राजेंद्र प्रसाद घाट पर सजा “महामूर्ख मेला”, अनोखे अंदाज में हुआ सम्मेलन 📰 वाराणसी: राजेंद्र प्रसाद घाट पर सजा “महामूर्ख मेला”, अनोखे अंदाज में हुआ सम्मेलन वाराणसी। काशी के ऐतिहासिक राजेंद्र प्रसाद घाट पर इस बार “महामूर्ख मेला” और “महामूर्ख सम्मेलन” का आयोजन अनोखे अंदाज में किया गया। कार्यक्रम में हास्य-व्यंग्य और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहा प्रतीकात्मक विवाह, जिसमें उमेश को दूल्हा और नीलम को दुल्हन बनाया गया। इस हास्यपूर्ण आयोजन ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया और माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा। कार्यक्रम में बतौर अतिथि पहुंचीं एसीपी सारनाथ और साइबर क्राइम अधिकारी विदुष सक्सेना ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में लोग साइबर ठगी और अफवाहों के कारण “महामूर्ख” बनते जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की। “महामूर्ख मेला” काशी की एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें व्यंग्य और हंसी-मजाक के जरिए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि काशी में हास्य भी एक सामाजिक संदेश देने का सशक्त माध्यम है।
राजेंद्र प्रसाद घाट पर सजा “महामूर्ख मेला”, अनोखे अंदाज में हुआ सम्मेलन 📰 वाराणसी: राजेंद्र प्रसाद घाट पर सजा “महामूर्ख मेला”, अनोखे अंदाज में हुआ सम्मेलन वाराणसी। काशी के ऐतिहासिक राजेंद्र प्रसाद घाट पर इस बार “महामूर्ख मेला” और “महामूर्ख सम्मेलन” का आयोजन अनोखे अंदाज में किया गया। कार्यक्रम में हास्य-व्यंग्य और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहा प्रतीकात्मक विवाह, जिसमें उमेश को दूल्हा और नीलम को दुल्हन बनाया गया। इस हास्यपूर्ण आयोजन ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया और माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा। कार्यक्रम में बतौर अतिथि पहुंचीं
एसीपी सारनाथ और साइबर क्राइम अधिकारी विदुष सक्सेना ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में लोग साइबर ठगी और अफवाहों के कारण “महामूर्ख” बनते जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की। “महामूर्ख मेला” काशी की एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें व्यंग्य और हंसी-मजाक के जरिए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि काशी में हास्य भी एक सामाजिक संदेश देने का सशक्त माध्यम है।
- #ट्रिपल_इंजन_रामराज की बात वाले #BJP_योगी #ज्योतिषी_अशोक_खैरात #महिला_आयोग_अध्यक्ष सेक्स खामोश क्यो?1
- Post by गजेन्द्र कुमार सिंह1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- *UP पुलिस के 112 नंबर पर कॉल करते ही जो आवाज आती है, ये वही लड़कियां हैं। कम सैलरी मिलने पर आज ये लखनऊ में CM ऑफिस पर प्रोटेस्ट करने जा रही थीं। पुलिस ने बेरिकेडिंग करके रास्ते में रोक लिया और इन्हें बस में भरकर दूसरी जगह ले गई।*1
- कैथी संगम घाट के पास पेड़ से लटका मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में सनसनी वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर के पास संगम घाट पर गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक अज्ञात युवक का शव बबूल के पेड़ से लटका हुआ मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, कैथी के मार्कण्डेय महादेव स्थित जंगल क्षेत्र में एक बबूल के पेड़ पर काले रंग के गमछे के सहारे युवक का शव लटका देखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। मृतक की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। वह काले और सफेद रंग की चेकदार शर्ट और जींस पहने हुए था। हालांकि, अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। सूचना मिलने पर चौबेपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। कैथी चौकी इंचार्ज पवन राय अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को पेड़ से उतरवाकर कब्जे में लिया। प्रभारी निरीक्षक बीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। देखें हमारे संवादाता पंकज कुमार की खास रिपोर्ट1
- Post by डॉ सतीश कुमार कसेरा4
- सतीश पाल का sed #song#love#status#jbj#muick#prjent#up#now#short#vayrl#video#trending#topten goodLook1
- वाराणसी: संकटमोचन मंदिर में भक्ति का सागर, हनुमान चालीसा से गूंजा परिसर धार्मिक नगरी वाराणसी में स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में गुरुवार को भक्ति और आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस दौरान शहनाई की मधुर धुनों ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया। पवनपुत्र हनुमान के दरबार में गूंजती शहनाई और भजन-कीर्तन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। दूर-दूर से आए भक्तों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ इस आयोजन में भाग लिया। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। भक्तों का कहना है कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती देते हैं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक परंपरा को भी जीवंत बनाए रखते हैं।2