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मिर्ज़ापुर में गाड़ियों से संबंधित एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस महाधोखाधड़ी के संबंध में विंध्य इलेक्ट्रोराइड के मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मेट्रो संदेश न्यूज़
मिर्ज़ापुर में गाड़ियों से संबंधित एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस महाधोखाधड़ी के संबंध में विंध्य इलेक्ट्रोराइड के मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा वाराणसी में 50 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 1.32 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस परीक्षा में पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों की गहन जांच की जा रही है, जिसमें उनके शर्ट की बांहें खुलवाकर तलाशी ली जा रही है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि नकल जैसी किसी भी अनुचित गतिविधि को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।1
- मीरजापुर नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी ने इस भीषण गर्मी से छात्र-छात्राओं को राहत दिलाने के लिए नगर के पहले वाटर एटीएम का उद्घाटन किया है। यह वाटर एटीएम बिनानी कॉलेज में स्थापित किया गया है, जिसका विचार कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक सिंह ने वाटर कूलर की आवश्यकता पर चर्चा के दौरान रखा था। कुंभ मेले से आए इस वाटर एटीएम के लगने से कॉलेज के लगभग साढ़े चार हजार छात्र-छात्राओं को शुद्ध और ठंडा पानी मिल पाएगा, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिलेगी। इस पहल के बाद, नगर पालिका अध्यक्ष केशरी ने यह भी बताया कि मीरजापुर में जल्द ही विंध्याचल, रोडवेज और कचहरी जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। इस उद्घाटन समारोह में प्रोफेसर राजकुमार शर्मा, प्रोफेसर ओमप्रकाश पांडेय, प्रोफेसर अत्री, अवर अभियंता दीपक सिंह पटेल, विजय शंकर प्रजापति, नामित सभासद वीरेंद्र मौर्य, विनोद पांडेय, देवेंद्र सिंह और रुद्रेश सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।2
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- मिर्जापुर के छानबे में, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अवधराज सिंह उर्फ पप्पू सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर 28 मुकदमों की एक सूची प्रसारित होने के बाद आक्रोश भड़क गया है। उनकी पत्नी और वर्तमान ब्लॉक प्रमुख सुमन सिंह ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस सूची का जोरदार खंडन किया और इसे चुनावी चरित्र हनन का दुर्भावनापूर्ण षड्यंत्र करार दिया। सुमन सिंह ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही 28 मुकदमों की यह सूची पूरी तरह भ्रामक और मनगढ़ंत है। आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, इन कथित 28 मामलों में से लगभग 13 मुकदमों में न्यायालय से उन्हें ससम्मान दोषमुक्त किया जा चुका है, जबकि 11 मामले तो कभी दर्ज ही नहीं हुए। उन्होंने पत्रकारों के सामने विंध्याचल थाने से प्राप्त आरटीआई रिपोर्ट भी प्रस्तुत की, जो उनके दावों की पुष्टि करती है। ब्लॉक प्रमुख सुमन सिंह ने नेगुरा रिबई सिंह गांव में नई पुलिस चौकी के शिलान्यास समारोह की तस्वीर के दुरुपयोग पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उस दिन उनकी तबियत खराब होने के कारण उनके पति अवधराज सिंह प्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी तस्वीर को तोड़-मरोड़कर पप्पू सिंह को "गैंगस्टर" बताने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि समारोह में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक और एमएलसी विनीत सिंह जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सुमन सिंह ने यह भी बताया कि अवधराज सिंह पिछले 21 वर्षों से क्षेत्र के विकास कार्यों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति की श्रीमती चनरी देवी और पिछड़ी जाति की श्रीमती लखानी देवी मौर्या को ब्लॉक प्रमुख पद पर निर्विरोध और निर्दलीय चुनाव जितवाकर आसीन कराया था। वर्तमान में, उनकी पत्नी सुमन सिंह स्वयं छानबे ब्लॉक की प्रमुख हैं। प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्र के प्रधानगण, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और स्थानीय जनता ने इस घटना पर भारी आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल मांग की है कि सोशल मीडिया पर यह भ्रामक प्रचार करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। जिला प्रशासन सूत्रों के अनुसार, इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह घटना आगामी चुनावों को देखते हुए छानबे ब्लॉक में एक बड़े सियासी घमासान की ओर इशारा कर रही है।2
- ब्लॉक प्रमुख सुमन सिंह ने अपने विरोधियों का पर्दाफाश करते हुए अदालती कागजात दिखाए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कोर्ट में कानूनी कार्यवाही करेंगी।1
- मिर्जापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी रामछबीले पुत्र चेतन दास के साथ वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर 2,59,101 रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पड़ोसी जनपद भदोही के औराई थाना क्षेत्र के वेजवां उगापुर निवासी अंकित गौतम पुत्र महेंद्र गौतम पर यह आरोप है कि उसने रामछबीले को एयरपोर्ट पर पासपोर्ट चेकिंग की नौकरी का झांसा दिया और जुलाई 2025 में उनसे यह राशि ले ली। रामछबीले की बहन अंकित गौतम के गांव में ब्याही हुई है, जिसके चलते ही उनकी मुलाकात हुई थी और विश्वास बना। काफी समय बीतने के बाद भी जब रामछबीले को न तो नौकरी मिली और न ही कोई ज्वाइनिंग लेटर, तो उन्होंने अंकित गौतम से संपर्क किया। शुरुआत में अंकित ने "आज-कल" कहकर टाल-मटोल किया। जब रामछबीले इस मामले में बात करने अंकित के गांव पहुंचे, तो वह आग-बबूला हो गया। उसने रामछबीले को धमकी दी कि वह दोबारा उसके घर न आए और यह भी कहा कि उसके पास कोई पैसा नहीं है। अंकित गौतम ने अपने राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए रामछबीले को जान-माल की धमकियां भी देनी शुरू कर दी हैं। पीड़ित रामछबीले ने बताया कि उन्होंने नाते-रिश्तेदारों और अन्य से उधार लेकर यह 2,59,101 रुपए अंकित गौतम को दिए थे। अब उन्हें अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। रामछबीले ने बाबतपुर एयरपोर्ट के अधिकारियों के साथ-साथ भदोही, वाराणसी और मिर्जापुर के पुलिस अधिकारियों, जिनमें पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं, को शिकायती पत्र देकर अपनी आपबीती सुनाई है। उन्होंने अंकित गौतम द्वारा फोन पर दी गई धमकियों का ऑडियो भी अधिकारियों को सुनाया है। पीड़ित पिता ने, जो अपनी बेटी के साथ न्याय के लिए भटक रहे हैं, इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए अपनी ठगी गई रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।2
- समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ०बी०यू० अंसारी के जन्मदिन के अवसर पर एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।1
- मिर्जापुर में यूनाइटेड वेलफेयर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने जनपद के मेडिकल स्टोरों और निजी नर्सिंग होमों में फार्मेसी एक्ट 1948 के कथित उल्लंघन को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन ने इन उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष गगन कुमार मौर्य के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि दवाओं की खरीद-बिक्री, रखरखाव और वितरण का कार्य पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही होना अनिवार्य है। हालांकि, जिले के कई मेडिकल स्टोरों पर यह नियम अनदेखा किया जा रहा है और फार्मासिस्ट मौके पर मौजूद नहीं रहते हैं। इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि कई मेडिकल स्टोर निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे हैं, और कुछ निजी नर्सिंग होमों में भी बिना फार्मासिस्ट की देखरेख के दवाओं का भंडारण और बिक्री की जा रही है। ज्ञापन में यह भी शिकायत दर्ज की गई है कि कई स्थानों पर दवाओं की बिक्री बिना बिल के की जा रही है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि नियमों के विरुद्ध हो रहा यह दवा कारोबार मरीजों के स्वास्थ्य और जनहित पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। संगठन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि फार्मेसी एक्ट 1948 का उल्लंघन करने वाले ऐसे सभी मेडिकल स्टोरों और संस्थानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। एसोसिएशन ने मांग की है कि जांच के उपरांत दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनपद में दवा कारोबार निर्धारित नियमों के दायरे में रहकर संचालित हो सके।2