सर कटी हुई लाश ग्राम गधडीया खेड़ा तहसील खालवा जिला खंडवा मध्य प्रदेश सर काट कर जंगल में छुपाया पत्तों से, सर का पता नहीं मडर या जंगली जानवरों का कहर आत्माराम यादव देवली कला मामला ग्राम गधडीया खेड़ा तहसील खालवा जिला खंडवा मध्य प्रदेश का है जबर सिंह नाम के बुजुर्ग उम्र 60वर्ष अपने खेतों की रखवाली कर रहा था वहीं पर यह घटना घटित हुई दूसरे दिन सुबह उसका पुत्र भजन लेकर पहुंचा तो उसने देखा कि पिताजी की पगड़ी पड़ी हुई है और खून लगा हुआ है घसीटने के निशान दिखे इसमें झामसिंह घबरा गया और तत्काल थाने में रिपोर्ट करी उधर ग्रामीणों में इस बात डर है उनके खेत जंगल किनारे पर था इसलिए जंगली जानवर शिकार करके घसीट कर के तो नहीं ले गया है यह सोच भी गांव वालों की थी सुरक्षा जवानों ने ढूंढने की कोशिश भी बहुत की लेकिन नहीं मिल पाया फिर खालवा थाने के टीआई साहब और साथ में डॉग स्क्वाड की टीम गई जबर सिंह के खेत से करीबन 3 किलोमीटर दूर डॉग स्पॉट की टीम पहुंची तब जाकर शव मिला शव पत्तों से ढका हुआ था आप गांव वालों का यह कहना है कि कि गांव में तो सभी जन खेत की रखवाली करते हैं खेतों में रहते हैं इस पर यह घटनाक्रम को अंजाम किसने दिया उसकी कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए l शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया बुजुर्ग की सर की तलाश की जा रही है मामला विवेचना में है यह कहना है खालवा टी आई जगदीश सिंधिया जी का
सर कटी हुई लाश ग्राम गधडीया खेड़ा तहसील खालवा जिला खंडवा मध्य प्रदेश सर काट कर जंगल में छुपाया पत्तों से, सर का पता नहीं मडर या जंगली जानवरों का कहर आत्माराम यादव देवली कला मामला ग्राम गधडीया खेड़ा तहसील खालवा जिला खंडवा मध्य प्रदेश का है जबर सिंह नाम के बुजुर्ग उम्र 60वर्ष अपने खेतों की रखवाली कर रहा था वहीं पर यह घटना घटित हुई दूसरे दिन सुबह उसका पुत्र भजन लेकर पहुंचा तो उसने देखा कि पिताजी की पगड़ी पड़ी हुई है और खून लगा हुआ है घसीटने के निशान दिखे इसमें झामसिंह घबरा गया और तत्काल थाने में रिपोर्ट करी उधर ग्रामीणों में इस बात डर है उनके खेत जंगल किनारे पर था इसलिए जंगली जानवर शिकार करके घसीट कर के तो नहीं ले गया है यह सोच भी गांव वालों की थी सुरक्षा जवानों ने ढूंढने की कोशिश भी बहुत की लेकिन नहीं मिल पाया फिर खालवा थाने के टीआई साहब और साथ में डॉग स्क्वाड की टीम गई जबर सिंह के खेत से करीबन 3 किलोमीटर दूर डॉग स्पॉट की टीम पहुंची तब जाकर शव मिला शव पत्तों से ढका हुआ था आप गांव वालों का यह कहना है कि कि गांव में तो सभी जन खेत की रखवाली करते हैं खेतों में रहते हैं इस पर यह घटनाक्रम को अंजाम किसने दिया उसकी कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए l शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया बुजुर्ग की सर की तलाश की जा रही है मामला विवेचना में है यह कहना है खालवा टी आई जगदीश सिंधिया जी का
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि सद्भावना के साथ होली आकृति रंगों में आदर्श योग संस्कार संस्थापक योगाचार्य लक्ष्मी नारायण गुप्ता योग करो रहो निरोग कोषाध्यक्ष दामोदर पन्नालाल गोयल ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हंसना हो सके।1
- Post by Shahrukh mansuri1
- Post by Raju Singh Rathod1
- ग्राम कलवार में अज्ञात कारणो के चलते खेत में खड़ी गेहूं की फसल में लगी आग लाखों का हुआ नुकसान कन्नौद तहसील के ग्राम कलवार में बुधवार दोपहर 1:00 बजे के लगभग अज्ञात कारणों के चलते किसान दीपक मीणा के खेत में आग लग गई आग लग जाने से करीब 18 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई सूचना मिलने पर आसपास से फायर ब्रिगेड भी पहुंची लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप लेकर आसपास के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया जिससे लाखों रुपए की किसान की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार दोपहर अचानक गेहूं के खेत में आग लगने की सूचना मिली जाकर देखा तो आग विकराल होकर गेहूं की फसल को चौपट कर रही थी समीप के खेतों में भी आग फैलने से अनेक किसानों की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई मशक्कत के बाद किसानों ने भी आग बुझाने के काफी प्रयास किया लेकिन आग इतनी तेज थी कि किसानों का काफी नुकसान हो गया,1
- एक दूसरे को गुलाल लगाना, हुल्लड़बाजी करना, सड़कों पर घूमना ये तो नकली होली खेलने के उदाहरण हैं। जिसका न तो कोई लाभ है और न ही हमारे सद्ग्रंथो में नलकी होली मनाने की विधि का कहीं वर्णन है। असली होली तो राम नाम की होली खेलना है अर्थात परमात्मा के नाम का हर स्वांस में जाप करना। कबीर परमात्मा कहते हैं कि: स्वांस उसवांस में नाम जपो, व्यर्था स्वांस मत खोये। न जाने इस स्वांस का, आवन होक ना हो।। उपरोक्त वाणी का अर्थ है कि हमें हर स्वांस में परमात्मा का नाम लेना चाहिए क्योंकि हमें नहीं पता कि अगले ही पल हमारे साथ क्या हो जाना है। विचारणीय बात यह है कि तकरीबन सभी नकली संत तथा उनके शिष्य रंगों से होली मनाते हैं, नाचते गाते हैं जो शास्त्र विरुद्ध साधना करते और करवाते हैं। जबकि आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज अपनी अमृतमय वाणी में वास्तविक होली की महिमा करते हुए बताते है, ध्रु प्रहलाद जहां खेलहीं रंग होरी हो, नारद का उपदेश राम रंग होरी हो | हाथ पिचकारी प्रेम की रंग होरी हो, खेलत हैं हमेश राम रंग होरी हो ||1
- भैंसदेही की पावन नगरी भैंसदेही के प्राचीन शिव मंदिर पर शिव पुराण का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सभी धर्म प्रेमियों से निवेदन किया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस शिव पुराण का लाभ लेने1
- होली के पर्व पर गिले शिकवे सब भुला कर एक दूसरे के गले मिलकर बधाइयां दी आत्माराम यादव देवली कला आदिवासी अंचल में होली का पर्व बहुत धूमधाम तरीके से मनाया जाता है आप देख रहे हैं ग्राम देवली खुर्द तहसील कालवा जिला खंडवा मध्य प्रदेश से सभी लोग एक दूसरे के गले मिलकर बड़े बुजुर्ग से आशीर्वाद लेकर अपनी बुराइयों को भूलकर यह त्यौहार बड़े अच्छे से धूमधाम से मनाया जाता है एक दूसरे के ऊपर रंग डालकर पानी डालकर खेलते है इस पर लोग मूठवा बाबा की पूजा भी करते होली के पर्व पर गिले शिकवे सब भुला कर एक दूसरे के गले मिलकर बधाइयां दी आत्माराम यादव देवली कला आदिवासी अंचल में होली का पर्व बहुत धूमधाम तरीके से मनाया जाता है आप देख रहे हैं ग्राम देवली खुर्द तहसील कालवा जिला खंडवा मध्य प्रदेश से सभी लोग एक दूसरे के गले मिलकर बड़े बुजुर्ग से आशीर्वाद लेकर अपनी बुराइयों को भूलकर यह त्यौहार बड़े अच्छे से धूमधाम से मनाया जाता है एक दूसरे के ऊपर रंग डालकर पानी डालकर खेलते है इस पर लोग मूठवा बाबा की पूजा भी करते हैं यह पर्व 5 दिन तक पंचमी तक चलता है होली एक रंगों का पर्व नहीं है बल्कि एक दूसरे के हृदय से हृदय को जोड़ने वाला पर्व है बुराइयों को मिटाने वाला पर्व है यह पर्व समाज में समरसता का भाव जगाता है आत्माराम यादव देवली कला की ओर से आपको और आपके पूरे परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएंहैं यह पर्व 5 दिन तक पंचमी तक चलता है होली एक रंगों का पर्व नहीं है बल्कि एक दूसरे के हृदय से हृदय को जोड़ने वाला पर्व है बुराइयों को मिटाने वाला पर्व है यह पर्व समाज में समरसता का भाव जगाता है आत्माराम यादव देवली कला की ओर से आपको और आपके पूरे परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं1
- Post by Sanju Yaduwnshi1
- हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मेढ़ क्षत्रिय स्वणंकार समाज हाटपीपल्या की रगांरगं होली की गेर शोकाकुल परिवार के यहाँ दिनांक 3 मार्च मंगलवार को सुबह 9 :30 बजे डां मुखर्जी चोक से सभी समाजजन इकठ्ठे होकर नगर के सोनी समाज जागंलवा परिवार रोडा़ परिवार एवं माली परिवार राजावत परिवार ब्रहामण परिवार वेष्णव परिवार मालवीय परिवार पटेल परिवार राणावत परिवार सिसोदिया परिवार छाबड़ा परिवार वर्मा जी परिवार बागंडी़ परिवार निमोही परिवार पाटीदार परिवार एवं अन्य परिवारों के यहाँ रगं गुलाल करने के बाद कुल्थीया परिवार चांसिया कडे़ल परिवार चापडा मायछ परिवार बागली जाकर सभी स्वंजातीय बन्धूओ एवं मातृशक्तियो ने रगं गुलाल किया एवं हर एक शोकाकुल परिवारों मे आये रिश्तेदारों को रंग गुलाल लगाकर एकता का परिचय देते हुए एक दुसरे को गले लगाकर बधाई शुभकामनाएं दी1