आइसक्रीम विक्रेता की निर्मम हत्या: सिर काटकर घर ले गया आरोपी, चूल्हे में जलाने लगा उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार 28 मार्च 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के परसावल गांव (नैपुरा मजरा) में 25-26 वर्षीय आइसक्रीम विक्रेता बबलू राजभर की हत्या कर दी गई। आरोपी 50 वर्षीय शंकर यादव ने मामूली विवाद में युवक का सिर धड़ से अलग कर दिया, फिर कटा हुआ सिर अपने घर ले जाकर चूल्हे में जलाने लगा और खुद खाना बनाते रहे। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया। बबलू राजभर कुछ दिनों से साइकिल पर आइसक्रीम बेचने का काम शुरू किया था। अपने चचेरे भाई नीरज के साथ वह परसावल गांव में आइसक्रीम बेचने पहुंचा था। जोर-जोर से आवाज लगाकर बेच रहा था। शंकर यादव (जो खेती करता था और मानसिक रूप से अस्थिर माना जाता है) ने आइसक्रीम मांगी और खा ली, लेकिन पैसे नहीं दिए। बबलू ने पैसे मांगे तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। शंकर ने बबलू को धमकी दी कि “जोर से आवाज लगाएगा तो जान से मार दूंगा”। शंकर घर से धारदार हथियार (बांका/हंसिया) लेकर आया और बबलू की गर्दन पर कई वार कर दिए। सिर धड़ से अलग हो गया। हत्या सड़क पर दिन-दहाड़े हुई, जिसे कई लोग देख रहे थे। लोग डरकर भाग गए। इसके बाद आरोपी ने कटे हुए सिर को उठाया, अपने घर ले गया और जलते चूल्हे के पास रखकर जलाने लगा। सिर का कुछ हिस्सा जल भी गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी घर में खाना भी बना रहा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। थाना टिकैतनगर की पुलिस ने आरोपी शंकर यादव को घर से गिरफ्तार कर लिया। हथियार (आला-ए-कत्ल) और कटा हुआ सिर बरामद किया गया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होता है और पूछताछ जारी है। आरोपी पर पहले भी 2008 में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें वह जेल जा चुका था। मृतक बबलू अपने परिवार का सहारा था। उसके पिता ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
आइसक्रीम विक्रेता की निर्मम हत्या: सिर काटकर घर ले गया आरोपी, चूल्हे में जलाने लगा उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार 28 मार्च 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के परसावल गांव (नैपुरा मजरा) में 25-26 वर्षीय आइसक्रीम विक्रेता बबलू राजभर की हत्या कर दी गई। आरोपी 50 वर्षीय शंकर यादव ने मामूली विवाद में युवक का सिर धड़ से अलग कर दिया, फिर कटा हुआ सिर अपने घर ले जाकर चूल्हे में जलाने लगा और खुद खाना बनाते रहे। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया। बबलू राजभर कुछ दिनों से साइकिल पर आइसक्रीम बेचने का काम शुरू किया था। अपने चचेरे भाई नीरज के साथ वह परसावल गांव में आइसक्रीम बेचने पहुंचा था। जोर-जोर से आवाज लगाकर बेच रहा था। शंकर यादव (जो खेती करता था और मानसिक रूप से अस्थिर माना जाता है) ने आइसक्रीम मांगी और खा ली, लेकिन पैसे नहीं दिए। बबलू ने पैसे मांगे तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। शंकर ने बबलू को धमकी दी कि “जोर से आवाज लगाएगा तो जान से मार दूंगा”। शंकर घर से धारदार हथियार (बांका/हंसिया) लेकर आया और बबलू की गर्दन पर कई वार कर दिए। सिर धड़ से अलग हो गया। हत्या सड़क पर दिन-दहाड़े हुई, जिसे कई लोग देख रहे थे। लोग डरकर भाग गए। इसके बाद आरोपी ने कटे हुए सिर को उठाया, अपने घर ले गया और जलते चूल्हे के पास रखकर जलाने लगा। सिर का कुछ हिस्सा जल भी गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी घर में खाना भी बना रहा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। थाना टिकैतनगर की पुलिस ने आरोपी शंकर यादव को घर से गिरफ्तार कर लिया। हथियार (आला-ए-कत्ल) और कटा हुआ सिर बरामद किया गया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होता है और पूछताछ जारी है। आरोपी पर पहले भी 2008 में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें वह जेल जा चुका था। मृतक बबलू अपने परिवार का सहारा था। उसके पिता ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
- Post by वसीम खान संपादक1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Aaina24news@gmail.com (Niraj Bhatnagar)1
- Post by न्यूज़ 24 यूपी चैनल3
- रामपुर के मोहल्ला नई बस्ती वार्ड नंबर 5 में गंदगी का बुरा हाल बना हुआ है। नालियां पूरी तरह चोक पड़ी हैं और पिछले करीब 2 साल से सफाई नहीं कराई गई है। टीन वाली मस्जिद के पास गलियां नीची होने के कारण पानी भर जाता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोई सफाई कर्मचारी यहां नहीं आता, जिसके चलते लोगों को खुद ही नालियों की सफाई करनी पड़ रही है। समाजसेवी कफल खान लगातार नगर पालिका और चेयरमैन मामून शाह खान से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वार्ड के सभासद शमीम पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। नई बस्ती के लोग अब जल्द से जल्द सफाई और सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।1
- तीसरी मंजिल पर आग, लोग ऊपर से कूदकर बचाने लगे जान एक रिहायशी इमारत की तीसरी मंजिल पर अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया, जिससे लोग बाहर निकल नहीं पाए। हालात बिगड़ते देख कई लोग ऊपर से कूदकर अपनी जान बचाने लगे। कुछ बालकनी से लटककर नीचे उतरे, जबकि कुछ मामूली रूप से घायल हुए। फायर टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।1
- संभल। कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और परिवार का साथ मिल जाए, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है संभल जनपद के असमोली विकासखंड के मनोटा गांव की होनहार बेटी यासमीन निगार ने, जिन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की नर्सिंग अधिकारी परीक्षा में सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया। यासमीन का चयन लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग अधिकारी के पद पर हुआ है। खास बात यह है कि इस परीक्षा में संभल जनपद से सफलता प्राप्त करने वाली वह अकेली अभ्यर्थी हैं, जो उनकी मेहनत और लगन का प्रमाण है। यासमीन की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ उनके परिवार का अटूट समर्थन भी रहा। उनके पिता वसीरुल्लाह चौधरी, जो साधारण रूप से विजिटिंग और शादी कार्ड छपाई का कार्य करते हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। वहीं उनकी मां नसीरीन, एक गृहिणी होते हुए भी हर कदम पर बेटी का हौसला बढ़ाती रहीं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी यासमीन हमेशा से परिवार की उम्मीदों का केंद्र रहीं और उन्होंने उन उम्मीदों पर खरा उतरते हुए यह मुकाम हासिल किया। उनके छोटे भाई साकिब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि दूसरे भाई फैजान शारदा यूनिवर्सिटी में बीएससी डेटा साइंस के छात्र हैं। यह पूरा परिवार शिक्षा को अपनी ताकत मानता है, और यासमीन की सफलता उसी सोच का परिणाम है।1
- मंडी धनौरा में शिव मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के मामले में सोमवार को ब्राह्मण समाज के लोग तहसील पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मंदिर को कब्जामुक्त कराने की मांग की।जानकारी के अनुसार महादेव स्थित एक नव निर्माणाधीन शिव मंदिर का 2 अप्रैल को उद्घाटन प्रस्तावित है। आरोप है कि एक व्यक्ति विशेष द्वारा मंदिर पर अपने माता-पिता का नाम लिखवाने के साथ ही उनकी मूर्तियां भी स्थापित कर दी गई हैं। इसको लेकर समाज के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धार्मिक स्थल को ‘पितृ स्थल’ में बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और जनाक्रोश बढ़ रहा है।इस संबंध में समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार मुसाराम थारू को सौंपते हुए मंदिर से उक्त मूर्तियां हटाने और मंदिर का नाम किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर न रखने की मांग की। समाजसेवी मुकेश शर्मा ने कहा कि धार्मिक स्थल की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे मामलों में प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई कर जल्द समाधान करना चाहिए।3