*कोल अधिकारी,राजनीति और कोयला कारोबार के गठजोड़ पर ईडी का बड़ा वार, जानें-कौन हैं एलबी सिंह* धनबाद न्यूज़:-कोल इंडियी की अनुषंगी कंपनी बीसीसीएल में कोयला खनन के ठेके में वर्चस्व स्थापित करने के बाद धनबाद कोयलांचल की राजनीति में पैठ बनाने की कोशिश कर रहे एलबी सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एलबी सिंह के खिलाफ ईडी ने शिकंजा कस दिया है।झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला माफिया के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई शुरू की। दोनों राज्यों में करीब 40 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई का फोकस धनबाद की देव-प्रभा कंपनी का मालिक एलबी सिंह बताए जा रहे हैं।धनबाद, झारखंड का कोयला हब है और लंबे समय से यहां राजनीति और कोयला कारोबार का गठजोड़ सत्ता की जमीन तैयार करता रहा है। इसी पृष्ठभूमि में एलबी सिंह का नाम हमेशा चर्चा में रहा है। एलबी सिंह मूल रूप से यूपी के बलिया के रहने वाले हैं। एलबी ने खनन कारोबार में बढ़ती पकड़ के बाद राजनीतिक जमीन पर भी कदम रखे, खासकर भाजपा से नजदीकियां बढ़ाईं। 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान सिंह ने धनबाद सीट से भाजपा का टिकट पाने की जोरदार कोशिश की थी।टिकट के लिए रायशुमारी के दौरान उनके समर्थकों और भाजपा विधायक राज सिन्हा समर्थकों के बीच टकराव भी हो चुका है। हालांकि पार्टी ने टिकट राज सिन्हा को ही दिया। बाद में एलबी सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को जिताने की अपील भी की, जिससे संकेत मिला कि वह राजनीति में लंबे खेल की तैयारी में हैं। ईडी के शिकंजे में केवल धनबाद ही नहीं, बल्कि कोलकाता, दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा जैसे शहरों में भी कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर तलाशी जारी है। ईडी अवैध कोयला खनन, चोरी, तस्करी और मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है।
*कोल अधिकारी,राजनीति और कोयला कारोबार के गठजोड़ पर ईडी का बड़ा वार, जानें-कौन हैं एलबी सिंह* धनबाद न्यूज़:-कोल इंडियी की अनुषंगी कंपनी बीसीसीएल में कोयला खनन के ठेके में वर्चस्व स्थापित करने के बाद धनबाद कोयलांचल की राजनीति में पैठ बनाने की कोशिश कर रहे एलबी सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एलबी सिंह के खिलाफ ईडी ने शिकंजा कस दिया है।झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला माफिया के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई शुरू की। दोनों राज्यों में करीब 40 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई का फोकस धनबाद की देव-प्रभा कंपनी का मालिक एलबी सिंह बताए जा रहे हैं।धनबाद, झारखंड का कोयला हब है और लंबे समय से यहां राजनीति और कोयला कारोबार का गठजोड़ सत्ता की जमीन तैयार करता रहा है। इसी पृष्ठभूमि में एलबी सिंह का नाम हमेशा चर्चा में रहा है। एलबी सिंह मूल रूप से यूपी के बलिया के रहने वाले हैं। एलबी ने खनन कारोबार में बढ़ती पकड़ के बाद राजनीतिक जमीन पर भी कदम रखे, खासकर भाजपा से नजदीकियां बढ़ाईं। 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान सिंह ने धनबाद सीट से भाजपा का टिकट पाने की जोरदार कोशिश की थी।टिकट के लिए रायशुमारी के दौरान उनके समर्थकों और भाजपा विधायक राज सिन्हा समर्थकों के बीच टकराव भी हो चुका है। हालांकि पार्टी ने टिकट राज सिन्हा को ही दिया। बाद में एलबी सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को जिताने की अपील भी की, जिससे संकेत मिला कि वह राजनीति में लंबे खेल की तैयारी में हैं। ईडी के शिकंजे में केवल धनबाद ही नहीं, बल्कि कोलकाता, दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा जैसे शहरों में भी कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर तलाशी जारी है। ईडी अवैध कोयला खनन, चोरी, तस्करी और मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है।
- Amit Shah के रोड शो से पहले बवाल! बंगाल में बढ़ी सियासी गर्मी?1
- दारू ( हजारीबाग): दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडकुरी पंचायत के मोक्तम्मा गांव में घरेलू जमीनी विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद में उमेश तुरी और उनके पुत्र आर्यन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमेश तुरी और उनके भाई कामेश्वर तुरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मामले के समाधान के लिए पंचायत मुखिया भोला तुरी की उपस्थिति में गांव में बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान कामेश्वर तुरी की पत्नी ने परिवार के सदस्यों के अनुपस्थित रहने का हवाला देते हुए बैठक को 5 अप्रैल तक स्थगित करने की बात कही, जिस पर ग्रामीणों ने सहमति जताई और बैठक समाप्त हो गई। आरोप है कि बैठक खत्म होने के करीब 10 मिनट बाद कामेश्वर तुरी अपने परिवार के साथ पहुंचे और उमेश तुरी व उनके बेटे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दारू थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।3
- यह सफलता हमारी मेडिकल टीम की दक्षता और समर्पण का परिणाम है : जया सिंह हज़ारीबाग शहर के प्रतिष्ठित एचजेडबी आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है। अस्पताल के वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. बी.एन. प्रसाद ने एक ऐसे मरीज का सफल ऑपरेशन किया है, जो बार-बार उभरने वाले जटिल हर्निया से पीड़ित था। इस सफल सर्जरी के बाद मरीज को नई ज़िंदगी मिली है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित मरीज पहले भी दो बार हर्निया की सर्जरी करा चुका था, लेकिन दोनों ही बार यह समस्या पुनः सामने आ गई थी। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से ऐसे मामलों में तीसरी बार सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। जिसमें पहले लगाए गए मेश (जाली) को निकालना पड़ता है। यह प्रक्रिया न केवल जटिल होती है, बल्कि इसमें संक्रमण और अन्य जोखिमों की संभावना भी अधिक रहती है। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. बी.एन. प्रसाद ने पारंपरिक पद्धति से हटकर आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने आई.पी.ओ.एम.तकनीक के माध्यम से इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 15×15 सेंटीमीटर का विशेष मेश मरीज के पेट के अंदर सुरक्षित रूप से लगाया गया, जिससे हर्निया की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सका। डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार की उन्नत लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी हज़ारीबाग़ में पहली बार की गई है। अब तक इस तरह के जटिल मामलों के लिए मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस सफलता के बाद स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध होने की राह और मजबूत हो गई है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी रिकवरी भी संतोषजनक गति से हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लैप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी स्वस्थ होने का लाभ मिलता है। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हज़ारीबाग़ के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल निरंतर नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने इसे पूरी टीम के समर्पण और कुशलता का परिणाम बताते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा, विश्वास और बेहतर उपचार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफल सर्जरी से न केवल अस्पताल की पहचान मजबूत होती है, बल्कि मरीजों का भरोसा भी बढ़ता है। इस सफल ऑपरेशन को न केवल अस्पताल, बल्कि पूरे हज़ारीबाग़ के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में और भी जटिल सर्जरी अब शहर में ही संभव हो पाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।1
- चतरा जिले के सिमरिया में 'नो-एंट्री' के नाम पर हो रही अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। यह कदम सोशल मीडिया पर एक 57 सेकंड का वीडियो वायरल होने के बाद उठाया गया, जिसमें चौकीदार सत्येंद्र सिंह ट्रक चालकों से खुलेआम पैसे लेते हुए दिख रहा है। सिमरिया अंचल अधिकारी (सीओ) गौरव कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने आरोपी चौकीदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। यह पूरा मामला चतरा-रांची मुख्य मार्ग NH-22 पर स्थित जबड़ा बाजार चेकपोस्ट का है। इस घटना से विभाग की छवि धूमिल हुई है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। वायरल वीडियो में चौकीदार सत्येंद्र सिंह ट्रकों को 'नो-एंट्री' के दौरान पास कराने के नाम पर चालकों से अवैध वसूली करते हुए स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। वीडियो में वह ट्रकों को रोककर उनसे पैसे लेते और उन्हें अपनी वर्दी की जेब में रखते हुए नजर आ रहे हैं।1
- हजारीबाग में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान एक दुखद घटना घटी, जहाँ कलाबाजी (करतब) दिखाते समय एक युवक की जान चली गई।1
- Post by Umanshu Ranjan1
- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- चारों ओर झुमरा पहाड़, घने जंगल और पेड़ों की जड़ों के नीचे प्राकृतिक गुफा इसे और खास बनाते हैं। सुकून भरा मनमोहक स्थान।1