आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के अंगूठी गांव में प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाया। इस अभियान के दौरान तालाब की जमीन पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। प्रशासनिक टीम ने राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य तालाब की मूल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि की स्थिति को बहाल करना था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। कार्रवाई से पहले ही इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त और संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय और एनजीटी के स्पष्ट आदेशों के तहत की गई है। कई घंटों तक चले इस अभियान के बाद तालाब की पूरी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से किसी विरोध या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या की कोई सूचना नहीं मिली। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है, जिस पर प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं।
आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के अंगूठी गांव में प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाया। इस अभियान के दौरान तालाब की जमीन पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। प्रशासनिक टीम ने राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य तालाब की मूल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि की स्थिति को बहाल करना था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। कार्रवाई से पहले ही इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त और संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय और एनजीटी के स्पष्ट आदेशों के तहत की गई है। कई घंटों तक चले इस अभियान के बाद तालाब की पूरी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से किसी विरोध या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या की कोई सूचना नहीं मिली। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है, जिस पर प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं।
- रौशन आनंद से जुड़े मामले में चिराग ने न्याय सुनिश्चित करने की बात कही है। इस मुद्दे पर उन्होंने अपनी राय रखी और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने पर जोर दिया।1
- आगरा में एमजी रोड पर स्थित आगरा कॉलेज के सामने सड़क के बीच बनी एक मजार को हटा दिया गया है। पुलिस-प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। लंबे समय से इस मजार को हटाने की मांग उठ रही थी, क्योंकि इसके कारण यातायात में बाधा उत्पन्न होती थी और हादसों की आशंका बनी रहती थी। इस मजार को सड़क से हटाकर सामने स्थित एक बड़ी मजार में स्थानांतरित किया गया है। इस स्थानांतरण प्रक्रिया को हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने भाईचारे के साथ पूरा करने में सहयोग किया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल भी तैनात रहा, जिसके चलते यह प्रशासनिक कार्रवाई सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक पूरी हो सकी।1
- आगरा के सदर थाना क्षेत्र की साउथ रेलवे कॉलोनी में एक परिवार पर हुए कथित हमले ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पीड़िता कशिश पुत्री पूरन सिंह ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी मयंक पुत्र उमेश (असिस्टेंट ड्राइवर रेलवे) ने उसकी छोटी बहन पर अभद्र टिप्पणियां की थीं, जिसका विरोध करने पर विवाद हिंसक हो गया। आरोप के अनुसार, मयंक अपनी मां पूजा, बहन जानवी, पिता उमेश और अन्य लोगों के साथ पहले पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और विवाद किया। इसके बाद, रात करीब 1 बजे मयंक 8 से 10 अज्ञात लोगों को लेकर दोबारा घर पर धावा बोल दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि हमलावरों ने घर के गेट तोड़ दिए, जान से मारने की धमकियां दीं और दरवाजा खुलने पर महिलाओं तक को नहीं बख्शा। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने कशिश की मां को बेरहमी से पीटा और लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ितों ने यह भी बताया कि मारपीट के दौरान महिला के कपड़े तक फाड़ दिए गए। इस घटना के बाद से पुलिस की भूमिका पर सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है। परिवार का कहना है कि वे लगातार थाना सदर पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। न्याय न मिलने से परेशान परिवार ने अब पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है और आरोपियों मयंक, उमेश, पूजा, जानवी व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- आगरा के माल रोड स्थित प्राचीन दक्षिणमुखी श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में सप्तम बड़वा मंगल का पर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भीषण गर्मी के बावजूद, भक्तों ने बजरंगबली के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। शाम को एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक बलवीर सिंह बल्लों ने अपने भक्तिमय भजनों से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पूरे मंदिर परिसर में 'जय श्रीराम' और 'बजरंगबली' के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मंदिर के महंत पंडित योगेश भारद्वाज ने बड़वा मंगल को सेवा, समर्पण और धर्म का संदेश देने वाला पर्व बताया। वहीं, समाजसेवी श्याम भोजवानी ने ऐसे आयोजनों को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम के समापन पर, सभी श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।1
- आगरा में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शख्स ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिस से सैल्यूट मांगने की कोशिश की। यह पूरी घटना मात्र 40 रुपये के बंद-मक्खन के बिल को लेकर शुरू हुई। युवक ने दुकानदार को धमकाने के लिए पुलिस को फोन कर दिया और जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर उन पर रौब झाड़ने लगा। पुलिस को शक हुआ और उन्होंने युवक से उसका बैच नंबर और अन्य विवरण पूछा। इस पर युवक ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिससे उसका झूठ पकड़ा गया। बाद में पता चला कि वह केवल 40 रुपये के बंद-मक्खन के पैसे देने से बचने के लिए यह नाटक कर रहा था। पुलिस ने फर्जी आईपीएस बने इस युवक को हिरासत में ले लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- आगरा के सदर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा स्थित छोटी बस्ती में युवक शोरू की बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह वारदात सुल्तानपुरा के खेतों में हुई, जो युवक के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। दिनदहाड़े हुई इस नृशंस हत्या में आशंका जताई जा रही है कि मृतक के चेहरे पर पत्थर से कई वार किए गए थे। परिजनों के अनुसार, शोरू बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे काम पर जाने के लिए घर से निकला था। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, मृतक शोरू की शादी लगभग तीन महीने पहले ही हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया है और फिलहाल हत्या के बाद आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।1
- शमशाबाद में आयोजित एक स्वास्थ्य कैंप पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ छोटे बच्चों को एक्सपायरी दवाएँ वितरित करने का मामला उजागर हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस कैंप में 6 साल तक की उम्र के बच्चों को ऐसी दवाएँ दी गईं जिनकी मियाद खत्म हो चुकी थी। इस चौंकाने वाली घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, ड्रग विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है और सच्चाई का पता लगाने में जुटा हुआ है।1
- गिरफ्तार किए गए TMC नेता सौमित्र बनर्जी पर उस समय गुस्साई भीड़ ने अंडे फेंके, जब उन्हें अदालत ले जाया जा रहा था। यह घटना सौमित्र बनर्जी को कोर्ट तक ले जाते समय हुई, जहां क्रोधित भीड़ ने उन पर हमला किया।1