बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गाडरी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता परिवर्तन से किसी को कोई लाभ नहीं होता, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन होने पर सत्ता स्वतः परिवर्तित हो जाती है। गाडरी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार जानबूझकर ग्राम पंचायत चुनावों को टाल रही है क्योंकि ये चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाते हैं, जबकि विधानसभा चुनाव ईवीएम से हुए थे। यह एक सोची-समझी चाल है, जिसमें पहले ईवीएम से कथित तौर पर ‘घोटाला’ करके विधानसभा चुनाव जीते गए, और अब ग्राम पंचायत चुनावों को बाद में देखा जाएगा। गाडरी ने केंद्र सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई और अन्य संस्थाओं के सहयोग से ‘घोटाले की ईवीएम मशीन’ के माध्यम से चुनाव जीतकर सरकार बनाई है। उन्होंने दावा किया कि यह सरकार जनता के बिल्कुल विरोध में काम कर रही है और जनता के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया है। गाडरी के मुताबिक, ‘दादागिरी और गुंडागर्दी’ से चलाई जा रही इस सरकार में जनता का हित कभी नहीं हो सकता, क्योंकि ईवीएम ‘घोटाले की मशीन’ है जिसे मनचाहे ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है। वर्तमान सरकार इसीलिए शायद उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत और नगर निकाय चुनाव नहीं कराना चाहती, क्योंकि ये बैलट पेपर से होते हैं और आज तक बैलेट पेपर से आए परिणाम हमेशा भाजपा सरकार के विरुद्ध ही सामने आए हैं। गाडरी ने चेतावनी दी कि यह ‘मनसूबा’ जनता, देश, लोकतंत्र और संविधान के विरोध में है। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमारा देश संविधान से नहीं, बल्कि मनुवादी ताकतों की गुंडागर्दी और मनमर्जी से चल रहा है। बहुजन मुक्ति पार्टी ऐसे कार्यों की कड़ी निंदा करती है और जनता के लिए, जनता द्वारा, जनता का काम करने को प्रतिबद्ध है। पार्टी ने आने वाले कल को 100% आरक्षण देने का भी वादा किया है, जिसके तहत ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी’ के सिद्धांत पर न्याय प्रक्रिया स्थापित हो सकेगी। गाडरी ने न्यायपालिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि ब्राह्मणवाद और मनुवादी कभी न्यायप्रिय नहीं नहीं होते, यह बात अंग्रेजों ने भी साबित की थी और आज भी स्वतः सिद्ध हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सवर्ण जाति के जज तीन-तीन साल तक पद पर बने रहते हैं, जबकि ओबीसी या अनुसूचित जाति के जज का कार्यकाल दो-तीन महीने से ज्यादा नहीं बढ़ाया जाता और बल्कि उन्हें अपमानित भी किया जाता है। गाडरी ने अफसोस जताया कि भारतीय संविधान समता, समानता, न्याय, बंधुता और स्वतंत्रता की बात करता है, लेकिन जो लोग इसकी शपथ लेकर राज कर रहे हैं, वे उसी के विरोध में काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता से सवाल किया कि वह आखिर कब फैसला लेगी और क्या देश में गृह युद्ध को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि लोग आपस में लड़ते रहें और सत्ताधारी राज करते रहें। राजुद्दीन गाडरी ने दृढ़ता से कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और आने वाला कल बहुजन और मूल निवासियों का होगा, जो 100% आरक्षित होगा, ‘जितनी जिनकी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी’ के साथ। उन्होंने जय इंसान, जय विज्ञान, जय भारत, जय संविधान का नारा दिया।
बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गाडरी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता परिवर्तन से किसी को कोई लाभ नहीं होता, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन होने पर सत्ता स्वतः परिवर्तित हो जाती है। गाडरी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार जानबूझकर ग्राम पंचायत चुनावों को टाल रही है क्योंकि ये चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाते हैं, जबकि विधानसभा चुनाव ईवीएम से हुए थे। यह एक सोची-समझी चाल है, जिसमें पहले ईवीएम से कथित तौर पर ‘घोटाला’ करके विधानसभा चुनाव जीते गए, और अब ग्राम पंचायत चुनावों को बाद में देखा जाएगा। गाडरी ने केंद्र सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई और अन्य संस्थाओं के सहयोग से ‘घोटाले की ईवीएम मशीन’ के माध्यम से चुनाव जीतकर सरकार बनाई
है। उन्होंने दावा किया कि यह सरकार जनता के बिल्कुल विरोध में काम कर रही है और जनता के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया है। गाडरी के मुताबिक, ‘दादागिरी और गुंडागर्दी’ से चलाई जा रही इस सरकार में जनता का हित कभी नहीं हो सकता, क्योंकि ईवीएम ‘घोटाले की मशीन’ है जिसे मनचाहे ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है। वर्तमान सरकार इसीलिए शायद उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत और नगर निकाय चुनाव नहीं कराना चाहती, क्योंकि ये बैलट पेपर से होते हैं और आज तक बैलेट पेपर से आए परिणाम हमेशा भाजपा सरकार के विरुद्ध ही सामने आए हैं। गाडरी ने चेतावनी दी कि यह ‘मनसूबा’ जनता, देश, लोकतंत्र और संविधान के विरोध में है। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमारा देश संविधान से नहीं, बल्कि मनुवादी ताकतों
की गुंडागर्दी और मनमर्जी से चल रहा है। बहुजन मुक्ति पार्टी ऐसे कार्यों की कड़ी निंदा करती है और जनता के लिए, जनता द्वारा, जनता का काम करने को प्रतिबद्ध है। पार्टी ने आने वाले कल को 100% आरक्षण देने का भी वादा किया है, जिसके तहत ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी’ के सिद्धांत पर न्याय प्रक्रिया स्थापित हो सकेगी। गाडरी ने न्यायपालिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि ब्राह्मणवाद और मनुवादी कभी न्यायप्रिय नहीं नहीं होते, यह बात अंग्रेजों ने भी साबित की थी और आज भी स्वतः सिद्ध हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सवर्ण जाति के जज तीन-तीन साल तक पद पर बने रहते हैं, जबकि ओबीसी या अनुसूचित जाति के जज का
कार्यकाल दो-तीन महीने से ज्यादा नहीं बढ़ाया जाता और बल्कि उन्हें अपमानित भी किया जाता है। गाडरी ने अफसोस जताया कि भारतीय संविधान समता, समानता, न्याय, बंधुता और स्वतंत्रता की बात करता है, लेकिन जो लोग इसकी शपथ लेकर राज कर रहे हैं, वे उसी के विरोध में काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता से सवाल किया कि वह आखिर कब फैसला लेगी और क्या देश में गृह युद्ध को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि लोग आपस में लड़ते रहें और सत्ताधारी राज करते रहें। राजुद्दीन गाडरी ने दृढ़ता से कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और आने वाला कल बहुजन और मूल निवासियों का होगा, जो 100% आरक्षित होगा, ‘जितनी जिनकी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी’ के साथ। उन्होंने जय इंसान, जय विज्ञान, जय भारत, जय संविधान का नारा दिया।
- मेरठ के थिरोट गांव में एक भयावह घटना सामने आई है, जहां 15 मई, 2026 को एक लड़की परीक्षा देने गई थी और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर तेजाब डालकर उसकी हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब लड़की अपने पेपर देने के लिए निकली थी। इस जघन्य वारदात के बाद से ही न्याय की पुरज़ोर मांग उठ रही है, विशेष रूप से ललित गौतम के लिए न्याय की गुहार लगाई जा रही है। इस घटना को लेकर प्रदेश की बेटी पर हो रहे अत्याचार पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या यही कानून का राज है और क्या अगर यह लड़की सवर्ण समाज की होती तो उसे और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलता, क्योंकि तब यह उनके समाज का मामला होता। आरोप लगाया गया है कि जहां एक ओर प्रदेश की बेटी के ऊपर अत्याचार हो रहा है, वहीं माननीय योगी जी जातिवाद पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके चलते बार-बार न्याय की मांग दोहराई जा रही है।1
- मेरठ के थाना लाल कुर्ती अंतर्गत मैदा मोहल्ला निवासी भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी स्वर्गीय सूरजभान सिंह बौद्ध की मृत्यु अथवा हत्या किए जाने की कथित सुनियोजित साजिश को लेकर विवाद गहरा गया है। मृतक की बहन धर्मबेरी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। धर्मबेरी ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी मेरठ, थाना लाल कुर्ती और जनसुनवाई पोर्टल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा है। शिकायत में उन्होंने सूरजभान सिंह बौद्ध की बेदखल की गई पुत्री संघमित्रा, दामाद कपिल और नाती कन्हैया के साथ-साथ अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कराए जाने पर जोर दिया है।1
- मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में स्कूली छात्राओं के सामने सोशल मीडिया के लिए रील बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए रॉबिन नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह युवक सार्वजनिक स्थान पर छात्राओं के सामने वीडियो बना रहा था। वीडियो वायरल होने पर लोगों ने इस कृत्य पर आपत्ति जताई, जिसके बाद खतौली थाना पुलिस ने जाँच शुरू की। गिरफ्तारी के बाद युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखाई दिया, मगर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे जेल भेज दिया। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा तथा सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल, पुलिस की इस कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसे कृत्यों से बचें, जिनसे दूसरों को असुविधा हो या उनकी सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।1
- मेरठ के समर गार्डन क्षेत्र में एक खाली प्लॉट में कूड़ा जलाते समय जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके के कारण कई आस-पास के घरों के शीशे टूट गए।1
- मुख्यमंत्री योगी ने ड्यूटी के समय सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले कर्मियों के संबंध में एक कड़ा संदेश दिया है। इस निर्देश में ऐसे व्यवहार पर अपनी सख्त आपत्ति व्यक्त की गई है।1
- अटल सेतु क्या है और इसने ऐसी कौन सी प्रसिद्धि प्राप्त की है कि हर किसी का ध्यान इसकी ओर आकर्षित होता है, यह एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह भी है कि भारत के प्रधानमंत्री दामोदर दास नरेंद्र मोदी ने अपने 12 वर्ष के राजनीतिक कार्यकाल में ऐसा क्या किया, जिससे अटल सेतु इतना चर्चा और आकर्षण का केंद्र बन गया है। पोस्ट अपने पाठकों को इस पूरी खबर को देखने और यह अनुभव करने के लिए आमंत्रित करती है कि आखिर अटल सेतु क्या है और इसकी प्रसिद्धि में क्या खास है।1
- कोतवाली थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड स्थित गुलमर्ग में हलीम बिरयानी खाने आई एक महिला का नोटों से भरा पर्स चोरी हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोर साफ नजर आ रहा है।2
- मवाना में एक इंग्लिश वाइन शॉप के पास शराब के नशे में धुत लोगों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कैंटीन में शुरू हुई एक मामूली कहासुनी देखते ही देखते सड़क पर एक बड़े झगड़े में बदल गई, जहाँ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए। घटना की सूचना मिलने पर मवाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही बाइक सवार एक पक्ष मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर थाने लाई। अब पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने में जुटी है।1