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पलामू जिले के पंडवा में एक ऐसा रास्ता बंद कर दिया गया है जो सैकड़ों वर्षों से लगातार उपयोग में था। इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बंद के पीछे के कारण पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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पलामू जिले के पंडवा में एक ऐसा रास्ता बंद कर दिया गया है जो सैकड़ों वर्षों से लगातार उपयोग में था। इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बंद के पीछे के कारण पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
More news from झारखंड and nearby areas
- पलामू जिले के पंडवा प्रखंड परिसर में कबाड़ और घास-फूस का एक अपार संग्रह देखा गया है।1
- पलामू ज़िले के सतबरवा प्रखंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में मुहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों द्वारा पारंपरिक ताज़िया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान खामडीह के ताज़िया की विशेष चर्चा रही। मो. सदाम के नेतृत्व में और स्थानीय युवाओं के सहयोग से इसे बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने वहाँ मौजूद लोगों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। जुलूस में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए अनुशासन का उत्कृष्ट परिचय दिया और पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। इस सफल आयोजन में अब्दुल रहीम, समसूदीन, कुदूस, निजामुद्दीन अंसारी, अफरोज, कलम, मगरू, पिंटू, लड्डू, सुबहान, निजाम, मकसूद, मकबूल, नाजिम, भोलू, लाडले एवं असरफ सहित कई स्थानीय लोगों का सराहनीय योगदान रहा। मुहर्रम के इस अवसर पर, लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, साथ ही शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम को प्रशासन एवं पुलिस की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।1
- पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड में 24 और 25 तारीख को एक जनकल्याण कार्यक्रम/शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कई ग्रामीण जनता ने आकर विभिन्न योजनाओं के लिए अपना पंजीकरण कराया। मुख्य रूप से आयुष्मान कार्ड, लाल कार्ड और गैस सिलेंडर के साथ-साथ पीएम आवास योजना के लिए भी रजिस्ट्रेशन किए गए। सभी से अनुरोध किया गया कि वे इस तरह के कैंप के तहत अपना-अपना लाभ उठाएं।2
- डाल्टनगंज में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक फैक्ट्री में 12 मजदूरों को अमानवीय यातनाओं के बीच बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने इन मजदूरों को मुक्त कराया है, जिनके शरीर और आत्मा पर सैकड़ों चोटों के निशान थे। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को देखकर लोग उसकी दरियादिली की मिसाल दे रहे हैं। तितावी थाना क्षेत्र की पहल पर हुई इस कार्रवाई में, एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने खुद इन मजदूरों का माला पहनाकर स्वागत किया। पुलिस ने न केवल इन्हें बंधुआ मजदूरी से आज़ाद कराया, बल्कि थाने में इनके रहने-खाने का भी प्रबंध किया। ये मजदूर दूर प्रांतों के रहने वाले हैं और इनके घर सूचना भेज दी गई है, जिसके बाद इनके परिवार उनसे मिलने आ रहे हैं। मजदूरों ने पुलिस के इस प्रयास को नया जीवनदान बताया है।2
- मुहर्रम पर्व के पावन अवसर पर शुक्रवार को रबदा खुरा-कंचनपुर में मोहर्रम उर्स कमिटी द्वारा भव्य मान-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सुबह आठ बजे से दश बजे तक चले इस कार्यक्रम का नेतृत्व कमिटी के सदर गुलजार अंसारी और सचिव असगर अंसारी ने किया। इस दौरान क्षेत्र के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने पारंपरिक खेल-कूद व हैरतअंगेज करतबों का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम में लाठी, डंडा और भाला सहित कई पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कलीम अंसारी ने अपने अद्भुत कौशल से सबसे अधिक आकर्षण बटोरा; उन्होंने मुंह से तलवार उठाने और आंख से सुई उठाने जैसे बेहद कठिन व रोमांचक करतब प्रस्तुत कर दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया, जिस पर लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। इसके अतिरिक्त, कमिटी के सदर जैनूल्हा अंसारी और उनके पोते हसनैन अंसारी ने लाठी-डंडे के पारंपरिक खेल का शानदार प्रदर्शन कर खूब मनोरंजन किया, उनकी फुर्ती और कौशल की दर्शकों ने जमकर सराहना की। इस अवसर पर रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ उत्तरी जिला परिषद प्रतिनिधि सदस्य वीरेन्द्र तिवारी, रौशन पाठक, डॉ. इस्लाम, डॉ. एकरामुद्दीन, स्मिनुद्दीन खलीफा, कंचनपुर पंचायत के भावी मुखिया संजय राम, मुखिया प्रतिनिधि शेखर कुमार, उपमुखिया प्रतिनिधि चंद्रशेखर तिवारी, बीडीसी शिवशंकर राम सहित बड़ी संख्या में कमिटी के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से केवल एक 'यात्रा दस्तावेज़' है, और इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम या निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता है। मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट का प्राथमिक उद्देश्य भारतीयों को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार यात्रा करने की अनुमति देना है। भारतीय नागरिकता का निर्धारण और संचालन 'पासपोर्ट अधिनियम 1967' के अंतर्गत नहीं, बल्कि 'नागरिकता अधिनियम 1955' के तहत किया जाता है। कानूनी प्रावधानों, जैसे पासपोर्ट अधिनियम की धारा 20 के तहत, सरकार असाधारण मामलों या 'जनहित' में गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी कर सकती है, इसलिए यह नागरिकता का स्वतः प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय द्वारा यह बात स्पष्ट किए जाने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर भारतीय होने का पक्का प्रमाण क्या है। सोशल मीडिया और आम जनता के बीच भी यह चर्चा छिड़ गई है कि क्या सिर्फ पहचान और यात्रा दस्तावेजों से नागरिकता साबित नहीं होती है।1
- पलामू जिले के मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पोखराहा में एक सड़क दुर्घटना में युवक की मौत होने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को पोखराहा पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। उन्होंने जवानों के रहने के लिए लगाए गए टेंट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।1