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Suresh Chandra Agrawal: ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।🙏🌷🙏🚩🚩 प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🌸🦚 श्रीकृष्ण वाणी 🦚🌸* _👉 भाग्य अवसर दे सकता है,_ _लेकिन सफलता केवल पुरुषार्थ से मिलती है।_ _जो व्यक्ति कर्म से दूर भागता है,_ _वह अवसरों को भी खो देता है।_ 🌿 परिश्रम आत्मविश्वास को जन्म देता है 😔 🌿 कर्म ही भविष्य का निर्माण करता है 🕊️ 🌿 और निरंतर प्रयास असंभव को भी संभव बना देता है 💙 🙏 *श्रीकृष्ण सिखाते हैं —* अपने कर्म को इतना श्रेष्ठ बनाइए कि भाग्य को भी आपका साथ देना पड़े। 🦚✨ > ✨ इसलिए भाग्य की प्रतीक्षा मत कीजिए, > अपने कर्मों से अपना कल बनाइए। *🪷 ।। राधे राधे ।। 🪷* *⚜️ _ श्रीमद्भगवद्गीता – जीवन के अमृत श्लोक _ ⚜️* *🌿 सफलता का सबसे बड़ा रहस्य* *🌸 श्रीमद्भगवद्गीता 🌸* > 📘 *अध्याय 2, श्लोक 47* *कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।* *मा कर्मफलहेतुर्भूः मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥* 📝 *_सरल अर्थ:_* मनुष्य का अधिकार केवल अपने कर्म करने में है, उसके फल में कभी नहीं। इसलिए परिणाम की चिंता छोड़कर पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाओ। 🌸 अधिकांश लोग *मेहनत से नहीं, परिणाम की चिंता से हार जाते हैं।* *"अगर सफलता नहीं मिली तो?"* यही सोच मन में डर, तनाव और *Overthinking* पैदा करती है। *श्रीकृष्ण कहते हैं—* *फल भविष्य के हाथ में है,* लेकिन *श्रेष्ठ कर्म करना आज आपके हाथ में है।* > 🕊️ *कर्म पर विश्वास रखिए,* > *फल सही समय पर अवश्य मिलेगा।।* 🪷 *हरे कृष्णा* 🪷 *Chapter:* 5 *श्लोक:* 3 *श्लोक:* ज्ञेय: स नित्यसन्न्यासी यो न द्वेष्टि न काङ्‍क्षति । निर्द्वन्द्वो हि महाबाहो सुखं बन्धात्प्रमुच्यते ॥ ३ ॥ *अनुवाद:* जो पुरुष न तो कर्मफलों से घृणा करता है और न कर्मफल की इच्छा करता है, वह नित्य संन्यासी जाना जाता है। हे महाबाहु अर्जुन! ऐसा मनुष्य समस्त द्वन्द्वों से रहित होकर भवबन्धन को पार कर पूर्णतया मुक्त हो जाता है। *तात्पर्य:* पूर्णतया कृष्णभावनाभावित पुरुष नित्य संन्यासी है क्योंकि वह अपने कर्मफल से न तो घृणा करता है, न ही उसकी आकांक्षा करता है। ऐसा संन्यासी, भगवान् की दिव्य प्रेमाभक्ति के परायण होकर पूर्णज्ञानी होता है क्योंकि वह कृष्ण के साथ अपनी स्वाभाविक स्थिति को जानता है। वह भलीभाँति जानता रहता है कि कृष्ण पूर्ण (अंशी) हैं और वह स्वयं अंशमात्र है। ऐसा ज्ञान पूर्ण होता है क्योंकि यह गुणात्मक तथा सकारात्मक रूप से सही है। कृष्ण-तादात्म्य की भावना भ्रान्त है क्योंकि अंश अंशी के तुल्य नहीं हो सकता। यह ज्ञान कि एकता गुणों की है न कि गुणों की मात्रा की, सही दिव्यज्ञान है, जिससे मनुष्य अपने आप में पूर्ण बनता है, जिसे न तो किसी वस्तु की आकांक्षा रहती है न किसी का शोक। उसके मन में किसी प्रकार का छल-कपट नहीं रहता क्योंकि वह जो कुछ भी करता है कृष्ण के लिए करता है। इस प्रकार छल-कपट से रहित होकर वह इस भौतिक जगत् से भी मुक्त हो जाता है। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 भगवान विष्णु को एकमात्र पुष्प अर्पित करने की महिमा एक भूला-बिसरा मंदिर और एक साधारण भक्त एक घने जंगल के पास बसे एक शांत गाँव में एक विनम्र व्यक्ति रहता था, जो लकड़ियाँ काटकर और उन्हें बेचकर अपनी आजीविका चलाता था। उसके पास कोई औपचारिक शिक्षा नहीं थी और वह जटिल वैदिक अनुष्ठानों के बारे में कुछ नहीं जानता था, फिर भी उसका हृदय भगवान विष्णु की सच्ची भक्ति से भरा हुआ था। हर दिन, जंगल के रास्ते पर, वह एक उपेक्षित मंदिर के सामने रुकता था। उस छोटे से मंदिर में भगवान विष्णु की एक सौम्य लेकिन परित्यक्त मूर्ति स्थापित थी—जहाँ कोई पुजारी नहीं था, न कोई दीपक जलता था और न ही कोई प्रसाद चढ़ाया जाता था। हालाँकि मंदिर को अन्य लोग भूल चुके थे, पर वह व्यक्ति कभी वहाँ रुकना नहीं भूलता था। अपना दैनिक काम समाप्त करने के बाद, वह ध्यान से एक जंगली फूल चुनता, मंदिर लौटता और हाथ जोड़कर धीरे से फुसफुसाता: "हे प्रभु! मेरे पास केवल यही है, कृपया इसे मेरे सच्चे हृदय से स्वीकार करें।" वहाँ न कोई मंत्र थे, न आरती, और न ही कोई जटिल पूजा—केवल एक फूल और अपार प्रेम का प्रवाह था। वर्षों की मौन भक्ति समय बीतता गया। ऋतुएँ बदलीं। लेकिन लकड़हारे का प्रतिदिन एक फूल अर्पित करने का नियम बिना रुके जारी रहा। भगवान, जो अनुष्ठानों में नहीं बल्कि अपने भक्त के हृदय में निवास करते हैं, प्रतिदिन उस फूल को अत्यंत प्रसन्नता के साथ स्वीकार करते थे। दूसरों से अनदेखा, भक्ति का यह कार्य पूरे ब्रह्मांड में गूंजता रहा। मृत्यु के समय परीक्षा अंततः, वह व्यक्ति वृद्ध हो गया और इस संसार में उसका समय समाप्त हो गया। मृत्यु के देवता यमराज ने उसकी आत्मा को लाने के लिए अपने दूतों को भेजा। लेकिन जैसे ही भयानक और अंधकारमय यमदूत आगे बढ़े, उन्हें भगवान के तेजस्वी दूतों, यानी विष्णुदूतों ने रोक दिया। यमदूतों ने विरोध किया: "यह व्यक्ति दीक्षित नहीं था। इसने कभी मंत्रों का जाप नहीं किया, कभी व्रत नहीं रखा, न ही कोई यज्ञ किया। इसने एक साधारण जीवन जिया, केवल आजीविका के लिए काम किया और कभी शास्त्रों का अध्ययन नहीं किया!" विष्णुदूतों ने शांति से उत्तर दिया: "परंतु उसने प्रतिदिन शुद्ध भक्ति के साथ भगवान विष्णु को एक फूल अर्पित किया। उसने कभी कुछ नहीं माँगा, किसी फल की अपेक्षा नहीं की। उसने केवल प्रभु से निस्वार्थ प्रेम किया। वह प्रेम हज़ारों जन्मों के शुष्क अनुष्ठानों से बढ़कर है। उसका हृदय प्रभु का था, और इसलिए उसकी आत्मा भी उन्हीं की है।" इस उच्च आध्यात्मिक सत्य का खंडन न कर पाने के कारण यमदूत एक ओर हट गए। वैकुंठ की ओर गमन विष्णुदूतों ने लकड़हारे की आत्मा को अत्यंत प्रेमपूर्वक उठाया। एक ही क्षण में, उसका भौतिक शरीर पीछे छूट गया और उसका आध्यात्मिक स्वरूप प्रकट हुआ—तेजस्वी, आनंदमय और समस्त दुखों से मुक्त। उसे वैकुंठ, यानी शाश्वत आध्यात्मिक लोक ले जाया गया, जहाँ वह अनंत आनंद और प्रेम से घिरे हुए भगवान के निज सेवकों में सम्मिलित हो गया। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 *इतना फायदेमंद है जैतून का तेल, जानें फायदे* 1 जैतून के तेल में फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है जो हृदय रोग के खतरों को कम करती है। मधुमेह रोगियों के लिए यह काफी लाभदायक है। शरीर में शुगर की मात्रा को संतुलित बनाए रखने में इसकी खास भूमिका है। इसलिए आहार में भी इस तेल का प्रयोग किया जाता है। 2 इसमें संतृप्त वसा की मात्रा कम होती है जिससे शरीर में कॉलेस्टेरोल की मात्रा को भी संतुलित बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे हृदयाघात का खतरा काफी कम हो जाता है। 3 जैतून के तेल में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा भी काफी होती है। इसमें विटामिन ए, डी, ई, के और बी-कैरोटिन की मात्रा अधिक होती है। इससे कैंसर से लड़ने में आसानी होती है साथ ही यह मानसिक विकार दूर कर आपको जवां बनाए रखने में भी मदद करता है। 4 ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में किए गए एक शोध के अनुसार जैतून का तेल आंत में होने वाले कैंसर से बचाव करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। 5 जैतून के तेल में कैल्शि‍यम की काफी मात्रा पाई जाती है, इसलिए भोजन में इसका उपयोग या अन्य तरीकों से इसे आहार में लेने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। 6 जैतून के तेल में संतृप्त वसा लगभग ना के बराबर होता है जिससे यह आपके शुुगर लेवल को नियंत्रि‍त करता है। साथ ही इसे खाने से बॉर्डर लाइन डायबीटिज होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। 7 लंबे समय तक जैतून के तेल को आहार में शामिल करने पर यह शरीर में मौजूद वसा को खुद ब खुद कम करने लगता है। इससे आपका मोटापा कम होता है, वह भी हेल्दी तरीके से। प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏

1 day ago
user_Suresh Chandra Agrawal
Suresh Chandra Agrawal
चौमू, जयपुर, राजस्थान•
1 day ago

Suresh Chandra Agrawal: ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।🙏🌷🙏🚩🚩 प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🌸🦚 श्रीकृष्ण वाणी 🦚🌸* _👉 भाग्य अवसर दे सकता है,_ _लेकिन सफलता केवल पुरुषार्थ से मिलती है।_ _जो व्यक्ति कर्म से दूर भागता है,_ _वह अवसरों को भी खो देता है।_ 🌿 परिश्रम आत्मविश्वास को जन्म देता है 😔 🌿 कर्म ही भविष्य का निर्माण करता है 🕊️ 🌿 और निरंतर प्रयास असंभव को भी संभव बना देता है 💙 🙏 *श्रीकृष्ण सिखाते हैं —* अपने कर्म को इतना श्रेष्ठ बनाइए कि भाग्य को भी आपका साथ देना पड़े। 🦚✨ > ✨ इसलिए भाग्य की प्रतीक्षा मत कीजिए, > अपने कर्मों से अपना कल बनाइए। *🪷 ।। राधे राधे ।। 🪷* *⚜️ _ श्रीमद्भगवद्गीता – जीवन के अमृत श्लोक _ ⚜️* *🌿 सफलता का सबसे बड़ा रहस्य* *🌸 श्रीमद्भगवद्गीता 🌸* > 📘 *अध्याय 2, श्लोक 47* *कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।* *मा कर्मफलहेतुर्भूः मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥* 📝 *_सरल अर्थ:_* मनुष्य का अधिकार केवल अपने कर्म करने में है, उसके फल में कभी नहीं। इसलिए परिणाम की चिंता छोड़कर पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाओ। 🌸 अधिकांश लोग *मेहनत से नहीं, परिणाम की चिंता से हार जाते हैं।* *"अगर सफलता नहीं मिली तो?"* यही सोच मन में डर, तनाव और *Overthinking* पैदा करती है। *श्रीकृष्ण कहते हैं—* *फल भविष्य के हाथ में है,* लेकिन *श्रेष्ठ कर्म करना आज आपके हाथ में है।* > 🕊️ *कर्म पर विश्वास रखिए,* > *फल सही समय पर अवश्य मिलेगा।।* 🪷 *हरे कृष्णा* 🪷 *Chapter:* 5 *श्लोक:* 3 *श्लोक:* ज्ञेय: स नित्यसन्न्यासी यो न द्वेष्टि न काङ्‍क्षति । निर्द्वन्द्वो हि महाबाहो सुखं बन्धात्प्रमुच्यते ॥ ३ ॥ *अनुवाद:* जो पुरुष न तो कर्मफलों से घृणा करता है और न कर्मफल की इच्छा करता है, वह नित्य संन्यासी जाना जाता है। हे महाबाहु अर्जुन! ऐसा मनुष्य समस्त द्वन्द्वों से रहित होकर भवबन्धन को पार कर पूर्णतया मुक्त हो जाता है। *तात्पर्य:* पूर्णतया कृष्णभावनाभावित पुरुष नित्य संन्यासी है क्योंकि वह अपने कर्मफल से न तो घृणा करता है, न ही उसकी आकांक्षा करता है। ऐसा संन्यासी, भगवान् की दिव्य प्रेमाभक्ति के परायण होकर पूर्णज्ञानी होता है क्योंकि वह कृष्ण के साथ अपनी स्वाभाविक स्थिति को जानता है। वह भलीभाँति जानता रहता है कि कृष्ण पूर्ण (अंशी) हैं और वह स्वयं अंशमात्र है। ऐसा ज्ञान पूर्ण होता है क्योंकि यह गुणात्मक तथा सकारात्मक रूप से सही है। कृष्ण-तादात्म्य की भावना भ्रान्त है क्योंकि अंश अंशी के तुल्य नहीं हो सकता। यह ज्ञान कि एकता गुणों की है न कि गुणों की मात्रा की, सही दिव्यज्ञान है, जिससे मनुष्य अपने आप में पूर्ण बनता है, जिसे न तो किसी वस्तु की आकांक्षा रहती है न किसी का शोक। उसके मन में किसी प्रकार का छल-कपट नहीं रहता क्योंकि वह जो कुछ भी करता है कृष्ण के लिए करता है। इस प्रकार छल-कपट से रहित होकर वह इस भौतिक जगत् से भी मुक्त हो जाता है। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 भगवान विष्णु को एकमात्र पुष्प अर्पित करने की महिमा एक भूला-बिसरा मंदिर और एक साधारण भक्त एक घने जंगल के पास बसे एक शांत गाँव में एक विनम्र व्यक्ति रहता था, जो लकड़ियाँ काटकर और उन्हें बेचकर अपनी आजीविका चलाता था। उसके पास कोई औपचारिक शिक्षा नहीं थी और वह जटिल वैदिक अनुष्ठानों के बारे में कुछ नहीं जानता था, फिर भी उसका हृदय भगवान विष्णु की सच्ची भक्ति से भरा हुआ था। हर दिन, जंगल के रास्ते पर, वह एक उपेक्षित मंदिर के सामने रुकता था। उस छोटे से मंदिर में भगवान विष्णु की एक सौम्य लेकिन परित्यक्त मूर्ति स्थापित थी—जहाँ कोई पुजारी नहीं था, न कोई दीपक जलता था और न ही कोई प्रसाद चढ़ाया जाता था। हालाँकि मंदिर को अन्य लोग भूल चुके थे, पर वह व्यक्ति कभी वहाँ रुकना नहीं भूलता था। अपना दैनिक काम समाप्त करने के बाद, वह ध्यान से एक जंगली फूल चुनता, मंदिर लौटता और हाथ जोड़कर धीरे से फुसफुसाता: "हे प्रभु! मेरे पास केवल यही है, कृपया इसे मेरे सच्चे हृदय से स्वीकार करें।" वहाँ न कोई मंत्र थे, न आरती, और न ही कोई जटिल पूजा—केवल एक फूल और अपार प्रेम का प्रवाह था। वर्षों की मौन भक्ति समय बीतता गया। ऋतुएँ बदलीं। लेकिन लकड़हारे का प्रतिदिन एक फूल अर्पित करने का नियम बिना रुके जारी रहा। भगवान, जो अनुष्ठानों में नहीं बल्कि अपने भक्त के हृदय में निवास करते हैं, प्रतिदिन उस फूल को अत्यंत प्रसन्नता के साथ स्वीकार करते थे। दूसरों से अनदेखा, भक्ति का यह कार्य पूरे ब्रह्मांड में गूंजता रहा। मृत्यु के समय परीक्षा अंततः, वह व्यक्ति वृद्ध हो गया और इस संसार में उसका समय समाप्त हो गया। मृत्यु के देवता यमराज ने उसकी आत्मा को लाने के लिए अपने दूतों को भेजा। लेकिन जैसे ही भयानक और अंधकारमय यमदूत आगे बढ़े, उन्हें भगवान के तेजस्वी दूतों, यानी विष्णुदूतों ने रोक दिया। यमदूतों ने विरोध किया: "यह व्यक्ति दीक्षित नहीं था। इसने कभी मंत्रों का जाप नहीं किया, कभी व्रत नहीं रखा, न ही कोई यज्ञ किया। इसने एक साधारण जीवन जिया, केवल आजीविका के लिए काम किया और कभी शास्त्रों का अध्ययन नहीं किया!" विष्णुदूतों ने शांति से उत्तर दिया: "परंतु उसने प्रतिदिन शुद्ध भक्ति के साथ भगवान विष्णु को एक फूल अर्पित किया। उसने कभी कुछ नहीं माँगा, किसी फल की अपेक्षा नहीं की। उसने केवल प्रभु से निस्वार्थ प्रेम किया। वह प्रेम हज़ारों जन्मों के शुष्क अनुष्ठानों से बढ़कर है। उसका हृदय प्रभु का था, और इसलिए उसकी आत्मा भी उन्हीं की है।" इस उच्च आध्यात्मिक सत्य का खंडन न कर पाने के कारण यमदूत एक ओर हट गए। वैकुंठ की ओर गमन विष्णुदूतों ने लकड़हारे की आत्मा को अत्यंत प्रेमपूर्वक उठाया। एक ही क्षण में, उसका भौतिक शरीर पीछे छूट गया और उसका आध्यात्मिक स्वरूप प्रकट हुआ—तेजस्वी, आनंदमय और समस्त दुखों से मुक्त। उसे वैकुंठ, यानी शाश्वत आध्यात्मिक लोक ले जाया गया, जहाँ वह अनंत आनंद और प्रेम से घिरे हुए भगवान के निज सेवकों में सम्मिलित हो गया। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 *इतना फायदेमंद है जैतून का तेल, जानें फायदे* 1 जैतून के तेल में फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है जो हृदय रोग के खतरों को कम करती है। मधुमेह रोगियों के लिए यह काफी लाभदायक है। शरीर में शुगर की मात्रा को संतुलित बनाए रखने में इसकी खास भूमिका है। इसलिए आहार में भी इस तेल का प्रयोग किया जाता है। 2 इसमें संतृप्त वसा की मात्रा कम होती है जिससे शरीर में कॉलेस्टेरोल की मात्रा को भी संतुलित बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे हृदयाघात का खतरा काफी कम हो जाता है। 3 जैतून के तेल में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा भी काफी होती है। इसमें विटामिन ए, डी, ई, के और बी-कैरोटिन की मात्रा अधिक होती है। इससे कैंसर से लड़ने में आसानी होती है साथ ही यह मानसिक विकार दूर कर आपको जवां बनाए रखने में भी मदद करता है। 4 ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में किए गए एक शोध के अनुसार जैतून का तेल आंत में होने वाले कैंसर से बचाव करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। 5 जैतून के तेल में कैल्शि‍यम की काफी मात्रा पाई जाती है, इसलिए भोजन में इसका उपयोग या अन्य तरीकों से इसे आहार में लेने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। 6 जैतून के तेल में संतृप्त वसा लगभग ना के बराबर होता है जिससे यह आपके शुुगर लेवल को नियंत्रि‍त करता है। साथ ही इसे खाने से बॉर्डर लाइन डायबीटिज होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। 7 लंबे समय तक जैतून के तेल को आहार में शामिल करने पर यह शरीर में मौजूद वसा को खुद ब खुद कम करने लगता है। इससे आपका मोटापा कम होता है, वह भी हेल्दी तरीके से। प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏

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  • यह मानवता का ऐसा दृश्य इसको देखकर आत्मा जग उठेगी .... कैंसर की अंतिम स्टेज से जूझ रहे पिता को जब अहसास हुआ कि उनके पास अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है, तो उन्होंने अपने बेटे मंत्र को अपने पास बुलाया. उन्होंने बहुत ही प्यार और दुलार से अपने बेटे को समझाया कि उनके जाने के बाद उसे कैसे रहना है. पिता ने बेटे से कहा कि वह अपनी मां की हर बात सुने और कभी भी बदमाशी न करे. उन्होंने मासूम को समझाया कि अब परिवार की जिम्मेदारी और मां-बहनों का ख्याल रखने का वक्त उसका ही है. वीडियो में पिता अपने मासूम बेटे का हौसला बढ़ाते नजर आ रहे हैं. जब बच्चा भावुक होने लगता है, तो पिता बड़े ही प्यार से उससे कहते हैं कि रोना नहीं है, तुम तो बहुत अच्छे और समझदार बच्चे हो ना. उन्होंने बेटे से रोने का वादा भी लिया ताकि उनके जाने के बाद बच्चा हिम्मत से काम ले सके. पिता की ये बातें सुनकर इंटरनेट पर हर कोई भावुक हो रहा है और इस पिता के जज्बे को सलाम कर रहा है. उन्होंने अपने बेटे को साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी मां का ख्याल रखेगा और उनकी हर बात मानेगा. इसके साथ ही उन्होंने बेटे को याद दिलाया कि उसे अपनी दो छोटी बहनों का भी ध्यान रखना है और उनकी रक्षा करनी है. छोटी सी उम्र में बेटे को एक जिम्मेदार इंसान बनाने की यह कोशिश दिल छू लेने वाली है
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वीडियो में पिता अपने मासूम बेटे का हौसला बढ़ाते नजर आ रहे हैं. जब बच्चा भावुक होने लगता है, तो पिता बड़े ही प्यार से उससे कहते हैं कि रोना नहीं है, तुम तो बहुत अच्छे और समझदार बच्चे हो ना. उन्होंने बेटे से रोने का वादा भी लिया ताकि उनके जाने के बाद बच्चा हिम्मत से काम ले सके. पिता की ये बातें सुनकर इंटरनेट पर हर कोई भावुक हो रहा है और इस पिता के जज्बे को सलाम कर रहा है.
उन्होंने अपने बेटे को साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी मां का ख्याल रखेगा और उनकी हर बात मानेगा. इसके साथ ही उन्होंने बेटे को याद दिलाया कि उसे अपनी दो छोटी बहनों का भी ध्यान रखना है और उनकी रक्षा करनी है. छोटी सी उम्र में बेटे को एक जिम्मेदार इंसान बनाने की यह कोशिश दिल छू लेने वाली है
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    Jitesh kumar
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    5 hrs ago
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    पवित्र श्रावण मास में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर  अयोध्या धाम में स्थाई प्रकाश व्यवस्था का शुभारंभ 
पवित्र श्रावण मास में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम में स्थायी रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था का शुभारंभ हो चुका है।
स्वर्णिम प्रभा से आलोकित मंदिर का उत्तुंग शिखर और दूर-दूर तक विस्तृत भव्य परिसर मानो दिव्यता का साकार रूप धारण कर श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभूति से अभिभूत कर देता है। रात्रि की नीरवता में ज्योतिर्मय श्रीराम मंदिर की अनुपम छटा श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक वैभव का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करती है।
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  • बंदरों ने देखा बच्चों को झूलने का नजारा सुबह शाम दोनों समय मैं आते हैं यहां छोटे बच्चे झूला झूल रहे थे उनको देखकर बंदरों में भी झूलने का मन बनाया पास में आकर के बैठ गए झूला झूलते बच्चों को देखने के लिए । पावर हाउस कॉलोनी हीरापुरा में इतनी हरियाली है की सुबह शाम लोग घूमने के लिए यहां आते हैं
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  • जयपुर से बड़ी खबर | छात्रसंघ चुनाव की मांग तेज जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े छात्र नेताओं ने अब आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा कर दी है। बताया जा रहा है कि छात्र नेता लगातार 30 घंटे से अधिक समय से टंकी पर डटे हुए हैं। प्रशासन उन्हें नीचे उतारने का प्रयास कर रहा है, लेकिन फिलहाल कोई समाधान नहीं निकल सका है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए सरकार और प्रशासन से बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकालने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। आपकी क्या राय है? क्या छात्रसंघ चुनाव बहाल होने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
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    पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    रिपोर्टर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • जयपुर पुलिस और सीएसटी टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर की छापेमारी,11 युवक युवतियों को पड़कर कंप्यूटर लैपटॉप सहित कई सामान कीए जप्त जयपुर पुलिस और सीएसटी टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी करते हुए 11 युवक युवतियों को गिरफ्तार करने का मामला सामने आया हैं हालांकि छापेमारी की घटना गुरुवार की बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जवाहर नगर थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट में यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- जांच में सामने आया है कि इस कॉल सेंटर के जरिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों के लोगों को ई-मित्र आईडी उपलब्ध कराने और ई-मित्र पर मिलने वाली विभिन्न सेवाओं के माध्यम से रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। आरोपियों ने नौकरी और मोटी कमाई का लालच देकर लोगों से बड़ी रकम वसूली। वहीं डीसीपी क्राइम संजीव नैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग लोगों से 40 हजार से लेकर 70 हजार रुपए तक वसूले, लेकिन न तो उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया और न ही वादा की गई सेवाएं दीं। इस तरह लोगों को सुनियोजित तरीके से ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले दो से तीन वर्षों से संचालित किया जा रहा था। बरामद कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
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    जयपुर पुलिस और सीएसटी टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर की छापेमारी,11 युवक युवतियों को पड़कर कंप्यूटर लैपटॉप सहित कई सामान कीए जप्त 
जयपुर पुलिस और सीएसटी टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी करते हुए 11 युवक युवतियों को गिरफ्तार करने का मामला सामने आया हैं हालांकि छापेमारी की घटना गुरुवार की बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जवाहर नगर थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट में यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- जांच में सामने आया है कि इस कॉल सेंटर के जरिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों के लोगों को ई-मित्र आईडी उपलब्ध कराने और ई-मित्र पर मिलने वाली विभिन्न सेवाओं के माध्यम से रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। आरोपियों ने नौकरी और मोटी कमाई का लालच देकर लोगों से बड़ी रकम वसूली। वहीं डीसीपी क्राइम संजीव नैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग लोगों से 40 हजार से लेकर 70 हजार रुपए तक वसूले, लेकिन न तो उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया और न ही वादा की गई सेवाएं दीं। इस तरह लोगों को सुनियोजित तरीके से ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले दो से तीन वर्षों से संचालित किया जा रहा था। बरामद कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
    user_Vijender Singh Singh
    Vijender Singh Singh
    Jaipur, Rajasthan•
    16 hrs ago
  • टंकी पर चढ़े छात्रों की सरकार को चेतावनी दो घंटे बाद टंकी पर ही शुरू करेंगे आमरण अनशन टंकी पर चढ़े छात्रों की सरकार को चेतावनी दो घंटे बाद टंकी पर ही शुरू करेंगे आमरण अनशन
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    टंकी पर चढ़े छात्रों की सरकार को चेतावनी दो घंटे बाद टंकी पर ही शुरू करेंगे आमरण अनशन
टंकी पर चढ़े छात्रों की सरकार को चेतावनी दो घंटे बाद टंकी पर ही शुरू करेंगे आमरण अनशन
    user_Vivek singh jadoun
    Vivek singh jadoun
    News Anchor Jaipur, Rajasthan•
    17 hrs ago
  • छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर NSUI का उग्र प्रदर्शन, टोंक रोड जाम; कई कार्यकर्ता हिरासत में जयपुर। छात्रसंघ चुनाव बेहाली की मांग को लेकर एनएसयूआई का आंदोलन शुक्रवार को और तेज हो गया। पानी की टंकी पर आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेताओं के समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टोंक रोड पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुछ समय के लिए टोंक रोड जाम कर दिया, जिससे रामबाग से गोपालपुरा तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जबकि कुछ सड़क पर लेटकर विरोध जताने लगे। पुलिस ने उन्हें हटाकर वाहनों में बैठाया और कई छात्र नेताओं व समर्थकों को हिरासत में ले लिया। वहीं, पानी की टंकी पर ओमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच फिलहाल कोई सहमति नहीं बन सकी है। आंदोलन को देखते हुए टोंक रोड क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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    छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर NSUI का उग्र प्रदर्शन, टोंक रोड जाम; कई कार्यकर्ता हिरासत में
जयपुर। छात्रसंघ चुनाव बेहाली की मांग को लेकर एनएसयूआई का आंदोलन शुक्रवार को और तेज हो गया। पानी की टंकी पर आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेताओं के समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टोंक रोड पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुछ समय के लिए टोंक रोड जाम कर दिया, जिससे रामबाग से गोपालपुरा तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जबकि कुछ सड़क पर लेटकर विरोध जताने लगे। पुलिस ने उन्हें हटाकर वाहनों में बैठाया और कई छात्र नेताओं व समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
वहीं, पानी की टंकी पर ओमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच फिलहाल कोई सहमति नहीं बन सकी है। आंदोलन को देखते हुए टोंक रोड क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
    user_Sunita sharma
    Sunita sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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