देवघर/चितरा कोलियरी स्थित दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री श्री 1008 महाविष्णु यज्ञ के दौरान सुमेर पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत विश्व शांति का आधार है, और सनातन वैदिक संस्कृति संपूर्ण मानवता को “वसुधैव कुटुंबकम” तथा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का संदेश देती है। उन्होंने मौजूदा वैश्विक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सनातन परंपरा विश्व शांति, सद्भाव और समस्त सृष्टि के कल्याण की बात करती है। उनके अनुसार, वेद मानव मात्र में एक ही आत्मा के दर्शन का संदेश देते हैं और विश्व में शांति व एकता स्थापित करने के लिए मानवीय मूल्यों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। शंकराचार्य ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर बल दिया, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सभी से भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। पर्यावरण संरक्षण के विषय पर, उन्होंने बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए पौधरोपण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, शंकराचार्य ने स्वास्थ्य की दृष्टि से गौपालन को भी लाभकारी बताया। उन्होंने देश में समान शिक्षा नीति लागू करने, समयबद्ध न्याय व्यवस्था सुनिश्चित करने और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने अवैध घुसपैठ, धर्मांतरण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
देवघर/चितरा कोलियरी स्थित दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री श्री 1008 महाविष्णु यज्ञ के दौरान सुमेर पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत विश्व शांति का आधार है, और सनातन वैदिक संस्कृति संपूर्ण मानवता को “वसुधैव कुटुंबकम” तथा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का संदेश देती है। उन्होंने मौजूदा वैश्विक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सनातन परंपरा विश्व शांति, सद्भाव और समस्त सृष्टि के कल्याण की बात करती है। उनके अनुसार, वेद मानव मात्र में एक ही आत्मा के दर्शन का संदेश देते हैं और विश्व में शांति व एकता स्थापित करने के लिए मानवीय मूल्यों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। शंकराचार्य ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर बल दिया, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सभी से भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। पर्यावरण संरक्षण के विषय पर, उन्होंने बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए पौधरोपण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, शंकराचार्य ने स्वास्थ्य की दृष्टि से गौपालन को भी लाभकारी बताया। उन्होंने देश में समान शिक्षा नीति लागू करने, समयबद्ध न्याय व्यवस्था सुनिश्चित करने और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने अवैध घुसपैठ, धर्मांतरण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
- अभिषेक बनर्जी से जुड़े हमला मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। यह कार्रवाई सोनारपुर में हुए हमले को लेकर की गई, जहाँ पुलिस ने पाँच आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।1
- मई 2026 में, ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर, रविवार को श्रद्धालुओं द्वारा प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।1
- झारखंड के दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड अंतर्गत केंदुवाटिकर गांव/वार्ड में एक सार्वजनिक कुएं की जर्जर हालत ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर जल संकट खड़ा कर दिया है। कुएं की जगत (दीवार) टूट चुकी है और इसका पानी दूषित हो गया है, जिससे लोगों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, प्रार्थी स्वर्गीय बलदेव कोल की ओर से मुखिया और प्रखंड विकास अधिकारी (BDO), जरमुंडी से कुएं की तत्काल मरम्मत और साफ-सफाई की मांग की गई है। आवेदन में जनहित का हवाला देते हुए जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करने की प्रार्थना की गई है, ताकि स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके।1
- झारखंड के करमाटांड़ में सड़कों की जर्जर स्थिति लगातार दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रही है। इस गंभीर समस्या के चलते स्थानीय निवासियों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश है, जो लगातार बढ़ रहा है।1
- झारखंड के देवघर जिले के चित्राकोली में स्थित श्री श्री 1008 महा विष्णु यज्ञ एवं मेले के नौ दिवसीय आयोजन का आज चौथा दिन है। इस आयोजन को देखने की उम्मीद से दूर-दराज से लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे मेले में भीड़ उमड़ती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, मेला स्वयंसेवकों और जिला पुलिस प्रशासन द्वारा चप्पे-चप्पे पर खास प्रबंध किए गए हैं। मेले में बच्चों, युवकों और युवतियों के लिए झूले, भूत बंगला, मौत का कुआं और जलपरी जैसी चीजें विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जिनका बच्चे भरपूर आनंद ले रहे हैं।1
- सिल्क सिटी भागलपुर के कहलगांव में गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित एक भव्य महाआरती कार्यक्रम में बांका जिले के बाराहाट प्रखंड की गोड़धाबर पंचायत निवासी, चर्चित समाजसेवी और अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीर सिंह उर्फ हिम्मत सिंह को मेडल देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सामाजिक कार्यों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। सम्मान मिलने के बाद, हिम्मत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि "समाज ही गांव की सबसे बड़ी ताकत है और वे हमेशा समाज के हित के लिए काम करते रहेंगे।" इस सम्मान समारोह में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, और इस अवसर पर मंच से बांका जिले का नाम पूरे सम्मान के साथ गूंज उठा।1
- बाँका जिले में एक मनरेगा भवन पिछले पाँच वर्षों से बंद पड़ा है। इस निष्क्रिय भवन का उपयोग अब असामाजिक तत्वों द्वारा अपने अड्डे के रूप में किया जा रहा है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों द्वारा इस पूरे मामले की तत्काल जाँच की माँग की जा रही है।1
- अभिषेक बनर्जी ने जनता द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार पर अपनी बात रखी है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस संबंध में अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी को सुनें।1