चमारी ; ये सौरभ के गांव का नाम है और सौरभ द्विवेदी अपनी पत्रकारिता मे खुद के गांव का नाम नही बदलवा सके जो एक जाति सूचक नाम है चमारी ; ये सौरभ के गांव का नाम है और सौरभ द्विवेदी अपनी पत्रकारिता मे खुद के गांव का नाम नही बदलवा सके जो एक जाति सूचक नाम है और हमारे संज्ञान मे तो सौरभ ने कभी अपने गांव के नाम की स्टोरी की होगी , अब लगता है कि जब कभी अवसर मिले तो एक स्टोरी करनी होगी। हाल ही मे पुस्तकालय के उद्घाटन अवसर पर देश भर की हस्तियाँ पहुंची और मंच पर ही जुबानी जंग शुरू हो गई , कथित राम कथावाचक कुमार विश्वास तो श्रीराम की मर्यादा का ख्याल भी नही रख सके कि भाई अंदर ही अंदर लड़ लेते और बाहर मर्यादा का पालन कर लेते क्योंकि कथा मे ज्ञान तो आप ही देते हो मगर ज्ञान का पालन नही करते दिखे। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक तो जैसे उनके घर मे फोर्थ क्लास का काम करने वाले हों जिनको मालिक हड़क लिया करते हैं। कुलमिलाकर बहुत शर्मसार करता हुआ अवसर साबित हुआ। हाँ चर्चित पत्रकार सौरभ द्विवेदी जी ने खुद की पहुँच जरूर साबित कर दी है जिससे गांव मे उनका सिक्का जम जाएगा बाकी तो उनकी पत्रकारिता के प्रशंसक देश भर मे हैं लेकिन उनके गांव मे जो कुछ हुआ वह निंदा जनक हुआ। अब सौरभ जी को अपने गांव का जातिसूचक नाम बदलवाकर कुछ अच्छा सा नाम रखने की पहल जरूर करना चाहिए , बाकी एक कहावत वहाँ चरितार्थ हुई है जिसे मैं यहाँ लिख नही सकता और समझने वाले समझ जाएंगे।
चमारी ; ये सौरभ के गांव का नाम है और सौरभ द्विवेदी अपनी पत्रकारिता मे खुद के गांव का नाम नही बदलवा सके जो एक जाति सूचक नाम है चमारी ; ये सौरभ के गांव का नाम है और सौरभ द्विवेदी अपनी पत्रकारिता मे खुद के गांव का नाम नही बदलवा सके जो एक जाति सूचक नाम है और हमारे संज्ञान मे तो सौरभ ने कभी अपने गांव के नाम की स्टोरी की होगी , अब लगता है कि जब कभी अवसर मिले तो एक स्टोरी करनी होगी। हाल ही मे पुस्तकालय के उद्घाटन अवसर पर देश भर की हस्तियाँ पहुंची और मंच पर ही जुबानी जंग शुरू हो गई , कथित राम कथावाचक कुमार विश्वास तो श्रीराम की मर्यादा का ख्याल भी नही रख सके कि भाई अंदर ही अंदर लड़ लेते और बाहर मर्यादा का पालन कर लेते क्योंकि कथा मे ज्ञान तो आप ही देते हो मगर ज्ञान का पालन नही करते दिखे। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक तो जैसे उनके घर मे फोर्थ क्लास का काम करने वाले हों जिनको मालिक हड़क लिया करते हैं। कुलमिलाकर बहुत शर्मसार करता हुआ अवसर साबित हुआ। हाँ चर्चित पत्रकार सौरभ द्विवेदी जी ने खुद की पहुँच जरूर साबित कर दी है जिससे गांव मे उनका सिक्का जम जाएगा बाकी तो उनकी पत्रकारिता के प्रशंसक देश भर मे हैं लेकिन उनके गांव मे जो कुछ हुआ वह निंदा जनक हुआ। अब सौरभ जी को अपने गांव का जातिसूचक नाम बदलवाकर कुछ अच्छा सा नाम रखने की पहल जरूर करना चाहिए , बाकी एक कहावत वहाँ चरितार्थ हुई है जिसे मैं यहाँ लिख नही सकता और समझने वाले समझ जाएंगे।
- देवास से (साजिद अली)✍️ यह तस्वीर शहर के रेवा बाग स्थित स्वास्थ्य केंद्र की है। शाम करीब 5:30 बजे बच्चों को लगने वाली वैक्सीन का डब्बा लावारिस हालत में पड़ा मिला, जबकि केंद्र बंद होने का समय 6:30 बजे है। गौरतलब है कि इन वैक्सीन को विशेष तापमान में सुरक्षित रखना आवश्यक होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतनी संवेदनशील दवाओं को इस तरह असुरक्षित क्यों छोड़ा गया? यदि इस लापरवाही के कारण कल को किसी बच्चे के साथ कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?1
- पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने ही सेवादारों की पर्ची खोल दी, कहा– हमारे यहां मालपानी अच्छा मिलता है इसलिए बनते हैं सेवादार और कुछ लौंडे तो लौंडियाबजी के लिए सेवादार बन रहे हैं, अब जब पंडित जी को इतना सब कुछ पता है तो ऐसे सेवादारों को बाहर कर दो क्योंकि हो सकता है कभी कोई ऐसा सेवादार किसी के साथ छेड़खानी कर दे, और फिर इन्हें बदनामी का दाग झेलना पड़े आपकी क्या राय है कमेंट में जरूर बताएं 👇1
- इंदौर में एक ऑटो चालक की सतर्कता से 18 चोरी के मोबाइल बरामद किए गए। ऑटो चालक की समझदारी और जागरूकता से पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। 👉 ताज़ा ब्रेकिंग और स्थानीय खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें । 👉 वीडियो को Like, Share और Comment ज़रूर करें ।1
- इंदौर में उत्साह के आगे धरे रह गए सुरक्षा इंतज़ाम! लोगों के जोश और भारी भीड़ के सामने प्रशासन के लगाए गए बैरिकेट्स भी टिक नहीं पाए। हजारों की संख्या में लोग राजवाड़ा पहुंचने के लिए उमड़ पड़े, जिससे कई जगह सुरक्षा इंतज़ाम बिखरते नजर आए। भीड़ के दबाव में बैरिकेट्स की हालत खराब हो गई और व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। देखिए मौके का LIVE वीडियो — कैसे उत्साह के आगे धरे रह गए सारे सुरक्षा प्रबंध!1
- This is the situation of muslim living Uttam Nagar is the new definition of justice?1
- इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में जूनियर डॉक्टरों (JUDA) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जूडा के बैनर तले डॉक्टरों ने एक विशाल बाइक रैली निकाली, जो एमवाई अस्पताल से शुरू होकर एमजीएम और एमटीएस होते हुए वापस एमवाई अस्पताल पर समाप्त हुई। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का मुख्य आरोप है कि वर्ष 2021 में सरकार के साथ हुए समझौते के तहत उनके मानदेय में सालाना 3 से 4 प्रतिशत की वृद्धि होनी थी, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है। जूडा अध्यक्ष डॉ. अंशुल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों जैसे दिल्ली और राजस्थान में जूनियर डॉक्टरों का मानदेय 1 लाख रुपये से अधिक है, जबकि मध्य प्रदेश में यह अब भी 70 से 80 हजार रुपये के बीच अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों का एरियर भी बकाया है। डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले एक साल से सरकार को पत्र और ईमेल के माध्यम से अपनी समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भोपाल में भी इसी तरह का आंदोलन जारी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।1
- आखिरी लोक अदालत है इसलिए उन्होंने इंदौर के नागरिक को से अपील की की अपने जलकर व संपत्ति कर का इस लोक अदालत में भुगतान करें और एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें1
- इंदौर में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर जतिन शुक्ला पहुंचे क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी (क्राइम) के सामने जतिन शुक्ला ने कहा —“मुझसे गलती हुई है, मैं पहले भी माफी मांग चुका हूं। मेरा उद्देश्य इंदौर शहर या किसी भी व्यक्ति का अपमान करने का नहीं था।” उन्होंने इंदौर के सांसद शंकर लालवानी से भी माफी मांगते हुए कहा कि आगे से ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। इस पूरे मामले के बाद अब उनका माफी मांगने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देखें जतिन शुक्ला का माफी मांगने वाला वीडियो1