मैं मानता हूं कि मेरा समाज सामाजिक आर्थिक शैक्षणिक राजनैतिक व सांस्कृतिक रुप से अत्यंत कमजोर है और ज्यादातर लोग भूमिहीन मजदुरा वर्गों की श्रेणी में आते हैं जो बड़े मुश्किलन परिवार का भरण पोषण करते हैं किन्तु जिल्लत भरी जिंदगी से उबरने के लिए दूरगामी कार्ययोजना पर हरहाल में रिस्क लेना ही होगा अन्यथा यही समस्या हम आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़कर चले जाएंगे जिससे जीवन का अर्थ अधूरा रह जाएगा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है किन्तु धनबली प्रभावशालियों के तानाशाही रवैए से उबरने के लिए सर पर कफ़न बांधकर सिमित साधन संसाधनों में बुद्धिमत्ता और कानून का सहारा लेकर लड़ने के अलावा दुसरा विकल्प शेष नहीं है क्योंकि प्रकृति और समाज के अच्छे लोग भी साथ उसी का देते हैं जो कुछ बड़ा करने और तदनुरूप निरंतर संघर्षों का आदी होता है। ये मत सोचिए कि आपकी परेशानी देखकर कोई एकाएक उबारने चला आ जाएगा बल्कि बेशक आप परिस्थितियों से घिरे हो और अकेला ही सही लांग रेस में चलना है तो शुरुआत आपको ही करना पड़ेगा तब जाकर किसी मददगीर की युक्ति काम कर पाएगी। मूवमेंट द्वारा किए जा रहे जनहित के जायज संघर्षों में पदासीन होने के बाद पारिवारिक दायित्वों को देखते हुए आपकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है इस नाते दृढ़संकल्पित मन से रोज सुबह नयी उर्जा के साथ जगो और ज़िद्द बनाकर संघर्ष करना सीखो की बदलाव हमें हर हाल में लाना ही होगा। अपने अपमान को शक्ति बनाओ तथा क्रोध को हथियार इससे आपकी हीन भावना खत्म होगी और बड़े से बड़ा लक्ष्य पाने में कामयाब होंगे इस बात को नोट करके रख लेना।🌷
मैं मानता हूं कि मेरा समाज सामाजिक आर्थिक शैक्षणिक राजनैतिक व सांस्कृतिक रुप से अत्यंत कमजोर है और ज्यादातर लोग भूमिहीन मजदुरा वर्गों की श्रेणी में आते हैं जो बड़े मुश्किलन परिवार का भरण पोषण करते हैं किन्तु जिल्लत भरी जिंदगी से उबरने के लिए दूरगामी कार्ययोजना पर हरहाल में रिस्क लेना ही होगा अन्यथा यही समस्या हम आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़कर चले जाएंगे जिससे जीवन का अर्थ अधूरा रह जाएगा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है किन्तु धनबली प्रभावशालियों के तानाशाही रवैए से उबरने के लिए सर पर कफ़न बांधकर सिमित साधन संसाधनों में बुद्धिमत्ता और कानून का सहारा लेकर लड़ने के अलावा दुसरा विकल्प शेष नहीं है क्योंकि प्रकृति और समाज के अच्छे लोग भी साथ उसी का देते हैं जो कुछ बड़ा करने और तदनुरूप निरंतर संघर्षों का आदी होता है। ये मत सोचिए कि आपकी परेशानी देखकर कोई एकाएक उबारने चला आ जाएगा बल्कि बेशक आप परिस्थितियों से घिरे हो और अकेला ही सही लांग रेस में चलना है तो शुरुआत आपको ही करना पड़ेगा तब जाकर किसी मददगीर की युक्ति काम कर पाएगी। मूवमेंट द्वारा किए जा रहे जनहित के जायज संघर्षों में पदासीन होने के बाद पारिवारिक दायित्वों को देखते हुए आपकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है इस नाते दृढ़संकल्पित मन से रोज सुबह नयी उर्जा के साथ जगो और ज़िद्द बनाकर संघर्ष करना सीखो की बदलाव हमें हर हाल में लाना ही होगा। अपने अपमान को शक्ति बनाओ तथा क्रोध को हथियार इससे आपकी हीन भावना खत्म होगी और बड़े से बड़ा लक्ष्य पाने में कामयाब होंगे इस बात को नोट करके रख लेना।🌷
- झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही के कारण हुई युवक की मौत, बिना पंजीयन चल रहा चंद्रापाली क्लीनिक सील। संवाददाता पंकज कुमार आलापुर अम्बेडकर नगर। अम्बेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में राजेसुल्तानपुर बाजार में झोलाछाप चिकित्सक की घोर लापरवाही के चलते एक और व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। बिना पंजीयन संचालित हो रहे चंद्रा पाली क्लीनिक में गलत इलाज के कारण ट्रक चालक की मौत हो गई।बीती गुरुवार की रात इटावा जनपद के भरथना तहसील क्षेत्र निवासी ट्रक चालक राम राकेश यादव (55 वर्ष) पुत्र रामस्वरूप की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह अपना वाहन खड़ा कर इलाज के लिए राजेसुल्तानपुर बाजार स्थित चंद्रा पाली क्लीनिक पहुंचा। आरोप है कि क्लीनिक संचालक झोलाछाप चिकित्सक ने मरीज को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही राजेसुल्तानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेदन गृह भेज दिया। मामले की शिकायतों के बाद जहांगीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. उदयचंद यादव स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में बिना पंजीयन चल रहे अस्पताल को सील कर दिया।बताया जा रहा है कि ट्रक चालक की मौत के बाद क्लीनिक संचालक रात में ही फरार हो गया। पुलिस अब तक तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है, जबकि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही भी ऐसी घटनाओं के लिए कम जिम्मेदार नहीं है। जनपद में झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई कभी-कभार ही होती है और वह भी सिर्फ अस्पताल सील करने तक सीमित रह जाती है। मुकदमा दर्ज कराने में महीनों लग जाते हैं, जिससे आरोपी दूसरे स्थान पर दोबारा अपना अवैध संचालन शुरू कर देते हैं। जांच और कार्रवाई का सिलसिला सील के बाद भी अधर में लटका रहता है, जिससे ऐसी मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।3
- गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेस वे का कुशीनगर तक विस्तार1
- 🙏🤔🤣😊1
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- नेपाल जा रही लक्जरी कार से 25.69 लाख की चांदी बरामद किया गया महाराजगंज में कस्टम विभाग ने दो तस्करो को पकड़ा, सीट के नीचे छिपाई थी !1
- गंगासागर में बनेगा पुल, ममता बनर्जी ने रखा आधार सिला 6 जनवरी को किया उद्घाटन, अधिकारियों को दिया जल्द ही पुल तैयार करने का निर्देश ✍️ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 6 जनवरी को गंगासागर को मुख्य भूभाग से जोड़ने वाले बड़े पुल का शिलान्यास कर दिया है। इस परियोजना का भूमि-पूजन समारोह समुद्र तटीय क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने आधारशिला रखी और परियोजना के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल निर्माण लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को आसान करेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि गंगासागर में प्रतिवर्ष होने वाले मेले के दौरान भारी भीड़ व परिवहन व्यवस्था पर दबाव रहता है, जिसे इस परियोजना के पूरा होने के बाद काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि पुल बनने से यात्रा में समय की बचत होने के अलावा आपातकालीन सेवाओं तक पहुँच भी सुगम होगी, जिससे सुरक्षा एवं राहत कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। सरकार ने परियोजना को प्राथमिकता देते हुए तकनीकी अध्ययन और आवश्यक औपचारिकताएँ तेज करने के निर्देश संबंधित विभागों को जारी कर दिए हैं। विभाग को प्रस्ताव और DPR तैयार करने के लिए कहा गया है, ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पुल के बनने से न केवल आवागमन में सुधार होगा, बल्कि गंगासागर क्षेत्र पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय निवासियों ने इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया है और इसे इलाके के दशकों पुराने सपनों को साकार करने वाला बताया है। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “यह पुल हमारी प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और क्षेत्र के विकास को नई उड़ान देगा।”2
- जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत् आवेदन वर्ष 14/03/2022 में किया था बर्तमान ग्राम प्रधान के कार्ययोजना पर और प्रधान के कर्ताधर्ता पति द्वारा सूचना आवेदन वापस लेने का दबाव न मानने पर फर्जी हरजन एक्ट 26/05/2022 को दर्ज कराई गई जिलाधिकारी महोदय गोरखपुर शिकायतीपत्र हलफनामा के साथ दिया परन्तु कोई कार्रवाई नहीं4
- अमित शाह के घर के बाहर TMC सांसदों का प्रदर्शन | ED रेड को लेकर हंगामा | Delhi News1