अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी (चोरी) का गंभीर मामला सामने आया है, जिसे लेकर 'भारत की सबसे बदनाम तथाकथित गोल्ड डिगर पार्टी' पर उंगलियां उठ रही हैं। आरोपों के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, जिसके महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा हैं, ने दान राशि में जमकर 'चपत' लगाई है और ऐसा कोई नहीं जिसे उन्होंने नहीं लूटा। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की राशि से लगभग ₹7.5 करोड़ का गबन किया गया है। चंपत राय पर ₹7.5 करोड़ की हेराफेरी, घोटाले और पैसे लेकर नौकरी देने के आरोप भी सामने आए हैं। इस मामले में पुलिस ने चंपत राय के करीबी और उनके ड्राइवर/सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल कर मनीष यादव नाम के आरोपी को राम मंदिर के भीतर कैश-काउंटिंग का काम दिलवाया था। मनीष यादव को सीसीटीवी फुटेज में कई बार चढ़ावे की चोरी करते हुए देखा गया है। अब तक की कार्रवाई में मंदिर के कैश-काउंटिंग स्टाफ, गिनती की निगरानी करने वाले एक रिटायर्ड बैंकर और चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 'राम जन्मभूमि को दीमक लगाने' के आरोप लगने और फंसते ही, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 26 जून 2026 को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने विपक्ष के हमलों और देशव्यापी विरोध को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वेच्छा से अपना पद छोड़ने की बात कही। हालाँकि, वर्तमान एफआईआर में सीधे तौर पर चंपत राय का नाम शामिल न होने से विपक्ष और जनता द्वारा जांच की मांग जारी है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि जांच का दायरा केवल गिरफ्तार किए गए 8 लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि चंपत राय की भूमिका की भी पूरी जांच की जानी चाहिए। बीजेपी पर आरोप है कि वह चंपत राय को बचाने की कोशिश कर रही है, और 'क्लीन चिट के कयास' लगने पर उसकी जांच एजेंसियों पर भी उंगली उठ रही है। कुछ जांच सूत्रों का मानना है कि चंपत राय को सीधे वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी नहीं थी और उन्हें केवल प्रशासनिक ढिलाई या नैतिक जिम्मेदारी के दायरे में देखा जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि 'बचाने वाले सत्ता में खास पदों पर हैं' इसलिए निष्पक्षता होना मुश्किल है। जनता ने 'भारत में गोल्ड डिगर पार्टी' का खिताब बीजेपी को दिया है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी (चोरी) का गंभीर मामला सामने आया है, जिसे लेकर 'भारत की सबसे बदनाम तथाकथित गोल्ड डिगर पार्टी' पर उंगलियां उठ रही हैं। आरोपों के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, जिसके महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा हैं, ने दान राशि में जमकर 'चपत' लगाई है और ऐसा कोई नहीं जिसे उन्होंने नहीं लूटा। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की राशि से लगभग ₹7.5 करोड़ का गबन किया गया है। चंपत राय पर ₹7.5 करोड़ की हेराफेरी, घोटाले और पैसे लेकर नौकरी देने के आरोप भी सामने आए हैं। इस मामले में पुलिस ने चंपत राय के करीबी और उनके ड्राइवर/सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल कर मनीष यादव नाम के आरोपी को राम मंदिर के भीतर कैश-काउंटिंग का काम दिलवाया था। मनीष यादव को सीसीटीवी फुटेज में कई बार चढ़ावे की चोरी करते हुए देखा गया है। अब तक की कार्रवाई में मंदिर के कैश-काउंटिंग स्टाफ, गिनती की निगरानी करने वाले एक रिटायर्ड बैंकर और चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 'राम जन्मभूमि को दीमक लगाने' के आरोप लगने और फंसते ही, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 26 जून 2026 को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने विपक्ष के हमलों और देशव्यापी विरोध को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वेच्छा से अपना पद छोड़ने की बात कही। हालाँकि, वर्तमान एफआईआर में सीधे तौर पर चंपत राय का नाम शामिल न होने से विपक्ष और जनता द्वारा जांच की मांग जारी है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि जांच का दायरा केवल गिरफ्तार किए गए 8 लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि चंपत राय की भूमिका की भी पूरी जांच की जानी चाहिए। बीजेपी पर आरोप है कि वह चंपत राय को बचाने की कोशिश कर रही है, और 'क्लीन चिट के कयास' लगने पर उसकी जांच एजेंसियों पर भी उंगली उठ रही है। कुछ जांच सूत्रों का मानना है कि चंपत राय को सीधे वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी नहीं थी और उन्हें केवल प्रशासनिक ढिलाई या नैतिक जिम्मेदारी के दायरे में देखा जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि 'बचाने वाले सत्ता में खास पदों पर हैं' इसलिए निष्पक्षता होना मुश्किल है। जनता ने 'भारत में गोल्ड डिगर पार्टी' का खिताब बीजेपी को दिया है।
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक अहम खबर सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग प्रेमी-प्रेमिका अपने घर से भाग गए हैं। यह जानकारी फटाफट लोकल न्यूज डिजिटल न्यूज़ चैनल के जिला संवाददाता और उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय के प्रमुख संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट के हवाले से मिली है।1
- भारत में 'गोल्ड डिगर पार्टी' की कथित लूट इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसके साथ ही राजनीतिक कटाक्ष भी जमकर किए जा रहे हैं। हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में गड़बड़ी का एक बड़ा मामला वायरल हुआ है, जिसने ट्रस्ट के कुछ सदस्यों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले में वर्तमान में एक एसआईटी जांच चल रही है। इसी विवाद के बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक 'दिखावे' पर ध्यान गया, जब अयोध्या दौरे के दौरान उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ मंच साझा करने से जानबूझकर परहेज किया। इस घटना के बाद, विपक्ष के सभी दलों और आलोचकों ने एकजुट होकर बीजेपी पर तीखा तंज कसा है। विपक्ष का आरोप है कि जिन लोगों को मुख्यमंत्री योगी अपने करीब नहीं बैठा रहे हैं या जिन्हें जांच के दायरे में रख रहे हैं, उन्हीं को कथित तौर पर मंदिर व्यवस्था में बहुत महत्वपूर्ण पदों पर (रामलला और मंदिर के 'सिर पर') बिठा रखा गया है। यह स्थिति 'गोल्ड डिगर पार्टी' की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करते हुए बहस का केंद्र बन गई है।2
- लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में कथित रूप से संचालित हुक्का बारों को लेकर स्थानीय निवासियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। आरोप है कि रिंग रोड स्थित जगरानी अस्पताल के सामने, यमाहा शोरूम के पास स्थित रेडॉक्स कैफे में देर रात तक हुक्का परोसा जाता है। कुछ शिकायतकर्ताओं ने तो यह भी आरोप लगाया है कि इस प्रतिष्ठान में कथित तौर पर नाबालिगों को भी हुक्का उपलब्ध कराया जाता है। इन आरोपों के मद्देनजर, स्थानीय लोगों ने विकासनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय निवासियों ने अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- जनहित सर्व समाज सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने नागमणि कुशवाहा द्वारा दिवंगत 'भारत तिवारी' के परिवार के संबंध में की गई टिप्पणी की घोर निंदा की है। सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने नागमणि कुशवाहा को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए अपनी भाषा और संस्कार सुधारने को कहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीति करना अलग बात है, लेकिन किसी दिवंगत व्यक्ति के परिवार के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना अत्यंत निंदनीय है। सोनी शुक्ला 'क्रांति' के अनुसार, नागमणि कुशवाहा की यह टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि एक नेता के निचले स्तर को भी दर्शाती है। उन्होंने इस ओछी राजनीति का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि नागमणि कुशवाहा अपनी कुर्सी के लालच में बार-बार शहीदों के सम्मान का अपमान कर रहे हैं और अपने संस्कार भूल गए हैं। उन्होंने मृत व्यक्ति के सम्मान में आगे कोई गुस्ताखी न करने की चेतावनी दी, क्योंकि जनता उनकी इस ओछी राजनीति को अब सफल नहीं होने देगी। लखनऊ, उत्तर प्रदेश से जारी इस चेतावनी में सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने साफ किया कि जनहित की राह पर उनकी समिति अडिग खड़ी है और अमर्यादित जुबान चलाने वालों का राज मिटा देगी। उन्होंने नागमणि कुशवाहा को सुधर जाने और संभल जाने की सलाह दी, वरना वक्त यह याद दिलाएगा कि जनहित सर्व समाज सेवा समिति का हर एक योद्धा उनसे टकराएगा।1
- वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों के कारण तबाही का मंजर लगातार गंभीर होता जा रहा है, जहां आज फिर 5.6 तीव्रता का एक और भूकंप आया। पहले भी 7.2 और 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप यहां आ चुके हैं, जिन्होंने भारी क्षति पहुंचाई है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस भयावह स्थिति में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1430 हो गई है, जबकि 3300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 68,000 से भी ज्यादा लोग अभी तक लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मानवीय संकट गहराता जा रहा है।1