव में पहुंचा था। जब दोनों शावक पानी वाले इलाके में थे, तभी कुछ ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया। दो शावकों के साथ होने के कारण हाथी अत्यधिक संवेदनशील और आक्रोशित दिखाई दिए। घटना के वीडियो में सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ हाथियों का रास्ता रोककर उन्हें दौड़ाती और पत्थरबाजी करती नजर आ रही है, जिसमें शावकों को पटाखों और पत्थरों से परेशान करने का दावा किया जा रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग की टीम ने कई घंटों तक लगातार प्रयास किए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया और हाथियों को सुरक्षित तरीके से गांव से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। वन विभाग की सक्रियता से किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली है। घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के एसडीओ डी के मांडवा ने बताया कि देर रात चार हाथियों का दल अचानक गांव के पानी वाले इलाके में आ गया था, जिससे ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। उन्होंने कहा कि हाथी अपने रास्ते से आते हैं और उसी रास्ते से वापस लौटने पर कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन ग्रामीणों के ऐसे बर्ताव से हाथी शावक रास्ता भटक जाते तो परेशानी हो सकती थी। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि हाथियों, खासकर शावकों के साथ मौजूद झुंड को उकसाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और वन विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए। आजतक को मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी जनहानि या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, हाथी शावकों के साथ बाकी हाथी छर्रा टांगर गांव से निकलकर जंगलों में चले गए हैं।2
- 600 साल पुराना एक रहस्य आज भी काशी की धरती पर अपनी गवाही दे रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि कबीर साहेब अविनाशी परमात्मा हैं, जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं। इसी सत्य को उजागर करते हुए बताया गया है कि कलियुग में कबीर साहेब विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ज्येष्ठ पूर्णिमा को काशी के लहरतारा तालाब में, कमल के फूल पर सशरीर प्रकट हुए थे। इस दिव्य प्रकटोत्सव के साक्ष्य आज भी काशी में मौजूद हैं, जिन्हें संत रामपाल जी महाराज ने सबके सामने लाया है। यह जानकारी उस अवसर पर दी गई है जब कबीर प्रकट दिवस आने में केवल 2 दिन शेष हैं, जो उनके इस अद्भुत और अद्वितीय अवतरण का स्मरण कराता है।1
- कोरबा में खनिज विभाग ने माफियाओं के खिलाफ एक हाईटेक कार्रवाई शुरू की है, जिसमें ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। विभाग द्वारा की गई इस 'ड्रोन की उड़ान' के कारण खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है। यह इस तरह की पहली कार्रवाई बताई जा रही है, जिसके तहत विभाग ने तीन वाहनों को जब्त किया है।1
- छत्तीसगढ़ में गौण खनिज नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब अवैध खनन पर पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने इन नए नियमों के माध्यम से एक कड़ा संदेश दिया है कि अवैध खनन अब आसान नहीं होगा। यह कदम खनन माफियाओं पर सरकार के एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अवैध उत्खनन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।1
- कोरबा जिले के प्रकाश इंडस्ट्रीज में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ ऊंचाई से गिरने के कारण एक श्रमिक की मौत हो गई।1
- रायगढ़ जिले की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से एक स्वास्थ्य कर्मचारी की मोटरसाइकिल दिनदहाड़े चोरी हो गई। यह घटना कॉलोनी परिसर से हुई, जहां से अज्ञात चोर वाहन लेकर फरार हो गए।1
- कोरबा में हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में 'मौत का तांडव' देखने को मिला, जब दो ट्रेलरों के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि एक ट्रेलर का चालक अपने केबिन में बुरी तरह फंस गया, जिसके कारण उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हार्डीबाजार में स्थित एक ग्राम में, अज्ञात युवकों ने वहां के कोटवार के घरों में घुसकर हमला कर दिया।1
- जांजगीर में स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ ऊंचाई से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1