हजारीबाग में केंद्रीय मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हजारीबाग सांसद श्री मनीष जायसवाल, उपायुक्त श्री हेमन्त सती, पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार, बरही विधायक श्री मनोज यादव, बरकट्ठा विधायक श्री अमित यादव, सदर विधायक श्री प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक श्री रोशनलाल चौधरी, मांडू विधायक श्री निर्मल महतो और बगोदर विधायक श्री नागेंद्र महतो सहित उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष श्री उमेश मेहता, महापौर श्री अरविंद राणा, जिला परिषद उपाध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण, आपूर्ति, समाज कल्याण, ऊर्जा, भूमि संरक्षण, भवन प्रमंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग, वन विभाग, जिला परिषद, नगर निगम और भू-अर्जन सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। माननीय केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आम जनता तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाना सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, सतत निगरानी, और शिकायतों के त्वरित तथा निष्पक्ष निवारण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए और कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के बेहतर संचालन पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान विष्णुगढ़ अंचलाधिकारी के कार्यों से संबंधित गंभीर शिकायतें उठाई गईं, जिस पर समिति ने विभागीय कार्रवाई हेतु आरोप पत्र गठित करने और स्थानांतरण की अनुशंसा करने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच) में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए, जिसमें 20 जून तक पंखे, लाइट, कूलर और एयर कंडीशनर को क्रियाशील बनाने का निर्देश शामिल था। साथ ही, डिलीवरी वार्ड में बेहतर चिकित्सकों, एएनएम और आवश्यक कर्मियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। सांसद श्री मनीष जायसवाल ने एसबीएमसीएच और प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन को अस्पताल की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। एसबीएमसीएच की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उप विकास आयुक्त को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्हें एक माह के भीतर आवश्यक सुधारात्मक कार्यों की पहचान कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। कृषि विभाग के तहत किसानों के बीच वितरित बीजों का भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने और बीज वितरण कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी पैक्स भवनों के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने के आदेश संबंधित अंचलाधिकारियों को दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को मानसून पूर्व सभी उपयोगिता सेवाओं को दुरुस्त करने और बैठक में उठे मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, साथ ही योजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन से संबंधित मामलों में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। कोनार डैम से जलापूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए नगर आयुक्त को योजना के विभिन्न घटकों की बिंदुवार समीक्षा कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सकों की रोस्टर ड्यूटी सार्वजनिक करने, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संस्थागत प्रसव की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को बरही और बरकट्ठा क्षेत्र में जलापूर्ति योजनाओं की समस्याओं का समाधान करने और लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। चौपारण में सार्वजनिक शौचालय निर्माण कराने के निर्देश भी दिए गए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों के उन्नयन, मध्याह्न भोजन, कर्मियों के मानदेय, शिक्षक युक्तिकरण और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। प्राथमिक विद्यालय बेलापुर के भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच कराने का निर्देश दिया गया, और यह निर्णय लिया गया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित प्रखंड प्रशासन और एमडीओ के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। बिजली विभाग की समीक्षा में बताया गया कि विष्णुगढ़, पकरी बरवाडीह और बरही में निर्माणाधीन पावर ग्रिडों के चालू होने के बाद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। आरडीएसएस के अंतर्गत जर्जर विद्युत तारों को बदलने और संबंधित योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुद्रा ऋण और सीडी रेशियो में वृद्धि हेतु आवश्यक कार्रवाई करने तथा पथ निर्माण विभाग को विभिन्न लंबित सड़क निर्माण परियोजनाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कुल मिलाकर, बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देशों के प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
हजारीबाग में केंद्रीय मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हजारीबाग सांसद श्री मनीष जायसवाल, उपायुक्त श्री हेमन्त सती, पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार, बरही विधायक श्री मनोज यादव, बरकट्ठा विधायक श्री अमित यादव, सदर विधायक श्री प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक श्री रोशनलाल चौधरी, मांडू विधायक श्री निर्मल महतो और बगोदर विधायक श्री नागेंद्र महतो सहित उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष श्री उमेश मेहता, महापौर श्री अरविंद राणा, जिला परिषद उपाध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण, आपूर्ति, समाज कल्याण, ऊर्जा, भूमि संरक्षण, भवन प्रमंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग, वन विभाग, जिला परिषद, नगर निगम और भू-अर्जन सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। माननीय केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आम जनता तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाना सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, सतत निगरानी, और शिकायतों के त्वरित तथा निष्पक्ष निवारण पर विशेष बल देते हुए
निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए और कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के बेहतर संचालन पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान विष्णुगढ़ अंचलाधिकारी के कार्यों से संबंधित गंभीर शिकायतें उठाई गईं, जिस पर समिति ने विभागीय कार्रवाई हेतु आरोप पत्र गठित करने और स्थानांतरण की अनुशंसा करने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच) में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए, जिसमें 20 जून तक पंखे, लाइट, कूलर और एयर कंडीशनर को क्रियाशील बनाने का निर्देश शामिल था। साथ ही, डिलीवरी वार्ड में बेहतर चिकित्सकों, एएनएम और आवश्यक कर्मियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। सांसद श्री मनीष जायसवाल ने एसबीएमसीएच और प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन को अस्पताल की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। एसबीएमसीएच की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उप विकास आयुक्त को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्हें एक माह के भीतर आवश्यक सुधारात्मक कार्यों की पहचान कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया
गया। कृषि विभाग के तहत किसानों के बीच वितरित बीजों का भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने और बीज वितरण कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी पैक्स भवनों के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने के आदेश संबंधित अंचलाधिकारियों को दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को मानसून पूर्व सभी उपयोगिता सेवाओं को दुरुस्त करने और बैठक में उठे मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, साथ ही योजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन से संबंधित मामलों में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। कोनार डैम से जलापूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए नगर आयुक्त को योजना के विभिन्न घटकों की बिंदुवार समीक्षा कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सकों की रोस्टर ड्यूटी सार्वजनिक करने, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संस्थागत प्रसव की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को बरही और बरकट्ठा क्षेत्र में जलापूर्ति योजनाओं की समस्याओं का समाधान करने और लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। चौपारण में सार्वजनिक शौचालय निर्माण कराने के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों के उन्नयन, मध्याह्न भोजन, कर्मियों के मानदेय, शिक्षक युक्तिकरण और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। प्राथमिक विद्यालय बेलापुर के भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच कराने का निर्देश दिया गया, और यह निर्णय लिया गया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित प्रखंड प्रशासन और एमडीओ के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। बिजली विभाग की समीक्षा में बताया गया कि विष्णुगढ़, पकरी बरवाडीह और बरही में निर्माणाधीन पावर ग्रिडों के चालू होने के बाद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। आरडीएसएस के अंतर्गत जर्जर विद्युत तारों को बदलने और संबंधित योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुद्रा ऋण और सीडी रेशियो में वृद्धि हेतु आवश्यक कार्रवाई करने तथा पथ निर्माण विभाग को विभिन्न लंबित सड़क निर्माण परियोजनाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कुल मिलाकर, बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देशों के प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
- एक पत्रकार के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की घटना सामने आई है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हजारीबाग में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और आम जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। अन्नपूर्णा देवी ने हाल ही में हुई एक ट्रिपल मर्डर की घटना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। अन्नपूर्णा देवी के इस बयान के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है, विशेषकर ट्रिपल मर्डर जैसी गंभीर घटनाओं पर सरकार की कथित चुप्पी को लेकर।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में अवैध लॉटरी का कारोबार एक बार फिर से सक्रिय हो गया है, जिससे इस क्षेत्र में अवैध लॉटरी का 'साम्राज्य' फिर से स्थापित हो गया है। इस स्थिति ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये का यह 'काला खेल' आखिर किन लोगों के संरक्षण में बेरोकटोक चलाया जा रहा है।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल के सभागार में संथाल समाज दिशोम माँझी परगना का 30वां स्थापना दिवस समारोह पारंपरिक संथाली संस्कृति और गौरवशाली विरासत के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस समारोह में झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य दर्जा प्राप्त मंत्री एवं संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से बड़ी संख्या में समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक संथाली वेशभूषा में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज, ढोल-मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद उन्हें पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पमाला, बैज और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने अपने संबोधन में बताया कि संथाल समाज दिशोम माँझी परगना संथाल समुदाय का एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना 30-31 मई 1997 को हुई थी। उन्होंने पूर्वजों द्वारा सौंपी गई सामाजिक व्यवस्था, स्वशासन, ग्राम सभा, संस्कृति, परंपरा, न्याय व्यवस्था, प्रकृति पूजा और सामाजिक मूल्यों की विरासत को संरक्षित रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। बेसरा ने संथाली भाषा, संस्कृति और धर्म की रक्षा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को केंद्रीय महासचिव सोनाराम हेंब्रम और केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने भी संबोधित करते हुए समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मांझी बुढ़ी लीलमुनी देवी, मरांग बुरु बचाव संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव हिरालाल मांझी, केंद्रीय उपाध्यक्ष अलख कुमार मांझी, सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय सचिव अनिल टुडू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रतीलाल टुडू, डाड़ी प्रखंड प्रमुख सह केंद्रीय सचिव महिला सेल दीपा देवी, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरज बेसरा, चुरचू प्रखंड अध्यक्ष सहदेव किस्कू, पतरातू प्रखंड अध्यक्ष शंकर मुर्मू सहित टीरु मांझी, पन्नालाल मुर्मू, मनोहर मुर्मू, बिरजू सोरेन, अशोक मुर्मू, विनोद हेंब्रम और रामचंद्र टुडू समेत समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने की, जबकि संचालन केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, बैज एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।1
- रामगढ़ के कुजू में संथाल समाज ने अपने 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर जोरदार एकजुटता प्रदर्शित की, जहाँ उन्होंने अपनी पैतृक 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए प्रबल आह्वान किया। यह आयोजन संथाल संस्कृति और आदिवासी पहचान को सुरक्षित रखने के महत्व पर केंद्रित रहा। दिशोम मांझी परगना के बैनर तले, संथाल समाज ने अपने संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, समाज ने अपनी अनूठी विरासत और परंपरागत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उनके समुदाय के अधिकारों को सशक्त किया जा सके।1
- गरीब लोगों ने उन आवासों के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है जिन्हें पूरा न होते हुए भी 'पूर्ण' दर्शा दिया गया है, जिससे वे आज भी वंचित हैं। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त साहब को एक पत्र सौंपा है, जिसमें उनसे विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस मामले को संज्ञान में लें और उनकी देखरेख में यह कार्य पूर्ण हो। पीड़ितों का आग्रह है कि उपायुक्त साहब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करवाएं और उन्हें न्याय दिलाने में सहायता करें, क्योंकि उन्हें किसी तरह का जवाब नहीं दिया जा रहा है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में कभी शान से खड़ा रहने वाला एक ऐतिहासिक चर्च आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है, जिसे देखकर किसी का भी दिल बैठ सकता है। अंग्रेजी हुकूमत के दौर की यह धरोहर अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है। इसकी मौजूदा दुर्दशा का मुख्य कारण लोगों की बेरुखी और अनदेखी है, जिसने इस महत्वपूर्ण विरासत को पूरी तरह से उपेक्षित कर दिया है। यह तस्वीर इस बात की स्पष्ट गवाह है कि जो कौम अपनी विरासत को भुला देती है, उसका वजूद धुंधला पड़ जाता है।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले में खनन टास्क फोर्स की लगातार बैठकें होने के बावजूद अवैध खनन का खेल बेरोकटोक जारी है। बालू से लदे हाईवा धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे अवैध बालू ढुलाई का यह धंधा खुलेआम चल रहा है। यह गंभीर सवाल उठता है कि आखिर किसकी शह और संरक्षण में यह अवैध गतिविधि इतनी बेख़ौफ़ होकर संचालित की जा रही है।1