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अलवर के एमआईए क्षेत्र स्थित धनखेड़ा गांव में एक विवाद सामने आया है, जिसके बारे में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इसका मुख्य कारण पानी की टंकी से जुड़ा मामला है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 'वॉइस ऑफ लेबर' की टीम इस मामले की जमीनी हकीकत सामने लाने का प्रयास कर रही है। यह जानकारी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई है और बताया गया है कि आधिकारिक जांच व प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्य अलग भी हो सकते हैं।
Voice of Labour
अलवर के एमआईए क्षेत्र स्थित धनखेड़ा गांव में एक विवाद सामने आया है, जिसके बारे में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इसका मुख्य कारण पानी की टंकी से जुड़ा मामला है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 'वॉइस ऑफ लेबर' की टीम इस मामले की जमीनी हकीकत सामने लाने का प्रयास कर रही है। यह जानकारी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई है और बताया गया है कि आधिकारिक जांच व प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्य अलग भी हो सकते हैं।
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- अजीतपुरा कला के सरपंच प्रतिनिधि नेतराम ताखर के नेतृत्व में लोग भरतपुर में हनुमान बेनीवाल की रैली में शामिल होने के लिए रवाना हुए।1
- जयपुर ग्रामीण के सामोद वीर हनुमान धाम की पार्किंग व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक ने पार्किंग शुल्क और उसके उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए थे। वीडियो के वायरल होते ही कई यूट्यूबर और मंदिर समिति के सदस्य मौके पर इकट्ठा हो गए, जिससे वहाँ का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस सूचना पर सामोद थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और एहतियातन एक युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और डिटेन किए गए युवक को बाद में छोड़ दिया गया। हालांकि, विवाद के केंद्र में रहे इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है।2
- नूंह जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला अध्यक्ष शहीदा खान की अध्यक्षता में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने NEET UG परीक्षा और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। इस दौरान नूह विधायक चौधरी आफताब अहमद और फिरोजपुर झिरका विधायक मामन खान इंजीनियर भी मौजूद रहे। शहीदा खान ने स्पष्ट आरोप लगाया कि केंद्र सरकार NEET परीक्षा के संचालन में पूरी तरह विफल रही है, जिसके मद्देनजर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।1
- आज, 22 जून 2026 को महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी स्थित ग्राम सैद अलीपुर में श्रीमान राजेंद्र सिंह के गृह प्रवेश का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस शुभ अवसर पर यज्ञ संपन्न होने के बाद, महाशय सत्यवीर सिंह आर्य दत़ाल ने अपना उपदेश दिया।1
- राजस्थान में आयोजित जाट आरक्षण हुंकार सभा में सांसद संजना जाटव ने शेरनी की तरह दहाड़ते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे जाट आरक्षण लेकर ही रहेंगी। यह जानकारी रिपोर्टर राजेश चौधरी ने दी है।1
- गांव के सम्मानित अध्यापकों, गणमान्य व्यक्तियों और सभी ग्रामीण भाई-बहनों से BLO के साथ साझा किए गए SIR फॉर्म के अभियान में पूरा सहयोग करने का विनम्र अनुरोध किया गया है। इस अपील का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति यह फॉर्म अवश्य भरवाए। यह खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति फॉर्म भरने से वंचित न रह जाए और भविष्य में उसे अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। सभी से मिलकर इस कार्य को सफल बनाने और गांव के हर व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुँचाने का आह्वान किया गया है।1
- कालाडेरा थाना क्षेत्र की बिछवालियों की ढाणी स्थित रिको एरिया में जमीन की नपती (नक्शा दुरुस्ती) को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान सहाय मीणा को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिछवालियों की ढाणी निवासी जितेंद्र यादव ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि उनकी भूमि से संबंधित नपती का मामला अभी विचाराधीन है, इसके बावजूद 2 जून 2026 की सुबह करीब चार बजे कुछ लोग उनकी जमीन पर घुस आए। उन्होंने खेत की तारबंदी के पोल, तार और जाल उखाड़ दिए तथा खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नष्ट कर दिया। पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर जब वे अपनी मां संतोष देवी और पत्नी रजना यादव के साथ मौके पर पहुंचे, तो आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जितेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि इस घटना के बाद से लगातार दबाव बनाकर उनके मन में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कालाडेरा औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाला एक वर्षों पुराना रास्ता, जिसका ग्रामीण लंबे समय से उपयोग करते आ रहे थे, उसे करीब एक माह पहले पड़ोसी पक्ष द्वारा तारबंदी कर बंद कर दिया गया है। रास्ते को खुलवाने की मांग को लेकर आए दिन विवाद और झड़पें हो रही हैं, जिससे किसानों के आवागमन और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने विरोधी पक्ष पर विभिन्न विभागों में बार-बार झूठी शिकायतें करके मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप भी लगाया है। पीड़ित पक्ष ने अपने ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने, रास्ता अवरुद्ध करने के प्रकरण की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।4
- हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिक वर्कर्स यूनियन, रजि. नंबर 41 से संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की दिल्ली कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक 22 जून 2026 को सिंचाई विभाग कार्यालय में संपन्न हुई। सुचिंद्र वालिया की अध्यक्षता और नरेंद्र क्लर्क के संचालन में हुई इस बैठक में प्रांतीय मुख्य संगठनकर्ता योगेश शर्मा और प्रांतीय उपमहासचिव राजेश धनखड़ ने कर्मचारियों को संबोधित किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कार्यक्रमों को लागू करने और मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों पर कार्रवाई न होने के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार करना था। नेताओं ने बताया कि 24 नवंबर 2025 को सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी के साथ मांग पत्र पर विस्तृत चर्चा की गई थी। इन मांगों में सर्व कर्मचारी संघ के आगामी कार्यक्रमों को पूरी तरह से लागू करना, कॉमन कैडर कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देना, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्य और रखरखाव पंचायतों को न देना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, पुरानी पेंशन बहाल करना, एचआरए की विसंगतियों को दूर करना, सुपरिटेंडेंट को रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नति देना, मेडिकल भत्ता बढ़ाना, शिक्षा भत्ता बढ़ाना और वेतन विसंगतियों को दूर करना शामिल था। हालांकि, मंत्री के आदेशों के बावजूद, उच्च अधिकारियों ने आज तक किसी भी कार्य को गंभीरता से नहीं लिया है, जिसके कारण सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। इसी के मद्देनजर, कर्मचारियों ने दोनों मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया। सभी नेताओं ने राज्य की तमाम ब्रांचों को अपनी-अपनी आम सभाएं आयोजित कर सभी प्रकार के कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य कमेटी के साथी उन सभाओं में शामिल हो सकें। इसके बाद, राज्य में कार्यरत सभी ब्रांचें अपने अधिकार क्षेत्र के कार्यकारी अभियंताओं के माध्यम से तीनों विभागों के प्रमुख अभियंताओं को एक मांग पत्र सौंपेंगी, जिसमें ब्रांच स्तर के मुद्दों के साथ राज्य कार्यकारिणी द्वारा उपलब्ध कराई गई मांगें भी शामिल होंगी। आंदोलन के अगले चरण में, 04 जुलाई 2026 को भिवानी में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके उपरांत, 18 जुलाई 2026 को हिसार में लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क विभाग) तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मंत्रियों के आवासों का भी घेराव करने का निर्णय राज्य कमेटी द्वारा लिया गया है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि मंत्री इस पर संज्ञान लेकर कोई ठोस सकारात्मक कार्रवाई नहीं करते हैं, तो मौके पर ही राज्य कमेटी अपनी बैठक करके आगे के आंदोलन के स्वरूप का फैसला नेतृत्व के द्वारा लेगी। इस बैठक में जिला प्रधान महेंद्र सिंह चुटानी, यशवीर शर्मा, जिला प्रधान मुकेश देशवाल, ब्रांच कमेटी सचिव सचिन पाराशर, अश्विनी कुमार, सुरेश कैनाल गार्ड, कुलदीप क्लर्क, नरेश मलिक, जिला सचिव प्रदीप मलिक, विजय सिंह, प्रवीण कुमार, कल्लू सिंह, विकास राणा, अंकित शर्मा, जितेंद्र बेलदार, मेहताब अकाउंट क्लर्क, दीपक क्लर्क, लक्ष्मण सिंह, पंकज शर्मा, संजीव सिंह, बलिंदर कुमार, सलीम, रविंद्र, विक्की, अनिल रोहट, रमेश छिकारा, सज्जन राजपूत, मनीष, विष्णु राजे, धर्मवीर, विजय कृष्ण, अभिषेक सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे।1
- शिक्षा सहायक समिति, नूंह ने आकांक्षी जिला नूंह (मेवात) में कार्यरत शिक्षा सहायकों के मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। समिति के अध्यक्ष कुतुबुद्दीन ने बताया कि यह पहल नूंह जिले के शिक्षा सहायकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई है। समिति अध्यक्ष कुतुबुद्दीन ने जानकारी दी कि नूंह जिले में शिक्षकों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से जुलाई 2022 में मेवात डेवलपमेंट एजेंसी (MDA) द्वारा एनजीओ के माध्यम से कुल 489 शिक्षा सहायकों की नियुक्ति की गई थी। ये शिक्षा सहायक वर्तमान में विभिन्न सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिसके मद्देनजर उनके मानदेय में वृद्धि की मांग की गई है।1