एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (ACFI) ने आगामी फिल्म “द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस” में कृषि रसायनों के विरुद्ध कथित रूप से भ्रामक और आधारहीन आरोपों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन का आरोप है कि यह फिल्म भारतीय किसानों को कलंकित करने के साथ-साथ देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली नियामक व्यवस्थाओं को कमजोर दिखाने का प्रयास कर रही है। इस संबंध में ACFI ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष को एक पत्र भेजकर फिल्म में किए गए दावों की गहन जांच करने और 24 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। ACFI के महानिदेशक ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर आधुनिक कृषि पद्धतियों को स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ने का सनसनीखेज प्रयास करता है, जिसके समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। संगठन ने स्पष्ट किया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से हुए अध्ययनों में 96.5 प्रतिशत से अधिक कृषि उत्पाद निर्धारित कीटनाशक अवशेष सीमा के भीतर और सुरक्षित पाए गए हैं। इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मापदंडों का हवाला देते हुए संगठन ने कैंसर और कृषि उत्पादों के बीच फिल्म द्वारा स्थापित किए गए कथित प्रत्यक्ष संबंध को भी खारिज किया है। फिल्म में कीटनाशकों के कारण होने वाली मौतों के आंकड़ों के प्रस्तुतीकरण पर भी ACFI ने गंभीर आपत्ति जताई है। संगठन ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ‘एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रेलर में जटिल स्वास्थ्य मुद्दों को भ्रामक तरीके से पेश किया गया है। ACFI के अनुसार, भारतीय खाद्य पदार्थों को “स्लो पॉइज़न” बताने से न केवल घरेलू स्तर पर लोगों का विश्वास प्रभावित होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश के कृषि निर्यात को नुकसान पहुंच सकता है। संगठन ने जोर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए, क्योंकि इस फिल्म का अनुचित चित्रण भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और नियामक संस्थाओं की विश्वसनीयता को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकता है।
एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (ACFI) ने आगामी फिल्म “द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस” में कृषि रसायनों के विरुद्ध कथित रूप से भ्रामक और आधारहीन आरोपों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन का आरोप है कि यह फिल्म भारतीय किसानों को कलंकित करने के साथ-साथ देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली नियामक व्यवस्थाओं को कमजोर दिखाने का प्रयास कर रही है। इस संबंध में ACFI ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष को एक पत्र भेजकर फिल्म में किए गए दावों की गहन जांच करने और 24 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। ACFI के महानिदेशक ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर आधुनिक कृषि पद्धतियों को स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ने का सनसनीखेज प्रयास करता है, जिसके समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। संगठन ने स्पष्ट किया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से हुए अध्ययनों में 96.5 प्रतिशत से अधिक कृषि उत्पाद निर्धारित कीटनाशक अवशेष सीमा के भीतर और सुरक्षित पाए गए हैं। इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मापदंडों का हवाला देते हुए संगठन ने कैंसर और कृषि उत्पादों के बीच फिल्म द्वारा स्थापित किए गए कथित प्रत्यक्ष संबंध को भी खारिज किया है। फिल्म में कीटनाशकों के कारण होने वाली मौतों के आंकड़ों के प्रस्तुतीकरण पर भी ACFI ने गंभीर आपत्ति जताई है। संगठन ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ‘एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रेलर में जटिल स्वास्थ्य मुद्दों को भ्रामक तरीके से पेश किया गया है। ACFI के अनुसार, भारतीय खाद्य पदार्थों को “स्लो पॉइज़न” बताने से न केवल घरेलू स्तर पर लोगों का विश्वास प्रभावित होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश के कृषि निर्यात को नुकसान पहुंच सकता है। संगठन ने जोर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए, क्योंकि इस फिल्म का अनुचित चित्रण भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और नियामक संस्थाओं की विश्वसनीयता को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकता है।
- बिहार के हाजीपुर से निकलते समय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर हवा में लटक गया।1
- बिहार के हाजीपुर में एक कार्यक्रम के समापन के बाद पटना लौट रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद हवा में अटक गया। वे वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे पटना लौट रहे थे, तब यह वाकया हुआ। इस दौरान क्षण भर के लिए तो सबकी सांसें थम गई थीं, लेकिन पायलट ने स्थिति संभाल ली।1
- बिहार के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी का हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के बाद करीब 150 फीट की ऊंचाई पर हवा में लगभग चार मिनट तक एक ही जगह मंडराता रहा। दोनों नेता पेपरलेस निबंध कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद हेलिकॉप्टर से वापस रवाना हो रहे थे। उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर के आगे बढ़ने के बजाय हवा में ही रुके रहने और दिशा बदलने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। हेलिकॉप्टर के दोबारा हेलीपैड पर उतरने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने तुरंत हेलीपैड के आसपास मौजूद लोगों को वहां से हटाना शुरू कर दिया। इस घटना की वजह रूट लाइन की पुष्टि न होना बताया जा रहा है। रूट क्लीयरेंस मिलने के बाद ही हेलिकॉप्टर ने हाजीपुर से अपने अगले गंतव्य के लिए उड़ान भरी। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार हाजीपुर पहुंचे थे, जहां एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जिला निबंधन कार्यालय में लोगों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं देने के उद्देश्य से पेपरलेस निबंध व्यवस्था की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिक से अधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।2
- जम्मू द्वीप यानी भारत देश में कुछ पिताओं के ऊपर उनके अपने ही परिवार के लोग उनके मरने के बाद भी अत्याचार कर रहे हैं। इस पूरे मामले को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखा जा सकता है।1
- बिहार के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हेलीकॉप्टर को लेकर अचानक भारी हलचल मच गई। निर्धारित कार्यक्रम के दौरान हेलीकॉप्टर के रुक जाने की खबर फैलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर जुटने लगे। हेलीकॉप्टर के रुकने की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई है। फिलहाल हेलीकॉप्टर के रुकने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।1
- फतुहा में नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान का दूसरा दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। यह अभियान फतुहा प्रखंड कार्यालय से शुरू होकर फतुहा चौक स्थित एसबीआई बैंक तक चलाया गया, जिसके दौरान प्रशासन ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। अभियान का नेतृत्व नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जगरनाथ यादव ने किया, और इस दौरान सिटी मैनेजर गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल मौजूद रहे। अभियान के दौरान फतुहा चौक पर एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया, जब करकट में विद्युत प्रवाह होने के कारण दुकानदार मुकेश कुमार के स्टाफ ज्ञात कुमार और विट्टू कुमार करंट की चपेट में आकर झुलस गए। दोनों घायलों को तत्काल फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। प्रशासन की निगरानी में बाकी अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।3
- बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव के पास हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन सिंह का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। बीते पांच जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव के रहने वाले सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में दो लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें से एक की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी और दूसरा आरोपी सचिन सिंह लगातार फरार चल रहा था। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए गठित एसआईटी (SIT) द्वारा बिहार, बंगाल और झारखंड में लगातार छापेमारी की जा रही थी, जिसके बाद कल देर रात उसे रांची से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जब गिरफ्तार अपराधी को साथ लेकर हथियार बरामद करने गई, तो उसने भागने की कोशिश की और फायरिंग की। इस पर पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में मुख्य आरोपी सचिन सिंह के पैर में गोली लग गई। गोली लगने से घायल आरोपी सचिन सिंह को इलाज के लिए भागलपुर भेजा गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। बांका के एसपी अमितेश कुमार ने इस एनकाउंटर और गिरफ्तारी की पुष्टि की है।1