कौशांबी जिले के मंझनपुर तहसील स्थित कटैया घाट पर 'लाल सोने' यानी बालू के अवैध खनन की जांच करने पहुंची खनन विभाग की टीम को माफियाओं ने रास्ते में ही रोक दिया। यह घटना तब हुई जब टीम खंड संख्या 10/19 से 10/21 में अवैध खनन की शिकायत पर जांच के लिए जा रही थी। माफियाओं ने रास्ते में डंपर लगाकर टीम का रास्ता बंद कर दिया, जिसके कारण अधिकारियों को बिना जांच किए ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं के बुलंद हौसले और अधिकारियों की बेबसी साफ दिख रही है। आरोप है कि सत्ता पोषित माफिया मनीष ओझा, जिन्हें पट्टा धारक विजय कुमार सिंह का प्रतिनिधि बताया जाता है, ने अपने लोगों के साथ मिलकर डंपर लगवाकर जांच टीम को रोका। रास्ता बंद करने के बाद मनीष ओझा ने अपने गुर्गे फरीद बाबा को भी समर्थकों के साथ मौके पर बुला लिया। आरोप के अनुसार, जांच टीम पर दबाव बनाने के लिए दर्जनों गुंडों को मौके पर उतारा गया। अधिकारी की गाड़ी के आसपास घंटों तक दबंगों का जमावड़ा लगा रहा और नारेबाजी तथा हंगामे के बीच टीम को घाट तक नहीं जाने दिया गया। इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर खनन माफियाओं को कौन संरक्षण दे रहा है और क्या जिले में प्रशासन का खौफ खत्म हो गया है, या फिर सरकारी सिस्टम में ही माफियाओं की गहरी पैठ हो चुकी है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि जब अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा। विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार शासन ने मामले का संज्ञान लिया है और जिलाधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
कौशांबी जिले के मंझनपुर तहसील स्थित कटैया घाट पर 'लाल सोने' यानी बालू के अवैध खनन की जांच करने पहुंची खनन विभाग की टीम को माफियाओं ने रास्ते में ही रोक दिया। यह घटना तब हुई जब टीम खंड संख्या 10/19 से 10/21 में अवैध खनन की शिकायत पर जांच के लिए जा रही थी। माफियाओं ने रास्ते में डंपर लगाकर टीम का रास्ता बंद कर दिया, जिसके कारण अधिकारियों को बिना जांच किए ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं के बुलंद हौसले और अधिकारियों की बेबसी साफ दिख रही है। आरोप है कि सत्ता पोषित माफिया मनीष ओझा, जिन्हें पट्टा धारक विजय कुमार सिंह का प्रतिनिधि बताया जाता है, ने अपने लोगों के साथ मिलकर डंपर लगवाकर जांच टीम को रोका। रास्ता बंद करने के बाद मनीष ओझा ने अपने गुर्गे फरीद बाबा को भी समर्थकों के साथ मौके पर बुला लिया। आरोप के अनुसार, जांच टीम पर दबाव बनाने के लिए दर्जनों गुंडों को मौके पर उतारा गया। अधिकारी की गाड़ी के आसपास घंटों तक दबंगों का जमावड़ा लगा रहा और नारेबाजी तथा हंगामे के बीच टीम को घाट तक नहीं जाने दिया गया। इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर खनन माफियाओं को कौन संरक्षण दे रहा है और क्या जिले में प्रशासन का खौफ खत्म हो गया है, या फिर सरकारी सिस्टम में ही माफियाओं की गहरी पैठ हो चुकी है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि जब अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा। विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार शासन ने मामले का संज्ञान लिया है और जिलाधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
- किदवई नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक कबाड़ की दुकान में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि प्रयागराज अब आतंक और माफिया के साए से पूरी तरह आज़ाद हो चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की सख्त कार्रवाई और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण आज शहर में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल बना है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहां पहले अपराध और माफियाओं का बोलबाला था, वहीं अब प्रयागराज में निवेश, रोजगार और विकास कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कानून व्यवस्था को और अधिक मज़बूत बनाए रखें।1
- प्रयागराज के सीता सुनीता महाविद्यालय, अंदावा में एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली के गंभीर आरोपों को लेकर छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। इन आरोपों के विरोध में छात्रों ने सड़क जाम कर (चक्का जाम) अपना विरोध दर्ज कराया। धूप में हुए इस जोरदार प्रदर्शन के कारण स्थानीय प्रशासन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उनके पसीने छूट गए।1
- प्रयागराज के सराय इनायत थाना क्षेत्र के अंतर्गत अंदावा मोड़ झूसी स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महाविद्यालय में एसएससी जीडी की परीक्षा सर्वर डाउन होने के कारण रद्द कर दी गई। परीक्षा रद्द होने के बाद वहां परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने केंद्र में जमकर तोड़फोड़ की।1
- मिर्जापुर जनपद के जिलाधिकारी महोदय को प्रार्थी मिश्रीलाल ने लालगंज के नायब तहसीलदार श्री राजू यादव के खिलाफ लापरवाही, पक्षपात और भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। प्रार्थी, जो ग्राम पंचायत सिकटा, तहसील लालगंज, थाना हलिया, जनपद मिर्जापुर का निवासी है, ने अपनी भूमि संबंधी समस्या पर पिछले दो-तीन महीनों से लगातार प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद कोई उचित कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि नायब तहसीलदार श्री राजू यादव ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, बल्कि प्रार्थी से कथित तौर पर कहा कि “तुम अपनी जमीन खुद जाकर खोज लो, हमें नहीं पता।” मिश्रीलाल को पूर्ण आशंका है कि संबंधित अधिकारी विपक्षी पक्ष का सहयोग कर रहे हैं और उनकी मिलीभगत से प्रार्थी की भूमि पर जबरदस्ती निर्माण कार्य या मकान बनवाया जा रहा है। इस स्थिति से प्रार्थी को भारी मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान होने की बात कही गई है। अतः मिश्रीलाल ने जिलाधिकारी से विनम्र निवेदन किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रार्थी की भूमि की पैमाइश/जांच कराकर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की गई है।1
- प्रयागराज जिले के सराय इनायत थाना क्षेत्र के अंदावा स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महिला महाविद्यालय में एसएससी जीडी परीक्षा के दौरान तकनीकी खराबी आने पर अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। नाराज छात्रों ने इस दौरान कॉलेज परिसर में लगे कंप्यूटर और फर्नीचर तोड़ दिए, साथ ही सड़क जाम कर अपना विरोध प्रदर्शन भी किया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोमवार दोपहर 01 बजे सामने आया।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के सोनाई गाँव में जमीन के एक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक घटना में एक महिला को चोटें आई हैं और वह घायल हो गई है। पीड़ित महिला का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उसकी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से उसके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद, महिला ने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और अब इस पूरे प्रकरण की जाँच कर रही है।1
- जौनपुर में 'दूल्हा कांड' के आरोपी रवि यादव के एनकाउंटर के बाद रामघाट पर भारी बवाल और हंगामा देखने को मिला। एक लाख रुपये के इनामी रवि यादव के एनकाउंटर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसके चलते रामघाट पर परिजनों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। इस घटना के बाद, रवि यादव के परिवार की महिलाओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सीधे सवाल उठाए। परिवार वालों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद स्थित लालगंज तहसील के ग्राम हथेडा निवासी मिश्रिलाल मौर्य ने माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण और कब्जे को रोकने की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया है कि उनकी भूमि, जिसका खाता संख्या 249 और गाटा संख्या 13 है, से संबंधित मामला वर्तमान में एसडीएम कोर्ट और सिविल कोर्ट दोनों में विचाराधीन है। इसके बावजूद, विपक्षी बृजलाल द्वारा इस भूमि पर जबरन और अवैध तरीके से दिन-रात निर्माण कार्य कराया जा रहा है, और लगातार भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रार्थी मिश्रिलाल मौर्य के अनुसार, विपक्षी बृजलाल ने फर्जी और अवैध रजिस्ट्री के माध्यम से भूमि पर जबरन कब्जा जमाया है। उन्होंने पिछले तीन महीनों से स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से इस अवैध निर्माण की जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन और पुलिस अधिकारी इस निर्माण कार्य को रुकवाने में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं, जिससे विपक्षी का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और कार्य निरंतर जारी है। मिश्रिलाल मौर्य ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि भूमाफिया को राजस्व विभाग और पुलिस विभाग से पूरा समर्थन और संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते उन्हें सरकार और कानून का कोई डर नहीं है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहना न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास है। प्रार्थी ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद, मारपीट या कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की होगी, जिन्होंने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की। अतः, उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर तत्काल अवैध निर्माण कार्य रुकवाने, जबरन कब्जा रोकने और न्यायालय के अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने हेतु आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की प्रार्थना की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हो सके और उन्हें न्याय मिल सके।1