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यह कहानी है रजिया सुल्ताना बेगम की, जो मुगल सल्तनत के आखिरी चराग बहादुर शाह ज़फर के पड़पोते, मिर्जा बेदार बख्त की बेगम हैं महाराजगंज, सिवान, बिहार JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय एक वक्त था जब उनका नाम शाही खानदान की मर्यादा से जुड़ा था, लेकिन आज आलम यह है कि सिर छुपाने के लिए एक अदद छत तक मयस्सर नहीं है। यह कहानी है रजिया सुल्ताना बेगम की, जो मुगल सल्तनत के आखिरी चराग बहादुर शाह ज़फर के पड़पोते, मिर्जा बेदार बख्त की बेगम हैं। कभी महलों के किस्सों का हिस्सा रही यह विरासत आज हावड़ा की तंग गलियों और गरीबी के साये में सिमट कर रह गई है। रजिया की जिंदगी का रुख तब बदला जब महज 12 साल की उम्र में उनका निकाह कर दिया गया। उस मासूम उम्र में उन्हें इस बात का इल्म तक नहीं था कि वह एक ऐतिहासिक वंश की बहू बनने जा रही हैं। लेकिन शादी के बाद सुनहरे ख्वाबों की जगह हकीकत की तल्खी ने ले ली। शौहर के पास कोई स्थाई काम नहीं था और घर का चूल्हा सरकार से मिलने वाली मामूली पेंशन के भरोसे जलता था। जब खर्चे बढ़े, तो शाही बहू ने लोकलाज की परवाह किए बिना किताबों पर जिल्द चढ़ाने और लाख की चूड़ियां बनाने जैसे छोटे-मोटे काम किए ताकि परिवार का पेट पल सके। शौहर के इंतकाल के बाद चुनौतियां पहाड़ बनकर टूटीं। एक वक्त ऐसा भी आया जब बच्चों की भूख मिटाने के लिए रजिया के पास सिर्फ पानी और ब्रेड बचा था, लेकिन उन्होंने कभी किसी के आगे दामन नहीं फैलाया। वह कहती हैं कि भूख ने कई बार इम्तिहान लिया, पर उन्होंने अपनी और अपने खानदान की इज्जत को कभी झुकने नहीं दिया। रजिया के जीवन का सबसे दुखद पहलू वह विरोधाभास है कि जिन इमारतों को उनके पूर्वजों ने बनवाया—चाहे वह लाल किला हो, ताजमहल हो या हुमायूं का मकबरा—आज अपनी ही विरासत को देखने के लिए उन्हें कतार में लगकर टिकट खरीदना पड़ता है। उनकी बस एक ही ख्वाहिश है कि बहादुर शाह ज़फर के अवशेषों को वापस वतन लाया जाए और उनके परिवार को एक सम्मानजनक आशियाना मिले। हावड़ा की एक झुग्गी में गुमनाम जिंदगी जी रही रजिया सुल्ताना बेगम आज वक्त के उस चक्र का जीवंत उदाहरण हैं, जो महलों के वारिसों को भी दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद करने पर मजबूर कर देता है। जहां कभी शान-ओ-शौकत की गूंज थी, वहां आज सिर्फ यादें, दर्द और एक बेहतर कल का इंतजार बाकी है।

2 hrs ago
user_JHVP BHARAT NEWS
JHVP BHARAT NEWS
Local News Reporter महाराजगंज, सीवान, बिहार•
2 hrs ago
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यह कहानी है रजिया सुल्ताना बेगम की, जो मुगल सल्तनत के आखिरी चराग बहादुर शाह ज़फर के पड़पोते, मिर्जा बेदार बख्त की बेगम हैं महाराजगंज, सिवान, बिहार JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय एक वक्त था जब उनका नाम शाही खानदान की मर्यादा से जुड़ा था, लेकिन आज आलम यह है कि सिर छुपाने के लिए एक अदद छत तक मयस्सर नहीं है। यह कहानी है रजिया सुल्ताना बेगम की, जो मुगल सल्तनत के आखिरी चराग बहादुर शाह ज़फर के पड़पोते, मिर्जा बेदार बख्त की बेगम हैं। कभी महलों के किस्सों का हिस्सा रही यह विरासत आज हावड़ा की तंग गलियों

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और गरीबी के साये में सिमट कर रह गई है। रजिया की जिंदगी का रुख तब बदला जब महज 12 साल की उम्र में उनका निकाह कर दिया गया। उस मासूम उम्र में उन्हें इस बात का इल्म तक नहीं था कि वह एक ऐतिहासिक वंश की बहू बनने जा रही हैं। लेकिन शादी के बाद सुनहरे ख्वाबों की जगह हकीकत की तल्खी ने ले ली। शौहर के पास कोई स्थाई काम नहीं था और घर का चूल्हा सरकार से मिलने वाली मामूली पेंशन के भरोसे जलता था। जब खर्चे बढ़े, तो शाही बहू ने लोकलाज की परवाह किए बिना किताबों पर जिल्द

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चढ़ाने और लाख की चूड़ियां बनाने जैसे छोटे-मोटे काम किए ताकि परिवार का पेट पल सके। शौहर के इंतकाल के बाद चुनौतियां पहाड़ बनकर टूटीं। एक वक्त ऐसा भी आया जब बच्चों की भूख मिटाने के लिए रजिया के पास सिर्फ पानी और ब्रेड बचा था, लेकिन उन्होंने कभी किसी के आगे दामन नहीं फैलाया। वह कहती हैं कि भूख ने कई बार इम्तिहान लिया, पर उन्होंने अपनी और अपने खानदान की इज्जत को कभी झुकने नहीं दिया। रजिया के जीवन का सबसे दुखद पहलू वह विरोधाभास है कि जिन इमारतों को उनके पूर्वजों ने बनवाया—चाहे वह लाल किला हो, ताजमहल हो या

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हुमायूं का मकबरा—आज अपनी ही विरासत को देखने के लिए उन्हें कतार में लगकर टिकट खरीदना पड़ता है। उनकी बस एक ही ख्वाहिश है कि बहादुर शाह ज़फर के अवशेषों को वापस वतन लाया जाए और उनके परिवार को एक सम्मानजनक आशियाना मिले। हावड़ा की एक झुग्गी में गुमनाम जिंदगी जी रही रजिया सुल्ताना बेगम आज वक्त के उस चक्र का जीवंत उदाहरण हैं, जो महलों के वारिसों को भी दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद करने पर मजबूर कर देता है। जहां कभी शान-ओ-शौकत की गूंज थी, वहां आज सिर्फ यादें, दर्द और एक बेहतर कल का इंतजार बाकी है।

  • user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    महाराजगंज, सीवान, बिहार
    https://jhvpbharatnews.in/
    2 hrs ago
More news from Siwan and nearby areas
  • Mera nal bhut din se kharab hai lekin ward se koi helf nhi mil rha hai ward number -5 ward ka name-jitendar thakur panchayt -tewtha block -Maharajganj
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    Mera nal bhut din se kharab hai lekin ward se koi helf nhi mil rha hai ward number -5
ward ka name-jitendar thakur 
panchayt -tewtha
block -Maharajganj
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    Farmer Maharajganj, Siwan•
    9 hrs ago
  • महाराजगंज, सिवान, बिहार JHVP BHARAT NEWS / THE NATURE EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय जी हाँ, प्रिय मित्रों एवं आदरणीय मह अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App)
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    महाराजगंज, सिवान, बिहार 
JHVP BHARAT NEWS / THE NATURE 
EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय 
जी हाँ, प्रिय मित्रों एवं आदरणीय मह
अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App)
    user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    Local News Reporter महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    11 hrs ago
  • नागरा चौक के पास स्थित स्मार्ट मॉल क्षेत्र में इन दोनों कपड़ों की दुकानों की रौनक बढ़ गई है यहा महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए आधुनिक और पारंपरिक परिधानों की व्यापक रेंज उपलब्ध है जिससे यह इलाका स्थानीय ग्राहकों के लिए एक प्रमुख शॉपिंग डेस्टिनेशन बनता जा रहा है...
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    नागरा चौक के पास स्थित स्मार्ट मॉल क्षेत्र में इन दोनों कपड़ों की दुकानों की रौनक बढ़ गई है यहा महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए आधुनिक और पारंपरिक परिधानों की व्यापक रेंज उपलब्ध है जिससे यह इलाका स्थानीय ग्राहकों के लिए एक प्रमुख शॉपिंग डेस्टिनेशन बनता जा रहा है...
    user_लहर न्यूज़
    लहर न्यूज़
    Local News Reporter सिवान, सीवान, बिहार•
    1 hr ago
  • सिवान जिले के सिसवन प्रखंड में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. जनगणना कार्य को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण युद्धस्तर पर चल रहा है.सोमवार को हरे राम ब्रह्मचारी स्कूल में दूसरे बैच के प्रशिक्षण का दूसरा दिन पूरा हुआ. मास्टर ट्रेनर ने प्रतिभागियों को जनगणना के मोबाइल ऐप की बारीकियां, प्रश्नावली के हर कॉलम को भरने का तरीका और फील्ड में आंकड़े जुटाते समय आने वाली चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए. प्रशिक्षण में डेटा की शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने पर खास जोर दिया गया.सिसवन के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की भविष्य की योजनाओं की बुनियाद है. उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें ताकि घर घर जाकर सर्वे के दौरान कोई गलती न हो.बीडीओ ने कहा कि सभी चिन्हित कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रगणक अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर जनगणना का काम शुरू करेंगे.
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    सिवान जिले के सिसवन प्रखंड में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. जनगणना कार्य को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण युद्धस्तर पर चल रहा है.सोमवार को हरे राम ब्रह्मचारी स्कूल में दूसरे बैच के प्रशिक्षण का दूसरा दिन पूरा हुआ. मास्टर ट्रेनर ने प्रतिभागियों को जनगणना के मोबाइल ऐप की बारीकियां, प्रश्नावली के हर कॉलम को भरने का तरीका और फील्ड में आंकड़े जुटाते समय आने वाली चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए. प्रशिक्षण में डेटा की शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने पर खास जोर दिया गया.सिसवन के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की भविष्य की योजनाओं की बुनियाद है. उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें ताकि घर घर जाकर सर्वे के दौरान कोई गलती न हो.बीडीओ ने कहा कि सभी चिन्हित कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रगणक अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर जनगणना का काम शुरू करेंगे.
    user_Sachita nand pandey
    Sachita nand pandey
    सिसवन, सीवान, बिहार•
    2 hrs ago
  • बंगाल चुनाव दौरान प्रधानमंत्री मोदी जी झाल मुरी खाने पहुंच गए दुकान पर । एक मामूली से भुज बेचने वाला गया के रहने वाला युवक की दुकान पर प्रधानमंत्री मोदी जी पहुंचकर मात्र ₹10 का भुज खरीद कर खा उसके बाद से मीडिया और सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से खूब वायरल हो रहा है कुछ कहेंगे कमेंट करके जरूर बताइएगा rn news 24
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    बंगाल चुनाव दौरान प्रधानमंत्री मोदी जी झाल मुरी खाने पहुंच गए दुकान पर ।
एक मामूली से भुज बेचने वाला गया के रहने वाला युवक की दुकान पर प्रधानमंत्री मोदी जी पहुंचकर मात्र ₹10 का भुज खरीद कर खा उसके बाद से मीडिया और सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से खूब वायरल हो रहा है कुछ कहेंगे कमेंट करके जरूर बताइएगा rn news 24
    user_Rn news 24
    Rn news 24
    Job Centre बरहरिया, सीवान, बिहार•
    12 hrs ago
  • छपरा शहर के प्रेक्षा गृह में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 'सोलर लोन मेला-2026' का हुआ आयोजन
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    छपरा शहर के प्रेक्षा गृह में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 'सोलर लोन मेला-2026' का हुआ आयोजन
    user_Ashraf Journalist
    Ashraf Journalist
    Local News Reporter Chapra, Saran•
    2 hrs ago
  • do pariwaro ke bich khatranak khunni ladai
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    do pariwaro ke bich khatranak khunni ladai
    user_Mr Zakir Husain
    Mr Zakir Husain
    गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    5 hrs ago
  • surat palayan kar rahe majduro ko bhid cantrol karne ke name par dekhiye kaise pita ja raha hai kya isi kabil hai hm bihari
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    surat 
palayan kar rahe majduro ko bhid cantrol karne ke name par dekhiye kaise pita ja raha hai kya isi kabil hai hm bihari
    user_Mr Zakir Husain
    Mr Zakir Husain
    गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    6 hrs ago
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