मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र से, खासकर राजगढ़ जिले में, पुरुषों के लिए 'रंडवा पेंशन' योजना लागू करने की एक नई और अनोखी मांग जोर पकड़ रही है। यह मांग प्रदेश के मुखिया मोहन यादव से की गई है, जिसमें महिलाओं की तर्ज पर पुरुषों को भी आर्थिक सहायता प्रदान करने की वकालत की गई है, इसे 'नई क्रांति की शुरुआत' बताया जा रहा है। बिहारी लाल, सुंदर लाल साहू और राजमिस्त्री दीपक शर्मा जैसे व्यक्तियों ने पत्रकारों के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई आर्थिक योजनाएं जैसे लाड़ली बहना, विधवा पेंशन और 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के लिए पेंशन संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, जवान विधवा महिलाओं को ससुराल पक्ष से कानूनी तौर पर जमीन-जायदाद सहित पति की संपत्ति में हिस्सा मिलता है, और पिता की संपत्ति पर भी उनका कानूनी अधिकार होता है, जिससे वे अपना जीवनयापन कर सकती हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक 'रंडवे' पुरुषों के लिए कोई समान योजना शुरू नहीं की है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। इस मांग के पीछे उन पुरुषों की चिंता है जिनकी आज तक शादी नहीं हुई, जिनकी पत्नियां किसी दूसरे के साथ भाग गईं, या जिनकी पत्नियों का आकस्मिक निधन हो गया, जिससे वे कम उम्र में ही 'रंडवे' हो गए। नरसिंहगढ़ ब्लॉक के रामगढ़ निवासी बुजुर्ग अर्जुन वर्मा ने भी अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनकी पत्नी और बेटे ने उनके साथ मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया है, जिससे वे भूखे मरने की कगार पर हैं, और उन्होंने भी सरकार से 'रांडवा पेंशन' दिए जाने की मांग की है। मालवा के 'मिनी कश्मीर' के जागरूक 'रंडवे' इस योजना के प्रभाव को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग, अधेड़ और नौजवान 'रंडवे' एक-दूसरे के संपर्क में हैं। राजगढ़ जिले के अहीर पुरुष विशेष रूप से इस योजना पर काम करने के लिए लगातार संपर्क में हैं। इन सभी का मानना है कि मध्य प्रदेश सरकार से 'रंडवा पेंशन' योजना लागू करवाने के लिए एक मजबूत मंच और बड़े आंदोलन की आवश्यकता है, जिसे सभी को एकजुट होकर मजबूत इच्छा शक्ति के साथ विधानसभा चुनाव से पहले धरातल पर उतारना होगा। बुद्धिजीवी वरिष्ठ नागरिकों ने भी सरकार से महिला-पुरुष में भेदभाव न करते हुए 'रंडवा पेंशन' योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपील की है।
मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र से, खासकर राजगढ़ जिले में, पुरुषों के लिए 'रंडवा पेंशन' योजना लागू करने की एक नई और अनोखी मांग जोर पकड़ रही है। यह मांग प्रदेश के मुखिया मोहन यादव से की गई है, जिसमें महिलाओं की तर्ज पर पुरुषों को भी आर्थिक सहायता प्रदान करने की वकालत की गई है, इसे 'नई क्रांति की शुरुआत' बताया जा रहा है। बिहारी लाल, सुंदर लाल साहू और राजमिस्त्री दीपक शर्मा जैसे व्यक्तियों ने पत्रकारों के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई आर्थिक योजनाएं जैसे लाड़ली बहना, विधवा पेंशन और 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के लिए पेंशन संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, जवान विधवा महिलाओं को ससुराल पक्ष से कानूनी तौर पर जमीन-जायदाद सहित पति की संपत्ति में हिस्सा मिलता है, और पिता की संपत्ति पर भी उनका कानूनी अधिकार होता है, जिससे वे अपना जीवनयापन कर सकती हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक 'रंडवे' पुरुषों के लिए कोई समान योजना शुरू नहीं की है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। इस मांग के पीछे उन पुरुषों की चिंता है जिनकी आज तक शादी नहीं हुई, जिनकी पत्नियां किसी दूसरे के साथ भाग गईं, या जिनकी पत्नियों का आकस्मिक निधन हो गया, जिससे वे कम उम्र में ही 'रंडवे' हो गए। नरसिंहगढ़ ब्लॉक के रामगढ़ निवासी बुजुर्ग अर्जुन वर्मा ने भी अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनकी पत्नी और बेटे ने उनके साथ मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया है, जिससे वे भूखे मरने की कगार पर हैं, और उन्होंने भी सरकार से 'रांडवा पेंशन' दिए जाने की मांग की है। मालवा के 'मिनी कश्मीर' के जागरूक 'रंडवे' इस योजना के प्रभाव को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग, अधेड़ और नौजवान 'रंडवे' एक-दूसरे के संपर्क में हैं। राजगढ़ जिले के अहीर पुरुष विशेष रूप से इस योजना पर काम करने के लिए लगातार संपर्क में हैं। इन सभी का मानना है कि मध्य प्रदेश सरकार से 'रंडवा पेंशन' योजना लागू करवाने के लिए एक मजबूत मंच और बड़े आंदोलन की आवश्यकता है, जिसे सभी को एकजुट होकर मजबूत इच्छा शक्ति के साथ विधानसभा चुनाव से पहले धरातल पर उतारना होगा। बुद्धिजीवी वरिष्ठ नागरिकों ने भी सरकार से महिला-पुरुष में भेदभाव न करते हुए 'रंडवा पेंशन' योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपील की है।
- मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में 14 जून को मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज आंधी, गरज-चमक और तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली, और जिले के कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। यह बारिश किसानों के लिए भी लाभदायक मानी जा रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। राजगढ़ और आसपास के क्षेत्रों की हर बड़ी खबर के लिए लोक जीविका न्यूज़ से जुड़े रहने का आह्वान किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के कालापीपल स्थित हाट बाजार में तेज आंधी-तूफान के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस मौसमी बदलाव से बाजार में अचानक हड़कंप मच गया।1
- मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में पत्रकार शिव गोस्वामी अब जिला ब्यूरो के रूप में कार्य कर रहे हैं।1
- सुसनेर नगर स्थित सुसनेर गोसेवाश्रम में संत श्री आसाराम जी महाराज की पावन प्रेरणा से अमावस्या मनाई गई। यह आयोजन पूज्य संत श्री के आध्यात्मिक मार्गदर्शन के अनुरूप हुआ।1
- सुसनेर के मोडी क्षेत्र में तेज हवाओं के कहर के चलते एक दीवार ढह गई। इस घटना में एक ही परिवार के चार बच्चे घायल हो गए। घायलों में से दो बच्चों को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।1
- रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना ने मध्य प्रदेश से अपनी एक विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत की है।1
- शनिवार शाम को शुजालपुर में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज तूफानी हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव से शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति भी बन गई। शहर के मुख्य मार्गों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छा गए और कुछ ही देर में हल्की बारिश शुरू हो गई। आंधी की गति इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर आ गिरीं, जिससे वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई और कुछ जगहों पर जाम जैसी स्थिति भी देखने को मिली। तेज हवाओं के चलते बाजार क्षेत्र में भी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाते नजर आए, और कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों के बाहर रखे सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने इसे अचानक हुआ बदलाव बताया, जिसने कुछ समय के लिए शहर की सामान्य गतिविधियों को प्रभावित किया, हालांकि बारिश अधिक देर तक नहीं चली। इस बदली हुई मौसमी स्थिति के बीच, प्रशासन और नगर पालिका के कर्मचारियों ने सड़कों पर गिरी टहनियों को हटाने का कार्य किया, जिससे यातायात को सुचारू बनाया जा सके। शनिवार शाम हुई आंधी और हल्की बारिश ने एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में असुविधा भी पैदा कर दी। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी इसी तरह मौसम में बदलाव की संभावना जताई है।1
- आज से दाऊदी बोहरा समुदाय का 10 दिवसीय मातमी पर्व शुरू हो रहा है। इस धार्मिक आयोजन के चलते सुसनेर में आगामी 10 दिनों तक कारोबार पूरी तरह से बंद रहने की घोषणा की गई है।1
- सुसनेर के मोडी चौराहे पर हाईवे पर एक ट्रक में अज्ञात कारणों से आग लगने का खौफनाक मंजर सामने आया। इस घटना से मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही, दमकल की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।1