“मैदान में खुद उतरे जिलाधिकारी — ग्राम पाता में भूमि विवादों का हुआ ऐतिहासिक समाधान!” तहसील मंझनपुर की ग्राम पाता में आज प्रशासनिक तत्परता की मिसाल देखने को मिली, जब जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने “टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के तहत स्वयं कैम्प में पहुंचकर शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कराया। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों को ध्यानपूर्वक सुना और राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर ही निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके सख्त और संवेदनशील नेतृत्व में विवादों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया। शिकायतकर्ता अली रजा की आराजी संख्या 1430 मि० से संबंधित शिकायत पर टीम ने तत्काल पैमाइस कर भूमि चिन्हित की और अवैध हस्तक्षेप रोक दिया। वहीं बिटोला देवी के मामले में विधिक प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्हें धारा 116 के तहत उचित वाद योजित करने की सलाह दी गई। यह अभियान न सिर्फ विवाद समाधान की पहल है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी भी साबित हो रहा है। ग्राम स्तर पर न्याय — पारदर्शिता के साथ त्वरित कार्रवाई — यही है जनहित का नया मॉडल!
“मैदान में खुद उतरे जिलाधिकारी — ग्राम पाता में भूमि विवादों का हुआ ऐतिहासिक समाधान!” तहसील मंझनपुर की ग्राम पाता में आज प्रशासनिक तत्परता की मिसाल देखने को मिली, जब जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने “टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के तहत स्वयं कैम्प में पहुंचकर शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कराया। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों को ध्यानपूर्वक सुना और राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर ही निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके सख्त और संवेदनशील नेतृत्व में विवादों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया। शिकायतकर्ता अली रजा की आराजी संख्या 1430 मि० से संबंधित शिकायत पर टीम ने तत्काल पैमाइस कर भूमि चिन्हित की और अवैध हस्तक्षेप रोक दिया। वहीं बिटोला देवी के मामले में विधिक प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्हें धारा 116 के तहत उचित वाद योजित करने की सलाह दी गई। यह अभियान न सिर्फ विवाद समाधान की पहल है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी भी साबित हो रहा है। ग्राम स्तर पर न्याय — पारदर्शिता के साथ त्वरित कार्रवाई — यही है जनहित का नया मॉडल!
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक आदमी RPF जवान के सामने ही TTE के साथ मारपीट करता हुआ दिखाई दे रहा है, आखिर कौन है इतना दबंग, जो सरकारी कर्मचारी पर खुलेआम हाथ उठा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक आदमी RPF जवान के सामने ही TTE के साथ मारपीट करता हुआ दिखाई दे रहा है, आखिर कौन है इतना दबंग, जो सरकारी कर्मचारी पर खुलेआम हाथ उठा रहा है।1
- कौशाम्बी में प्रयागराज एयरपोर्ट से बौद्ध सर्किट तक बन रही फोरलेन सड़क परियोजना में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सराय अकिल क्षेत्र में पुरानी नाली तोड़ दी गई, लेकिन उसके स्थान पर नई नाली का निर्माण नहीं कराया गया। इस पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की है, और नगर पंचायत अध्यक्ष ने डीएम से शिकायत की है।1
- कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र में एक तिलक समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में 11 वर्षीय बच्चे को गोली लग गई। बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- प्रयागराज के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र में पीड़िता सुषमा देवी ने पुलिस पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। ब्रह्मरौली उपरहार के दयाली पंडा का पूरवा गांव में सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- प्रयागराज जनपद में सुषमा देवी ने पुरामुफ्ती थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि बह्मरौली उपरहार के दयाली पंडा का पूरवा गाँव में अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना से स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- कौशांबी के चायल विधानसभा में अपना दल (एस) की मासिक बैठक आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष अमर सिंह पटेल ने इसकी अध्यक्षता की, जिसमें राष्ट्रीय महासचिव नागेंद्र सिंह पटेल मुख्य अतिथि रहे। बैठक में तमाम सहयोगी साथी कार्यकर्ता और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए, जिन्होंने पार्टी की रणनीति पर चर्चा की।1
- *लखनऊ* *ब्रेकिंग* *लखनऊ के थाना इंदिरा नगर क्षेत्र स्थित अमराई गांव में महिला से अभद्रता और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल* *जानकारी के मुताबिक अमराई गांव में मेला में भी लगा हुआ है* देखे वीडियो 👆1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में यमुना नदी पर अवैध बालू खनन बेलगाम हो गया है, जहाँ रसूलपुर ब्यूर घाट पर दिन-रात बड़ी पोकलैंड मशीनों से बालू निकाली जा रही है। इससे पर्यावरण को गंभीर खतरा है और NGT के नियमों के साथ-साथ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति भी बेअसर साबित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर इस काले कारोबार को रोकने की मांग की है।1