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Golmaal, Bansgaon Gola gokaran nath ke Gram Panchayat Bansgaon mein naliyon ka karya sirf kagaj mein 😱😱
पुअर पीपल वॉइस
Golmaal, Bansgaon Gola gokaran nath ke Gram Panchayat Bansgaon mein naliyon ka karya sirf kagaj mein 😱😱
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- ⦿ अनवरनगर में फॉर्म 7 के जरिए वोटर लिस्ट से 99 लोगों के नाम कटवाने का आवेदन दिया गया ⦿ आवेदन में बताया गया- ये लोग अनवरनगर में नहीं रहते, इसलिए इनके नाम काट दिए जाएं ⦿ जिन लोगों के नाम काटने की बात की गई, उनका कहना है वे 2003 से उसी इलाके में रहते हैं ⦿ वहीं, जिसके नंबर से वोटर लिस्ट से नाम उड़ाने का फॉर्म भरा गया, उसे ऐसी किसी बात की जानकारी ही नहीं है ⦿ स्थानीय BLO ने खुद इन सभी आवेदनों को अवैध और फर्जी करार दिया है ऐसे में साफ है- SIR के जरिए BJP 'वोट चोरी' की खुली साजिश कर रही है, जिसमें चुनाव आयोग उसका पूरा साथ निभा रहा है। BJP और चुनाव आयोग की ऐसी करतूत हर दिन देश के सामने आ रही है, जो लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है। लेकिन वे याद रखें- जनता जाग चुकी है, वोट चोरों का हिसाब जरूर करेगी।1
- लखीमपुर खीरी जिले में तेजी से पनप रहा देह व्यापार का काला धंधा। पुलिस की नाक के नीचे चल रहा अवैध देह व्यापार का धंधा। धंधे को बढ़ाने के लिए कई महिलाओं और लड़कियों को उतारा जा रहा इस देह व्यापार के दलदल में । शहर कोतवाली के महेवागंज पुलिस चौकी अंतर्गत कस्बे में चल रहा देह व्यापार धंधा। सूत्रों की माने तो शहर में कई अलग अलग हिस्सों में चोरी छुपे चल रहा है अवैध देहव्यापार का काला धंधा।।1
- Post by INDIA TV24 NEWS1
- बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहीं से एक डायरी में सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में लिखा था— “मम्मी-पापा सॉरी… हम यह गेम छोड़ नहीं पा रहे हैं। हमारे मरने के बाद आपको एहसास होगा कि हम इस गेम से कितना प्यार करते थे, जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे।” मृतक तीनों सगी बहनों की उम्र क्रमशः 16 वर्ष, 14 वर्ष और 12 वर्ष बताई गई है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत कितनी खतरनाक रूप ले सकती है। कहीं कोई अपनी जान दे रहा है, कहीं घर के जेवर-गहने चोरी कर बेच रहा है, तो कहीं अपराध की दुनिया में कदम रख रहा है। इसलिए ज़रूरी है कि हर परिवार अपने बच्चों और परिजनों पर नज़र रखे—वे मोबाइल में क्या देख रहे हैं, किन ऐप्स और गेम्स में कितना समय बिता रहे हैं, और उनका मानसिक व्यवहार कैसा हो रहा है। समाज के साथ-साथ सरकार की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सख्त कानून और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किए जाएँ। हालांकि मौजूदा हालात देखकर इससे बड़ी उम्मीद करना मुश्किल लगता है। 😔 अगर किसी बच्चे या व्यक्ति में तनाव, चिड़चिड़ापन, अकेलापन या आत्मघाती विचार दिखें, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें। तुरंत परिवार, काउंसलर या मददगार संस्थाओं से संपर्क करें। भारत में 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन KIRAN – 1800-599-0019 उपलब्ध है।2
- लखीमपुर खीरी व्यूरो रिपोर्ट लखीमपुर में विश्व कैंसर दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने नगरीय स्वास्थ्य केंद्र निर्मल नगर में निशुल्क कैंसर जांच और जागरूकता शिविर आयोजित किया1
- Post by Mukesh Kumar1
- डिजिटल डकैती: लखीमपुर खीरी के कस्बा मोहम्मदी में 'बिना नंबर' की गाड़ी से आए शातिर ठग का तांडव, QR कोड के जाल में फंसाकर दुकानदार को सरेआम लूटा लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कस्बा मोहम्मदी से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने देश के डिजिटल ट्रांजैक्शन सुरक्षा कवच पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जहाँ एक ओर भारत सरकार गाँव-गाँव तक 'डिजिटल इंडिया' का सपना साकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर शातिर अपराधी अब तकनीक के जरिए ही गरीब व्यापारियों की खून-पसीने की कमाई पर 'डिजिटल डकैती' डाल रहे हैं। कस्बा कोतवाली का मामला: ₹15,000 की सरेआम 'लूट' घटना कस्बा मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुरेला चौराहा (बरवर रोड) की है। यहाँ 'आकाश' नाम का एक युवक जनसेवा केंद्र चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 03 फरवरी 2026 की दोपहर लगभग 3:20 बजे, एक अज्ञात व्यक्ति ग्राहक बनकर दुकान पर पहुँचा। उस समय दुकान पर ग्राहकों की काफी भीड़ थी, जिसका फायदा उठाकर ठग ने आकाश को अपनी बातों के जाल में फंसा लिया। अपराधी ने बड़ी ही मासूमियत से दो अलग-अलग QR कोड आकाश को दिए और उनसे पैसे ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। आकाश ने जैसे ही मानवता और व्यापारिक धर्म निभाते हुए: * पहले QR कोड पर ₹10,000 भेजे। * दूसरे QR कोड पर ₹5,000 ट्रांसफर किए। जैसे ही कुल ₹15,000 का सफल ट्रांजैक्शन हुआ, वह शातिर अपराधी बिना नकद पैसे दिए, अपनी गाड़ी स्टार्ट कर आँखों से ओझल हो गया। अपराध का नया पैटर्न: बिना नंबर की गाड़ी और 'अदृश्य' अपराधी इस घटना ने नेशनल लेवल पर इसलिए चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह एक संगठित अपराध की ओर इशारा करती है। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपराधी जिस गाड़ी से आया था, उस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में आरोपी की पूरी रिकॉर्डिंग तो कैद हुई है, लेकिन गाड़ी पर पहचान का कोई निशान न होने के कारण उसे पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। जनता के मन में उठते राष्ट्रीय स्तर के सवाल: * ट्रैफिक सुरक्षा पर सवाल: आखिर कस्बा कोतवाली और पुलिस की सघन चेकिंग के बावजूद 'बिना नंबर' की गाड़ियां सड़कों पर अपराध का सामान लेकर कैसे घूम रही हैं? * डिजिटल सुरक्षा का अभाव: क्या डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग ऐप्स के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो संदिग्ध QR कोड्स को तुरंत फ्लैग कर सके? * अपराधियों का मनोबल: क्या अब अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है कि वे भरे बाजार में सीसीटीवी के सामने ठगी कर फरार हो रहे हैं? पीड़ित की गुहार: 'साहब, मेहनत की कमाई दिला दो' पीड़ित दुकानदार आकाश ने कोतवाली मोहम्मदी के प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। आकाश का कहना है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में अगर दुकानदार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो छोटे व्यापारी ऑनलाइन सेवाओं से किनारा करने लगेंगे। पीड़ित ने पुलिस को सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सौंप दी है, जिसमें ठग की पूरी करतूत कैद है। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव लखीमपुर खीरी के कस्बा मोहम्मदी की यह घटना देश भर के लाखों जनसेवा केंद्र संचालकों और दुकानदारों के लिए एक 'अलार्म कॉल' है। इस 'डिजिटल डकैती' ने साफ कर दिया है कि अपराधी अब हथियार लेकर नहीं, बल्कि तकनीक लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। कस्बा मोहम्मदी पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, लेकिन सवाल वही है— क्या सीसीटीवी में कैद यह शातिर ठग पुलिस की गिरफ्त में आएगा? या फिर बिना नंबर की गाड़ी का सहारा लेकर वह कानून की आंखों में धूल झोंकता रहेगा?1
- *"यह जो अमेरिका से डील हुई है, यह डील नहीं ढील हुई है।* हमारा पूरा बाजार उनके हाथ में दे दिया। ये डील नहीं वो ‘ढील’ है, जिससे भारतीय कृषि बर्बाद हो जाएगी। अमेरिका तो सरहद या घर क्या… रसोई की सीमा लांघकर थाली पर वार कर रहा है। आत्मनिर्भर का नारा देनेवाली भाजपा और उनके संगी-साथियों ने तो हर निवाला विदेशी बना दिया है। छुट्टा पशुओं से बचाव के बाड़े तो किसान बांध सकते हैं, लेकिन विदेशियों से बचाव का तार वो कैसे लगाएंगे? क्योंकि विदेशियों के तार भाजपाइयों से जुड़े हैं। - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी1
- गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के टीलामोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना मंगलवार देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। मृतक बहनों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया गया है कि घटना के समय माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे, जबकि तीनों बहनों ने अपने कमरे की खिड़की से छलांग लगा दी। परिजनों के अनुसार, तीनों बहनें पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलने की आदी हो गई थीं और कोरोना महामारी के बाद से उनकी पढ़ाई भी नियमित नहीं थी। मृत बच्चियों के पिता चेतन कुमार ऑनलाइन ट्रेडिंग का कार्य करते हैं और पिछले तीन वर्षों से भारत सिटी सोसायटी में किराये पर रह रहे थे। परिवार मूल रूप से दिल्ली का निवासी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।2