इंग्लैंड के 'रन मशीन' जो रूट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपने 14,000 रन पूरे कर लिए हैं। द ओवल के मैदान पर हजारों दर्शकों और उनके साथियों ने खड़े होकर इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। इस उपलब्धि के साथ, रूट अब टेस्ट इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रिकी पोंटिंग, जैक्स कैलिस और राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए दूसरे पायदान पर आ गए हैं। 14,000 रनों के आंकड़े तक पहुंचने में जो रूट ने सचिन तेंदुलकर से ज्यादा पारियां (302) लीं, जबकि सचिन ने यह मुकाम 279 पारियों में हासिल किया था। हालांकि, मैचों के लिहाज से जो रूट ने यह जादुई आंकड़ा अपने 165वें टेस्ट में ही पार कर लिया है, जबकि सचिन तेंदुलकर ने इसके लिए 271 मैच खेले थे, जो रूट की बेमिसाल निरंतरता को दर्शाता है। इस उपलब्धि के बाद क्रिकेट पंडितों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या 36 वर्षीय जो रूट, सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रनों के 'महा-रिकॉर्ड' को ध्वस्त कर पाएंगे। इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए रूट को अब लगभग 1,900 रनों की आवश्यकता है। उनके वर्तमान करियर औसत (लगभग 50.7) के आधार पर, उन्हें इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए करीब 38 पारियों या 19-20 टेस्ट मैचों की जरूरत होगी। यदि जो रूट अपनी वर्तमान फॉर्म और फिटनेस बनाए रखते हैं, और इंग्लैंड टीम एक साल में अमूमन 11 से 13 टेस्ट मैच खेलती है, तो वह साल 2028 के मध्य तक सचिन तेंदुलकर के इस सबसे बड़े रिकॉर्ड को तोड़कर दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बन सकते हैं। जो रूट की बेजोड़ फिटनेस और खेल के प्रति उनकी भूख उनके पक्ष में सबसे बड़ी बात है। वह मौजूदा समय में खेल रहे सक्रिय क्रिकेटरों में 14,000 का आंकड़ा पार करने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। अगर अगले दो साल तक उनकी फॉर्म में कोई बड़ी गिरावट नहीं आती और वह चोटिल होने से बचे रहते हैं, तो क्रिकेट इतिहास में 'सचिन का किला' ढहना लगभग तय माना जा रहा है।
इंग्लैंड के 'रन मशीन' जो रूट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपने 14,000 रन पूरे कर लिए हैं। द ओवल के मैदान पर हजारों दर्शकों और उनके साथियों ने खड़े होकर इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। इस उपलब्धि के साथ, रूट अब टेस्ट इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रिकी पोंटिंग, जैक्स कैलिस और राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए दूसरे पायदान पर आ गए हैं। 14,000 रनों के आंकड़े तक पहुंचने में जो रूट ने सचिन तेंदुलकर से ज्यादा पारियां (302) लीं, जबकि सचिन ने यह मुकाम 279 पारियों में हासिल किया था। हालांकि, मैचों के लिहाज से जो रूट ने यह जादुई आंकड़ा अपने 165वें टेस्ट में ही पार कर लिया है, जबकि सचिन तेंदुलकर ने इसके लिए 271 मैच खेले थे, जो रूट की बेमिसाल निरंतरता को दर्शाता है। इस उपलब्धि के बाद क्रिकेट पंडितों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या 36 वर्षीय जो रूट, सचिन तेंदुलकर के 15,921
टेस्ट रनों के 'महा-रिकॉर्ड' को ध्वस्त कर पाएंगे। इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए रूट को अब लगभग 1,900 रनों की आवश्यकता है। उनके वर्तमान करियर औसत (लगभग 50.7) के आधार पर, उन्हें इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए करीब 38 पारियों या 19-20 टेस्ट मैचों की जरूरत होगी। यदि जो रूट अपनी वर्तमान फॉर्म और फिटनेस बनाए रखते हैं, और इंग्लैंड टीम एक साल में अमूमन 11 से 13 टेस्ट मैच खेलती है, तो वह साल 2028 के मध्य तक सचिन तेंदुलकर के इस सबसे बड़े रिकॉर्ड को तोड़कर दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बन सकते हैं। जो रूट की बेजोड़ फिटनेस और खेल के प्रति उनकी भूख उनके पक्ष में सबसे बड़ी बात है। वह मौजूदा समय में खेल रहे सक्रिय क्रिकेटरों में 14,000 का आंकड़ा पार करने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। अगर अगले दो साल तक उनकी फॉर्म में कोई बड़ी गिरावट नहीं आती और वह चोटिल होने से बचे रहते हैं, तो क्रिकेट इतिहास में 'सचिन का किला' ढहना लगभग तय माना जा रहा है।
- महेशपुर प्रखंड के प्रतापपुर गाँव निवासी अरुणा टुडू का शव तमिलनाडु से उनके पैतृक गाँव तक पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जो झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी के विशेष प्रयासों के कारण संभव हो पाया। दुख की इस घड़ी में, उपासना मरांडी ने शोकाकुल परिवार के साथ खड़े होकर न सिर्फ अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं, बल्कि उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। ग्रामीणों और परिजनों ने उनके इस सराहनीय और मानवीय कार्य के लिए आभार प्रकट किया, जिसने संवेदनशीलता की एक मिसाल कायम करते हुए मानवता की जिम्मेदारी निभाई।4
- पाकुड़ जिला अदालत ने मंतोष कुमार सिंह की निर्मम हत्या और अपहरण के मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने इस मामले में राजन साह और मिलन कुमार साह नामक दो दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या की भयावह क्रूरता को देखते हुए एक विशेष आदेश भी दिया है। इसके तहत, दोनों दोषियों को उनकी सभी सजाएं एक के बाद एक, अलग-अलग भुगतनी होंगी, जिसे प्रभावी रूप से दोहरी उम्रकैद माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना मार्च 2024 में हुई थी, जब मंतोष को पत्थर से कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया था।1
- उधवा के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित पूर्वी उधवा पंचायत में पंचायत सचिवालय के पास उर्दू प्राथमिक विद्यालय बाबू टोला का बंद पड़ा भवन इन दिनों नशेरियों का अड्डा बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन दिन-रात असामाजिक तत्व जमा होते हैं और विशेषकर ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। नशेड़ियों का कहना है कि यह भवन उनके लिए नशा करने की एक बहुत अच्छी जगह है, जबकि यह पंचायत सचिवालय के बगल में ही है। यह विद्यालय पूर्व की झारखंड की रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान दूसरे विद्यालय में विलय कर दिया गया था, जिसके चलते सभी बच्चे और शिक्षक स्थानांतरित हो गए और विद्यालय बंद हो गया। हालांकि, चुनाव आयोग इस भवन का उपयोग विधानसभा और पंचायत चुनावों के दौरान मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र के रूप में भी करता रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि युवा इस नशे की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज ने इस संबंध में बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।4
- झारखंड के साहिबगंज जिले में मदन साई रोड और मदन साहब रोड पर सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस खबर से स्थानीय लोगों में खुशी और आश्चर्य का मिला-जुला माहौल देखा जा रहा है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव से एक शिक्षिका ने दर्शकों से एक भावुक सवाल पूछा है। शिक्षिका ने इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देने के लिए दर्शकों से कमेंट बॉक्स का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपने संदेश का समापन करते हुए सभी का धन्यवाद किया और अगले वीडियो में मिलने की बात कही।1
- बांका पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी टॉप-10 सूची में शामिल दो कुख्यात इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों अपराधी 25-25 हजार रुपये के इनामी थे और हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट तथा अन्य संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने प्रेस वार्ता के जरिए इस गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि इन बदमाशों को भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र से एक बिना नंबर की अपाची बाइक के साथ पकड़ा गया है। अपराध पर नकेल कसने के लिए बांका पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है।1
- बांका शहर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन बांका नगर परिषद के सभापति बालमुकुंद सिन्हा उर्फ मक्को दा और पूर्व सांसद जनार्दन प्रसाद यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया।1
- बांका जिले में पुलिस ने एक बड़े और सफल अभियान को अंजाम देते हुए दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे कई हत्याकांडों के सिलसिले में वांछित थे। पुलिस के इस ऑपरेशन में आखिर इन वांछित अपराधियों को पकड़ लिया गया।1