छत्तीसगढ़ के सिमगा ब्लॉक के ग्राम केसदा में मेसर्स एपीएल अपोलो बिल्डिंग प्रोडक्ट्स लिमिटेड की प्रस्तावित विस्तार परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित इस जनसुनवाई में अपर कलेक्टर दीप्ति गौते और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रकाश राबड़े उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर अपनी राय और सुझाव प्रस्तुत किए। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से क्षेत्र के विकास, भूमि के उचित मुआवजे, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार के अवसर तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित मांगें रखीं। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कंपनी के विस्तार प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा आसपास के गांवों में समय-समय पर विकास कार्यों और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिला है। कंपनी की ओर से उपस्थित अधिकारी संतोष राय ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दों और मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी सामाजिक सरोकारों के तहत क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों को आगे भी जारी रखेगी तथा ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेगी। कार्यक्रम के अंत में, कंपनी प्रबंधन ने जनसुनवाई के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग, जनप्रतिनिधियों और समस्त ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। यह जनसुनवाई पूरे समय शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी बात प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के समक्ष खुलकर रखी।
छत्तीसगढ़ के सिमगा ब्लॉक के ग्राम केसदा में मेसर्स एपीएल अपोलो बिल्डिंग प्रोडक्ट्स लिमिटेड की प्रस्तावित विस्तार परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित इस जनसुनवाई में अपर कलेक्टर दीप्ति गौते और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रकाश राबड़े उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर अपनी राय और सुझाव प्रस्तुत किए। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से क्षेत्र के विकास, भूमि के उचित मुआवजे, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार के अवसर तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित मांगें रखीं। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कंपनी के विस्तार प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा आसपास के गांवों में समय-समय पर विकास कार्यों और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिला है। कंपनी की ओर से उपस्थित अधिकारी संतोष राय ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दों और मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी सामाजिक सरोकारों के तहत क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों को आगे भी जारी रखेगी तथा ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेगी। कार्यक्रम के अंत में, कंपनी प्रबंधन ने जनसुनवाई के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग, जनप्रतिनिधियों और समस्त ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। यह जनसुनवाई पूरे समय शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी बात प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के समक्ष खुलकर रखी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जिसमें यह सवाल उठाया जा रहा है कि इतने अधिक विदेशी दौरों और उन पर हुए भारी खर्च के बाद भारत को वास्तव में क्या हासिल हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर विभिन्न वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। संसद में उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, अकेले 2021 से 2024 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर लगभग 295 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। सरकार का तर्क है कि ये विदेश यात्राएं केवल खर्च नहीं बल्कि कूटनीतिक निवेश हैं, जिन्होंने भारत की वैश्विक छवि को मजबूत किया है और विभिन्न देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया है। इन यात्राओं के दौरान भारत ने कई राष्ट्रों के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रयास किया है। हालांकि, आलोचक और विपक्ष इन यात्राओं की लागत और उनके परिणामों पर लगातार जवाब मांग रहे हैं, विशेष रूप से इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि इन दौरों का आम जनता, रोजगार सृजन और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधा असर कितना पड़ा है। अब इस बहस का मुख्य केंद्र यही है कि विदेश नीति के इन प्रयासों का वास्तविक लाभ भारतीय अर्थव्यवस्था और देश के आम नागरिकों तक कितनी मात्रा में पहुँच पाया है।1
- कबीर नगर पुलिस ने आरोपी रूपिंदर उर्फ पाबलो की ₹15 लाख की संपत्ति जब्त कर ली है, जो अवैध रास्तों से कमाई गई थी। आरोपी के विरुद्ध कबीर नगर थाने में पहले से ही NDPS और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि अवैध रास्तों से अर्जित हर संपत्ति कानून के दायरे में आएगी और नशे के खिलाफ उनकी यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।1
- बिलासपुर जिले के झल्फा स्थित विश्वकर्मा गैरेज में मरम्मत के लिए खड़े एक ट्रक से चोरों ने चार चक्के टायर डिस्क सहित चोरी कर लिए। इस मामले में हिर्री थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महमंद, तोरवा निवासी दीपक सिंह मरकाम ने हिर्री थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उनका 6 चक्का ट्रक क्रमांक CG 04 PH 0757 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसे सुधरवाने के लिए उन्होंने 6 अप्रैल 2026 को झल्फा के विश्वकर्मा गैरेज में खड़ा किया था। 9 जून 2026 की रात करीब 8 बजे तक ट्रक अपनी जगह पर सही सलामत था। हालांकि, 10 जून 2026 की सुबह करीब 9 बजे गैरेज मालिक अनुप विश्वकर्मा ने दीपक को फोन पर सूचित किया कि उनके ट्रक के चार चक्के टायर डिस्क सहित गायब हैं। मौके पर जाकर देखने पर दीपक ने पुष्टि की कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके ट्रक से 9/20 साइज के जेके कंपनी के चार टायर, जिनकी अनुमानित कीमत 80,000 रुपये है, चोरी कर लिए गए हैं। दीपक सिंह मरकाम की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने अपराध धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है।1
- बिलासपुर जिले के तारबाहर थाना क्षेत्र अंतर्गत व्यापार विहार में एक गल्ला किराना व्यापारी से ₹2.5 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।1
- गरियाबंद जिला पुलिस की लगातार कार्रवाई के तहत, देवभोग थाना पुलिस ने दो अलग-अलग आबकारी प्रकरणों में कुल 45 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई कुल शराब की कीमत ₹12,460/- आंकी गई है। देवभोग पुलिस द्वारा क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, पहले मामले में दिनांक 14.06.2026 को ग्राम खुंटगांव चेकपोस्ट नाका के पास पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से उड़ीसा निर्मित अंग्रेजी और महुआ शराब बरामद हुई। आरोपी की पहचान कोदंडो दास (उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम माड़ागांव माहुलपारा, थाना देवभोग, जिला गरियाबंद) के रूप में हुई। पुलिस ने उसके पास से 22 नग उड़ीसा निर्मित बीयर (प्रत्येक 500 ML) और 50 नग उड़ीसा निर्मित लाल घोड़ा छाप महुआ शराब पाउच (प्रत्येक 200 ML) जब्त किए, जिनकी कुल कीमत ₹6,460/- है और जो कुल 21 बल्क लीटर शराब बनती है। दूसरे मामले में, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ग्राम सेंदमुड़ा पुल के नीचे उड़ीसा मार्ग पर अवैध रूप से महुआ शराब बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी टेसराम यादव (उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम डूमरबहाल, थाना देवभोग, जिला गरियाबंद) को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 120 नग उड़ीसा निर्मित घोड़ा छाप महुआ शराब पाउच (प्रत्येक 200 ML) बरामद हुए, जिनकी कीमत ₹6,000/- है और जो कुल 24 बल्क लीटर शराब बनती है। दोनों आरोपियों, कोदंडो दास और टेसराम यादव, के खिलाफ देवभोग थाना में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपीगण को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया है।1
- लोकतंत्र सेनानी संघ छत्तीसगढ़ आगामी 28 जून को राजधानी रायपुर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपातकाल की स्मृति को जीवंत रखना और नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों के साथ-साथ आपातकाल विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि 25 जून, 1975 को लगाए गए आपातकाल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला अध्याय माना जाता है। इसी की स्मृति में हर साल 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' और 26 जून को 'आपातकाल स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि 21 माह तक चले आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन किया गया था, हजारों लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में बंद किया गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगाए गए। नई पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराने के लिए विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसमें प्रथम पुरस्कार ₹31,000, द्वितीय पुरस्कार ₹21,000 और तृतीय पुरस्कार ₹11,000 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, चयनित विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन में लगभग 520 विद्यार्थियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार होंगे, और इस अवसर पर आपातकाल विषय पर प्रकाशित एक विशेष स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा। यह सम्मान समारोह 28 जून, रविवार को सुबह 11 बजे रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जिसमें लोकतंत्र सेनानियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। लोकतंत्र प्रहरी के प्रदेश अध्यक्ष विशाल राजहंस ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश के लोकतंत्र सेनानी परिवारों को आमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। कार्यक्रम और निबंध प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी के लिए विद्यार्थी, शिक्षक एवं शिक्षण संस्थान मोबाइल नंबर 9425202652 एवं 9425552092 पर संपर्क कर सकते हैं। पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दत्ता त्रिपुरवार, जिला अध्यक्ष सुहास देशपांडे और जिला अध्यक्ष बिलासपुर सुनील पुराणिक भी उपस्थित रहे।4
- भारत की परमाणु क्षमता को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि देश ने अपनी रणनीतिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परमाणु हथियारों की संख्या और उनकी तैनाती में नए कदम उठाए हैं। इन दावों के बीच, 12 परमाणु हथियार की तैनाती की खबर ने विशेष रूप से हलचल बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की परमाणु नीति का मुख्य उद्देश्य अपनी सुरक्षा और संभावित खतरों से बचाव सुनिश्चित करना है, और देश लंबे समय से 'पहले इस्तेमाल नहीं करने' (No First Use) की नीति पर बल देता रहा है। हालांकि, परमाणु हथियारों की वास्तविक तैनाती से संबंधित जानकारी आमतौर पर गोपनीय रखी जाती है। इसी कारण, इन रिपोर्टों और दावों की आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि होना अत्यंत आवश्यक है। दुनिया की नजर भारत की परमाणु ताकत पर बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े इन संवेदनशील मामलों में आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा में पुलिस और रेलवे विभाग ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए ₹14,25,500 मूल्य का लोहे का कबाड़ और वाहन जब्त किया है। इस कार्रवाई में सात आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी सोमवार रात 8:40 बजे बिल्हा पुलिस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशानुसार बिलासपुर जिले में 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अवैध कबाड़ पर अंकुश लगाना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक (चकरभाठा) नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में बिल्हा थाना प्रभारी अवैध गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रहे थे। इसी क्रम में, दिनांक 15 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि इमरान कुरैशी भारी मात्रा में चोरी का कबाड़ एक वाहन में लोड कर रहा है। सूचना मिलते ही बिल्हा पुलिस ने रेलवे विभाग बिलासपुर के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई और इमरान कुरैशी की कबाड़ दुकान पर छापा मारा। छापे के दौरान, इमरान अन्य लोगों के साथ एक वाहन में कबाड़ लोड करते हुए मिला। संदिग्ध इमरान कुरैशी की कबाड़ दुकान और वहां खड़े वाहन छोटा हाथी क्रमांक सीजी10बीपी 3903 तथा पिकअप वाहन क्रमांक सीजी10बीजेड 1208 की तलाशी ली गई। इस दौरान वाहनों के अंदर और दुकान में शासकीय रेल लाइन के लोहे के लाइनर, चाबी, लोहे के एंगल, प्लेट, छड़, लोहे के पाइप, कांटेदार तार और घरेलू सामान बरामद हुआ। संदिग्ध द्वारा सामान रखने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर, कुल 83 क्विंटल 15 किलोग्राम लोहे का कबाड़ और दोनों वाहन जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत ₹14,25,500 आंकी गई है। पुलिस ने अनावेदक इमरान कुरैशी (38, वार्ड 12 आमापारा, बिल्हा), मनीष सागर (21, वार्ड 12 बिल्हा), राज साहू (20, केसला), चंदन सवरा (40, सवरा मोहल्ला, बिल्हा), बिरजू मरावी (19, सवरा मोहल्ला, बिल्हा), रामअवतार सवरा (58, वार्ड 05 बिल्हा) और गोलू चैरसिया (19, बरतोरी) सहित कुल 7 आरोपियों के विरुद्ध धारा 35(1)(ड) बीएनएसएस, 303(2) बीएनएस और 3 रेल संपत्ति अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बिल्हा निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उनि जी.एल. चंद्राकर, पीएसआई करन राज बघेल, आकाश बंजारे, प्रीति पैकरा, आरक्षक अर्जुन जांगड़े और संतोष मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- तेलंगाना की प्रमुख कोयला खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) में एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कंपनी की खदानों से 1600 करोड़ रुपये मूल्य का 40 लाख टन कोयला रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया है। इस घटना ने पहले से ही गंभीर वित्तीय दबाव झेल रही इस सरकारी कंपनी के कामकाज पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए, केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने 10 जून, 2026 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को एक आधिकारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह गायब हुए कोयले और कथित अनियमितताओं का पता लगाने के लिए मामले की तत्काल जांच करे। कंपनी पहले से ही गहरे वित्तीय संकट से जूझ रही है, क्योंकि केंद्रीय मंत्री के अनुसार, तेलंगाना सरकार पर सिंगरेनी कोलियरीज का 51,500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। सिंगरेनी कोलियरीज केंद्र और राज्य सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें तेलंगाना सरकार की 51% और केंद्र सरकार की 49% इक्विटी हिस्सेदारी है।1