ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 स्थित आदर्श बिहार सोसाइटी के जनता फ्लैट्स इस समय गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। मात्र 16 साल पहले बने इन प्राधिकरण के फ्लैट्स की हालत इतनी जर्जर हो गई है कि स्थानीय निवासी इन्हें 'मौत का घर' कहने को मजबूर हैं। यहाँ रहने वाले करीब 400 परिवारों की जान हर वक्त दांव पर लगी रहती है। मुख्य समस्याओं में इमारतों के छज्जों और छतों का प्लास्टर लगातार टूटकर गिरना शामिल है, जिससे निवासियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए हर पल खतरा बना हुआ है। सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि वे अपने बच्चों को बाहर भेजने से भी कतराते हैं क्योंकि कंक्रीट का हिस्सा कभी भी सिर पर गिर सकता है। निवासियों के अनुसार, उन्होंने अपने जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर यहाँ घर खरीदा था, लेकिन अब वे डर के साए में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने प्राधिकरण की निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इमारतों की मजबूती की जांच के लिए तुरंत एक विशेषज्ञ टीम भेजी जाए और जर्जर छज्जों व छतों का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसियों की जवाबदेही तय कर उन पर कार्रवाई की जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि किसी बड़े हादसे से पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को इस पर तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 स्थित आदर्श बिहार सोसाइटी के जनता फ्लैट्स इस समय गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। मात्र 16 साल पहले बने इन प्राधिकरण के फ्लैट्स की हालत इतनी जर्जर हो गई है कि स्थानीय निवासी इन्हें 'मौत का घर' कहने को मजबूर हैं। यहाँ रहने वाले करीब 400 परिवारों की जान हर वक्त दांव पर लगी रहती है। मुख्य समस्याओं में इमारतों के छज्जों और छतों का प्लास्टर लगातार टूटकर गिरना शामिल है, जिससे निवासियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए हर पल खतरा बना हुआ है। सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि वे अपने बच्चों को बाहर भेजने से भी कतराते हैं क्योंकि कंक्रीट का हिस्सा कभी भी सिर पर गिर सकता है। निवासियों के अनुसार, उन्होंने अपने जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर यहाँ घर खरीदा था, लेकिन अब वे डर के साए में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने प्राधिकरण की निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इमारतों की मजबूती की जांच के लिए तुरंत एक विशेषज्ञ टीम भेजी जाए और जर्जर छज्जों व छतों का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसियों की जवाबदेही तय कर उन पर कार्रवाई की जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि किसी बड़े हादसे से पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को इस पर तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
- जेवर क्षेत्र की जनता ने 'जथा राजा तथा प्रजा' की कहावत को पूरी तरह से सिद्ध करके दिखा दिया है। इस बात की पुष्टि मास्टर श्यौराज ने की है।1
- उत्तर प्रदेश के एक शहर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मटन और चिकन बिरयानी के नाम पर लोगों को कुत्ते का मांस खिलाया जा रहा था। इस गंभीर घटना में बिरयानी बनाने के लिए कुत्तों को मारकर उनका मांस इस्तेमाल किया जा रहा था।1
- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राजधानी में सुरक्षित, स्मार्ट और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए सड़क सुरक्षा और नागरिकों की भागीदारी पर विशेष जोर दे रही है। इस मुहिम के तहत अब तक 48 लाख से अधिक चालान जारी किए जा चुके हैं, साथ ही शहर में 8 सिग्नल-फ्री रास्ते तैयार किए गए हैं। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य भीड़ को कम करना और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक बनाना है। पुलिस प्रशासन ने जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 18 लाख से अधिक नागरिकों तक अपनी पहुंच बनाई है। इसके अलावा, 'प्रोजेक्ट संगम' के अंतर्गत टेक्नोलॉजी आधारित नियम-पालन और सिग्नल-फ्री कॉरिडोर निर्माण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि दिल्ली की सड़कों को और अधिक सुरक्षित और आवाजाही के लिए सुगम बनाया जा सके।1
- गाजियाबाद के अंकुर विहार थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार शाम से लापता एक बच्चे का शव बरामद हुआ है। बिहार निवासी सतीश ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका बेटा गोलू गुरुवार शाम करीब 7 बजे घर से अचानक लापता हो गया था। सूचना मिलने के तुरंत बाद अंकुर विहार पुलिस हरकत में आई और बच्चे की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा स्थानीय लोगों और परिजनों के साथ मिलकर रात भर खोजबीन जारी रखी। गहन तलाशी के बाद, घर के सामने स्थित पानी से भरे एक गड्ढे की जांच की गई, जहाँ मासूम गोलू का शव मिला। इस घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सहायक पुलिस आयुक्त अंकुर विहार अमरदीप मौर्य के अनुसार, मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है और आगामी कदम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तय किए जाएंगे।1
- लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर शुक्रवार से भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच एकमात्र टेस्ट मैच की शुरुआत हुई है, जो इस ऐतिहासिक मैदान के 142 साल के इतिहास में पहली बार आयोजित किया गया है। 10 से 13 जुलाई तक चलने वाले इस मुकाबले को महिला क्रिकेट के एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसे लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है और अब तक 30 हजार से अधिक टिकट बिक चुके हैं। मैच में भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर कर रही हैं, जबकि इंग्लैंड टीम की कमान नैट साइवर-ब्रंट के हाथों में है। भारतीय उपकप्तान स्मृति मंधाना के लिए यह मैच विशेष रूप से यादगार है क्योंकि वे अपने करियर का 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही हैं। लंच के समय तक भारत का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 122 रन था, जिसमें स्मृति मंधाना 56 रनों पर और हरमनप्रीत कौर 14 रनों पर नाबाद क्रीज पर डटी हुई हैं। इससे पहले भारतीय टीम की ओर से शेफाली 0 रन, यस्तिका भाटिया 12 रन और जेमिमा रोड्रिग्स 35 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हुईं।1
- साकेत, दक्षिण दिल्ली में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सरकारी नौकरी पाने की लालसा में एक बेटे ने अपनी ही मां की जान ले ली। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए आरोपी ने अपने चाचा और उसके बेटे के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। इस घटना ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है, जहाँ पद और पैसे के चक्कर में खून के रिश्ते का ही गला घोंट दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- उत्तराखंड के खटीमा में एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ एक गुस्साए हाथी ने तालाब में नहा रहे भैंसों के झुंड पर अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में हाथी ने एक भैंस को कुचलकर मार डाला। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो हाथी के उग्र रूप और उसके जानलेवा हमले को दर्शाता है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि जब हाथी उग्र हो जाता है, तो वह अपने सामने मौजूद किसी भी जीव पर सीधा घातक हमला करने से नहीं चूकता।1