अररिया जिले के सदर प्रखंड की झमटा पंचायत में बिहार सरकार के 'हर घर बिजली' के दावे की पोल खुल गई है, जहाँ दर्जनों ग्रामीण आज भी बांस के खुटों के सहारे बिजली का इस्तेमाल करने पर विवश हैं। यहाँ बांस पर लटकती हुई बिजली की जर्जर तारें सरकारी दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने लगभग एक किलोमीटर दूर से अपने खर्च पर बांस के खंभों पर तार बांधकर बिजली कनेक्शन लिया है। चूलाई, कैफ आज़मीन आलम, मोहम्मद दिलशाद जैसे कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में बिजली विभाग में कई बार लिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इन बांस के खुटों पर टिकी तारें हवा, पानी और बारिश के मौसम में बेहद खतरनाक हो जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हल्की हवा चलने पर भी तारें टूटकर नीचे गिर जाती हैं, जिससे न केवल पशुओं बल्कि छोटे बच्चों की जान को भी लगातार खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तारों के गिरने से कई बार करंट लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी विभाग की ओर से इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अररिया जिले के सदर प्रखंड की झमटा पंचायत में बिहार सरकार के 'हर घर बिजली' के दावे की पोल खुल गई है, जहाँ दर्जनों ग्रामीण आज भी बांस के खुटों के सहारे बिजली का इस्तेमाल करने पर विवश हैं। यहाँ बांस पर लटकती हुई बिजली की जर्जर तारें सरकारी दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने लगभग एक किलोमीटर दूर से अपने खर्च पर बांस के खंभों पर तार बांधकर बिजली कनेक्शन लिया है। चूलाई, कैफ आज़मीन आलम, मोहम्मद दिलशाद जैसे कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में बिजली विभाग में कई बार लिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इन बांस के खुटों पर टिकी तारें हवा, पानी और बारिश के मौसम में बेहद खतरनाक हो जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हल्की हवा चलने पर भी तारें टूटकर नीचे गिर जाती हैं, जिससे न केवल पशुओं बल्कि छोटे बच्चों की जान को भी लगातार खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तारों के गिरने से कई बार करंट लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी विभाग की ओर से इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने अररिया सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में सांसद सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष अररिया जिले में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, खेल, शहरी विकास एवं औद्योगिक विकास से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर बात की। उन्होंने क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकासात्मक प्रस्तावों एवं जनहित के मुद्दों को भी रखा। सांसद ने मुख्यमंत्री से सीमांचल के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने तथा क्षेत्र के संतुलित एवं समावेशी विकास हेतु विशेष पहल करने का आग्रह किया।1
- बिहार के पूर्णिया जिले में बनमनखी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बलुआ कचहरी के गमला टोला, वार्ड-01 में अभी तक कोई भी काम पूरा नहीं हुआ है। इस क्षेत्र का पिन कोड 854201 है।4
- मध्य विद्यालय मटियारी के प्रधानाध्यापक मदन लाल सिंह को एक भावभीनी विदाई दी गई।1
- आज किशनगंज के ढेकसरा पंचायत के ट्यौंसा वार्ड नंबर 9 से एक खबर सामने आई है, जिस पर लोगों में भारी गुस्सा और नाराजगी देखी जा रही है।1
- मधेपुरा सदर अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एक मरीज को डॉक्टर मनोज कुमार के पास दिखाने के लिए लाए जाने के दौरान, अस्पताल के स्टाफ पर मरीज को डांटने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, सदर अस्पताल में मरीजों को ठीक से देखा नहीं जाता है और उनकी समस्या का निदान किए बिना उन्हें लगातार एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता रहता है।1
- झुमरी तिलैया स्थित अंगीभूत जेजे कॉलेजों के विश्वविद्यालय स्थानांतरण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर छात्र संगठन लगातार बैठकें कर रणनीति तैयार कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे जेजे कॉलेज परिसर में छात्र नेताओं की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा हुई। बैठक में महेश भारती और रवि पासवान सहित कई छात्र नेताओं ने छात्रों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि कॉलेजों के इस स्थानांतरण के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। नेताओं ने सभी छात्रों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई में शामिल होने का आह्वान भी किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी कार्यक्रमों और आंदोलन की विस्तृत रणनीति पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।1
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के कारण देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर आम लोगों पर महंगाई के रूप में दिख रहा है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ गया है, जिससे सब्जी, फल, किराना और घरेलू सामानों की कीमतों पर सीधा बोझ पड़ा है। बाजार में खरीदारी कर रहे नागरिकों ने सरकार से ईंधन पर लगने वाले टैक्स में कमी करने और राहत पैकेज जारी करने की मांग की है। वहीं, विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार पर महंगाई को नियंत्रित न कर पाने का आरोप लगा रही हैं। जन सुराज के जिला अध्यक्ष देवराज सहा ने बताया कि महंगाई के कारण बिहार में सबसे अधिक परेशानी है, क्योंकि पूरे भारत में बिहार प्रति व्यक्ति आय (लगभग 76 हजार रुपये) के मामले में सबसे निचले पायदान पर है, जबकि भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 2 लाख रुपये है। उन्होंने जोर दिया कि बढ़ती महंगाई में सबसे ज्यादा त्राहिमाम बिहारी हैं, जिन्हें घर चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है, क्योंकि वे पहले से ही गरीब थे और अब महंगाई की मार झेल रहे हैं। शहर के चांदनी चौक पर चाय की दुकान चलाने वाले रवि झा ने बताया कि महंगाई का असर उनकी दुकान पर भी पड़ा है, जहां दूध की कीमतें चार रुपये बढ़ गई हैं, लेकिन चाय का रेट अभी भी 10 रुपये प्रति कप है। उन्हें गैस मिलने में भी दिक्कत आ रही है और कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं।1
- किशनगंज जिले के तेरागाछ स्थित मध्य विद्यालय मटियारी के प्रधान अध्यापक मदन सिंह के सेवानिवृत्त होने के उपलक्ष्य में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक और विद्यालय के छात्र उपस्थित रहे।1
- सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के धर्मपट्टी में NH-27 पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें गलत दिशा से आ रही एक बुलेट मोटरसाइकिल ने 55 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही जान ले ली। यह घटना स्थानीय निवासियों के लिए गहरे आक्रोश का कारण बनी। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने NH-27 को करीब डेढ़ घंटे तक जाम कर दिया। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।1