सीतापुर के विकासखंड ऐलिया के कचनार गांव में सरकारी जमीन और तालाबों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम कोर्ट के एक सख्त आदेश के बाद, लगभग 15 वर्षों से तालाब की भूमि पर संचालित हो रहे एक मदरसे को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तालाब की इस भूमि को तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण मुक्त कराकर ग्राम सभा के अभिलेखों के अनुसार बहाल किया जाए। इस मामले में प्रशासन ने न केवल जमीन खाली कराने का आदेश दिया है, बल्कि अवैध कब्जाधारकों पर बड़ी आर्थिक क्षतिपूर्ति भी लगाई है। सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान के मद्देनजर, दोषियों से 10 लाख 46 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि वसूलने का निर्देश जारी किया गया है। यह फैसला सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। सोमवार दोपहर को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में प्रशासनिक टीम ने गांव पहुंचकर मदरसे के जिम्मेदारों को आठ पन्नों की कानूनी नोटिस थमाई, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। नोटिस में एक निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि को पूरी तरह से खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो नियमों के तहत बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा और इसका पूरा खर्च भी कब्जाधारकों से वसूला जाएगा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह मदरसा पिछले करीब 15 वर्षों से अवैध रूप से सरकारी भूमि पर चल रहा था। डीएम कोर्ट के इस फैसले से राजस्व और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है, वहीं यह मामला गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने बयान दिया है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा, क्योंकि कानून से ऊपर कोई नहीं है और ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक टीम अब कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और किसी भी वक्त मौके पर बुलडोजर की कार्रवाई हो सकती है।
सीतापुर के विकासखंड ऐलिया के कचनार गांव में सरकारी जमीन और तालाबों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम कोर्ट के एक सख्त आदेश के बाद, लगभग 15 वर्षों से तालाब की भूमि पर संचालित हो रहे एक मदरसे को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तालाब की इस भूमि को तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण मुक्त कराकर ग्राम सभा के अभिलेखों के अनुसार बहाल किया जाए। इस मामले में प्रशासन ने न केवल जमीन खाली कराने का आदेश दिया है, बल्कि अवैध कब्जाधारकों पर बड़ी आर्थिक क्षतिपूर्ति भी लगाई है। सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान के मद्देनजर, दोषियों से 10 लाख 46 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि वसूलने का निर्देश जारी किया गया है। यह फैसला सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। सोमवार दोपहर को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में प्रशासनिक टीम ने गांव पहुंचकर मदरसे के जिम्मेदारों को आठ पन्नों की कानूनी नोटिस थमाई, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। नोटिस में एक निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि को पूरी तरह से खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो नियमों के तहत बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा और इसका पूरा खर्च भी कब्जाधारकों से वसूला जाएगा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह मदरसा पिछले करीब 15 वर्षों से अवैध रूप से सरकारी भूमि पर चल रहा था। डीएम कोर्ट के इस फैसले से राजस्व और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है, वहीं यह मामला गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने बयान दिया है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा, क्योंकि कानून से ऊपर कोई नहीं है और ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक टीम अब कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और किसी भी वक्त मौके पर बुलडोजर की कार्रवाई हो सकती है।
- जनपद सीतापुर के चर्चित मानसी हत्याकांड में पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए एक और गिरफ्तारी की है। मुख्य आरोपी विशाल पाल की बहन को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान उसके खिलाफ ऐसे तथ्य और साक्ष्य सामने आए, जिनके आधार पर उसकी कथित संलिप्तता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और वे घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रहे हैं। संदना थाना क्षेत्र की बीएससी छात्रा मानसी 25 मई को कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पहले गुमशुदगी और बाद में अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने विशाल पाल को हिरासत में लिया, जिससे पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आए। आरोपी की निशानदेही पर युवती के अवशेष लखनऊ के जंगल क्षेत्र से बरामद किए गए थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी विशाल पाल और मानसी के बीच पहले से परिचय था। इस हत्याकांड को लेकर पूरे जिले में भारी आक्रोश है, और परिजन लगातार सख्त कार्रवाई के साथ-साथ मामले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और जो भी व्यक्ति मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, संदना पुलिस और उच्चाधिकारी मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों, साक्ष्यों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हुए हैं।1
- Post by Raj kumar1
- एक सरकारी नल लंबे समय से खराब पड़ा है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है। इसे लेकर संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- सार्थक, जिसकी उम्र मात्र 18 साल है, अपनी सोच, साहस और सिद्धांतों में किसी से कम नहीं है। उसने अपने साथी निसर्ग के साथ मिलकर वह कर दिखाया है जो देश के बड़े मीडिया हाउस और खोजी पत्रकार भी नहीं कर पाए थे; इन दोनों युवाओं ने CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने उजागर किया है। पोस्ट के अनुसार, मोदी जी चाहते हैं कि हमारे युवा केवल रील्स बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें और अपनी आँखें न खोलें। लेकिन इन बच्चों ने न केवल सवाल पूछे बल्कि उनके जवाब भी ढूँढ निकाले। दावा किया गया है कि देश का 18 साल का बच्चा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से भी तेज़ निकला, और नौजवानों की यह जीत सही मायने में सरकार की हार है। इसे भारत की असली युवा शक्ति – जो जिज्ञासु, जागरूक और जानकार है – बताया गया है, और यह भी कहा गया है कि देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।1
- सीतापुर जिले के महमूदाबाद स्थित ग्राम सहजानी में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। गांव की सड़कों पर, साथ ही नालियों में भी, हर तरफ कूड़े का ढेर लगा है, जिससे यहां का हाल बड़ा बेहाल हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा चिंता व्यक्त की जा रही है कि आखिर क्यों नगर पालिका द्वारा इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ 'गलत काम' करने के आरोप में उसके सगे मामा को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पूरी कार्रवाई के संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट दी गई।1
- राजधानी के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चंद्रिका देवी मंदिर परिसर में चोरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे यह क्षेत्र अब उनके निशाने पर आ गया है। रविवार देर रात हुई एक वारदात में, चोरों ने कठवारा निवासी अमर प्रताप सिंह की पूजन सामग्री और तांबे के पात्रों की होलसेल दुकान से गल्ले में रखी लगभग 80 हजार रुपये की नकदी चुरा ली। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी में वारदात कैद होने के बावजूद, पुलिस अभी तक चोरों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। पिछले दिनों भी ई-रिक्शा, बैटरियों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हुई कई चोरियों का खुलासा नहीं हो सका है। व्यापारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र की कठवारा चौकी पुलिस इन लगातार हो रही वारदातों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है, जिससे आस्था के इस प्रमुख केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। इन लगातार हो रही चोरियों से व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही, व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।3
- जनपद सीतापुर के लहरपुर तहसील स्थित डिंगुरापुर गाँव में प्रशासन ने अवैध प्लाटिंग और सार्वजनिक रास्ते पर हुए कब्जे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाते हुए लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रशासन को लहरपुर-तंबौर मार्ग से जुड़े सार्वजनिक रास्ते और राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग कर भूखंड बेचे जाने की शिकायतें मिली थीं। जांच में इन शिकायतों के सही पाए जाने के बाद, तहसील प्रशासन ने कार्रवाई की योजना बनाई और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलवाकर अवैध निर्माणों व प्लाटिंग के चिन्हों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई लगातार की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान, राजस्व अधिकारियों ने भूमि की पैमाइश कर उसका सीमांकन कराया और कब्जाधारकों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक रास्तों, ग्राम समाज और सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि रास्ते पर कब्जे के कारण उन्हें आवागमन में काफी परेशानी हो रही थी और अब भूमि कब्जामुक्त होने से लोगों को राहत मिलेगी तथा रास्ते का उपयोग सुचारु रूप से हो सकेगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ राजस्व और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अन्य संदिग्ध प्लाटिंग स्थलों की जांच भी जारी है, जिससे भूमाफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को कोई राहत नहीं मिलेगी और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1