ग्रामीण क्षेत्रों में सेहत से खिलवाड़: बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहे झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक, बेखबर जिम्मेदार पाटी :- ग्रामीण इलाकों में इन दिनों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का एक बड़ा खेल चल रहा है। जगह-जगह बिना किसी वैध डिग्री और दस्तावेज के झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानें सजाकर बैठे हैं। साधारण सर्दी-खांसी से लेकर गंभीर बीमारियों तक का इलाज ये बिना किसी डर के कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर मरीजों की जान जोखिम में डालने जैसा है। पाटी तहसील में 20 से अधिक मुख्यालय समेत आसपास गांवों में झोलाछाप डॉक्टर बेखौफ होकर इलाज कर रहे हैं। बिना वैध दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन के संचालन सूत्रों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, इन कथित डॉक्टरों के पास न तो स्वास्थ्य विभाग से किसी तरह का रजिस्ट्रेशन है और न ही क्लिनिक चलाने के आवश्यक वैध दस्तावेज। इसके बावजूद, गांव-देहात के इलाकों में ये बेखौफ होकर प्रैक्टिस कर रहे हैं। कई बार गलत दवाओं या हाई डोज एंटीबायोटिक देने के कारण मरीजों की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ जाती है, जिन्हें बाद में आनन-फानन में बड़े अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ता है। मजबूरी और अज्ञानता का फायदा ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी या वहां तक पहुंच में देरी का फायदा ये झोलाछाप डॉक्टर खूब उठा रहे हैं। सीधे-सादे ग्रामीणों को मीठी-मीठी बातों में फंसाकर और तुरंत आराम देने के नाम पर भारी-भरकम फीस व दवाओं के पैसे वसूले जा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। मुख्य चौराहों और गलियों में सरेआम चल रही इन अवैध दुकानों की जानकारी के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय-समय पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है, जिससे इन फर्जी डॉक्टरों के हौसले और बुलंद हो चुके हैं। कड़ी कार्रवाई की मांग क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर छापेमारी की जाए। इनके क्लिनिकों को सील कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी निर्दोष की जान के साथ और खिलवाड़ न हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में सेहत से खिलवाड़: बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहे झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक, बेखबर जिम्मेदार पाटी :- ग्रामीण इलाकों में इन दिनों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का एक बड़ा खेल चल रहा है। जगह-जगह बिना किसी वैध डिग्री और दस्तावेज के झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानें सजाकर बैठे हैं। साधारण सर्दी-खांसी से लेकर गंभीर बीमारियों तक का इलाज ये बिना किसी डर के कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर मरीजों की जान जोखिम में डालने जैसा है। पाटी तहसील में 20 से अधिक मुख्यालय समेत आसपास गांवों में झोलाछाप डॉक्टर बेखौफ होकर इलाज कर रहे हैं। बिना वैध दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन के संचालन सूत्रों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, इन कथित डॉक्टरों के पास न तो स्वास्थ्य विभाग से किसी तरह का रजिस्ट्रेशन है और न ही क्लिनिक चलाने के आवश्यक वैध दस्तावेज। इसके बावजूद, गांव-देहात के इलाकों में ये बेखौफ होकर प्रैक्टिस कर रहे हैं। कई बार गलत दवाओं या हाई डोज एंटीबायोटिक देने के कारण मरीजों की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ जाती है, जिन्हें बाद में आनन-फानन में बड़े अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ता है। मजबूरी और अज्ञानता का फायदा ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी या वहां तक पहुंच में देरी का फायदा ये झोलाछाप डॉक्टर खूब उठा रहे हैं। सीधे-सादे ग्रामीणों को मीठी-मीठी बातों में फंसाकर और तुरंत आराम देने के नाम पर भारी-भरकम फीस व दवाओं के पैसे वसूले जा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। मुख्य चौराहों और गलियों में सरेआम चल रही इन अवैध दुकानों की जानकारी के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय-समय पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है, जिससे इन फर्जी डॉक्टरों के हौसले और बुलंद हो चुके हैं। कड़ी कार्रवाई की मांग क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर छापेमारी की जाए। इनके क्लिनिकों को सील कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी निर्दोष की जान के साथ और खिलवाड़ न हो सके।
- निवाली में उल्टी-दस्त और बुखार के बढ़ते मामलों पर नगर परिषद की कार्रवाई, सभी वार्डों में कराया फॉगिंग* 1. निवाली में उल्टी-दस्त और बुखार के बढ़ते मामलों पर नगर परिषद की कार्रवाई, सभी वार्डों में कराया फॉगिंग* *2. बीमारियों से बचाव को लेकर निवाली नगर परिषद सक्रिय, फॉगिंग मशीन से किया धुंआ* *3. निवाली: संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर फॉगिंग, CMO ने लिया जायजा समाचार *निवाली, बड़वानी 31 जुलाई शुक्रवार (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) :* नगर में उल्टी, दस्त, सर्दी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद नगर परिषद ने बीमारियों से बचाव के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। ज्ञात हो कि नगर में बड़ी संख्या में मरीज शासकीय अस्पताल एवं निजी दवाखानों में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। स्थिति को देखते हुए नगर परिषद द्वारा कल गुरुवार शाम को नगर के सभी वार्डों में *फॉगिंग मशीन* चलाकर धुंआ किया गया। *नगर परिषद CMO श्री आर.एस. सोलंकी* एवं *राजस्व उप निरीक्षक श्री केतराम ब्राम्हण* के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। फॉगिंग का मुख्य उद्देश्य मच्छरों एवं संक्रमण को खत्म कर बीमारियों पर नियंत्रण करना है। CMO श्री सोलंकी ने बताया कि जो स्थान छूट गए हैं वहां भी जल्द ही फॉगिंग मशीन से धुंआ कराया जाएगा। साथ ही आगे भी समय-समय पर पूरे नगर में फॉगिंग कराई जाती रहेगी ताकि नागरिक बीमारियों से सुरक्षित रह सकें। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, पानी को ढककर रखें और बुखार, उल्टी-दस्त के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।2
- ककराना बाजार नर्मदा तट1
- gram punasala tahsil jila khargon MP 45 1331 hamari samasya hamare hamare gaon ichchapur Se punasala jaane ki sivana jaane ke liye rasta bandh pakka nahin Hai clear rasta nahin Hai pakka road nahin Hai Nadi mein puliya nahin Hai School Wale bacchon Ko aane jaane mein bahut samasya Hoti Hai Nadi paar karvane bapu Jana padta hai hamari samasya yahi hai iska Samadhan Karen MP Shivraj Singh Shivraj Singh landline 181 per main yah request kar raha hun Naam Raghunath Gram ichchapur Gram punasala tahsil jila khargon MP Madhya Pradesh Naka court 4513 311
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- नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान का समापन, 300 पौधों का रोपण बड़वानी। बड़वानी पुलिस द्वारा चलाए गए "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान का सफल समापन थाना वरला क्षेत्र के रोजानीमाल स्थित कुपसदेव मंदिर पहाड़ी पर किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने मिलकर करीब 300 पौधे लगाए। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने युवाओं से नशे से दूर रहने और शिक्षा, खेल तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में डीएफओ आई.एस. गाडरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीओपी अजय वाघमारे समेत कई अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। बड़वानी पुलिस ने अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही।1
- बारिश का कहर: शेगांव रोड का पुल डूबा, स्कूली बच्चों और किसानों की बढ़ी परेशानी नागलवाड़ी। पिछले लगभग 18 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नागलवाड़ी क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं। शेगांव रोड स्थित नाले के पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया। वहीं, ओझर की डेब नदी भी पूरे उफान पर दिखाई दी। लगातार बारिश के कारण आसपास की कई दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल काफी नीचे बना हुआ है, इसलिए हर वर्ष बरसात के दौरान यहां पानी भर जाता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यह मार्ग किसानों, स्कूली बच्चों और भिलट देव शिखर धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल पर रेलिंग नहीं होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की ऊंचाई बढ़ाने, चौड़ीकरण कराने और दोनों ओर मजबूत रेलिंग लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1