Shuru
Apke Nagar Ki App…
मधुबनी में दहेज के खातिर एक नवविवाहित लड़की की हत्या कर दी गई है। इस निर्मम घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है, जिससे लोग सदमे में हैं।
Manoj Kumar sah
मधुबनी में दहेज के खातिर एक नवविवाहित लड़की की हत्या कर दी गई है। इस निर्मम घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है, जिससे लोग सदमे में हैं।
More news from Saharsa and nearby areas
- Post by Mukesh kr mandal1
- समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में लोगों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से कार्य किया गया।1
- रोशन आनंद अपने गांव पहुंचे, जहाँ उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनके इन गंभीर आरोपों और पूरे बयान को सुनने के लिए वहाँ भारी भीड़ उमड़ पड़ी।1
- नौहट्टा के स्थानीय मुख्यालय में डिग्री कॉलेज के संचालन की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से जारी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आखिरकार समाप्त हो गया। सरकार और जिला प्रशासन की ओर से मिले ठोस और आधिकारिक आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अपना धरना खत्म करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर पहुंचे माननीय मंत्री रत्नेश सादा, पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन, पूर्व विधायक गुंजेश्वर साह और जिलाधिकारी द्वारा अधिकृत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। धरना स्थल पर मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अनशनकारियों और ग्रामीणों के साथ लंबी वार्ता की। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए, मंत्री रत्नेश सादा और जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि डिग्री कॉलेज का संचालन किसी अन्य जगह नहीं, बल्कि हर हाल में नौहट्टा मुख्यालय में ही शुरू किया जाएगा। इस आधिकारिक घोषणा और प्रशासन के लिखित रुख पर भरोसा जताते हुए, आंदोलनकारियों ने सर्वसम्मति से आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। मौके पर मौजूद प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने इसे नौहट्टा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाली जीत बताया, साथ ही इसे जनता के अटूट हौसले, एकजुटता और शांतिपूर्ण संघर्ष की एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत कहा। इस सफलता के बाद अब क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूरदराज के इलाकों या जिला मुख्यालय जाने की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग, आंदोलनकारी और हजारों ग्रामीण उपस्थित थे।1
- रौशन सर हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं। जेल से बाहर आते ही उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया है कि उनके भाई के खिलाफ खान सर ने साजिश रची थी।1
- 'राम नाम सत्य है' के उद्घोष के बीच प्रिंस यादव को अंतिम विदाई दी गई, जिससे पूरा माहौल बेहद भावुक हो उठा।1
- दरभंगा के अल्लपट्टी स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल और आदया डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों संस्थानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने के बाद हुई मौत और जांच में लापरवाही सामने आने के बाद की गई है। यह मामला 10 मार्च का है, जब हसन चौक निवासी प्रभात कुमार को नीलकंठ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीज के लिए रक्त की आवश्यकता बताई, जिसके बाद परिजनों ने नीलकंठ हॉस्पिटल के ब्लड रिक्वेस्ट लेटर के आधार पर आदया डायग्नोस्टिक सेंटर से रक्त लिया और उसे मरीज को चढ़ाया गया। परिजनों का आरोप है कि रक्त चढ़ाने के बाद प्रभात कुमार की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पहले पटना और बाद में पुनः डीएमसीएच, दरभंगा लाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया था, जिसके कारण उनकी जान चली गई। परिजनों ने इस संबंध में नीलकंठ हॉस्पिटल द्वारा दिए गए एक शपथ पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर अस्पताल की ओर से जल्दबाजी में गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने की बात स्वीकार की गई थी। इसके बाद, परिजनों ने सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष जांच टीम गठित की, जिसने नीलकंठ हॉस्पिटल और आदया डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच की। जांच के दौरान दोनों संस्थानों में गंभीर अनियमितता और लापरवाही पाए जाने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को जिले में एक बड़ी पहल के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे लोगों के बीच निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां मरीज जान बचाने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, यदि वहीं लापरवाही बरती जाए तो यह बेहद गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या हर मामले में इसी तरह त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो पाती है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई की जिलेभर में चर्चा हो रही है और लोग इसे मरीजों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।1
- बिहार के बेगूसराय में हारताली चौक पर शिक्षक संघ ने सरकार को अपनी मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो वे बेगूसराय से लेकर पटना तक घेराव करेंगे।1
- दरभंगा जिले के मनीगाछी थाना क्षेत्र स्थित बहुअरवा में एक महिला एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते उन्होंने सड़क जाम कर अपना विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि यह पहली बार नहीं है; इसी जगह पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण ही लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि क्या इस बार प्रशासन जागेगा या फिर किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जाएगा।1