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कोंच में हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक चिकित्सा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव और उनकी पहचान के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
Vivek Dwivedi public news
कोंच में हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक चिकित्सा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव और उनकी पहचान के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जालौन जिले में ओरई-कोंच क्षेत्र मार्ग पर पड़े हुए पेड़ लोगों की जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। ये पेड़ विशेष रूप से ओरई गाँव रोड पर पड़े हैं, जिससे लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। सरकार से इन पेड़ों को जल्द से जल्द हटाने का आग्रह किया गया है।1
- जालौन में एक बैठक के दौरान विधायक गौरीशंकर वर्मा ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसडीएम 1 लाख रुपये का चालान नहीं काट सकता। यह बैठक तब आयोजित की गई थी जब लोगों ने दुकानों के चालान काटे जाने और उनके छज्जे तोड़े जाने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पहल की थी। इसी बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि ढाबा, मेडिकल और सब्जी की दुकानें सोमवार से खुल सकेंगी।1
- ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय गविष्ठ यात्रा के तहत जालौन नगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सपा नेता दीपू त्रिपाठी के आवास पर उपस्थिति दी, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र त्रिपाठी, प्रद्युम्न दीक्षित, हैप्पी त्रिपाठी, अन्ना, समाजसेवी कैलाश वर्मा सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गौ माता को हिंदू समाज की पूजनीय मां बताया, सनातन परंपरा में उनके विशेष महत्व पर जोर दिया, और कहा कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। शंकराचार्य ने निरपराध गायों की हत्या और बूचड़खानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं, और संत समाज सदैव अन्याय व अनीति के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाता रहा है और आगे भी उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संतों का दायित्व केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति की रक्षा करना भी उनका परम कर्तव्य है। सनातन संस्कृति के संदर्भ में, शंकराचार्य ने इसके मूल्यों को समझने और सुरक्षित रखने के लिए जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह जागरूक होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाए। अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उन आरोपों को निराधार माना है, और सत्य कभी भयभीत नहीं होता। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि शंकराचार्य पद से संबंधित मांगे गए सभी आवश्यक प्रमाण निर्धारित समय से पूर्व ही प्रस्तुत कर दिए गए थे। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित सभी लोगों ने शंकराचार्य के विचारों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना, जिससे आयोजन स्थल पर धार्मिक श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा।1
- जालौन के कुठौंद कस्बे में पत्रकारिता दिवस के अवसर पर जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा पंडित श्रवण कुमार द्विवेदी महाविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक और ऊर्जावान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में जिले भर से जुटे पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने पत्रकारिता की बदलती दिशा, चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर अपनी बात रखी, जिसमें यह संदेश स्पष्ट रूप से गूंजा कि सच्ची पत्रकारिता ही लोकतंत्र की असली ताकत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रबंधक और दैनिक ग्रामीण सुबह की संपादक सुनीता द्विवेदी ने की, जबकि कालपी विधायक पंडित विनोद चतुर्वेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सालिकराम पांडेय, कुठौंद ब्लॉक प्रमुख रामू द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र पांडेय, तथा दैनिक लोक मित्र, दैनिक लोहिया भूमि पंजाब केसरी, दैनिक आज, दैनिक स्वदेश और दैनिक समय जगत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के ब्यूरो चीफ सहित कई प्रमुख हस्तियाँ शामिल रहीं। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि पंडित विनोद चतुर्वेदी ने पत्रकारों को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताया, जो सत्ता को आईना दिखाते हैं और समाज को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता ही जनता के अधिकारों की सच्ची प्रहरी है, और उन्होंने जनहित के मुद्दों पर पत्रकारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में सुनीता द्विवेदी ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग में फेक न्यूज तथा भ्रामक सूचनाओं के तेजी से फैलने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने की बात कही और सत्य, निष्पक्षता व सामाजिक सरोकारों से समझौता न करने पर जोर दिया, जिसे उन्होंने पत्रकारिता की असली पहचान बताया। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र श्रीवास्तव ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार सोनी ने आयोजन की पूरी कमान संभाली। अंजनी कुमार सोनी ने कहा कि पत्रकारिता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारों के लिए अपने कर्तव्यों और मूल्यों का आत्ममंथन करने का दिन है। इस गरिमामय अवसर पर एक सौ से अधिक पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, मयंक श्रीवास्तव, अनूप मिश्रा, सौरभ पांडेय, जीवन राम यादव, भरत मिश्रा, विनय कुमार, शेखर श्रीवास्तव, भगवान दुबे सहित कई अन्य पत्रकार शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सभी पत्रकारों को सम्मानित किया गया, विशेष रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों की सराहना की गई, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और गौरव की भावना भर गई। यह आयोजन पत्रकारिता की ताकत, एकता और जिम्मेदारी का जोरदार प्रदर्शन बनकर उभरा, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि कलम की धार कभी दबती नहीं, बल्कि हर हाल में सच को सामने लाती है।4
- जालौन जिले के कोंच में नदीगांव रोड पर एक तेज रफ्तार बाइक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में तीन युवक घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल युवक को मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया है।1