एक महिला सब इंस्पेक्टर ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने लखनऊ के पारा थाने पहुंचकर पुलिस पर भी कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला दरोगा ने बताया कि वह स्वयं प्रयागराज में तैनात हैं और हंस खेड़ा की निवासी हैं। उन्होंने अपनी सास, ससुर, पति और नंनद पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला दरोगा ने बताया कि वह कई दिनों से पारा पुलिस से न्याय के लिए गुहार लगा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उनके मामले में कोई कार्यवाही नहीं की और उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा था। इसी निष्क्रियता के कारण, वह अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचीं। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब स्वयं एक दरोगा होने के बावजूद, प्रयागराज में तैनात होने पर भी उनका मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है, तो आम लोगों का क्या होता होगा। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि अब दरोगा भी सुरक्षित नहीं हैं।
एक महिला सब इंस्पेक्टर ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्होंने लखनऊ के पारा थाने पहुंचकर पुलिस पर भी कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला दरोगा ने बताया कि वह स्वयं प्रयागराज में तैनात हैं और हंस खेड़ा की निवासी हैं। उन्होंने अपनी सास, ससुर, पति और नंनद पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला दरोगा ने बताया कि वह कई दिनों से पारा पुलिस से न्याय के लिए गुहार लगा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उनके मामले में कोई कार्यवाही नहीं की और उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा था। इसी निष्क्रियता के कारण, वह अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचीं। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब स्वयं एक दरोगा होने के बावजूद, प्रयागराज में तैनात होने पर भी उनका मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है, तो आम लोगों का क्या होता होगा। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि अब दरोगा भी सुरक्षित नहीं हैं।
- प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों ने कथित पेपर लीक मामले के विरोध में एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मोमबत्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग उठाई। छात्रों ने चंद्रशेखर आजाद पार्क तक मार्च निकालकर यह संदेश दिया कि मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, और मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।1
- प्रयागराज जिले के यमुनापार स्थित जसरा ब्लॉक की ग्राम सभा रेही में नए कोटेदार की नियुक्ति को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम सचिवालय पर भारी भीड़ लगाई। इस दौरान ग्रामीणों में अधिकारियों के प्रति गहरा रोष देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि वे महेंद्र यादव को अपना कोटेदार चुन रहे हैं, लेकिन अधिकारी इस मामले में हीला-हवाला कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी किसी और व्यक्ति को कोटेदार बनाना चाहते हैं, जिसका गांव वासी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पसंद को नजरअंदाज किया जा रहा है, और इस मनमानी के कारण कोटेदार की नियुक्ति को लेकर ग्रामीणों में भारी गुस्सा और असंतोष व्याप्त है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कल देहरादून पहुंचे। तेल बचत की अपील और प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखते हुए, उनके काफिले में सिर्फ 35 वाहन शामिल किए गए थे।1
- प्रयागराज मंडल में रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु यात्रियों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाओं पर चर्चा करना रहा।1
- प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र के शांतिपुरम इलाके में 22 वर्षीय युवक विवेक सिंह की आत्महत्या का मामला अब न्याय की लड़ाई बनता जा रहा है। युवक की मौत को एक महीना बीत चुका है, लेकिन परिवार का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित परिवार अब मीडिया और प्रशासन से इंसाफ की मांग कर रहा है। परिजनों ने बताया कि विवेक सिंह का पिछले चार वर्षों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध था, जिसकी शुरुआत इंस्टाग्राम से हुई थी। परिवार का आरोप है कि युवती पहले से दो शादियां कर चुकी थी और उसने विवेक को प्रेम जाल में फंसाकर उससे लाखों रुपये ऐंठे। इसके बाद युवती और उसके पति ने मिलकर विवेक को कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लगातार तनाव और दबाव के कारण विवेक पूरी तरह टूट चुका था। आत्महत्या से पहले उसने एक भावुक सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने साथ हुई पूरी घटना का जिक्र करते हुए अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया। मृतक की बहन ने आरोप लगाया है कि 26 अप्रैल को एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। परिवार जब थाने पर कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए फोन करता है, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। बहन ने मीडिया से कहा कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद उसका भाई आज जिंदा होता। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और वे सवाल उठा रहे हैं कि मृतक के वीडियो और सुसाइड नोट में आरोप लगाने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। परिवार की मुख्य मांग है कि सुसाइड नोट और वीडियो को मुख्य साक्ष्य माना जाए, युवती और उसके पति की तत्काल गिरफ्तारी हो, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाए। यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, और प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है, यह देखना बाकी है।3
- पंजाब विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सूपड़ा साफ होते ही संजय सिंह ने एक जोरदार हलचल मचा दी है। उन्होंने सीधे मोदी को संबोधित करते हुए एक तीखा और ललकार भरा संदेश दिया है, जिसमें कहा गया है कि 'सुनले मोदी! बाप बाप बाप होता है?' इस बयान के साथ संजय सिंह ने पंजाब में भाजपा की हार पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- प्रयागराज जिले में आई तेज आंधी और बारिश ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुँचाया है, जिसके कारण जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। इसके अतिरिक्त, कई मकानों और दुकानों को भी क्षति पहुँचने की खबरें हैं। इन गंभीर स्थितियों को देखते हुए, प्रयागराज के DM ने तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।1
- प्रयागराज के मानसरोवर चौराहे पर शुक्रवार को दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद अचानक गोलीबारी शुरू होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई और पूरे बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झगड़े के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोगों ने गोलियां चला दीं। इस घटना के तुरंत बाद, मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1