औरैया में मृतक डॉ. सौरभ वाजपेयी की मौत के मामले में उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. सौरभ के चाचा राजीव बाजपेयी, जय करण वाजपेयी और परिवार के अन्य सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डॉ. सौरभ ने अपनी मृत्यु से पहले वीडियो में जिन बातों का उल्लेख किया था, वही वास्तविकता है और उनकी मौत के लिए पूरा अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदार है। परिजनों का आरोप है कि डॉ. सौरभ को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्हें रहने के लिए उचित कमरा नहीं दिया गया और कई बार अनुरोध करने के बावजूद कमरा बदलने की अनुमति नहीं मिली। जब उन्होंने खुद कमरा बदलने का प्रयास किया, तो अस्पताल से जुड़े डॉ. सर्वेश सिंह ने उनके साथ अभद्रता की, उन्हें थप्पड़ मारा और गला दबाने की भी कोशिश की। इस घटना से वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो गए थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डायरेक्टर एस.पी. सिंह, डॉ. सर्वेश सिंह और गौरव सिंह लगातार कई दिनों से डॉ. सौरभ का उत्पीड़न कर रहे थे और समय पर वेतन न मिलने के कारण उन पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बना हुआ था। घटना से पहले डॉ. सौरभ के पिता ने अस्पताल के डायरेक्टर एस.पी. सिंह से फोन पर बात कर बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि “हमने अपना बेटा आपको सौंपा है, वह हमें सुरक्षित चाहिए।” उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, लेकिन जब वे अस्पताल पहुंचे तो उनका बेटा सुरक्षित नहीं मिला। परिजनों ने भावुक होकर कहा कि यदि वे डॉ. सौरभ की बातों की गंभीरता को पहले समझ पाते, तो शायद आज यह दुखद घटना नहीं होती। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर पूरा विश्वास जताया है और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
औरैया में मृतक डॉ. सौरभ वाजपेयी की मौत के मामले में उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. सौरभ के चाचा राजीव बाजपेयी, जय करण वाजपेयी और परिवार के अन्य सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डॉ. सौरभ ने अपनी मृत्यु से पहले वीडियो में जिन बातों का उल्लेख किया था, वही वास्तविकता है और उनकी मौत के लिए पूरा अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदार है। परिजनों का आरोप है कि डॉ. सौरभ को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्हें रहने के लिए उचित कमरा नहीं दिया गया और कई बार अनुरोध करने के बावजूद कमरा बदलने की अनुमति नहीं मिली। जब उन्होंने खुद कमरा बदलने का प्रयास किया, तो अस्पताल से जुड़े डॉ. सर्वेश सिंह ने उनके साथ अभद्रता की, उन्हें थप्पड़ मारा और गला दबाने की भी कोशिश की। इस घटना से वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो गए थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डायरेक्टर एस.पी. सिंह, डॉ. सर्वेश सिंह और गौरव सिंह लगातार कई दिनों से डॉ. सौरभ का उत्पीड़न कर रहे थे और समय पर वेतन न मिलने के कारण उन पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बना हुआ था। घटना से पहले डॉ. सौरभ के पिता ने अस्पताल के डायरेक्टर एस.पी. सिंह से फोन पर बात कर बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि “हमने अपना बेटा आपको सौंपा है, वह हमें सुरक्षित चाहिए।” उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, लेकिन जब वे अस्पताल पहुंचे तो उनका बेटा सुरक्षित नहीं मिला। परिजनों ने भावुक होकर कहा कि यदि वे डॉ. सौरभ की बातों की गंभीरता को पहले समझ पाते, तो शायद आज यह दुखद घटना नहीं होती। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर पूरा विश्वास जताया है और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- औरैया में यमुना नदी से डॉ. सौरभ बाजपेयी का शव करीब 14 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों ने संयुक्त अभियान चलाकर शेरगढ़ घाट से देर रात से लगातार खोजबीन कर इस शव को बाहर निकाला। नदी में छलांग लगाने से पहले डॉ. सौरभ ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए थे। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में डॉ. सौरभ बाजपेयी ने अस्पताल प्रबंधन के कुछ लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रामअवतार हॉस्पिटल के संचालक डॉ. एसपी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। औरैया के पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के अनुसार, वीडियो में लगाए गए आरोपों सहित इस पूरे मामले की गहनता से पुलिस जांच जारी है।1
- औरैया में नगर पालिका पर भ्रष्टाचार और एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार की जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए किसानों ने 16 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का सीधा दावा है कि इस विवादित भूमि को लेकर मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद, कोर्ट द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए जाने के बाद भी वहां गतिविधियां लगातार जारी हैं, जिसके विरोध में किसानों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।1
- औरैया में समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' की महिला शाखा 'तुलसी सखी ग्रुप' के तत्वावधान में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य और विशाल शोभायात्रा पूरे श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। फूलमती मंदिर से दोपहर 3 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई इस रथयात्रा को मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद औरैया के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र (बलराम) और बहन सुभद्रा की सुसज्जित झांकी की पूजा-अर्चना करने के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय पुरवार पोरवाल महासभा के जिलाध्यक्ष शिवकुमार पुरवार सहित समिति, सखी ग्रुप और मंदिर कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस शोभायात्रा में वृंदावन से आए कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों और राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे बच्चों की आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की मधुर धुनों पर झूमते भक्तों का नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया और जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई। यह यात्रा फूलमती मंदिर से प्रारंभ होकर शहीद पार्क रोड, सुभाष चौक, इटावा रोड, संजय गेट, गुरुहाई मुहाल, संकट मोचन मार्ग, लेडीज मार्केट, हलवाई खाना, सदर बाजार, तहसील चौराहा और दिबियापुर रोड होते हुए पुनः फूलमती मंदिर पहुंची, जहां प्रसाद वितरण के साथ इसका समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सनातन संस्कृति की आस्था और लोककल्याण का महान पर्व है। वहीं समिति अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने कहा कि मान्यता के अनुसार जो भक्त सच्चे मन से भगवान की रथयात्रा में सहभागी बनते हैं, उनके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का वास होता है। कार्यक्रम का सफल संयोजन लक्ष्मी बिश्नोई, कपिल गुप्ता, डॉ. अनूप बिश्नोई एवं मनीष पुरवार (हीरु) ने किया। इस दौरान आचार्य मनोज अवस्थी, डॉ. एस.एस. परिहार सहित लगभग तीन सौ श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।4
- औरैया के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत यमुना नदी में कूदकर एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में औरैया के पुलिस अधीक्षक द्वारा आधिकारिक जानकारी और बाईट साझा की गई है।1
- औरैया में समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' की महिला शाखा तुलसी 'सखी ग्रुप' द्वारा भगवान जगन्नाथ जी की भव्य व विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 3 बजे नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने रथ पर विराजमान प्रभु जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी की मनोहारी झांकी की पूजा-अर्चना के बाद हरी झंडी दिखाकर इस शोभायात्रा को रवाना किया। इस धार्मिक आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय पुरवार पोरवाल महासभा के जिलाध्यक्ष शिवकुमार पुरवार सहित समिति, सखी ग्रुप और फूलमती मंदिर कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संयोजन सखी ग्रुप की अध्यक्ष लक्ष्मी बिश्नोई, भाजपा के नगर मंत्री कपिल गुप्ता, डॉ. अनूप बिश्नोई व मनीष पुरवार (हीरु) द्वारा किया गया। इस अवसर पर समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी से प्रारंभ होने वाली इस यात्रा का भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं, समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने कहा कि प्राचीन मान्यता के अनुसार, इस यात्रा में सच्चे मन से कदमताल करने वाले भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली आती है। यह भव्य शोभायात्रा फूलमती मंदिर से गाजे-बाजे की धुन पर शुरू हुई, जिसमें वृंदावन के कलाकारों का मनोहारी नृत्य और रथ पर राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारकर प्रभु का आशीर्वाद लिया और एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पुष्प वर्षा व जलपान के साथ यात्रा का स्वागत किया गया। यह शोभायात्रा शहीद पार्क रोड, सुभाष चौक, इटावा रोड, संजय गेट, गुरुहाई मुहाल, संकट मोचन मार्ग, लेडीज मार्केट, हलवाई खाना, सदर बाजार, तहसील चौराहा और दिबियापुर रोड होते हुए वापस फूलमती मंदिर पर समाप्त हुई, जहां कमेटी द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। इस सफल आयोजन में आचार्य मनोज अवस्थी, डॉ. एस.एस. परिहार, सचिन पोरवाल, पप्पू गुप्ता सहित लगभग तीन सैकड़ा श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे भक्ति भाव में लीन रहे।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया में सौरभ बाजपेई आत्महत्या के मामले में अब राजनीतिक पार्टियों की एंट्री हो गई है। इस पूरे मामले को लेकर सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया में हुई घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने मीडिया के सामने आकर पूरे मामले की जानकारी दी है। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने औरैया पुलिस प्रशासन से मिले सहयोग की सराहना की और कहा कि हर जिले में ऐसा ही संवेदनशील प्रशासन होना चाहिए। इस घटनाक्रम में अस्पताल स्टाफ का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- कन्नौज के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र की हसेरन चौकी के अंतर्गत हुसैननगर गांव में पारिवारिक मारपीट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब के नशे में धुत हरिओम नाम के युवक ने अपने माता-पिता प्रेम सिंह उर्फ कुंवरे और उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। बेटे के खौफ और डर की वजह से बुजुर्ग माता-पिता अपना घर छोड़कर खेतों के पास बनी एक बगिया में जाकर छिप गए। इसके बाद आरोपी हरिओम ने खुद ही हसेरन चौकी पहुंचकर पुलिस को अपने माता-पिता के गायब होने की सूचना दे दी। मामले की सूचना पाकर जब चौकी प्रभारी रमाशंकर पांचाल मौके पर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें पूरे मामले की सच्चाई बताई। ग्रामीणों से हकीकत जानने के बाद समझाने के दौरान चौकी प्रभारी को गुस्सा आ गया और उन्होंने आरोपी हरिओम को एक थप्पड़ जड़ दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हरिओम की मां का आरोप है कि उनका बेटा आए दिन शराब पीकर उनके साथ इसी तरह गाली-गलौज और मारपीट करता है। बाद में बुजुर्ग पति-पत्नी खेतों के पास सुरक्षित मिल गए और पुलिस द्वारा शराबी बेटे को थप्पड़ मारने का यह वीडियो अब हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।1