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जम्मू-कश्मीर में 14 पुलिस अधिकारियों के तबादले जम्मू, 27 अगस्त: जम्मू-कश्मीर सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।इस फेरबदल में सुजीत कुमार को IGP कश्मीर जोन नियुक्त किया गया है, जबकि तेजिंदर सिंह को IGP जम्मू जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं शक्ति कुमार पाठक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का निदेशक नियुक्त किया गया है।इसके अलावा एम.के. सिन्हा को ADGP CID जम्मू-कश्मीर, नीतीश कुमार को ADGP सशस्त्र पुलिस, उत्तम चंद को IGP रेलवे और भीम सेन टूटी को IGP मुख्यालय जम्मू-कश्मीर के पद पर तैनाती दी गई है।विवेक गुप्ता को IGP सुरक्षा जम्मू-कश्मीर, मुबस्सिर लतीफी अमीर को DIG IR कश्मीर और साहिल सरंगाल को SSP पुलवामा नियुक्त किया गया है।वहीं सनी गुप्ता को SSP किश्तवाड़, ताहिर सलीम खान को SSP हंदवाड़ा और नरेश सिंह को SSP राजौरी के पद पर तैनात किया गया है।

1 hr ago
user_Shivinder singh Bhadwal
Shivinder singh Bhadwal
Farmer कठुआ, कठुआ, जम्मू और कश्मीर•
1 hr ago
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जम्मू-कश्मीर में 14 पुलिस अधिकारियों के तबादले जम्मू, 27 अगस्त: जम्मू-कश्मीर सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।इस फेरबदल में सुजीत कुमार को IGP कश्मीर जोन नियुक्त किया गया है, जबकि तेजिंदर सिंह को IGP जम्मू जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं शक्ति कुमार पाठक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का निदेशक नियुक्त किया गया है।इसके अलावा एम.के.

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सिन्हा को ADGP CID जम्मू-कश्मीर, नीतीश कुमार को ADGP सशस्त्र पुलिस, उत्तम चंद को IGP रेलवे और भीम सेन टूटी को IGP मुख्यालय जम्मू-कश्मीर के पद पर तैनाती दी गई है।विवेक गुप्ता को IGP सुरक्षा जम्मू-कश्मीर, मुबस्सिर लतीफी अमीर को DIG IR कश्मीर और साहिल सरंगाल को SSP पुलवामा नियुक्त किया गया है।वहीं सनी गुप्ता को SSP किश्तवाड़, ताहिर सलीम खान को SSP हंदवाड़ा और नरेश सिंह को SSP राजौरी के पद पर तैनात किया गया है।

More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
  • गुरिनाल Chatroo पहुंचीं MLA शगुन परिहार, प्रदर्शनकारियों को दिया हरसंभव समर्थन का भरोसा किश्तवाड़ की MLA शगुन परिहार गुरिनाल छत्रू पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों को हरसंभव सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया।
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    गुरिनाल Chatroo पहुंचीं MLA शगुन परिहार, प्रदर्शनकारियों को दिया हरसंभव समर्थन का भरोसा
किश्तवाड़ की MLA शगुन परिहार गुरिनाल छत्रू पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों को हरसंभव सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया।
    user_Kewal Singh
    Kewal Singh
    जम्मू, जम्मू, जम्मू और कश्मीर•
    3 hrs ago
  • पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब कुछ चुनिंदा तिथियों पर बड़ोह रोड और नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध प्री अपॉइंटमेंट ज़रूरी है
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    पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब कुछ चुनिंदा तिथियों पर बड़ोह रोड और नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध 
प्री अपॉइंटमेंट ज़रूरी है
    user_पंडित राम प्रसाद शर्मा
    पंडित राम प्रसाद शर्मा
    Astrologer नग्रोटा बगवान, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • स्मार्ट मीटर का विरोध पड़ा भारी! बिजली कनेक्शन कटा, SP हमीरपुर से शिकायत | Himachal News स्मार्ट मीटर का विरोध पड़ा भारी! बिजली कनेक्शन कटा, SP हमीरपुर से शिकायत | Himachal News
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    स्मार्ट मीटर का विरोध पड़ा भारी! बिजली कनेक्शन कटा, SP हमीरपुर से शिकायत | Himachal News
स्मार्ट मीटर का विरोध पड़ा भारी! बिजली कनेक्शन कटा, SP हमीरपुर से शिकायत | Himachal News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Una, Himachal Pradesh•
    6 hrs ago
  • नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे नेपाल से बड़ी खबर... नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। तिब्बत सीमा से सटे तिमुरे, रसुवागढ़ी और स्याफ्रुबेसी सहित आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ की तेज धार के साथ आया मलबा कई इलाकों में तबाही मचाता हुआ आगे बढ़ा। हाइड्रो पावर परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। शुरुआती जानकारी में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। बाद में नेपाल पुलिस की ओर से मृतकों की संख्या बढ़कर 95 तक पहुंचने की सूचना सामने आई। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। इस प्राकृतिक आपदा में सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 28 पुलिसकर्मी लापता बताए गए हैं। इनमें तिमुरे, रसुवागढ़ी, स्याफ्रुबेसी और आसपास के क्षेत्रों में तैनात जवान शामिल हैं। बाढ़ से कई सड़क मार्ग और पुल टूट गए हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। नेपाल सरकार ने सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भी लापता लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। वहीं, बाढ़ के कारणों को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक सूचनाओं में तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन अथवा नदी के अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने की संभावना जताई जा रही है। नेपाल में भोटे कोशी की इस भीषण बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे
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    नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई।
कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे

नेपाल से बड़ी खबर...
नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। तिब्बत सीमा से सटे तिमुरे, रसुवागढ़ी और स्याफ्रुबेसी सहित आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया।
बाढ़ की तेज धार के साथ आया मलबा कई इलाकों में तबाही मचाता हुआ आगे बढ़ा। हाइड्रो पावर परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
शुरुआती जानकारी में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। बाद में नेपाल पुलिस की ओर से मृतकों की संख्या बढ़कर 95 तक पहुंचने की सूचना सामने आई। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है।
इस प्राकृतिक आपदा में सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 28 पुलिसकर्मी लापता बताए गए हैं। इनमें तिमुरे, रसुवागढ़ी, स्याफ्रुबेसी और आसपास के क्षेत्रों में तैनात जवान शामिल हैं।
बाढ़ से कई सड़क मार्ग और पुल टूट गए हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। नेपाल सरकार ने सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भी लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
वहीं, बाढ़ के कारणों को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक सूचनाओं में तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन अथवा नदी के अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने की संभावना जताई जा रही है।
नेपाल में भोटे कोशी की इस भीषण बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    किताब की दुकान पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने प्रदेश सरकार पर साधा निशाना, कांग्रेस सरकार ने जनता से किया छल, महिलाओं को फिर गुमराह करने की कोशश भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को बिना किसी शर्त के 1500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। इसके बावजूद सत्ता में आने के बाद इस वादे को पूरा करने में सरकार ने कई तरह की शर्तें लगा दीं। वीरवार को जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव और उपचुनावों के दौरान एक बार फिर महिलाओं से फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन पात्र महिलाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। पूर्व मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकार ने पांच लाख महिलाओं को करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से लाभ देने की बात कही थी, जबकि वास्तविकता में केवल 35,687 महिलाओं को ही इसका लाभ मिल सका। उन्होंने कहा कि कई महिलाओं को सिर्फ एक किस्त मिली, जबकि कुछ मामलों में राशि वापस भी करवाई गई। वीरेंद्र कंवर ने 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' और इसमें जोड़ी गई नई शर्तों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से पूछा कि वर्ष 2024 में महिलाओं से भरवाए गए फॉर्मों में से कितने स्वीकृत हुए, कितने रद्द किए गए और कितनी महिलाओं को पेंशन का लाभ मिला, इसका स्पष्ट आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2022 में झूठे वादों के सहारे सत्ता हासिल की थी, लेकिन अब प्रदेश की जनता और मातृशक्ति जागरूक हो चुकी है। आगामी चुनाव में जनता अपने मत के माध्यम से कांग्रेस सरकार को उसके वादों और कार्यप्रणाली का जवाब देगी।
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    पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने प्रदेश सरकार पर साधा निशाना, कांग्रेस सरकार ने जनता से किया छल, महिलाओं को फिर गुमराह करने की कोशश
भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को बिना किसी शर्त के 1500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। इसके बावजूद सत्ता में आने के बाद इस वादे को पूरा करने में सरकार ने कई तरह की शर्तें लगा दीं। वीरवार को जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव और उपचुनावों के दौरान एक बार फिर महिलाओं से फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन पात्र महिलाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। पूर्व मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकार ने पांच लाख महिलाओं को करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से लाभ देने की बात कही थी, जबकि वास्तविकता में केवल 35,687 महिलाओं को ही इसका लाभ मिल सका। उन्होंने कहा कि कई महिलाओं को सिर्फ एक किस्त मिली, जबकि कुछ मामलों में राशि वापस भी करवाई गई। वीरेंद्र कंवर ने 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' और इसमें जोड़ी गई नई शर्तों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से पूछा कि वर्ष 2024 में महिलाओं से भरवाए गए फॉर्मों में से कितने स्वीकृत हुए, कितने रद्द किए गए और कितनी महिलाओं को पेंशन का लाभ मिला, इसका स्पष्ट आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2022 में झूठे वादों के सहारे सत्ता हासिल की थी, लेकिन अब प्रदेश की जनता और मातृशक्ति जागरूक हो चुकी है। आगामी चुनाव में जनता अपने मत के माध्यम से कांग्रेस सरकार को उसके वादों और कार्यप्रणाली का जवाब देगी।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • स्मार्ट मीटर ना लगवाने पर विद्युत बोर्ड ने शहर में काटे कई लोगों के कनेक्शन, जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाने पर भड़के लोग, बोर्ड और मीटर लगाने वाली कंपनी पर लगाया डराने धमकाने का आरोप एसपी के पास दी शिकायत, धरना प्रदर्शन कर विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेराव करने का दिया अल्टीमेटम हमीरपुर स्मार्ट मीटर लगाने का मामला हमीरपुर शहर में भी अब तूल पकड़ गया है । हमीरपुर शहर के गौड़ा इलाके में कुछ उपभोक्ताओं ने जब स्मार्ट मीटर लगाने से मना कर दिया तो पहले विभाग ने उन्हें नोटिस देकर उनका विद्युत कनेक्शन काट दिया गया जिसे लेकर लोग भड़क गए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी उन्हें डरा धमका रही है इसे लेकर वीरवार को उपभोक्ता कल्याण मंच के साथ लोगों ने एसपी हमीरपुर के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके विद्युत कनेक्शन पुनः स्थापित नहीं किए गए तो वह इसके खिलाफ विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेरावकरेंगे और कार्यलय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे । उपभोक्ता कल्याण मंच के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं के इनकार के बावजूद स्मार्ट मीटर जबरदस्ती और गैर कानूनी तरीके से लगाने का काम किया जा रहा है। जब लोग इसका विरोध कर रहे हैं तो उनका संवैधानिक हक छीन कर उनके कनेक्शन काटकर उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है । उन्होंने बताया कि हमीरपुर शहर के एक इलाके में भी के उपभोक्ताओं के कलेक्शन काटकर उन्हें अंधेरा दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक परिवार को एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ गया है और कोर्ट के दखल के बाद उनकी सप्लाई को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने निर्णय दिया है कि विभाग जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में सरकार और विद्युत बोर्ड को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ेगा । ठाकुर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करके उन पर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और विभाग नही माना तो हर गांव में लोगो के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी । बाइट सुरेश ठाकुर अध्यक्ष उपभोक्ता कल्याण मंच गौडा इलाके के सुमित प्रकाश गौतम ने बताया कि उनके चार कनेक्शन स्मार्ट मीटर न लगाने को लेकर काट दिए गए हैं जिसके कारण उन्हें समस्या हो रही है । उन्होंने बताया कि आज पुलिस अधीक्षक से मिलकर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर न लगाने पर बिजली कनेक्शन काटने वालो के खिलाफ शिकयत कर कार्यवाही की मांग की है । बाइट प्रकाश गौतम पुरुषोत्तम प्रकाश ने बताया कि जब लोग स्मार्ट मीटर लगाना ही नहीं चाहते हैं तो जबरदस्ती इन्हें क्यों लगाया जा रहा है इनकी रीडिंग ठीक नहीं आती है पुराने मी ही ठीक है और उन्हें ही रहने दिया जाए।
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    स्मार्ट मीटर ना लगवाने पर विद्युत बोर्ड ने शहर में काटे कई लोगों के कनेक्शन, जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाने पर भड़के लोग, बोर्ड और मीटर लगाने वाली कंपनी पर लगाया डराने धमकाने का आरोप एसपी के पास दी शिकायत, धरना प्रदर्शन कर विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेराव करने का दिया अल्टीमेटम
हमीरपुर
स्मार्ट मीटर लगाने का मामला हमीरपुर शहर में भी अब तूल पकड़ गया है । हमीरपुर शहर के गौड़ा इलाके में कुछ उपभोक्ताओं ने जब स्मार्ट मीटर लगाने से मना कर दिया तो पहले विभाग ने उन्हें नोटिस देकर उनका विद्युत कनेक्शन काट दिया गया जिसे लेकर लोग भड़क गए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी उन्हें डरा धमका रही है इसे लेकर वीरवार को उपभोक्ता कल्याण मंच के साथ लोगों ने एसपी हमीरपुर के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके विद्युत कनेक्शन पुनः स्थापित नहीं किए गए तो वह इसके खिलाफ विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेरावकरेंगे और कार्यलय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे ।
उपभोक्ता कल्याण मंच के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं के इनकार के बावजूद स्मार्ट मीटर जबरदस्ती और गैर कानूनी तरीके से लगाने का काम किया जा रहा है। जब लोग इसका विरोध कर रहे हैं तो उनका संवैधानिक हक छीन कर उनके कनेक्शन काटकर उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है । उन्होंने बताया कि हमीरपुर शहर के एक इलाके में भी के उपभोक्ताओं के कलेक्शन काटकर उन्हें अंधेरा दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक परिवार को एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ गया है और कोर्ट के दखल के बाद उनकी सप्लाई को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने निर्णय दिया है कि विभाग जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में सरकार और विद्युत बोर्ड को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ेगा । ठाकुर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करके उन पर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और विभाग नही माना तो हर गांव में लोगो के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी ।
बाइट सुरेश ठाकुर
अध्यक्ष उपभोक्ता कल्याण मंच
गौडा इलाके के सुमित प्रकाश गौतम ने बताया कि उनके चार कनेक्शन स्मार्ट मीटर न लगाने को लेकर काट दिए गए हैं जिसके कारण उन्हें समस्या हो रही है । उन्होंने बताया कि आज पुलिस अधीक्षक से मिलकर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर न लगाने पर बिजली कनेक्शन काटने वालो के खिलाफ शिकयत कर कार्यवाही की मांग की है ।
बाइट प्रकाश गौतम
पुरुषोत्तम प्रकाश ने बताया कि जब लोग स्मार्ट मीटर लगाना ही नहीं चाहते हैं तो जबरदस्ती इन्हें क्यों लगाया जा रहा है इनकी रीडिंग ठीक नहीं आती है पुराने मी ही ठीक है और उन्हें ही रहने दिया जाए।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • NC को सवाल पूछने की जरूरत नहीं, BJP से सवाल पूछने की जरूरत है- Deputy CM सुरिंदर चौधरी “NC को सवाल पूछने की जरूरत नहीं है, जरूरत है BJP से सवाल पूछने की।” Deputy CM सुरेंद्र चौधरी के इस बयान ने जम्मू-कश्मीर की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
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    NC को सवाल पूछने की जरूरत नहीं, BJP से सवाल पूछने की जरूरत है- Deputy CM सुरिंदर चौधरी
“NC को सवाल पूछने की जरूरत नहीं है, जरूरत है BJP से सवाल पूछने की।”
Deputy CM सुरेंद्र चौधरी के इस बयान ने जम्मू-कश्मीर की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
    user_Kewal Singh
    Kewal Singh
    जम्मू, जम्मू, जम्मू और कश्मीर•
    9 hrs ago
  • 100 फीट गहरी खाई में गिरा भेड़पालक, साथियों ने पीठ पर उठाकर बचाई जान; ‘जाको राखे साइयां…’ कहावत हुई चरितार्थ। चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में एक भेड़पालक के साथ हुए हादसे ने हर किसी को हैरान कर दिया। करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने के बावजूद भेड़पालक की जान बच गई। हादसे के बाद उसके साथियों ने जिस साहस और इंसानियत का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। घायल साथी को सड़क तक पहुंचाने के लिए उन्होंने उसे अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर का कठिन सफर पैदल तय किया। घटना की तस्वीरें चुराह क्षेत्र की बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार भेड़पालकों का एक दल हर वर्ष की तरह इस बार भी लाहौल-स्पीति से अपनी भेड़-बकरियों को लेकर वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान दल जब तंगेड़ा नाले के समीप पहुंचा तो अचानक एक भेड़पालक का पैर फिसल गया। पैर फिसलते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पहाड़ी से करीब 100 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में भेड़पालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद उसके साथियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत घायल साथी को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। साथियों ने पीठ पर उठाकर तय किया कई किलोमीटर का सफर हादसे की गंभीरता के बावजूद घायल को मौके से सड़क तक पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और रास्ते की कठिन परिस्थितियों के बीच साथियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए घायल भेड़पालक को खाई से बाहर निकाला। सड़क तक पहुंचने के लिए कोई आसान रास्ता नहीं होने के कारण साथियों ने घायल को अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर तक पैदल लेकर चले। इस दौरान उन्होंने न केवल अपने साथी की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, बल्कि कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। काफी मशक्कत के बाद घायल भेड़पालक को चांजू पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद भूमि कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से घायल को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया। मुश्किल वक्त में साथियों का हौसला बना जीवन की सबसे बड़ी ताकत हादसा कितना गंभीर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भेड़पालक करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा था। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी उसका जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कहावत “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई” को चरितार्थ कर दिया। वहीं, घायल भेड़पालक के साथियों ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना उसे पीठ पर उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, वह इंसानियत और आपसी भाईचारे की मिसाल है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में किसी हादसे के बाद समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में साथियों की तत्परता, हिम्मत और सूझबूझ ने घायल को समय पर उपचार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना यह संदेश भी देती है कि मुश्किल वक्त में अपनों का साथ, हौसला और इंसानियत किसी की जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।
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    100 फीट गहरी खाई में गिरा भेड़पालक, साथियों ने पीठ पर उठाकर बचाई जान; ‘जाको राखे साइयां…’ कहावत हुई चरितार्थ।
चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में एक भेड़पालक के साथ हुए हादसे ने हर किसी को हैरान कर दिया। करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने के बावजूद भेड़पालक की जान बच गई। हादसे के बाद उसके साथियों ने जिस साहस और इंसानियत का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। घायल साथी को सड़क तक पहुंचाने के लिए उन्होंने उसे अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर का कठिन सफर पैदल तय किया।
घटना की तस्वीरें चुराह क्षेत्र की बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार भेड़पालकों का एक दल हर वर्ष की तरह इस बार भी लाहौल-स्पीति से अपनी भेड़-बकरियों को लेकर वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान दल जब तंगेड़ा नाले के समीप पहुंचा तो अचानक एक भेड़पालक का पैर फिसल गया।
पैर फिसलते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पहाड़ी से करीब 100 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में भेड़पालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद उसके साथियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत घायल साथी को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए।
साथियों ने पीठ पर उठाकर तय किया कई किलोमीटर का सफर
हादसे की गंभीरता के बावजूद घायल को मौके से सड़क तक पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और रास्ते की कठिन परिस्थितियों के बीच साथियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए घायल भेड़पालक को खाई से बाहर निकाला।
सड़क तक पहुंचने के लिए कोई आसान रास्ता नहीं होने के कारण साथियों ने घायल को अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर तक पैदल लेकर चले। इस दौरान उन्होंने न केवल अपने साथी की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, बल्कि कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी।
काफी मशक्कत के बाद घायल भेड़पालक को चांजू पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद भूमि कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से घायल को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया।
मुश्किल वक्त में साथियों का हौसला बना जीवन की सबसे बड़ी ताकत
हादसा कितना गंभीर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भेड़पालक करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा था। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी उसका जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कहावत “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई” को चरितार्थ कर दिया। वहीं, घायल भेड़पालक के साथियों ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना उसे पीठ पर उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, वह इंसानियत और आपसी भाईचारे की मिसाल है।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में किसी हादसे के बाद समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में साथियों की तत्परता, हिम्मत और सूझबूझ ने घायल को समय पर उपचार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना यह संदेश भी देती है कि मुश्किल वक्त में अपनों का साथ, हौसला और इंसानियत किसी की जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।
    user_हिम संदेश
    हिम संदेश
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
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