मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां जनपद में पदस्थ उपयंत्री एसके समेले एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार उन पर आरोप है कि वे फील्ड निरीक्षण के दौरान रायफल साथ लेकर गए, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा हो गया। जानकारी के अनुसार, उपयंत्री एसके समेले ग्राम पंचायत हिरौंदी में विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे, और इस दौरान उनके साथ रायफल भी मौजूद थी। उनके साथ सरपंच और सचिव भी थे, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि हथियार की मौजूदगी के कारण वे अपनी समस्याओं को खुलकर सामने नहीं रख पा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में गुणवत्ताहीन कार्य कराए जा रहे हैं, और सवाल उठने से बचने के लिए ऐसा माहौल बनाया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। यह मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत के सीईओ ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की जानकारी दी है। विभागीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि जानकारों का मानना है कि शासकीय कार्यों के निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक होती है, और हथियार के साथ निरीक्षण करना नियमों और प्रक्रियाओं, दोनों पर सवाल खड़ा करता है।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां जनपद में पदस्थ उपयंत्री एसके समेले एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार उन पर आरोप है कि वे फील्ड निरीक्षण के दौरान रायफल साथ लेकर गए, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा हो गया। जानकारी के अनुसार, उपयंत्री एसके समेले ग्राम पंचायत हिरौंदी में विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे, और इस दौरान उनके साथ रायफल भी मौजूद थी। उनके साथ सरपंच और सचिव भी थे, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि हथियार की मौजूदगी के कारण वे अपनी समस्याओं को खुलकर सामने नहीं रख पा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में गुणवत्ताहीन कार्य कराए जा रहे हैं, और सवाल उठने से बचने के लिए ऐसा माहौल बनाया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। यह मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत के सीईओ ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की जानकारी दी है। विभागीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि जानकारों का मानना है कि शासकीय कार्यों के निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक होती है, और हथियार के साथ निरीक्षण करना नियमों और प्रक्रियाओं, दोनों पर सवाल खड़ा करता है।
- एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।1
- भारतीय नौसेना में कल तीन नए स्वदेशी युद्धपोतों को शामिल किया जाएगा। इन युद्धपोतों में आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक शामिल हैं। यह जानकारी दी गई है कि इन तीनों युद्धपोतों का निर्माण स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके किया गया है।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एयर कंडीशनर (AC) की मरम्मत के नाम पर एक "बड़ा खेल" खेले जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आनंद ट्रेडर्स फर्नीचर एंड हार्डवेयर रामपुर बघेलान को 14 AC की मरम्मत का आदेश नस्ती क्रमांक 2 के माध्यम से दिनांक 31 मार्च 2026 को जारी किया गया था। इस कार्य के लिए बिल क्रमांक 968 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के तहत कुल ₹23,954 का भुगतान किया गया। भुगतान विवरण के अनुसार, इसमें 14 AC की सर्विसिंग के लिए ₹9,800 (प्रत्येक AC के लिए ₹700), 3 AC में गैस रिफिलिंग के लिए ₹10,500 (प्रत्येक AC के लिए ₹3,500) और ₹3,654 का वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल है। सरकारी अस्पताल में AC रिपेयरिंग के इस बिल को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई जानने की मांग उठ रही है।1
- शाजापुर में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत हो गई। इस घटना को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और कालापीपर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुलाण चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, कुलाण चौधरी ने मृतक मनीष मीणा के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी बात कही है।2
- सतना जिले के अमरपाटन में नारायण मोबाइल शॉप ग्राहकों के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह दुकान सतना रोड पर संजय किराना स्टोर के ठीक सामने स्थित है। ग्राहक अपने मोबाइल की मरम्मत के लिए नारायण त्रिपाठी से 7225812343 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- रीवा जिले की जवा तहसील के डभौरा नगर परिषद में अपने पिता फूलचंद आरख का पता न लगा पाने से परेशान दो बालिकाएँ आज, 20 जून 2026 से डभौरा थाने के सामने क्रमिक अनशन पर बैठ गई हैं। इन बालिकाओं का कहना है कि 27 मई 2026 को उनके पिता फूलचंद आरख को गायब कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट डभौरा थाने में की गई, लेकिन डभौरा पुलिस आज तक उनका पता नहीं लगा पाई है। बालिकाओं ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक रीवा, डीआईजी, कलेक्टर रीवा, एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी डभौरा को भी ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा है कि जब तक उनके पिता फूलचंद आरख को जिंदा या मुर्दा नहीं लाया जाता, वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी और अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी मांग की है। उनके अनशन स्थल पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव जगदीश सिंह यादव ने पहुँचकर समर्थन व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर न्याय नहीं मिला, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक रीवा इन अनशनकारी बालिकाओं को कितने समय में न्याय दिलाते हैं और लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं।4
- रीवा स्थित कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एक बैठक में रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को सीधी और सिंगरौली में बन रहे आरओबी तथा 14 रेल सुरंगों के निर्माण कार्यों में आ रही सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की गई कि सितंबर तक ट्रेन सेवा सीधी तक पहुंच जाएगी। इसके साथ ही, अधिकारियों को ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना को दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया। इस परियोजना को विंध्य क्षेत्र के विकास, औद्योगिक प्रगति और बेहतर संपर्क व्यवस्था के लिए एक नई आधारशिला माना जा रहा है, जो क्षेत्र की विकास रेखा के रूप में स्थापित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्रा जी और सीधी सांसद श्री डॉ. राजेश मिश्रा जी सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।1
- सोशल मीडिया पर आंध्र प्रदेश का बताया जा रहा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कॉलेज के बाहर छात्राओं को परेशान करने और उनसे छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने कुछ युवकों के खिलाफ कार्रवाई की है। वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही, यह भी जोर देकर कहा गया है कि छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले ऐसे लफंगों पर पूरे देश में पुलिस द्वारा ऐसी ही सख्त ‘थर्डडिग्री’ कार्रवाई होनी चाहिए।1