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कुसमी ब्रेकिंग

12 hrs ago
user_Mr Dayashankar Yadav
Mr Dayashankar Yadav
Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
12 hrs ago

कुसमी ब्रेकिंग

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • धान उपार्जन केंद्र डिपाडीह कलां समिति प्रबंधक गणेश पैकरा पब्लिक पैलेस में सीधी तोर दे रहा है 'धमकी'
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    धान उपार्जन केंद्र डिपाडीह कलां समिति प्रबंधक गणेश पैकरा पब्लिक पैलेस में सीधी तोर दे रहा है 'धमकी'
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • बताया जा रहा है,कुनकुरी के रेमते रोड मोहल्ले में सूने मकान में हुई चोरी के मामले में जशपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोना-चांदी के आभूषण, ताला व अलमारी तोड़ने में प्रयुक्त लोहे की रॉड जब्त की है।गिरफ्तार आरोपी: ♦️• साहिल चौहान उर्फ मंटू (22),वर्ष जो कुनकुरी के तुरी बस्ती का रहने वाला है। ♦️• दिवाकर ताम्रकार (28),वर्ष बजरंग नगर, कुनकुरी का रहने वाला बताया जा रहा है। इन आरोपियों के विरुद्ध थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय सहिंता की धारा 331(4), 305(क), 317(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। 🚨Dig एवं एसएसपी जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह का सख्त निर्देश किसी प्रकार कि चोरी करने वाले बदमाश आरोपियों को बक्सा नहीं जायेगा जाँच होने पर तत्काल सख्त कार्यवाही किया जायेगा। ♦️क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़♦️
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    बताया जा रहा है,कुनकुरी के रेमते रोड मोहल्ले में सूने मकान में हुई चोरी के मामले में जशपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोना-चांदी के आभूषण, ताला व अलमारी तोड़ने में प्रयुक्त लोहे की रॉड जब्त की है।गिरफ्तार आरोपी:
♦️• साहिल चौहान उर्फ मंटू (22),वर्ष जो कुनकुरी के तुरी बस्ती का रहने वाला है।
♦️• दिवाकर ताम्रकार (28),वर्ष बजरंग नगर, कुनकुरी का रहने वाला बताया जा रहा है।
इन आरोपियों के विरुद्ध थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय सहिंता की धारा 331(4), 305(क), 317(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
🚨Dig एवं एसएसपी जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह का सख्त निर्देश किसी प्रकार कि चोरी करने वाले बदमाश आरोपियों को बक्सा नहीं जायेगा जाँच होने पर तत्काल सख्त कार्यवाही किया जायेगा।
♦️क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़♦️
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    21 hrs ago
  • बलरामपुर में फिर उजागर हुई अफीम की खेती: दूरस्थ पंचायतों में बाहरी लोगों का नेटवर्क, जांच की मांग तेज बलरामपुर। जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार मामला करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत का है, जहां पहाड़ियों की तराई में बसे एक सुदूर गांव में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है। यह गांव झारखंड सीमा से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है और यहां तक पहुंचना भी काफी मुश्किल माना जाता है। बताया जा रहा है कि यह गांव पूरी तरह ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र में आता है, जहां आज तक विकास की खास पहुंच नहीं है। यहां के लोगों को आज भी सड़क, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। इसी दूरस्थता और प्रशासनिक पहुंच की कमी का फायदा उठाकर बाहरी क्षेत्र से आए कुछ लोगों ने ग्रामीणों को झांसे में लेकर जमीन लीज पर ली और वहां अफीम की खेती शुरू कर दी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि उनके इलाके में अफीम की खेती की जा रही है। आसपास के खेतों में काम करने वाले किसानों ने बताया कि जिन लोगों ने खेती की थी, उन्होंने इसे मसाले की फसल बताकर लगाया था। खेत के बगल में गेहूं की खेती करने वाले एक किसान ने बताया कि “हमें तो आज तक पता ही नहीं था कि यह अफीम है। उसने हमें बताया था कि यह कोई मसाले की खेती है।” ग्रामीणों का आरोप है कि भोले-भाले आदिवासियों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन लीज पर ली गई और उसके बाद बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की गई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में बाहरी लोगों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जो दूर-दराज के इलाकों को निशाना बनाकर अवैध खेती करा रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में बलरामपुर जिले के समरी थाना क्षेत्र में भी अवैध अफीम की खेती को लेकर कार्रवाई की गई थी। उस कार्रवाई में भी बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे नष्ट किए गए थे। अब करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत में इसी तरह का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि यदि इन मामलों की बारीकी से जांच की जाए तो संभव है कि अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आए इन मामलों के पीछे एक ही गिरोह या नेटवर्क का हाथ हो। सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर ऐसे लोग लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हों, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इन सभी मामलों को जोड़कर व्यापक स्तर पर जांच करे, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर अवैध अफीम की खेती का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में भोले-भाले ग्रामीणों को इस तरह के अवैध कामों में इस्तेमाल न किया जा सके।
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    बलरामपुर में फिर उजागर हुई अफीम की खेती: दूरस्थ पंचायतों में बाहरी लोगों का नेटवर्क, जांच की मांग तेज
बलरामपुर। जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार मामला करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत का है, जहां पहाड़ियों की तराई में बसे एक सुदूर गांव में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है। यह गांव झारखंड सीमा से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है और यहां तक पहुंचना भी काफी मुश्किल माना जाता है।
बताया जा रहा है कि यह गांव पूरी तरह ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र में आता है, जहां आज तक विकास की खास पहुंच नहीं है। यहां के लोगों को आज भी सड़क, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। इसी दूरस्थता और प्रशासनिक पहुंच की कमी का फायदा उठाकर बाहरी क्षेत्र से आए कुछ लोगों ने ग्रामीणों को झांसे में लेकर जमीन लीज पर ली और वहां अफीम की खेती शुरू कर दी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि उनके इलाके में अफीम की खेती की जा रही है। आसपास के खेतों में काम करने वाले किसानों ने बताया कि जिन लोगों ने खेती की थी, उन्होंने इसे मसाले की फसल बताकर लगाया था। खेत के बगल में गेहूं की खेती करने वाले एक किसान ने बताया कि “हमें तो आज तक पता ही नहीं था कि यह अफीम है। उसने हमें बताया था कि यह कोई मसाले की खेती है।”
ग्रामीणों का आरोप है कि भोले-भाले आदिवासियों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन लीज पर ली गई और उसके बाद बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की गई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में बाहरी लोगों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जो दूर-दराज के इलाकों को निशाना बनाकर अवैध खेती करा रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में बलरामपुर जिले के समरी थाना क्षेत्र में भी अवैध अफीम की खेती को लेकर कार्रवाई की गई थी। उस कार्रवाई में भी बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे नष्ट किए गए थे। अब करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत में इसी तरह का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि यदि इन मामलों की बारीकी से जांच की जाए तो संभव है कि अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आए इन मामलों के पीछे एक ही गिरोह या नेटवर्क का हाथ हो। सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर ऐसे लोग लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हों, इससे इनकार नहीं किया जा सकता।
अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इन सभी मामलों को जोड़कर व्यापक स्तर पर जांच करे, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर अवैध अफीम की खेती का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में भोले-भाले ग्रामीणों को इस तरह के अवैध कामों में इस्तेमाल न किया जा सके।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने बुधवार देर रात में प्रदेश में अफीम की खेती होने का खुलासा किया है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कल देर रात ये जानकारी देते हुए लिखा कि बलरामपुर जिले में एक और खेत में अफीम मिली है। उन्होंने बताया कि करौंधा के पास खजुरी पंचायत में डेढ़ एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की गई है। टी.एस. सिंहदेव ने अधिक विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि खजुरी के तुर्रीपनी में लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे लहलहा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे संबंधित तस्वीर बुधवार शाम चार बजे की है, जिसमें अफीम के पौधे स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आना बेहद चिंताजनक है।
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    छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने बुधवार देर रात में प्रदेश में अफीम की खेती होने का खुलासा किया है।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कल देर रात ये जानकारी देते हुए लिखा कि बलरामपुर जिले में एक और खेत में अफीम मिली है। उन्होंने बताया कि करौंधा के पास खजुरी पंचायत में डेढ़ एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की गई है।
टी.एस. सिंहदेव ने अधिक विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि खजुरी के तुर्रीपनी में लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे लहलहा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे संबंधित तस्वीर बुधवार शाम चार बजे की है, जिसमें अफीम के पौधे स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने  कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आना बेहद चिंताजनक है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बलरामपुर जिले में अफीम के खेती करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार करके न्यायालय रिमार्क पर जेल दाखिल किया गया है सूत्रों की जानकारी के अनुसार और अपराधी सम्मिलित हो सकते हैं जिसमें जांच की जा रही है
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    बलरामपुर जिले में अफीम के खेती करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार करके न्यायालय रिमार्क पर जेल दाखिल किया गया है सूत्रों की जानकारी के अनुसार और अपराधी सम्मिलित हो सकते हैं जिसमें जांच की जा रही है
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • Post by हमर जशपुर
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    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Bagicha, Jashpur•
    10 hrs ago
  • लखनपुर सहकारी बैंक में नगदी संकट से आक्रोशित किसानों ने किया थाने का घेराव, दी चक्काजाम की चेतावनी लखनपुर : प्रदेश सरकार द्वारा त्योहारों के मद्देनजर किसानों के खातों में धान बोनस की राशि एकमुश्त अंतरित किए जाने के बाद अब बैंकों में भुगतान को लेकर भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जिला सहकारी बैंक में पिछले दो दिनों से नगदी की किल्लत और स्टाफ की कमी के कारण किसान हलकान हैं। किसानों का आरोप है कि घंटों लंबी कतारों में लगने के बावजूद उन्हें बैंक से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों के लिए पैसों का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। इसी अव्यवस्था से नाराज होकर गुरुवार की दोपहर करीब 1:30 बजे बड़ी संख्या में किसानों ने बैंक से रैली निकाली और लखनपुर थाने का घेराव कर दिया। किसानों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि उनके खातों में 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक जमा हैं, लेकिन बैंक कर्मचारी नगदी न होने का बहाना बनाकर उन्हें केवल 2 हजार से 10 हजार रुपये तक के आहरण फॉर्म भरवा रहे हैं। हद तो तब हो जाती है जब घंटों इंतजार के बाद नंबर आने पर पैसा खत्म होने की बात कहकर उन्हें बैरंग वापस भेज दिया जाता है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बैंक कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो लोग बैंक के भीतर साठगांठ कर ‘सुविधा शुल्क’ के रूप में ₹500 दे रहे हैं, उन्हें ₹49,000 तक की बड़ी राशि निकालने दी जा रही है, जबकि आम किसान सुबह से शाम तक लाइन में लगकर परेशान हो रहे हैं। इस दौरान बैंक परिसर में वीडियो बना रहे एक युवक का मोबाइल छीनकर उसे थाने में बैठाए जाने की घटना से भी क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अंकिता पटेल और थाना प्रभारी ने तत्काल जिला सहकारी बैंक पहुंचकर बैंक अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों द्वारा उचित व्यवस्था बनाने की समझाइश और आश्वासन के बाद फिलहाल मामला शांत हुआ। हालांकि, किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो दिनों के भीतर उनके रुके हुए धान बोनस और जमा राशि के भुगतान की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए सड़क पर चक्काजाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    लखनपुर सहकारी बैंक में नगदी संकट से आक्रोशित किसानों ने किया थाने का घेराव, दी चक्काजाम की चेतावनी 
लखनपुर : प्रदेश सरकार द्वारा त्योहारों के मद्देनजर किसानों के खातों में धान बोनस की राशि एकमुश्त अंतरित किए जाने के बाद अब बैंकों में भुगतान को लेकर भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जिला सहकारी बैंक में पिछले दो दिनों से नगदी की किल्लत और स्टाफ की कमी के कारण किसान हलकान हैं। किसानों का आरोप है कि घंटों लंबी कतारों में लगने के बावजूद उन्हें बैंक से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों के लिए पैसों का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है।
इसी अव्यवस्था से नाराज होकर गुरुवार की दोपहर करीब 1:30 बजे बड़ी संख्या में किसानों ने बैंक से रैली निकाली और लखनपुर थाने का घेराव कर दिया। किसानों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि उनके खातों में 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक जमा हैं, लेकिन बैंक कर्मचारी नगदी न होने का बहाना बनाकर उन्हें केवल 2 हजार से 10 हजार रुपये तक के आहरण फॉर्म भरवा रहे हैं। हद तो तब हो जाती है जब घंटों इंतजार के बाद नंबर आने पर पैसा खत्म होने की बात कहकर उन्हें बैरंग वापस भेज दिया जाता है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बैंक कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो लोग बैंक के भीतर साठगांठ कर ‘सुविधा शुल्क’ के रूप में ₹500 दे रहे हैं, उन्हें ₹49,000 तक की बड़ी राशि निकालने दी जा रही है, जबकि आम किसान सुबह से शाम तक लाइन में लगकर परेशान हो रहे हैं। इस दौरान बैंक परिसर में वीडियो बना रहे एक युवक का मोबाइल छीनकर उसे थाने में बैठाए जाने की घटना से भी क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अंकिता पटेल और थाना प्रभारी ने तत्काल जिला सहकारी बैंक पहुंचकर बैंक अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों द्वारा उचित व्यवस्था बनाने की समझाइश और आश्वासन के बाद फिलहाल मामला शांत हुआ। हालांकि, किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो दिनों के भीतर उनके रुके हुए धान बोनस और जमा राशि के भुगतान की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए सड़क पर चक्काजाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • कुसमी ब्रेकिंग
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    कुसमी ब्रेकिंग
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
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