झारखंड के बरकट्ठा थाना क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा बालू खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद अवैध बालू खनन और तस्करी का कारोबार दिन-रात बेखौफ जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन बालू तस्करों को पुलिस-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, एनजीटी ने 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक झारखंड की सभी नदियों से बालू खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। यह फैसला हर साल मॉनसून के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सभी 444 बालू घाट बंद रहेंगे। राज्य सरकार और खनन विभाग ने सभी जिलों को इस प्रतिबंध अवधि में अवैध खनन और परिवहन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए हैं, और 15 अक्टूबर के बाद ही परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बेडोकला गांव में तीन स्थानों पर बालू का अवैध भंडारण और स्टॉक पॉइंट बनाकर व्यापक पैमाने पर इसका परिवहन किया जा रहा है। बराकर नदी घाट के गढ़गी, जतघघरा, सलैयडीह, बरकंनगांगों, छुतहरी कटिया समेत अन्य स्थानों से दिन-रात बालू का खनन कर उसे बेडोकला गांव में जमा किया जाता है। इसके बाद, इसे प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से होकर जीटी रोड पार करते हुए बरकट्ठा, कोनहरा, चेचकप्पी और इचाक होते हुए हजारीबाग तक बेखौफ ट्रैक्टर और मिनी हाइवा टिपर से ले जाया जा रहा है। एक कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह अवैध खनन और परिवहन स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिलकर किया जाता है, जिससे बरकट्ठा सीओ और थाना पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि जानकारी होने के बावजूद वे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
झारखंड के बरकट्ठा थाना क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा बालू खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद अवैध बालू खनन और तस्करी का कारोबार दिन-रात बेखौफ जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन बालू तस्करों को पुलिस-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, एनजीटी ने 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक झारखंड की सभी नदियों से बालू खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। यह फैसला हर साल मॉनसून के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सभी 444 बालू घाट बंद रहेंगे। राज्य सरकार और खनन विभाग ने सभी जिलों को इस प्रतिबंध अवधि में अवैध खनन और परिवहन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए हैं, और 15 अक्टूबर के बाद ही परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बेडोकला गांव में तीन स्थानों पर बालू का अवैध भंडारण और स्टॉक पॉइंट बनाकर व्यापक पैमाने पर इसका परिवहन किया जा रहा है। बराकर नदी घाट के गढ़गी, जतघघरा, सलैयडीह, बरकंनगांगों, छुतहरी कटिया समेत अन्य स्थानों से दिन-रात बालू का खनन कर उसे बेडोकला गांव में जमा किया जाता है। इसके बाद, इसे प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से होकर जीटी रोड पार करते हुए बरकट्ठा, कोनहरा, चेचकप्पी और इचाक होते हुए हजारीबाग तक बेखौफ ट्रैक्टर और मिनी हाइवा टिपर से ले जाया जा रहा है। एक कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह अवैध खनन और परिवहन स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिलकर किया जाता है, जिससे बरकट्ठा सीओ और थाना पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि जानकारी होने के बावजूद वे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर एक कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अगले 15 दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए, अन्यथा संबंधित लोगों की 'छुट्टी' यानी पद से हटाना तय है। मंत्री अंसारी ने सीधे तौर पर यह सवाल उठाया है कि क्या अस्पताल सुधरेंगे या फिर सर्जन हटाए जाएंगे।1
- हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद विभाग लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में शनिवार को उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने चौपारण थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में एक बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में छिपाकर चलाई जा रही अवैध शराब बनाने की कई भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया गया। यह अभियान उपायुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में संचालित किया गया था। छापेमारी के दौरान टीम ने घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की तलहटी में गुप्त रूप से रखी गई शराब बनाने की सामग्री का पता लगाया। कार्रवाई में लगभग 9500 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने में उपयोग होने वाले बर्तन, उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की गई, साथ ही लगभग 800 लीटर अवैध चुलाई शराब भी बरामद कर अपने कब्जे में ली गई। उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब के इस कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान सुनिश्चित होने के बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसिरुद्दीन, एंटोनी बागे, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह, सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान और चौपारण थाना पुलिस की टीम शामिल रही। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ उनका छापेमारी अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।1
- हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नीट परीक्षा 2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कोर्रा थाना क्षेत्र में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान में एसडीपीओ सदर श्री रूपक कुमार सिंह, डीएसपी सीसीआर श्री अरमानुल हक, कोर्रा थाना प्रभारी और सशस्त्र बल के जवानों की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र के विभिन्न होटलों की सघनता से जांच की। जांच के दौरान टीम ने होटलों में ठहरे लोगों का सत्यापन किया। होटल संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए कि वे आगंतुकों का पूरा विवरण दर्ज करें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें, और परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर कड़ी नजर रखें। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नीट परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी गई है और किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में कोनार नदी के तट और श्मशान भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया। इस कोशिश का स्थानीय ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।1
- रामगढ़ जिले के कुजू ओपी में मोहर्रम पर्व के अवसर पर शांति समिति की एक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में सब-डिविजनल ऑफिसर (एस.डी.ओ.) कृष्ण मुरारी तिर्की और सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (एस.डी.पी.ओ.) आलोक रंजन उपस्थित रहे।1
- आज हजारीबाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से हाट-बाजारों, पंचायतों और गाँवों को विशेष रूप से लक्षित किया गया। प्रचार रथों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनसंवाद का उपयोग करते हुए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया, साथ ही एक नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान भी किया गया।1
- हजारीबाग में आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (NEET) परीक्षा के मद्देनजर, उपायुक्त हेमंत सती और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) श्री रूपक कुमार सिंह, डीएसपी सीसीआर श्री अरमानुल हक, कोर्रा थाना प्रभारी और सशस्त्र बल के जवानों ने गत रात्रि कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न होटलों में ठहरे हुए व्यक्तियों का सत्यापन एवं जांच की। इस जांच अभियान के दौरान, मनोकामना होटल, स्वागत पैलेस, होटल मीत मिलन, होटल वनांचल सहित अन्य होटलों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने होटल संचालकों और प्रबंधकों को आगंतुकों का समुचित अभिलेख संधारित करने, पहचान पत्रों का सत्यापन सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, होटल संचालकों से परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग करने का आग्रह भी किया गया। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नीट परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की कड़ी नजर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध कार्य अथवा परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं पर है, और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनजर कुजू ओपी परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से त्योहार को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने का निर्णय लिया गया।1
- झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच स्थित नवाडीह में एक पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, उसके घर में घुसकर मारपीट की गई और उस पर एक मामले को वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद, पीड़ित ने स्थानीय थाना में एक आवेदन देकर न्याय की मांग की है।1