महिलाओं का पहनावा: परंपरा और आधुनिकता का संगम पुरुषों का पहनावा: क्लासिक और कंटेम्परेरी का मेल महिलाओं का पहनावा: परंपरा और आधुनिकता का संगम भारतीय महिलाओं के पहनावे में आज विविधता और रचनात्मकता का बोलबाला है। जहाँ एक ओर सिल्क, कांजीवरम और बनारसी साड़ियाँ आज भी विशेष अवसरों की पहली पसंद बनी हुई हैं, वहीं कामकाजी महिलाएं अब 'इंडो-वेस्टर्न' लुक को प्राथमिकता दे रही हैं। कुर्ता और पलाज़ो: आरामदायक होने के कारण यह पहनावा हर आयु वर्ग की महिलाओं में लोकप्रिय हो रहा है। साड़ी ड्रेपिंग: युवा पीढ़ी अब साड़ी को बेल्ट या जैकेट के साथ पहनकर उसे एक नया 'स्टेटमेंट लुक' दे रही है। सस्टेनेबल फैशन: खादी और ऑर्गेनिक कॉटन के प्रति महिलाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है, जो पर्यावरण के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाता है। पुरुषों का पहनावा: क्लासिक और कंटेम्परेरी का मेल पुरुषों के फैशन जगत में भी व्यापक बदलाव देखे जा रहे हैं। अब पुरुष केवल फॉर्मल शर्ट-पैंट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने लुक के साथ नए प्रयोग कर रहे हैं। एथनिक वियर: शादियों और त्योहारों के दौरान पुरुष अब डिजाइनर कुर्ता-पायजामा और नेहरू जैकेट (बंडी) को प्राथमिकता दे रहे हैं। कैजुअल और स्ट्रीटवियर: रोजमर्रा की जिंदगी में 'ओवरसाइज़्ड टी-शर्ट्स' और 'कार्गो पैंट्स' का चलन युवाओं के बीच काफी बढ़ गया है। ग्रूमिंग और एक्सेसरीज: पहनावे के साथ-साथ अब पुरुष घड़ियों, चश्मों और जूतों के चयन पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं ताकि उनका व्यक्तित्व निखर सके। विशेष टिप्पणी: आज का फैशन केवल सुंदर दिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।
महिलाओं का पहनावा: परंपरा और आधुनिकता का संगम पुरुषों का पहनावा: क्लासिक और कंटेम्परेरी का मेल महिलाओं का पहनावा: परंपरा और आधुनिकता का संगम भारतीय महिलाओं के पहनावे में आज विविधता और रचनात्मकता का बोलबाला है। जहाँ एक ओर सिल्क, कांजीवरम और बनारसी साड़ियाँ आज भी विशेष अवसरों की पहली पसंद बनी हुई हैं, वहीं कामकाजी महिलाएं अब 'इंडो-वेस्टर्न' लुक को प्राथमिकता दे रही हैं। कुर्ता और पलाज़ो: आरामदायक होने के कारण यह पहनावा हर आयु वर्ग की महिलाओं में लोकप्रिय हो रहा है। साड़ी ड्रेपिंग: युवा पीढ़ी अब साड़ी
को बेल्ट या जैकेट के साथ पहनकर उसे एक नया 'स्टेटमेंट लुक' दे रही है। सस्टेनेबल फैशन: खादी और ऑर्गेनिक कॉटन के प्रति महिलाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है, जो पर्यावरण के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाता है। पुरुषों का पहनावा: क्लासिक और कंटेम्परेरी का मेल पुरुषों के फैशन जगत में भी व्यापक बदलाव देखे जा रहे हैं। अब पुरुष केवल फॉर्मल शर्ट-पैंट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने लुक के साथ नए प्रयोग कर रहे हैं। एथनिक वियर: शादियों और त्योहारों के दौरान पुरुष अब
डिजाइनर कुर्ता-पायजामा और नेहरू जैकेट (बंडी) को प्राथमिकता दे रहे हैं। कैजुअल और स्ट्रीटवियर: रोजमर्रा की जिंदगी में 'ओवरसाइज़्ड टी-शर्ट्स' और 'कार्गो पैंट्स' का चलन युवाओं के बीच काफी बढ़ गया है। ग्रूमिंग और एक्सेसरीज: पहनावे के साथ-साथ अब पुरुष घड़ियों, चश्मों और जूतों के चयन पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं ताकि उनका व्यक्तित्व निखर सके। विशेष टिप्पणी: आज का फैशन केवल सुंदर दिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।
- कांकरा डूंगर में आग लगने से गेंहू की फसल चारा जलकर हुआ राख, दमकलकर्मियों ने पाया आग पर मशक्कत के बाद काबू।61
- Post by Mahendar.merotha1
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- भारत रत्न बाबा साहब जयंती पर सर्व समाज ने पुष्प वर्षा कर नमन किया सामाजिक एकता से ही राष्ट्र का उत्थान विकास होगा कोटा 14 अप्रैल 2026 । कोटा में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर शहरभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अदालत सर्किल स्थित उनकी प्रतिमा पर समाजसेवी डॉ. दुर्गा शंकर सैनी के नेतृत्व में माल्यार्पण एवं पुष्वर्षा कर नमन किया । इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने बाबा साहब अमर रहे के नारे लगाए। और बाबा साहब के विचारों को याद किया। वहीं नए कोटा शहर में अनुसूचित जनजाति, ओबीसी कर्मचारी-अधिकारी संगठन कोटिया भील के तत्वावधान में निकाली गई रैली का जवाहर नगर क्षेत्र में डॉ दुर्गा शंकर सैनी के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। रैली में शामिल लोगों के लिए छाछ और लस्सी की व्यवस्था की गई, जिससे गर्मी के बीच लोगों को राहत मिली। डॉ. दुर्गा शंकर सैनी ने कहा कि बाबा साहब ने देश को संविधान दिया, जिसके अधिकारों की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. राजेश सामर, प्रभुलाल, भवानी शंकर, संजय सुमन, घनश्याम बागड़ी, रोहित महावर, गौरव मराठा,रमेश जी शर्मा, उदय चंद शर्मा, किशन सिंह जी,जगदीश सुमन, दीपलता,पिंकलता, रोहित सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।2
- माकपा, सीटू और किसान सभा ने मनाई बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती -अंबेडकर सर्किल पर माल्यार्पण कर ली संविधान की रक्षा करने की शपथ कोटा/ इटावा। संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर माकपा, सीटू और अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोटा जिले के इटावा नगर में अंबेडकर सर्किल पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बाबा साहेब के जीवन संघर्षों को याद करते हुए उनके सपनों को आगे बढ़ाने और संविधान की रक्षा के लिए शपथ ली गई। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को सरकार की आमजन-विरोधी नीतियों के खिलाफ मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और नौजवानों को लामबंद करने तथा संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन में सक्रिय भाग लेने की शपथ दिलाई गई। माकपा तहसील सचिव कामरेड मुकुट बिहारी जंगम, अखिल भारतीय किसान सभा तहसील सचिव कामरेड बाबूलाल बलवानी, सीटू यूनियन कोषाध्यक्ष प्रेम पेंटर, कामरेड राम कुंवार महावर और कामरेड भवानी शंकर कुशवाह ने बाबा साहेब द्वारा दिए गए मूल मंत्र संगठित होना, शिक्षित बनना और संघर्ष करना आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने आमजनता को पूंजीवाद और शोषण से मुक्ति के लिए जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा और माकपा तहसील सचिव कामरेड मुकुट बिहारी जंगम ने कहा कि बाबा साहेब ने 1953 में बीबीसी को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट रूप से कहा था कि पूंजीवाद से लड़ने का एकमात्र विकल्प कम्युनिस्ट विचारधारा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस समाज के लिए बाबा साहेब लड़ रहे थे, उसी से आज संविधान को खतरा पैदा हो रहा है। संविधान शोषित-पीड़ित वर्ग को समानता का अधिकार दिलाने का मुख्य हथियार है और इसकी रक्षा केवल वामपंथी विचारधारा ही कर सकती है। निजीकरण और संविधान में छेड़छाड़ का विरोध वक्ताओं ने आरोप लगाया कि समाज के ठेकेदार जाति-पाति के नाम पर शोषित वर्ग को बांट रहे हैं, जिसका फायदा पूंजीवादी ताकतें उठा रही हैं। सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। शिक्षा, चिकित्सा, यातायात और आवश्यक वस्तुओं को आम आदमी की पहुंच से दूर किया जा रहा है। संविधान के मूल प्रारूप में छेड़छाड़ कर मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों, नौजवानों और कर्मचारियों के संघर्ष से मिले अधिकारों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि इस तानाशाही और कारपोरेट-परस्त सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करना ही संविधान की सच्ची रक्षा है। आज बाबा साहेब की 135वीं जयंती मनाने का यही सच्चा महत्व है। कार्यक्रम में ये रहे शामिल कार्यक्रम में छीतर लाल बैरवा, चेतन प्रकाश मीणा, सूरजमल बैरवा, रामचंद्र महावर, बालमुकुंद बैरवा, नंदकिशोर प्रजापति, राम कुंवार महावार, प्रेम पेंटर, कामरेड भवानी शंकर कुशवाह सहित दर्जनों मजदूर, किसान और सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा तथा माकपा के कार्यकर्ता शामिल रहे। जिन्होंने गगनचुंबी नारे लगाते हुए बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनकी जयंती धूमधाम से मनाई।4
- रानपुर से गांव में जाने वाला रास्ता देखिए आप किस तरह का सरकार अभी तक कहां से हुई है मेरी पोस्ट को आगे साइकिल जरूर1
- डूंगरपुर। जिले के धंबोला थाना क्षेत्र में मंगलवार दाेपहर दाे बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक में टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार 2 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ट्रैक्टर ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों शवों को सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, पारडा दरियाटी निवासी किशन और उसका साथी प्रवीण बाइक पर जा रहे थे। सीमलवाड़ा राजपुर चौराहे के पास सामने से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि किशन और प्रवीण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।ट्रैक्टर ड्राइवर महावीर बैरवा भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई और पुलिस मामले की जांच कर रही है।1