कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते की दुर्दशा से ग्रामीणों में आक्रोश, रैयत के बाद अब मैयत को भी परेशानी कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते की दुर्दशा से ग्रामीणों में आक्रोश, रैयत के बाद अब मैयत को भी परेशानी --- पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने को, मुखिया की संवेदनशीलता पर उठ रहे सवाल --- हजारीबाग/कटकमसांडी: हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत पेलावल उत्तरी पंचायत के आजाद नगर स्थित कब्रिस्तान रोड की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार को कब्रिस्तान में एक जनाजे के दौरान शामिल लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान लोगों को हुई परेशानी की तस्वीरें क्षेत्र की जमीनी हकीकत को बयां कर रही हैं। कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते पर जलजमाव और गंदे पानी की समस्या से आम ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। हालांकि, अब सवाल यह उठ रहा है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो इस समस्या के समाधान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? *रैयत के बाद अब मैयत को भी परेशानी, ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश* स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पेलावल उत्तरी पंचायत के आजाद नगर स्थित कब्रिस्तान रोड की बदहाली के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी होती रही है। पैदल चलने वाले लोगों से लेकर जनाजे में शामिल होने वाले लोगों तक को जलजमाव और गंदे पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को जनाजे में शामिल लोगों को गंदे पानी से होकर कब्रिस्तान जाना पड़ा। इस दृश्य ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया है। लोगों का सवाल है कि यदि आम नागरिकों को अपने जरूरी कार्यों के लिए इस तरह की परिस्थितियों से गुजरना पड़े, तो पंचायत स्तर पर विकास और जनसुविधाओं को लेकर किए गए दावों की वास्तविकता क्या है? *मुखिया की कार्यशैली पर सवाल, जवाबदेही तय करने की मांग* पेलावल उत्तरी पंचायत के मुखिया मोहम्मद एखलाक का पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा होने को है। इस बीच ग्रामीणों का आरोप है कि कब्रिस्तान रोड की समस्या को लेकर पंचायत स्तर पर अपेक्षित संवेदनशीलता और ठोस पहल दिखाई नहीं दी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और जलजमाव की समस्या का समाधान समय रहते किया जाना चाहिए था, ताकि आम लोगों के साथ-साथ जनाजे में शामिल होने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों ने पंचायत के मुखिया से सवाल किया है कि कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते की ऐसी स्थिति के लिए जवाबदेही किसकी है और इस समस्या का स्थायी समाधान कब किया जाएगा? *पवित्र धार्मिक कार्य के दौरान परेशानी, समाधान की तत्काल आवश्यकता* जनाजे में शामिल लोगों के अनुसार, गंदे पानी से होकर गुजरने के कारण उन्हें पाकी और वजू से संबंधित धार्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कब्रिस्तान पहुंचने के बाद दोबारा वजू करना पड़ा। इस घटना ने धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्वच्छता और व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस्लामी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नमाज के लिए पाकी और वजू का विशेष महत्व है। ऐसे में कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते पर गंदे पानी का जमाव लोगों के लिए धार्मिक और व्यावहारिक दोनों तरह की परेशानी पैदा कर रहा है। *जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने की जरूरत* ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विकास और जनसुविधाओं की जिम्मेदारी जिन जनप्रतिनिधियों को सौंपी गई है, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। जनता ने अपने प्रतिनिधियों का चुनाव क्षेत्र के विकास और समस्याओं के समाधान के लिए किया है। अब जरूरत है कि ग्रामीण एकजुट होकर अपनी समस्याओं को सामने रखें और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगें। पेलावल उत्तरी पंचायत के कब्रिस्तान रोड की बदहाली का स्थायी समाधान कब होगा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी, यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासन और पंचायत के मुखिया से कब्रिस्तान रोड की तत्काल मरम्मत, जलजमाव की समस्या के समाधान और आम लोगों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की मांग की है।
कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते की दुर्दशा से ग्रामीणों में आक्रोश, रैयत के बाद अब मैयत को भी परेशानी कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते की दुर्दशा से ग्रामीणों में आक्रोश, रैयत के बाद अब मैयत को भी परेशानी --- पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने को, मुखिया की संवेदनशीलता पर उठ रहे सवाल --- हजारीबाग/कटकमसांडी: हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत पेलावल उत्तरी पंचायत के आजाद नगर स्थित कब्रिस्तान रोड की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार को कब्रिस्तान में एक जनाजे के दौरान शामिल लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान लोगों को हुई परेशानी की तस्वीरें क्षेत्र की जमीनी हकीकत को बयां कर रही हैं। कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते पर जलजमाव और गंदे पानी की समस्या से आम ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। हालांकि, अब सवाल यह उठ रहा है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो इस समस्या के समाधान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? *रैयत के बाद अब मैयत को भी परेशानी, ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश* स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पेलावल उत्तरी पंचायत के आजाद नगर स्थित कब्रिस्तान रोड की बदहाली के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी होती रही है। पैदल चलने वाले लोगों से लेकर जनाजे में शामिल होने वाले लोगों तक को जलजमाव और गंदे पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को जनाजे में शामिल लोगों को गंदे पानी से होकर कब्रिस्तान जाना पड़ा। इस दृश्य ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया है। लोगों का सवाल है कि यदि आम नागरिकों को अपने जरूरी कार्यों के लिए इस तरह की परिस्थितियों से गुजरना पड़े, तो पंचायत स्तर पर विकास और जनसुविधाओं को लेकर किए गए दावों की वास्तविकता क्या है? *मुखिया की कार्यशैली पर सवाल, जवाबदेही तय करने की मांग* पेलावल उत्तरी पंचायत के मुखिया मोहम्मद एखलाक का पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा होने को है। इस बीच ग्रामीणों का आरोप है कि कब्रिस्तान रोड की समस्या को लेकर पंचायत स्तर पर अपेक्षित संवेदनशीलता और ठोस पहल दिखाई नहीं दी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और जलजमाव की समस्या का समाधान समय रहते किया जाना चाहिए था, ताकि आम लोगों के साथ-साथ जनाजे में शामिल होने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों ने पंचायत के मुखिया से सवाल किया है कि कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते की ऐसी स्थिति के लिए जवाबदेही किसकी है और इस समस्या का स्थायी समाधान कब किया जाएगा? *पवित्र धार्मिक कार्य के दौरान परेशानी, समाधान की तत्काल आवश्यकता* जनाजे में शामिल लोगों के अनुसार, गंदे पानी से होकर गुजरने के कारण उन्हें पाकी और वजू से संबंधित धार्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कब्रिस्तान पहुंचने के बाद दोबारा वजू करना पड़ा। इस घटना ने धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्वच्छता और व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस्लामी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नमाज के लिए पाकी और वजू का विशेष महत्व है। ऐसे में कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते पर गंदे पानी का जमाव लोगों के लिए धार्मिक और व्यावहारिक दोनों तरह की परेशानी पैदा कर रहा है। *जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने की जरूरत* ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विकास और जनसुविधाओं की जिम्मेदारी जिन जनप्रतिनिधियों को सौंपी गई है, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। जनता ने अपने प्रतिनिधियों का चुनाव क्षेत्र के विकास और समस्याओं के समाधान के लिए किया है। अब जरूरत है कि ग्रामीण एकजुट होकर अपनी समस्याओं को सामने रखें और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगें। पेलावल उत्तरी पंचायत के कब्रिस्तान रोड की बदहाली का स्थायी समाधान कब होगा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी, यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासन और पंचायत के मुखिया से कब्रिस्तान रोड की तत्काल मरम्मत, जलजमाव की समस्या के समाधान और आम लोगों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की मांग की है।
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- रामगढ़ जिला के मांडू कुजू में धूमधाम के साथ मनाया गया सृष्टि के रचयिता भगवान विश्वकर्मा पूजा1
- गांगपुर नदी में कथित अवैध बालू निकासी, जंगल के रास्ते गुजर रही गाड़ियों पर उठे सवाल चतरा के गांगपुर क्षेत्र में नदी से कथित रूप से बालू निकासी और जंगल के रास्ते वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां से लगातार बालू बाहर ले जाया जा रहा है। जंगल के अंदर नदी तक जाने वाले रास्तों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराने और नदी व जंगल के संरक्षण की मांग की है। साथ ही लंबे समय से लंबित वन समिति के चुनाव को जल्द कराने की मांग भी उठाई गई है। रिपोर्ट: विनोद कुमार पाठक देश लाइव न्यूज चतरा1
- बिगड़ते खान-पान और बदलती जीवनशैली से बढ़ रहा स्वास्थ्य जोखिम, आयुर्वेद विशेषज्ञ ने दी सावधानी की सलाह कोडरमा से खबर है, जहां बिगड़ते खान-पान और बदलती जीवनशैली को लेकर आयुर्वेद विशेषज्ञ ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिगड़ते खान-पान और बदलती जीवनशैली से बढ़ रहा स्वास्थ्य जोखिम, आयुर्वेद विशेषज्ञ ने दी सावधानी की सलाह कोडरमा से खबर है, जहां बिगड़ते खान-पान और बदलती जीवनशैली को लेकर आयुर्वेद विशेषज्ञ ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।1
- तीन सौ रुपये के लिए मचा बवाल, दो पक्षों में जमकर मारपीट लाठी-डंडे और लात-घूंसों से हमला, दो महिलाओं समेत सात घायल रातू। थाना क्षेत्र के अगड़ू स्थित अल अक्सा ग्लोबल स्कूल के पास महज तीन सौ रुपये के विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। बिजली का तार जोड़ने के पैसे को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गये। दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले और लात-घूंसों से मारपीट हुई। घटना में दो महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गये। मारपीट के दौरान एक स्कॉर्पियो के आगे और पीछे के शीशे भी तोड़ दिये गये।घटना की सूचना मिलते ही पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और घायलों को रातू सीएचसी पहुंचाया। घायलों में एक पक्ष के साकिर मंसूरी, आकिर मंसूरी, गुलशन खातून और गुलनाज परवीन तथा दूसरे पक्ष के अमेरुल्लाह, मतीउर रहमान और इलताब हुसैन शामिल हैं। सभी सिमलिया के निवासी बताए जा रहे हैं। मारपीट में कई लोगों के सिर, पैर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आयी हैं।दो की हालत गंभीर होने पर रिम्स रेफर: सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने साकिर मंसूरी और गुलनाज को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया।बताया जाता है कि बिजली का तार जोड़ने के एवज में मिस्त्री ने तीन सौ रुपये मांगे थे, जबकि दूसरे पक्ष के लोग महज एक सौ रुपये देने पर अड़े थे। इसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गयी। कुछ ही देर में मौके पर अफरातफरी मच गयी।घटना को लेकर फिलहाल थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना नहीं है।1
- करम महोत्सव में झूमे हजारों लोग, सुदेश महतो ने दिया कला-संस्कृति बचाने का संदेश1
- #सतगावां सड़क हादसे में घायल #महेश रविदास की भी रिम्स में #मौत के बाद उनके #पिता और #गांव वाले ने क्या कुछ मांग किया। #सतगावां सड़क हादसे में घायल #महेश रविदास की भी रिम्स में #मौत के बाद उनके #पिता और #गांव वाले ने क्या कुछ मांग किया।1
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