मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0" के चौथे दिन शनिवार को नीमच जिले में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में जिला पुलिस एवं नारकोटिक्स विंग ने विद्यार्थियों, युवाओं और आम जनता को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। अभियान के तहत नीमच बस स्टैंड पर जिला पुलिस और नारकोटिक्स विंग के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक के जरिए नशे के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक दुष्परिणामों को दर्शाया गया, जिसे वहां मौजूद भारी संख्या में लोगों ने सराहा। इस दौरान नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इसके अलावा, रामपुरा के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रों ने जागरूकता रैली निकाली। नीमच कैंट के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1, नीमच सिटी के पिनकेल स्कूल और जावद के समता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरवानिया महाराज में भी पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को जागरूक कर नशामुक्त रहने का संकल्प दिलाया। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाने के लिए बघाना थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन, जावद कृषि उपज मंडी, रतनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बाण्दा व झिरमिर और सिंगोली कस्बे में ग्राम चौपाल व विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से खुद नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को जागरूक करने की अपील की। नीमच पुलिस ने संदेश दिया कि यह अभियान केवल एक सरकारी प्रयास नहीं है, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज बनाने का सामूहिक आंदोलन है।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0" के चौथे दिन शनिवार को नीमच जिले में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में जिला पुलिस एवं नारकोटिक्स विंग ने विद्यार्थियों, युवाओं और आम जनता को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। अभियान के तहत नीमच बस स्टैंड पर जिला पुलिस और नारकोटिक्स विंग के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक के जरिए नशे के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक दुष्परिणामों को दर्शाया गया, जिसे वहां मौजूद भारी संख्या में लोगों ने सराहा। इस दौरान नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इसके अलावा, रामपुरा के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रों ने जागरूकता रैली निकाली। नीमच कैंट के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1, नीमच सिटी के पिनकेल स्कूल और जावद के समता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरवानिया महाराज में भी पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को जागरूक कर नशामुक्त रहने का संकल्प दिलाया। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाने के लिए बघाना थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन, जावद कृषि उपज मंडी, रतनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बाण्दा व झिरमिर और सिंगोली कस्बे में ग्राम चौपाल व विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से खुद नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को जागरूक करने की अपील की। नीमच पुलिस ने संदेश दिया कि यह अभियान केवल एक सरकारी प्रयास नहीं है, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज बनाने का सामूहिक आंदोलन है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बनी 10 कोच वाली यह ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर 89 किलोमीटर की दूरी दो घंटे में तय करेगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि 'ये मोदी है... बहुत पहले सोचता भी और समस्या के समाधान के रास्ते भी जमीन पर उतारता है।' विपक्षी कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 1925 में शुरू हुए रेल विद्युतीकरण का केवल 30% काम 2014 तक हो पाया था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद 99% नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है। इस वजह से तेल संकट के बावजूद देश के विकास की गाड़ी नहीं रुकी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने हरियाणा को 14,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी और जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल व सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया। यह 10 कोच वाली ट्रेन सबसे लंबी और शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक है, जिसका टिकट ₹10 से ₹35 तक होगा। व्यावसायिक रूप से ऐसी पहली ट्रेन चलाने वाले जर्मनी के बाद जापान, चीन, फ्रांस, इटली और अमेरिका में भी ऐसी ट्रेनें चल रही हैं या परीक्षण के दौर में हैं। 110 किमी प्रति घंटा की क्षमता से डिजाइन की गई यह ट्रेन फिलहाल 75 की गति से चलेगी और इसकी यात्री क्षमता 2,600 है। पूरी तरह प्रदूषण मुक्त चलने वाली इस ट्रेन में लगे 8 हाइड्रोजन फ्यूल सेल जींद में करीब 9 लीटर पानी से तैयार होने वाली 1 किलो हाइड्रोजन गैस और हवा की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली पैदा करते हैं, जिससे लिथियम बैटरियां चार्ज होती हैं और ट्रेन धुएं की जगह सिर्फ भाप छोड़ती है।1
- नीमच के जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने सावलिया का दौरा किया है।1
- भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में रेलवे विभाग द्वारा लगातार नई-नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सामने आ रही है, जिसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि इससे धुआँ नहीं, बल्कि सिर्फ पानी निकलेगा। यह अत्याधुनिक तकनीक आने वाले समय में भारतीय रेलवे को एक नई और प्रगतिशील दिशा देने वाली है।1
- मंदसौर जिले के चंदवासा से पत्रकार रामप्रसाद धनगर गुर्जर का संबंध है, जिनका जुड़ाव तोलाखेड़ी से है।1
- देश में अगले साल से 10 और 20 रुपये के छोटे मूल्यवर्ग के प्लास्टिक नोट चलन में आने की तैयारी है। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्रा. लि. की बेंगलुरु इकाई ने ओपेसिफाइड पॉलीमर सब्सट्रेट शीटों की आपूर्ति के लिए दुनिया भर की कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की हैं, जो 18 अगस्त को खुलेंगी। फिलहाल भारत में प्लास्टिक नोट की शीट बनाने वाली कंपनियां नहीं हैं। हाल ही में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा था कि 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है। आरबीआई के मुताबिक, 10 और 20 रुपये के नोट सबसे अधिक चलन में होने के कारण जल्द खराब हो जाते हैं और हर साल इन्हें बड़ी संख्या में बदलना पड़ता है। नकली नोटों पर अंकुश लगाने के लिए इन नए पॉलीमर नोटों में पारदर्शी विंडो, उन्नत सुरक्षा धागा और एडवांस होलोग्राफिक जैसे आधुनिक फीचर्स जोड़े जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन सहित दुनिया के 60 देशों में ऐसे पॉलीमर नोट पहले से ही उपयोग किए जा रहे हैं। भारत में प्लास्टिक नोट चलाने की दिशा में पिछले 16 वर्षों में यह तीसरी कोशिश है। इससे पहले अप्रैल 2010 में प्री-क्वालिफिकेशन नोटिस जारी होने के बाद 8 कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई थी और वर्ष 2013-14 तक यह प्रक्रिया चली थी। तब सरकार ने जयपुर, शिमला, भुवनेश्वर, मैसूर और कोच्चि में 10 रुपये के एक अरब पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल का प्रस्ताव रखा था। बाद में मार्च 2017 में भी नए सिरे से इसे मंजूरी दी गई थी। हालांकि, देश के एटीएम, कैश डिपॉजिट और नोट गिनने वाली मशीनों के पारंपरिक कागजी नोटों के हिसाब से डिजाइन होने, मशीनों को अपग्रेड करने की भारी लागत और कच्चे माल के आयात के खर्च के कारण पिछले दोनों प्रयास आगे नहीं बढ़ पाए थे।1
- मंदसौर में वकील साहब को सीधे संबोधित करते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर उन मुर्दों को क्यों जगाया जा रहा है जो कभी जागने वाले नहीं हैं। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जो कभी दोबारा नहीं जागने वाला है, उसे बेवजह न जगाया जाए।1
- मंदसौर जिले के चंदवासा से पत्रकार रामप्रसाद धनगर गुर्जर की एक विशेष रिपोर्ट सामने आई है।1
- मंदसौर जिले के भानपुरा में 8 लाइन रोड पर नीमथुर टोल से कुछ ही दूरी पर एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में ट्रक के चालक और खलासी घायल हो गए। दुर्घटना के बाद चोमेला के पत्रकारों ने सक्रियता दिखाते हुए घायलों की मदद की और उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।1