पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने 116 शेखूपुर विधानसभा के सकरी जंगल, मचलई, नैथू, खिरीया रहलू, इसलामगंज, रहीमउद्दीन नगर और बाराचिर्राह गांवों का तूफानी दौरा किया, जहां उन्होंने विशाल जनसभाएं संबोधित कीं। इन सभाओं में उन्हें सुनने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ा और ढोल-नगाड़ों तथा फूलों की बारिश से उनका भव्य स्वागत किया गया। सपा के स्टार प्रचारक, राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री आबिद रज़ा लगातार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा0 अखिलेश यादव जी के निर्देश पर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का प्रचार कर रहे हैं, जिसके तहत वे अब तक लगभग 120 गांवों का दौरा कर चुके हैं। जनसभाओं के दौरान, सभी गांव के निवासियों ने आबिद रज़ा से शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया। ग्रामवासियों ने बताया कि समाजवादी पार्टी के गठन के बाद से उन्होंने हमेशा सपा और साइकिल को वोट दिया है और चार बार सपा की सरकार बनने के बावजूद उनके गांवों की सड़कें आज भी गड्ढों से भरी हैं और कोई विकास नहीं हुआ है। उन्होंने अपने वर्तमान विधायक पर विकास कार्य न कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे एकतरफा साइकिल को वोट देते हैं, लेकिन विधायक बनने के बाद उनके गांव के विकास के बारे में कोई नहीं सोचता। ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से आबिद रज़ा की सराहना करते हुए कहा कि जब वे बदायूं के विधायक थे, तब उन्होंने बदायूं का बहुत विकास कराया था और वे काम करने वाले तथा अपने लोगों की लड़ाई मज़बूती से लड़ने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें आबिद रज़ा जैसे नेता की ही आवश्यकता है, क्योंकि उनका मानना है कि अगर आबिद रज़ा शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे, तो सपा की सीट बच जाएगी, अन्यथा इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक रिकॉर्ड रहा है कि वे एक बार चुनाव जीतते हैं और एक बार हारते हैं, कभी दोबारा चुनाव नहीं जीतते। इसलिए, ग्रामवासियों ने आबिद रज़ा से ही शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़कर जीतने की मांग की। ग्रामवासियों की इस मांग पर पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा कि शेखूपुर उनकी जन्मभूमि है, क्योंकि उनका जन्म शेखूपुर विधानसभा के ककराला कस्बे में हुआ था, और बदायूं उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने यह भी कहा कि वे पूरे शेखूपुर विधानसभा में PDA का प्रचार करने निकले हैं और उनका लक्ष्य है कि सन् 2027 में हर हाल में मा0 अखिलेश यादव जी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाए। सड़कों की समस्या के संबंध में उन्होंने आश्वस्त किया कि 2027 के बाद उनके इलाके में ऐतिहासिक विकास होगा और कोई सड़क टूटी नहीं रहेगी। इस दौरे में आबिद रज़ा के साथ धर्मवीर जाटव, श्याम सिंह जाटव, मैकू जाटव, दलवीर यादव, बदन सिंह यादव, अमन यादव, हर्षित यादव, सुनील यादव, मेघ सिंह शाक्य, लाल सिह शाक्य, फौजी शाक्य, रिजवान अंसारी, दिलशाद अंसारी, ज़ाहिद अंसारी, डॉक्टर दिलशाद अंसारी, डॉक्टर हाशिम अंसारी, अकील खान, रिंकू, नफीस अहमद अंसारी, जमील अंसारी, आस मोहम्मद, आकिल नबी और नबी हसन अंसारी, डॉक्टर नबी अहमद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने 116 शेखूपुर विधानसभा के सकरी जंगल, मचलई, नैथू, खिरीया रहलू, इसलामगंज, रहीमउद्दीन नगर और बाराचिर्राह गांवों का तूफानी दौरा किया, जहां उन्होंने विशाल जनसभाएं संबोधित कीं। इन सभाओं में उन्हें सुनने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ा और ढोल-नगाड़ों तथा फूलों की बारिश से उनका भव्य स्वागत किया गया। सपा के स्टार प्रचारक, राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री आबिद रज़ा लगातार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा0 अखिलेश यादव जी के निर्देश पर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का प्रचार कर रहे हैं, जिसके तहत वे अब तक लगभग 120 गांवों का दौरा कर चुके हैं। जनसभाओं के दौरान, सभी गांव के निवासियों ने आबिद रज़ा से शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया। ग्रामवासियों ने बताया कि समाजवादी पार्टी के गठन के बाद से उन्होंने हमेशा सपा और साइकिल को वोट दिया है और चार बार सपा की सरकार बनने के बावजूद उनके गांवों की सड़कें आज भी गड्ढों से भरी हैं और कोई विकास नहीं हुआ है। उन्होंने अपने वर्तमान विधायक पर विकास कार्य न कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे एकतरफा साइकिल को वोट देते हैं, लेकिन विधायक बनने के बाद उनके गांव के विकास के बारे में कोई नहीं सोचता। ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से आबिद रज़ा की सराहना करते हुए कहा कि जब वे बदायूं के विधायक थे, तब उन्होंने बदायूं का बहुत विकास कराया था और वे काम करने वाले तथा अपने लोगों की लड़ाई मज़बूती से लड़ने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें आबिद रज़ा जैसे नेता की ही आवश्यकता है, क्योंकि उनका मानना है कि अगर आबिद रज़ा शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे, तो सपा की सीट बच जाएगी, अन्यथा इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक रिकॉर्ड रहा है कि वे एक बार चुनाव जीतते हैं और एक बार हारते हैं, कभी दोबारा चुनाव नहीं जीतते। इसलिए, ग्रामवासियों ने आबिद रज़ा से ही शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़कर जीतने की मांग की। ग्रामवासियों की इस मांग पर पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा कि शेखूपुर उनकी जन्मभूमि है, क्योंकि उनका जन्म शेखूपुर विधानसभा के ककराला कस्बे में हुआ था, और बदायूं उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने यह भी कहा कि वे पूरे शेखूपुर विधानसभा में PDA का प्रचार करने निकले हैं और उनका लक्ष्य है कि सन् 2027 में हर हाल में मा0 अखिलेश यादव जी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाए। सड़कों की समस्या के संबंध में उन्होंने आश्वस्त किया कि 2027 के बाद उनके इलाके में ऐतिहासिक विकास होगा और कोई सड़क टूटी नहीं रहेगी। इस दौरे में आबिद रज़ा के साथ धर्मवीर जाटव, श्याम सिंह जाटव, मैकू जाटव, दलवीर यादव, बदन सिंह यादव, अमन यादव, हर्षित यादव, सुनील यादव, मेघ सिंह शाक्य, लाल सिह शाक्य, फौजी शाक्य, रिजवान अंसारी, दिलशाद अंसारी, ज़ाहिद अंसारी, डॉक्टर दिलशाद अंसारी, डॉक्टर हाशिम अंसारी, अकील खान, रिंकू, नफीस अहमद अंसारी, जमील अंसारी, आस मोहम्मद, आकिल नबी और नबी हसन अंसारी, डॉक्टर नबी अहमद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
- बदायूं के उसावां में साप्ताहिक बाजार बंद कर दिया गया है। यह फैसला स्थानीय लोगों की बहुत दिनों से चली आ रही मांग के बाद लिया गया है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को बदायूँ स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में सभी उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और बदायूँ के प्रभारी मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि-मुनियों की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। डॉ. सक्सेना ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण ही योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंत्री डॉ. सक्सेना ने कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों को भी कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भारत ने पूरी दुनिया को योग का संदेश दिया है और इसके माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले वर्ष विश्व के 165 देशों में योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो योग के प्रति वैश्विक विश्वास और जागरूकता में लगातार वृद्धि को दर्शाता है। डॉ. सक्सेना के अनुसार, योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति कई बीमारियों से दूर रह सकता है और तनावमुक्त जीवन जी सकता है। प्रभारी मंत्री ने आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की बढ़ती आवश्यकता पर बल देते हुए सभी लोगों से अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से योगासन करते हुए स्वस्थ समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया। योगाभ्यास के बाद उपस्थित लोगों को योग के महत्व एवं इसके लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम को स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और लोगों को योग के प्रति प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना गया।3
- मीणाओं द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानों के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं।1
- बदायूँ के मालवीय आवास गृह पर राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को दिव्यांगजनों के अधिकारों को लेकर एक सात-सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया। मांग पत्र में यह मुद्दा उठाया गया है कि उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों को अपने अधिकारों के लिए लगातार भटकना पड़ रहा है, उन्हें आए दिन परेशान किया जा रहा है, और फर्जी मुकदमों में फँसाया जा रहा है। दिव्यांगजनों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, और अक्सर अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं रहते, जिससे वे न्याय के लिए मजबूरन भटक रहे हैं। बैठक में सदस्यों ने दिव्यांगजनों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। विनोद सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दिव्यांगजनों को अत्यधिक मशक्कत करनी पड़ती है, फिर भी दलाल उनसे ठगी करने से बाज नहीं आते, और शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। रामवाबू गुत्ता ने विकास भवन में दलालों की सक्रियता पर चिंता जताई, जो खुलेआम दिव्यांगजनों से ठगी करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सशक्तीकरण विभाग में अधिकारी अपनी मौज ले रहे हैं, और कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। तेजपाल साहू ने रोडवेज बस चालकों की मनमानी का मुद्दा उठाया, जो दिव्यांगजनों को देखते ही बस दौड़ा देते हैं, जिसके कारण दिव्यांगजनों को मजबूरन निजी वाहनों में यात्रा करनी पड़ती है। इस मौके पर विनोद सिंह, रामबाबू गुत्ता, पपपू, भीमसेन, तेजपाल, ललित कुमार, सुंदर लाल, सुरेश, विनय कुमार, राम रहीम, अरविंद सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।1
- मथुरा के छाता तहसील मुख्यालय पर शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिला अधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने जनता की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। हालांकि, अधिकारियों ने दावा किया है कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सभी पुरानी शिकायतों का समाधान समय पर कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, इस बार छाता तहसील के कामर गांव से सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। समाधान दिवस में यह गंभीर मामला सामने आया कि कई फरियादी एक ही समस्या को लेकर पांच से सात बार तक चक्कर काट चुके थे, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, प्रशासन ने मामलों की जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए एक एडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और टालमटोल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ डीएम चंद्र प्रकाश ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने बताया कि लापरवाही बरतने के आरोप में एक लेखपाल और एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, इस लापरवाही में शामिल उच्च अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ भी शासन को लिखा जा रहा है। जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील करते हुए सख्त हिदायत दी कि सरकार ने उन्हें आम जनता की समस्याओं का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के लिए ही तैनात किया है। उन्होंने यह भी कहा कि छाता तहसील में अधिक शिकायतें हैं, जिनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी, और कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- विश्व योग दिवस के अवसर पर उझानी स्थित प्रखर बाल संस्कारशाला के श्री नारायणगंज कैंप कार्यालय पर छोटे-छोटे बच्चों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का प्रदर्शन कर सभी को अचंभित कर दिया। बच्चों की प्रतिभा और योग के प्रति उनकी जागरूकता की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। इस मौके पर योग के महत्व और उससे प्राप्त होने वाले शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने योग को ऋषि-मुनियों द्वारा मानवता को दिया गया सर्वोत्तम ज्ञान बताते हुए कहा कि यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और आनंदमय जीवन जीने की एक प्रभावी पद्धति है। वरिष्ठ गायत्री परिजन सुखपाल शर्मा ने बताया कि नियमित योग और प्राणायाम से शरीर निरोग रहता है, मानसिक तनाव दूर होता है और प्रत्येक व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मृत्युंजय शर्मा ने आधुनिक भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को अनेक बीमारियों और समस्याओं का सरल एवं प्रभावी समाधान बताया, जिससे मनुष्य उत्तम स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सुख-शांति प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम के अंत में, बच्चों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वर्चस्व शर्मा, भूमि शर्मा, अद्भुत माहेश्वरी, रियांश माहेश्वरी, शौर्य शर्मा, खुशबू शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।1
- खन्ना जी शाहजहांपुर वाले से संबंधित जानकारी में 'UP 27' का उल्लेख किया गया है, और साथ ही यह भी कहा गया है कि 'दिल के आगे पत्ता नहीं मिल सकता'।1
- बदायूं के बिल्सी नगर स्थित मोहल्ला नंबर 08 साहबगंज में राधा कृष्ण शिव मंदिर में देर शाम कुछ युवकों ने घुसकर हनुमान जी की वेदी पर लगे कांच के शीशे को तोड़ दिया और मूर्ति को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें मंदिर परिसर में ही बंद कर दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना देकर उनके हवाले कर दिया गया। सूचना मिलने पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुँचे और उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कोतवाल ने मंदिर का ताला खुलवाकर घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। मंदिर में तोड़फोड़ की इस कोशिश के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है और मामले की जाँच में जुट गई है।2
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की जहानाबाद कोतवाली के अंतर्गत आने वाले खेड़ा गांव में महिलाओं ने एक शराब भट्टी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह मामला विशेष रूप से ललौरी खेड़ा से संबंधित बताया गया है। महिलाएं काफी समय से इस शराब भट्टी को हटाने की मांग कर रही थीं, और अपने विरोध के दौरान उन्होंने भट्टी से दारू की पेटियां उठाकर बाहर फेंक दीं।1