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युवाओं को 'कॉकरोच' कहे जाने वाले बयान पर अपूर्व विक्रम शाह ने एक 'करारा जवाब' दिया है। इस 'पलटवार' के बाद से अब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP), 'कॉकरोच वेव', 'कॉकरोच क्रांति' और 'कॉकरोच आर्मी' जैसे शब्द ज़ोरों पर चर्चा में आ गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को एक 'वायरल भाषण', 'फनी पॉलिटिक्स' और 'पॉलिटिकल मीम' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 'कॉकरोच शक्ति' के ज़रिए जवाब देने का प्रयास किया गया है।
Dharmendra Raikwar
युवाओं को 'कॉकरोच' कहे जाने वाले बयान पर अपूर्व विक्रम शाह ने एक 'करारा जवाब' दिया है। इस 'पलटवार' के बाद से अब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP), 'कॉकरोच वेव', 'कॉकरोच क्रांति' और 'कॉकरोच आर्मी' जैसे शब्द ज़ोरों पर चर्चा में आ गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को एक 'वायरल भाषण', 'फनी पॉलिटिक्स' और 'पॉलिटिकल मीम' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 'कॉकरोच शक्ति' के ज़रिए जवाब देने का प्रयास किया गया है।
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- निवाड़ी जिले के वार्ड नंबर 14 में स्थित हर्ष मऊ तिराहे के पास की नालियां पूरी तरह से चोक हो गई हैं। इन चोक नालियों के कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन और दैनिक गतिविधियों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- झांसी में गुंडागर्दी में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कड़ी कार्रवाई की है।1
- गुरु श्री नियमित उस्ताद बेधड़क जी का 40वां कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जहाँ मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने इन शिकायतों के बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखने के बाद सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को भी अवगत कराया। आरोप है कि डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं और सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि ऐसी स्थिति में यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसके अतिरिक्त, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी में घंटों भटकना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर टी-शर्ट और चप्पल पहने हुए थे, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था। इस पूरे मामले में डॉ. अंकित राजपूत और डॉ. महेंद्र पटेल के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में साफ-सफाई और अनुशासन की स्थिति बेहद खराब है, और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रदेश के 72 जिलों में फैले 1011 परीक्षा केंद्रों पर 20,500 से अधिक AI आधारित CCTV कैमरों के ज़रिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इन सभी केंद्रों से परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग झांसी स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर से की जाएगी। परीक्षा के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी 37 हजार से ज़्यादा अधिकारी और कर्मचारी संभालेंगे। इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था के तहत कुल 4.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी हर गतिविधि पर इन AI कैमरों की पैनी नज़र रहेगी।1
- मोदी सरकार के एक मंत्री पर जनता से झूठ बोलने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक खबर के प्रकाशन और एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट के लीक होने के बाद, अब तेल कंपनियों के मुनाफे का असली सच सामने आ गया है, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि एक बहुत बड़ी बात जनता से छिपाई गई थी। यह बड़ा खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब एलपीजी संकट (LPG Crisis) और ईंधन मूल्य वृद्धि (Fuel Price Hike) जैसे मुद्दे पहले से ही सार्वजनिक बहस का विषय बने हुए हैं। इस घटना ने सत्ता में बैठे लोगों द्वारा सच्चाई को दबाने के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे जनता के बीच मोदी सरकार और बीजेपी के खिलाफ लगे आरोप और भी मजबूत हुए हैं। जनता अब इस पूरे मामले में जवाबदेही की मांग कर रही है, और यह घटना सार्वजनिक विरोध (Public Protest) की भावना को और हवा दे रही है।1
- हाजीपुर रेलवे स्टेशन परिसर में कस्टम विभाग, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत, पार्सल बोगी की गहन जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप कथित तौर पर विदेशी सुपारी से भरे लगभग 19 से 20 बोरे बरामद हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की मौके पर मौजूदगी के कारण कार्रवाई के दौरान इलाके में काफी गहमागहमी देखी गई। अधिकारी अब बरामद सुपारी के स्रोत, इसके परिवहन में शामिल लोगों और इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए एक विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।1